Bill Gates Biography in Hindi | Founder of Microsoft

 हेल्लो दोस्तों, आप सभी का स्वागत हे नॉलेज ग्रो ब्लॉग में। दोस्तो में आज आप लोगों को Bill Gates Biography in Hindi में बताने वाला हूं। तो फ्रेंड्स इस आर्टिकल को आखिर तक जरूर पढ़े।


Bill Gates Biography in Hindi | Founder of Microsoft


Bill Gates Biography in Hindi

बिल गेट्स का जन्म 28 अक्टूबर 1955  सीऐटल, वाशिंगटन में हुआ था। बिल गेट्स का पूरा नाम विलियम हेनरी गेट्स है। और उनके पिता का नाम विलियम एच. गेट्स और उनकी माता का नाम मैरी मैक्सवेल गेट्स था। उनके पिता एक वकील थे और उनकी माता एक प्रमुख बैंक में सेवारत थीं। 


Bill Gates का बचपन 


बिल गेट्स जब बड़े हुए तब उनके माता पिता ने उनका दाखिला लेकसाइड को में करवाया। जो कि सीऐटल में मौजूद सबसे अच्छा स्कूल था और स्कूल में बिल गेट्स पढ़ाई लिखाई में intelligent student साबित हुए। उनमें बचपन से ही पढ़ने लिखने कि अलग ही बुख थी। बिल गेट्स घंटो तक अपने स्कूल के संदर्भ के किताबो के साथ उन्होंने एंस्लाइकोपेडिया के पढ़ा करते थे।


सन 1969 में बिल गेट्स ने अपना High school शुरू किया। वह वो दौर था जब पहली बार इंसान चांद पर गया था। और यह मिशन computers के वजह से सफल हुआ था। और उसी दौरान शियाटल नाम के कम्पनी ने लेकसाइड स्कूल को अपने कंप्यूटर विद्यार्थियों को सीखने और उसे जानने केलिए दिए थे।


और bill Gates तो पहले से ही किसी भी चीज को ज्यादा जानने केलिए उत्सुक रहा करते थे। इसीलिए उन्होंने अपना दाखिला Computer class में करवाया, और जल्द ही बिल गेट्स की computer में रुचि बढ़ने लगी। उनको हमेशा यह जानने की इच्छा रहती कि आखिर यह computer काम कैसे करता है ? 


बिल गेट्स ज्यादा से ज्यादा समय कंप्यूटर क्लास में बिताते थे। और एक दिन कंप्यूटर क्लास में बिल गेट्स की मुलाक़ात पाउल एलेन से हुई। जो उनसे दो साल बड़े थे। वैसे टोनुं दोनों के विचार और ख्याल मेल नहीं खाते थे। पाउल एलेन बहुत शांत और शर्मीले स्वभाव के थे और बिल गेट्स का स्वभाव उनसे विपरित था। 


लेकिन कंप्यूटर के प्रति मिलते जुलते विचार और धारणाओ के वजह से वो दोनो अच्छे दोस्त बन गए। और उस समय कोई सोच भी नहीं सकता था एक दिन वो दोनो दुनिया को बदलकर रख देंगे। 


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सन 1970 में बिल गेट्स सिर्फ पंधरा साल के के थे, तब उन्होंने और उनके दोस्त के साथ मिलकर उन्होंने traf o data नाम का एक ऐसा कंप्यूटर प्रोग्रामर बनाया। जो को सीऐटल शहर में होने वाले यातायात प्रवाह को मापता था उसके लिए उनको $20000 डॉलर मिले।


जो कि बिल गेट्स की पहली कमाई थी। ईसिके साथ बिल गेट्स ने टेक्नोलॉजी के दुनिया में प्रवेश कर लिया था। सन १९७२ में जब वे सिर्फ सतरा साल के थे तब उन्होने उनके दोस्त के साथ अपनी कंपनी खोलने के बारे में विचार शुरू किया। 


पर उनके माता पिता ने उनको पहले हाई स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई ख़तम करने केलिए जोर दिया। क्युकी उनके पिता एक वकील थे , इसीलिए उनके पिता चाहते थे कि वे कानून कि शिक्षा ले।

  

Bill gates collage education


दोस्तो सन १९७३ में बिल गेट्स ने अपना हाई स्कूल ख़तम किया और एग्जाम में १६०० में १५९० मार्क्स हासिल करके अपनी बुदधिमत्ता का परिचय दिया। और उस समय उनके माता पिता बहुत खुश हुए। और बिल गेट्स का एडमिशन हॉयर युनिवर्सिटी में किया और चाहा कि बिल गेट्स कानून किं शिक्षा ले।


लेकिन bill gates का सपना कुछ और ही था। लेकिन फिर भी उन्होंने ध्यान पूर्वक लॉ (कानून) में अपना करियर बनाने का विचार किया।  लेकिन उसमें उन्हें एक भी ऐसा विषय नहीं मिला जिसमे उन्हें computer जितनी रुचि हो। 


इसीलिए वो अपना ज्यादा से ज्यादा समय कंप्यूटर में ही बिताते थे। दोस्तो डिसेंबर १९७४ में उनके दोस्त पाउल एलेन को पॉपुलर इलेक्ट्रॉनिक नाम की मैगज़ीन मिली। जिसके कवर पेज पर दुनिया के सबसे मिनी कंप्यूटर किट the Altair 8800 की घोषणा की गई थी। 


यह खबर सुनकर वे बिल गेट्स के पास गए और उनको सबकुछ बताया, और इस बात से वो दोनो बहुत खुश हुए। क्युकी वह दोनो जानते थे कि यह कंप्यूटर बन गया तो दुनिया में हर एक इंसान इसका इस्तमाल करके अपना काम आसान कर सकेगा।


the Altair 8800 न्यू मैक्सिको में Ed roberts कंपनी द्वारा बनाया गया था। और हेनरी एडवर्ड रॉबर्ट्स जो कि इस कंपनी को चला रहे थे। वो एक ऐसे व्यक्ति की तलाश कर रहे थे जो एक ऐसा सॉफ्टवेअर बना पाए जो कि उनके इस कंप्यूटर को चला सके।


और अब बिल गेट्स और उनके दोस्त पाउल एलेन के पास एक ऐसा मौका था जो अपनी किस्मत को चमका सके। इसीलिए उन्होंने उस कंपनी से कॉन्टेक्ट किया और घोषणा की वे एक बेसिक सॉफ्टवेयर पर काम कर रहे जो उस कंप्यूटर को चला सके।


और उसके बाद उन्होंने हॉवर्ड कंप्यूटर सेंटर में दो महीने तक दिन रात काम किया और एक सॉफ्टवेयर बनाया।  दोस्तो फ़रवरी 1975 में एलेन उस सॉफ्टवेयर को टेस्ट करवाने केलिए गए। और जब वह सॉफ्टवेयर the Altair 8800 में इंस्टाल करवाया गया तब वो सही से काम करने लगा। और यह पल उनके जिन्दगी का सबसे बेहतरीन पल था।


माइक्रसॉफ्ट की स्थापना


जिसका कंप्यूटर उद्योग पर एक ऐतिहासिक प्रभाव पड़ा, और इसके बाद उन्होंने कभी ना रुकने का  फैसला किया। और सिर्फ 19 साल के उम्र में सन 1975 में पाउल एलेन के साथ माइक्रोसॉफ्ट कंपनी कि स्थापना की ,और एड रॉबर्ट्स कंपनी के साथ काम करने लगे।


और देखते ही देखते कंप्यूटर कि इतनी खपत हुई कि बिलगेट्स ने अपनी पढ़ाई को फाइनल ईयर में ही छोड़ दिया। पर शुरवाती दौर में बिल गेट्स और पाउल एलेन को काफी समस्यायों का सामना करना पड़ा। क्युकी लोगों के अंदर कंप्यूटर को लेकर एक ऐसा कल्चर फेमस होने लग गया। 


जिसमे लोग पर्सनल कंप्यूटर तो खरीद रहे थे पर इंफॉर्मेशन और सॉफ्टवेयर को एक दूसरे के साथ शेअर करले थे। इसीलिए किसी को भी सॉफ्टवेयर को खरीद ने में कोई रुचि नहीं थी। लेकिन बिल गेट्स और पाउल एलेन ने इस सॉफ्टवेयर को बनाने में बहुत मेहनत कि थी इसीलिए उनको इस बात का बहुत बुरा लग रहा था। 


उसके बाद सन 1976 में कंप्यूटर में रुचि रखने वालो केलिए एक पत्र लिखा कि बिना किसी सॉफ्टवेयर को खरीदे उसका इस्तमाल करना इसका मतलब किसी नए सॉफ्टवेयर को बनाने से पहले ही उसको रोक देना होगा। पर लोगों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा।  इसपर बिल गेट्स बहुत नाराज हुई। 


लेकिन उनकी कुशाग्रता ना कि सिर्फ  सॉफ्टवेयर बनाने में थी बल्कि उसके साथ साथ अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने की और कंपनी को टॉप पर ले जाने की भी थी। जरूरत पड़ने पर एंप्लॉयर्स द्वारा कॉड को बनाए गए code को खुद चेक करते थे और उसमे से errer को ठीक करते थे।


बिल गेट्स और पाउल एलेन कि मेहनत के वजह से उनकी कंपनी दिनब दीन एप्पल,आईबीएम, इटेल कंपनी की तरह बढ़ती जा रही थी। फिर माइक्रोसॉफ्ट ने नए सॉफ्टवेयर का अलग अलग सॉफ्टवेयर में विस्तार किया। और कम्पनियों को अपने उत्पादों को बेचने को शुरू किया। 


सन 1978 तक आते आते इन सॉफ्टवेयर कि बिक्री 1000000 लाख तक से भी ज्यादा हो गई। और सन 1978 से लेकर 1981 के बीच Microsoft Company में आश्चर्य जनक विकास देखने को मिला। Microsoft Company में बहुत ही कम टाइम में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के कर्मचारियों की संख्या १३ से बढ़कर १२८ हो गई।


दोस्तो सन नवंबर 1980 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के पास एक ऐसा मौका आया जिसने उनके किस्मत को बदलकर रख दिया। क्युकी दुनिया की सबसे बड़ी कंप्यूटर बनाने वाली कंपनी आईबीएम ने माइक्रोसॉफ्ट को अपने नए पर्सनल कंप्यूटर केलिए सॉफ्टवेअर बनाने केलिए पेशकश की। और यह बिल गेट्स और पाउल एलेन केलिए बहुत ही अच्छा मौका था।


इसीलिए माइक्रोसॉफ्ट ने आईबीएम केलिए नया सॉफ्टवेअर MS-Dos बनाया। और आईबीएम कंपनी ने इस सॉफ्टवेयर के सोर्स कोड को  $50000 डॉलर में खरीदना चाहा, लेकिन बिल गेट्स एक चालाक और इंटेलिजेंट बिजनेसमैन थे। उन्होंने आईबीएम के इस प्रस्ताव को नामंजूर किया।


क्युकी बिल गेट्स चाहते थे कि आईबीएम जितने भी कंप्यूटर बनाए उन सभी कंप्यूटर्स में माइक्रोसॉफ्ट का सॉफ्टवेयर इंस्टाल करके बेचे और हर एक कंप्यूटर पर माइक्रोसॉफ्ट पैसा कमाए। और इसीलिए आईबीएम कंपनी केलिए बेचे गए हर एक पीसी पर माइक्रोसॉफ्ट को लाईसेंस फी चुकानी पड़ती थी। 


इसे में मार्केट और भी कंपनियां भी आई। जिन्होंने आईबीएम कंपनी से भी कम प्राइस में कंप्यूटर बनाए और माइक्रोसॉफ्ट ने उनको भी अपने सॉफ्टवेयर बेचे। और सन 1981 सी के बीच में बिल गेट्स माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के प्रेसिडेंट और पाउल एलेन माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट बन गए।


दोस्तो सन 1983 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का टर्नओवर 4 मिलियन से 16 मिलियन डॉलर तक ही गया। और पूरी दुनिया में जितने भी पर्सनल कंप्यूटर थे उनमें 30 प्रतिसद कंप्यूटर में माइक्रोसॉफ्ट का सॉफ्टवेयर का चलाया जा रहा था। 


सन 1983 तक सिर्फ बिल गेट्स 28 साल की उम्र में कामयाबी के शिकर को छू रहे थें। और पूरी दुनिया में बिल और एलेन ने बनाए हुए सॉफ्टवेयर की डिमांड बढ़ रही थी, वहीं दूसरी ओर एलेन एक गंभीर बीमारी हो गई। जो कि कैंसर के श्रेणी में आती है।


हाला की एक साल बाद एलेन ठीक हो रहे थे। लेकिन वो माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के प्रतिदिन के कारोबार में हिस्सा नहीं ले सकते थे। इसीलिए उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट को छोड़ दिया और इसी के साथ बिल गेट्स और पाउल एलेन के पार्टनर शिप का अंत हो गया। 


और 1984 में सिर्फ बिल गेट्स ही माइक्रोसॉफ्ट एक लोता चेहरा रेह गए। और उनके लगातार प्रयास से सन 1985 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने 140 मिलियन डॉलर से भी ज्यादा सेल की। सन 1986 में बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का नया प्रोडक्ट माइक्रोसॉफ्ट विंडो लॉन्च किया।  


जिसमे बड़ी आसानी से कोई भी कंप्यूटर को माउस के जरिए चलाया जा सकता था। और 1986 में बिल गेट्स ने अपने कंपनी को सार्वजनिक कर दिया। जिसने माइक्रोसॉफ्ट कंपनी को एक रचनात्मक आधार दिया। और उन्होंने कुल स्टॉक का 45% अपने पास रखा। 


Bill gates struggle story in hindi


जिसके वजह से बिल गेट्स 31 साल के उम्र में अरब पति बन गए। 1987 में बिल गेट्स दुनिया के सबसे कम उम्र के अरबपतियो में से एक थे। लेकिन इस साल माइक्रोसॉफ्ट को एक बहुत बड़े क्राशेस को सामना करना पड़ा। क्युकी आईबीएम कंपनी ने अपने पर्सनल कंप्यूटर में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का सॉफ्टवेयर एमएस डोस को अपने खुद के बनाए सॉफ्टवेयर ओएस/२ से रिप्लेस कर दिया।


और माइक्रोसॉफ्ट को आईबीएम से बाहर कर दिया। लेकिन बिल गेट्स ने अपने सबसे बड़े कस्टमर को खो देने के बाद भी हर नहीं मानी।  और माइक्रोसॉफ्ट विंडोज को अपग्रेड कर दिया।


दोस्तो २३ मई १९९० में न्यू विंडोज सॉफ्टवेयर को लॉन्च कर दिया। साथ ही साथ माइक्रोसॉफ्ट के प्रोडक्ट के कीमत को घटा दिया। इसके पीछे उनका मकसद था कि और कोई भी सॉफ्टवेयर बनाए वाली कंपनी उनके सामने टिक ना सके। और इसी के वजह से आईबीएम का सॉफ्टवेयर ओएस/२ फेल हो गया। 


और माइक्रोसॉफ्ट का नया सॉफटवेयर windows 3.0 मार्केट में सबसे बिक्री वाली विंडो बन गई। सन 1993 वे में माइक्रोसॉफ्ट का बुरा समय अभी भी खतम नहीं हुआ था। क्युकी सन 1993 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के न्याय विभाग द्वारा कुछ कानुनिक जांच की। जिसमे पाया गया कि माइक्रोसॉफ्ट कंपनी कंप्यूटर निर्माता द्वारा बेचे गए कंप्यूटर कुल संख्या के आधार पर लायसेंस फ़ी चार्ज कर रही थी।


चाहे उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट का सॉफ्टवेयर इंस्टाल किया ही नहीं गया। सन 1994 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी को न्याय विभाग के द्वारा सहमत होकर यह चार्ज लगाना बंद करना पड़ा। और यह केस न्याय विभाग द्वारा बंद कर दिया गया।


बिल गेट्स का निजी जीवन और परिवार 


और उन्होंने 37 साल के उम्र में बिल गेट्स ने उनके कंपनी में काफी साल से काम करने वाली 28 वर्षीय मलिंडा फ्रेंच से शादी करली। लेकिन उनके शादी के कुछ महीने बाद बिल गेट्स के माता की कैंसर से मृत्यु हो गई। इसिके वजह से बिल गेट्स बहुत दुखी हो गई। 


दोस्तो सन 1995 वे माइक्रोसॉफ्ट केलिए बहुत ही अच्छा रहा। क्युकी साल बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट का windows 95 को लॉन्च कर दिया था।  दोस्तो बिल गेट्स अपने 42 साल की उम्र तक दुनिया के सबसे ज्यादा अमीर व्यक्ति थे। जिनके पास जिनके पास 50 बिलियन डॉलर संपति थी। जो बढ़ते बढ़ते आज 180 बिलियन डॉलर हो गई है। 


अब बिल गेट्स के पास दो बेटियां और एक बेटा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इतना अपार धन होने के बावजूद बिल गेट्स ने अपने बच्चो को अपने वसीयत (संपति) में से अपने बच्चो को सिर्फ 10 मिलियन डॉलर देकर जाने का फैसला किया है। जोकि इनके संपति का सिर्फ एक छोटा सा अंश है। 


और इसके बारे में पूछे जाने पर बिल गेट्स सिर्फ एतना ही कहते हैं कि में अपने बच्चो को अच्छी शिक्षा दूंगा लेकिन इतनी दौलत छोड़कर जाना उनके लिए उचित नहीं है। मैंने कुछ साल पहले ऐसा महसूस किया कि मेरी दौलत जो समाज से आ गई हैं। वह समाज में ही वापस जानी चाहिएं। 


इतनी दौलत जिसका अनुमान लगाना भी मुश्किल है, और वो संपति किसी के बच्चो के पास जाना नहीं चाहिए, यह बच्चो केलिए सही नहीं होगा। दोस्तो कंप्यूटर में यूज़ होने वाला विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम दुनिया के 80 प्रतीसद ज्यादा इस्तमाल होने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसे माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने बनाया है। 


और आज बिल गेट्स दुनिया के सबसे कामयाब और अमीर बिजनेसमैन है। और एक अच्छे बिजनेसमैन होने नाते साथ ही उन्हें उनके मानव प्रेमी स्वभाव के कारण और अनगिनत धन संपत्ति दान करने केलिए उनको कई पुरस्कारों से सम्मानित करा गया है। 


और दोस्तो सन 2014 में बिल गेट्स ने चेयरमैन के पद से हट कर सत्या नडेला को माइक्रोसॉफ्ट का सीईओ बना दिया जो कि एक भारतीय हैं। और अब बिल गेट्स अपनी पत्नी मालिंदा गेट्स के साथ एक एनजीओ बिल एंड मालिंडा गेट्स फांडेशन चला रहे हैं। और पूरी दुनिया में बहुत ही भलाई का काम करते है। 


और यह है बिल गेट्स ने कही गई रोचक और महत्तवपूर्ण बातें नीचे डी गई है जो आप जरुर पढ़े। 


Bill gates quotes in Hindi | बिल गेट्स के विचार


आप अपनी तुलना किसी से भी नहीं करे, अगर आप अपनी तुलना किसी से कर रहे तो आप अपनी स्वयंम की बैजती और आप अपने ही हात से अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार रहे है।  

Bill gates कहते है कि जब आपके हाथ में पैसा होता है तब सिर्फ आप भूल जाते है कि आप कौन हैं ? पर जब आपके हाथ खाली होते है यानी आपके पास कुछ भी नहीं होता तब दुनिया भूल जाती है कि आप कौन हैं।

अगर आप गरीब घर में जन्मे है तो उसमें आपकी कोई गलती नहीं है लेकिन अगर आप गरीब रहकर ही मर गए तो उसमे आपकी गलती है। क्युकी जब आप धरती पर जन्म लेते है तब आपके पास कर्म करने का स्वतंत्र होता है इसीलिए आप अच्छे कर्म करके अपनी जिंदगी को बदल सकते हैं। 

और अगर आप गरीब रहकर ही मर गए तो इसका मतलब यह हुआ कि अपने इस धरती पर आकर कुछ भी नहीं किया। 

में एक कठिन काम को करने केलिए एक आलसी इंसान को चुनुंगा क्युकी आलसी इंसान उस काम करने का एक आसान तरीका खोज लेगा।  दोस्तो यह थी Bill Gates Biography in Hindi


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Conclusion : -


दोस्तो आज मैंने आपको बिल गेट्स की कंप्लीट बॉयोग्राफी बताने की कोशिश की है उमिद है आपको पसंद आई होगी। अगर आपको हमारी bill gates biography in Hindi आर्टिकल पसंद आया होगा तो कमेंट करके जरुर बताए और हमारे bill gates biography in Hindi आर्टिकल को अपने दोस्तो के साथ फेसबुक और व्हाट्सएप पर जरुर शेअर करके हमारा बनोबल बढ़ाए।


दोस्तो फिर मिलेंगे ऐसे ही एक मोटिवेशनल बॉयोग्राफी के साथ। धन्यवाद !!!!

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