Harshvardhan Jain Biography in Hindi | हर्षवर्धन जैन की जीवनी

नमस्कार दोस्तों, आप सभी का हमारे नॉलेज ग्रो हिन्दी ब्लॉग में स्वागत है। दोस्तो आज की यह ब्लॉग पोस्ट आप सभी के लिए बहुत ही Special और Inspirational होने वाली हैं। क्योंकि दोस्तो आज में आपके साथ शेयर करने वाला हूं Harshvardhan Jain Biography in Hindi में..

Harshvardhan Jain Biography in Hindi

दोस्तों आज हम आपके साथ बात करने वाले हैं एक ऐसे इंसान के बारे में जिसका जीवन बचपन से बहुत ही रोमांचक रहा है और एवम जिसके साथ हमेशा से ही रोमांचक चीजे होती रही है। दोस्तो में पूरे यकीन के साथ केह सकता हूं की अगर आप अंत तक इस आर्टिकल को पढ़ते हैं तो आपको उनके जिंदगी के बारे में जानकर मजा ही आ जायेगा।

हर्षवर्धन जैन की जीवनी | Harshvardhan Jain Biography in Hindi

तो दोस्तो में बात करने वाला हूं Great MLM Leader, Motivational Speaker और Youtuber हर्षवर्धन जैन सर के बारे में, तो बिना देर किए शुरू करते हैं इनके लाइफ स्टोरी के बारे में।

हर्षवर्धन जैन का प्रारंभिक जीवन

दोस्तों हर्षवर्धन सर का जन्म सन 1980 में जयपुर शहर से 18 km दूर एक गांव में स्थित एक मिडल क्लास परिवार में हुआ था। हर्षवर्धन जैन के पिताजी जयपुर डैरी में डॉक्टर का काम करते थे, जो की एक सरकारी नौकरी थी, और उनकी माता जी हाउस वाइफ थी। दोस्तो हर्षवर्धन जी ने अपनी क्लास 7th तक की पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल से की और 8th और 9th की पढ़ाई जयपुर के स्कूल में कंप्लीट की।

और 10th class की पढ़ाई बीकानेर में अपने ताऊ जी के यहां से पूरी की और 11 ओर 12th class तक की पढ़ाई खंडेलवाले स्कूल से कंप्लीट करी। दोस्तो जब हर्षवर्धन जी के माता पिता की शादी हुई, तब शादी के 11 साल तक उनको कोई संतान नहीं हुई। और इंडिया में जब किसी शादी शुदे जोड़े को कोई संतान नहीं होती तब वो पंडित जी के पास चले जाते है।

वैसे ही हर्षवर्धन सर जी के माता पिता भी पंडित के पास चले गए और तब पंडित जी ने दो तीन दिन तक कुंडली मिलाव करके हर्षवर्धन जी के पिता को बोला की “धीरज रखिए क्योंकि महापुरुषों को आने में थोड़ा टाइम लगता हैं” दोस्तो हर्षवर्धन जी अपने गांव के स्कूल से लेकर LLB की पढ़ाई तक एवरेज ही रहें।

लेकिन वे बताते हैं की, वे अपने स्कूल के सबसे शैतान बच्चे हुआ करते थे, इसीलिए टीचर्स उनको क्लास का कैप्टन बना दिया करते थे, जिससे क्लास में शांति रह सके। जिसके वजह से वे क्लास फर्स्ट से एलएलबी की पढ़ाई तक वे क्लास के कैप्टन बने रहे।

दोस्तो हर्षवर्धन जी एक इंटरव्यू में बात करते हुए बताते हैं की जब वे 3 या 4 साल के रहे होंगे, तब वे अपने घर से 1 km दूर स्थित एक तालाब पर जाने लगे थे। जिससे वे 5 से 6 साल के उम्र में ही एक अच्छे तैराक बन चुके थे। तथा वे गाव के बड़े बच्चो को देखकर उन्होने पहले 4 से 8 फिट, फिर 10 से 15 फिट और उसके बाद 40 फिट के गहरे कुएं में तेहरने की आदत डाल दी।

दोस्तो इतनी गहरी जगहों में तेहरने के लिए जाने के वजह से कई बार उनके पिताजी उनको तालाब से लेकर घर तक पीटते हुए ले जाया करते थे। दोस्तो इस तरह से 10 से 11 के उम्र तक हर्षवर्धन जैन जी तेहरने में महारत हासिल कर चुके थे। दोस्तो हर्षवर्धन सर जी कहते है की.. बचपन के इस दौर में वे एक तैराक बनाना चाहते थे लेकीन प्रोफेशनली आगे न बढ़ने के वजह से वे तैराक नहीं बन सके।

दोस्तो हर्षवर्धन सर जी बताते हैं की ग्यारा बारा उम्र तक आते आते तक उनके अंदर क्रिकेट खेलने का भूत सवार चढ़ गया था और वे पूरे पूरे दिन बुखे ही क्रिकेट खेलते थे। या फिर उनके घर वालो को ग्राउंड तक खाना पहुंचाना पड़ता था। क्योंकि उनके अंदर क्रिकेट का इतना ज्यादा भूत सवार चढ़ा था की उनको घर वालो के तरफ से पीट ज्याना मंजूर था लेकिन क्रिकेट छोड़ना नही।

दोस्तो अपने बचपन के दिनों में अपने इलाकों के सबसे धुरंधर बैट्समैन हुआ करते थे। District लेवल तक की सारी ट्रॉफी बनवाना और जितना, अपने गांव में Turnament करना यह सब हर्षवर्धन सर जी ही किया करते थे। दोस्तो हर्षवर्धन सर ने Turnament में खेलते हुए 19 सेंचुरिज मारी थी।

दोस्तो एक बार हर्षवर्धन सर जी ने मजाक में कहा था की मेरे नाम दुनिया की सबसे बड़ी फास्टेस्ट 29 वॉल वे मारने का रिकॉर्ड है। जब लोगों ने उनसे पूछा की यह कैसे? तब उन्होंने कहा की 37 साल के उम्र में रिटायर्डमेंट के बाद 20 से 22 साल उम्र के बच्चो के साथ एक Turnament खेला जहा पर मैने 29 वॉल वे सेंचुरी मारी थी।

दोस्तो तैराकी और क्रिकेट को छोड़के उन्हें एक्टिंग और गाना गाने का भी शौक था। वे बताते हैं की जब वे गांव के स्कूल मे पढ़ा करते थे तब उन्हको सांस्कृतिक कार्यक्रम में महत्वपूर्ण कलाकार की भूमिका निभाने के लिए दिया जाता था। दोस्तो जब वे 9 साल के थे तब गांव के सांस्कृतिक कार्यक्रम में उन्होंने एक ग्वाले का नाटक किया था। जिसमे उन्हें उस जमाने में यानी 1989 में 1100 रूपयो का पुरस्कार दिया गया था।

दोस्तो इस तरह से हर्षवर्धन सर का बचपन हसी खुशी और मस्ती के साथ बीत गया। दोस्तो अपनी स्कूली शिक्षा खतम करने के बाद BSC करने के लिए उन्होने एक कॉलेज में दाखिला लिया। लेकिन दोस्तो हर्षवर्धन सर का पढ़ाई लिखाई में ज्यादा मन नही लगता था क्योंकि उनके सर सिर्फ क्रिकेट खेलने का भूत सवार चढ़ा था।

दोस्तो जिसका परिणाम यह हुआ कि हर्षवर्धन सर जी फर्स्ट ईयर में फेल हुए। दोस्तो जब वे फेल हुए तभी उसी दिन से अपने स्कूटर की चाबी जो उनको कॉलेज जाने केलिए उनके पिताजी ने दी थी, उसे उन्होंने वापिस कर दिया और बस से ही कॉलेज जाने लगें।

Harshvardhan Jain Struggle Story in Hindi

जहा पर उनको 3 रुपए पिताजी से मिलते थे, लेकिन वे घर से मैन मार्केट तक जाने का 1 रुपया पैदल चलकर बचा लिया करते थे और उसके तीन दिनों के बाद 3 रुपए बचाने के बाद जयपुर की एक जगह पर 3 रूपयो की कड़ी कचोरी खाया करते थे। दोस्तो BSC first year में फेल होने के बाद उन्होने दर्शन शास्त्र चुना और आगे की पढ़ाई दर्शन शास्त्र से ही खतम कि।

दोस्तो दर्शन शास्त्र में उनका काफी इंट्रेस्ट था , उसे पढ़ने में उन्हें काफी मजे आया करते थे। लेकिन जब साल 2000 में अपने कॉलेज के सेकंड इयर में थे तब उनके एक दोस्त ने उनसे आकर कहा की चल अमेरिका की एक कंपनी आयी है, जो की जिंदगी बदलने की बात कर रही है।

हर्षवर्धन जैन नेटवर्क मार्केटिंग का सफर

जब वे वहा पर गए और उन्होंने देखा कि वहा पर लोग स्टेज पर नाचते गाते और मस्ती कर रहे हैं जो की उनके स्वभाव से मैच कर गया और वो भी उनके साथ मस्त हो गए। दोस्तो इस तरह से हर्षवर्धन सर की Network Marketing में एंट्री हो गई।

लेकिन दोस्तो नेटवर्क मार्केटिंग का सफर उनके लिए इतना आसान नहीं था, नेटवर्क मार्केटिंग में ज्वाइन होने के 2 महीने तक वे रिश्तेदारों से सिर्फ यह कहते रहे कि आवो जुड़ जावो जिंदगी बदल जाएगी। लेकिन उनकी एक joining नही हुई तब उन्होंने अपने मेंटोर से जाकर वो सारी ट्रेनिंग ली जो एक कुशल नेटवर्क मार्केटर में होनी चाहिए।

दोस्तों फिर उन्होंने सन 2001 में नेटवर्क मार्केटिंग में दिल से मेहनत की और फिर पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा और वे MLM Industry के ही रह गए। लेकिन सन 2006 में उनकी पहली कंपनी बंद होने के वजह से उनका सबकुछ फिर से 0 हो गया। फिर उसके बाद उन्होंने दूसरे नई MLM Company के साथ शुरवात की और पहले से दो गुना कमाई की।

लेकिन दोस्तो सन 2011 में कुछ मनी सर्कुलेशन करने वाली MLM Company की वजह से सरकार ने सभी MLM Company को बंद कर दिया। तब सन 2011 में अपने industrie के बचाव के लिए हर्षवर्धन सर को 37 दिनों के लिए जेल जाना पड़ा था। और हर्षवर्धन सर जी बताते हैं की उन 37 दिनों में उन्होंने जेल में बैठे बैठे 70 किताबे पढ़ ली थी, जो शायद वो बाहर रहते तो कभी ना पढ़ पाते।

दोस्तो वो कहते है ना. “खराब परिस्थितियों में भी मौके ढूंढ लिया करते हैं” दोस्तो हर्षवर्धन सर भी उन्ही खुश किस्मत लोगों में से एक हैं। दोस्तो हर्षवर्धन सर और उनके जैसे अन्य लोगों के प्रयास से सन 2016 में भारतीय सरकार ने MLM Companies के उपर guideline बनाई, जिससे MLM Companies को भारत में कानूनी स्थायित्व मिला।

दोस्तो आज हर्षवर्धन जैन सर MLM Life Style Company के Top Earners हैं एवम अचीवर्स है। दोस्तो अब उनके पास मर्सिडीज और BMW जैसी शानदार कारे और बंगले है। और वो अपने motivatinal सेमिनार में जीवन में सही संस्कारो को अपना कर आगे बढ़ने केलिए प्रेरित करते रहते हैं।

दोस्तो आज Youtube पर भी हर्षवर्धन सर की बहुत अच्छी Fan following हैं और उनके यूट्यूब चैनल पर अभी 1 million से भी ज्यादा Subscribers हैं। दोस्तो क्या आप हर्षवर्धन सर के Motivatinal Videos को देखते है या नहीं? हमे निचे कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके जरूर बताएं।

दोस्तो यह थी Harshvardhan Jain Biography in Hindi… आप सभी को कैसी लगी यह भी कॉमेंट करके हमे ज़रूर बताएं और अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ Harshvardhan Jain Biography in Hindi आर्टिकल को Facebook और व्हाट्सएप पर जरूर शेयर कीजिए।

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दोस्तो फिर मिलेंगे एसे हि एक Inspirational आर्टिकल के साथ तब तक केलिए जहा भी रहिए खुश रहिए…

धन्यवाद आपका दिन शुभ हो।

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