Sundar Pichai Biography in Hindi | Google CEO


हेल्लो दोस्तों,स्वागत है आपका नॉलेज ग्रो हिंदी ब्लॉग में। दोस्तो में आज आप लोगो को एक ऐसे सक्सेसफुल आदमी के बारे में बताने वाला हूं। जो एक बिलियनर हैं ओ भी एक जॉब करके, और उस व्यक्ति का नाम सुन्दर पिचाई है। दोस्तो में आज आप लोगों को Sundar Pichai Biography in Hindi में बताने वाला हूं।

Sundar Pichai Biography in Hindi | Google CEO

दोस्तो यह आर्टिकल लास्ट तक जरूर पढ़े, क्युकी इस आर्टिकल में आप लोगों को बहुत ही यूजफुल जानकारी मिलने वाली है। दोस्तो में ऐसी उम्मीद करता हूं कि आप लोगो को ये पोस्ट जरूर पसंद आएगी। तो बिना देर किया चलिए शुरू करते है...

Sundar Pichai Biography in Hindi | Google CEO | सुन्दर पिचाई की जीवनी


18 अक्टूबर 2006 वो दिन था, माइक्रोसॉफ्ट ने गूगल को अल्मोस्ट रातोरात बर्बाद किया था। हुआ ये था कि सन 2006 के दौरान इंटरनेट एक्सप्लोलर दुनिया का सबसे ज्यादा उज करने वाला ब्राउज़र हुआ करता था तब माइक्रोसॉफ्टने रातोरात इंटरनेट एक्सप्लोलर से गूगल को हटाकर बिंग को डिफोल्ट सर्च इंजन बना दिया।

और इसी के वजह से गूगल ने रातोरात अलमोस्ट 300 मिलियन कस्टमर लूज कर दिए थे। और आज हमे ये कहना सही रहेगा कि शायद आज हम गूगल को जानते भी नहीं होते अगर सुन्दर पिचाई गूगल में ना होते तो।

एक लोवर मिडल क्लास फ़ैमिली का लड़का जिसके घर में ना तो टीवी होता था नाही और नहीं कोई कार। वो आज ना सिर्फ मल्टी बिलियनेयर कंपनी गूगल के सीईओ है बल्कि उसकी पैरेंट का भी सीईओ है।

दोस्तो पिचाई सुन्दरराजन जिनको हम सुन्दर पिचाई नाम से जानते है। इनका जन्म 1972 में तमिलनाडु के सिटी मधुराई में एक मिडल क्लास फ़ैमिली में हुआ था। इनके पिता रघुनाथ पिचाई एक इलेक्ट्रिकल इंजिीनीयर थे। और इनकी मदर मिस. लक्ष्मी इनके जन्म से ही पहले स्टेनोग्राफर का काम किया करती थी।

  एक आम मिडल क्लास फ़ैमिली की तरह इनकी भी फ़ैमिली दो अपार्टमेंट में रहा करती थी। उस टाइम पर इनकी फ़ैमिली की फाइनेंशियल शिचवेशन का अंदाजा इस बात से लगा सकते हो कि इनके पिता को अपने लिए एक स्कूटर खरीद ने केलिए उनको तीन साल तक सेविंग्स और वेट करना पड़ा था।

और जब सुन्दर पिचाई 14 साल के हुए तब  उनके घर में एक लैंडलाइन फोन आया था।  और सुन्दर पिचाई जी शुरवात से ही काफी इंटेलिजेंट और होनहार स्टूडेंट थे। इन्होंने 1993 में आईआईटी खडकपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की यी। इंजीनियरिंग कंप्लीट करने के जस्ट बाद इन्होंने स्टैंड फोर्ड युनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप हासिल करली।

मेटरिएल साइनस एंड सेमी कंडक्टर फिजिक्स में MS करने केलिए अमेरिका चले गए। दोस्तो में आप लोगों को बताना चाहूंगा कि जब सुन्दर पिचाई जी अमेरिका गए थे तब इनके फ्लाइट का खर्चा इनके फादर के एक साल के सैलरी के बराबर था। फिर भी इनके फ़ैमिली ने इनको सपोर्ट किया और वो अमेरिका चले गए।

उस टाइम उनका ये प्लान था कि MS की डिग्री पूरी करते ही बाद में पीएचडी कि पढ़ाई शुरू करेंगे। और फिर उन्होंने बीच में ही ये आईडिया ड्रॉप कर दिया। और 1995 में स्टैंड फोर्ड से MS की डिग्री हासिल करने के बाद एप्लाइड मटेरियल नाम कि कंपनी में इंजीनियर और प्रोडक्ट मैनेजर काम करने लगे।

पर इस कम्पनी में इन्होंने ज्यादा टाइम तक काम नहीं किया। और फिर MBA की पढ़ाई केलिए ये जॉब छोड़ दिया। और व्हार्टन स्कूल यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया में एमबीए केलिए एडमिशन ले लिया। 2002 में इन्होंने यहां से एमबीए की पढ़ाई पूरी कीयी। एमबीए के जस्ट बाद इन्होंने MCKINSEY में मैनेजमेंट कंसल्टेंट में जॉब जॉइन किया।

और कुछ ही दिनों के बाद अपनी आईआईटी ब्याचमेट और गर्लफ्रेंड अंजलि से शादी करली।
और सन 2006 वो साल था जब उन्होंने फायनेली प्रेसिडेंट ऑफ प्रोडक्ट के पोस्ट पे गूगल में जॉब जॉइन करली।

और उसी साल गूगल ने अपना फ्री ईमेल सर्विस जीमेल को शुरू किया था। अब में आपको बताऊंगा कि इनकी रियल सक्सेस जर्नी केसे स्टार्ट हुई। और केसे ये गूगल के फाउंडर के नजरो में लाइनलाइट में आ गए।

Sunder pichai success story in Hindi | Google CEO


गूगल को जॉइन करने के बाद इनका पहला शुरवाती प्रोजेक्ट गूगल टूलबार का था। ये प्रोजेक्ट गूगल केलिए काफी इंपोर्टेंट था। क्युकी इस टूलबार से लोगों के पास इंटरनेट एक्प्लोलर में गूगल सर्च इंजिन को डिफॉल्ट सर्च इंजिन बनाने का ऑप्शन आता था। तब अरिक्स मेथ गूगल के सीईओ थे।

और उस टाइम पर पिचाई ने अरिक्स मेथ और ल्यारी पेज से बोला कि गूगल टूलबार प्रोजेक्ट तो ठीक है पर हमें खुदका भी ब्राउज़र बनाना चाहिए। तब वो दोनो ज्यादा खुश नहीं हुए और सुन्दर पिचाई जी का प्रप्रोजल ठुकरा दिया, उन्होंने कहा कि इंटरनेट एक्सप्लोरर ऑलरेडी मार्केट में बहुत अच्छे से वर्क कर रहा है और हम हमारा ब्राउज़र बनाकर ज्यादा कुछ नहीं कर पाएंगे। तुम तुम्हारे गूगल टूलबार प्रोजेक्ट को कंप्लीट करो।

तब पिचाई ने कहा कि एक दिन माइक्रोसॉफ्ट अपना खुदका सर्च इंजिन बना लेगा और शायद हमें उसके पहले खुदका ब्राउज़र बना लेना चाहिए। और इस बात पर भी उन्होंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। और सुन्दर पिचाई जी को सिर्फ गूगल टूलबार प्रोजेक्ट पर ही फोकस करने को कहा।

और उसके बाद सुन्दर पिचाई जी ने ये टॉपिक फिर कभी नहीं निकाला। और गूगल टूलबार प्रोजेक्ट पर ही काम करते रहे। और एक दिन वही हुआ जो सुन्दर पिचाई जी ने पहले ही कहा था। माइक्रसॉफ्ट ने अपना सर्च इंजिन बना लिया और इंटरनेट एक्सप्लोरर ब्राउज़र से गूगल सर्च इंजिन को हटाकर बिंग सर्च इंजिन को डिफॉल्ट सर्च इंजिन बना दिया। और इसी के वजह से गूगल ने रातो रात 300 मिलियन कस्टमर लूज कर दिए।

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और तबतक गूगल ने गूगल टूलबार प्रोजेक्ट को ऑलमोस्ट कंप्लीट कर दिया था। और बचा हुआ काम पिचाई और उनकी टीम ने जी जान लगाकर बहुत जल्दी पूरा किया। और गूगल ने गूगल टूलबार प्रोजेक्ट को मार्केट में लॉन्च किया। इससे लोगों के पास ऐसा ऑप्शन आ जाता था, वापस गूगल को डिफॉल्ट सर्च इंजिन बनाने का। इस टूलबार से गूगल को काफी मदद मिली। और खोए हुए 80% कस्टमर भी गूगल के पास वापस आ गए।

और तब तक ल्यारी पेज और आरिक्स मेथ को सुन्दर पिचाई जी की वैल्यू समझ आयि थी। इस एंसीडर ने ल्यारी पेज और आरिक्स मेथ को सुन्दर पिचाई का प्रपोजल मानने को मजबुर कर दिया। और गूगल क्रोम कि शुरवात हुई।

और 2008 में सुन्दर पिचाई जी के मैनेजमेंट के अंदर उनके टीम ने गूगल क्रोम को लॉन्च कर किया। यह अपने आप में ग्रैंड सक्सेस रहा, क्युकी कुछ ही दिन के अंदर क्रोम ब्राउज़र वर्ल्ड में सबसे ज्यादा यूज करने वाला ब्राउज़र बन गया था।

गूगल के इस प्रोजेक्ट से सुन्दर पिचाई जी को इंटरनेशनली बहुत ही ज्यादा रिकगनेशन मिल गई। और 2008 में उनका प्रमोशन करवा दिया। वॉइस प्रेसिडेंट ऑफ प्रोडक्ट डेवलपमेंट पोस्ट पर प्रमोट करवा दिया। जिसके बाद ये गूगल को रिप्रेजेंट करते हुए हर प्रोडक्ट को लॉन्च करते वक्त स्टेज पर नजर आने लगे।

2012 में उन्हें सीनियर वॉइस  प्रेसिडेंट ऑफ क्रोम और ऐप्स पर भी प्रमोट करवा दिया। और बस एक ही साल बाद उन्हें एंड्रॉयड के प्रोजेक्ट को लीड करने कि जीमेदरी दी गई। तब उन्होंने एंड्रॉयड वन की शुरवात कि गई। और पिचाई जी ने 5 बिलियन लोगों तक इसे पोहचाया।

और बहुत ही कम टाइम में सुन्दर पिचाई जी को 2014 में उन्हें हेड ऑफ प्रोडक्ट पोस्ट पर प्रमोट करवा दिया। इस टाइम पर उन्हें हर बड़ी कंपनी से ऑफर आने लगे, यहां तक कि इन्हें ट्विटर के सीईओ और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ  की भी ऑफर अयी थी। पर उन्होंने गूगल के साथ अपनी लॉयल्टी नहीं छोड़ी, रिटेन करने केलिए इन्हें 2015 में गूगल के सीईओ की पोस्ट प्रमोट करवा दिया।

कहीं बार इन्हें ल्यारी पेज से भी बेटर सीईओ बताया गया है। और यू ही नहीं 2019 में इन्हें अल्फाबेट का भी सीईओ बना दिया। अब सुन्दर पिचाई जी को वर्ल्ड के पावरफुल लोगों में से एक माना जाता है। और हमारे लिए गर्व की बात यह है कि सुन्दर पिचाई जी एक इंडियन टॉप कम्पनी के सीईओ है।

दोस्तों ये थी सुन्दर पिचाई जी की लाइफ स्टोरी उम्मीद है आपको ये पोस्ट पसंद आई होगी।



Conclusion: -

तो दोस्तो हमारे द्वारा किया हुआ प्रयास और Sundar Pichai Biography in Hindi | Google CEO ,आपको पसंद आई होगी। अगर ये पोस्ट आपको पसंद आई होगी तो लाइक करें और Sundar Pichai Biography in Hindi | Google CEO  इस आर्टिकल को फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर करना ना भूले। और दोस्तो हमारे नॉलेज ग्रो टेलीग्राम चेनल को सब्सक्राइब करें। फिर मिलेंगे नए अर्टिकल के साथ।

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