The magic of thinking big book summary in Hindi - बड़ी सोच का बड़ा जादू

 नमस्ते देवियों और सज्जनों, Knowledgegrow.in पर आपका एक बार फिर से स्वागत है. आज का यह लेख आपके लिए बहुत ही स्पेशल होने वाला है. क्युकी इस लेख में आपको अमीर बनाने वाली किताब The magic of thinking big book summary in Hindi में बताना वाला हूं।

 

दोस्तो हिस्ट्री (इतिहास) हमे बार बार बता रही है कि बैंक अकाउंट का साइज, अपने हैप्पिनेस के अकाउंट का साइज और किसी के satisfaction का साइज उनके सोच के साइज पर निर्भर करता है। इसीलिए बड़ा सोचने में ही मैजिक है।


The magic of thinking big book summary in Hindi

तो चलिए दोस्तो इस बुक में बताए गए वो १३ प्रिंसिपल्स जिसे राइटर ने फॉलो करके एक नए मुकाम पर पोहचे। दोस्तो हमारे ब्लॉग का आर्टिकल कभी कभी थोड़ा लम्बा होता है क्युकी हम कंटेंट पर कभी कॉम्प्रोमाइज नहीं करते। हमेरा गोल यह है कि हमारे ब्लॉग से लोगों को बहुत ज्यादा वैल्यू मिले।


इसीलिए दोस्तो हमारे The magic of thinking big book summary in Hindi आर्टिकल को आखिर तक जरूर पढ़े।


विश्वास करे कि आप सक्सेसफुल हो सकते हैं और आप सक्सेसफुल हो जाएंगे


दोस्तो जब हम विश्वास कर लेते है कि में यह कर सकता हूं और वो कैसे होगा इसका जवाब हमे खुद मिल जाता है। वो कैसे होगा का जवाब सिर्फ उस इंसान के पास आता, जिसको विश्वास होता है कि वो कर सकता है। स्ट्रॉन्ग बिलीव ही दिमाग में कई अलग अलग आइडियाज को जगाता है। 


जैसे कि में पोजिटिव हूं और में कर सकता हूं, यह बहुत पावरफुल होता है। उनका केहना है की अगर हमे विश्वास है कि हम कर सकते है तो हम जरूर सफल होंगे। अगर हम मानते है कि में करोड़पति बन सकता हूं, अगर हम मानते हैं कि में लाइफ में बड़ी बड़ी चीजे हासिल कर सकते है, तो हम जरूर कर सकते हैं। 


लेकिन दोस्तो यह सब तभी ही पॉसिबल है जब हम चाहेंगे। किसी भी चीज को हासिल करने केलिए बस उसपे विश्वास होना बहुत जरूरी है। अगर हम करोड़पति बनना चाहते हैं तो विश्वास रखते हुए एक दिन जरूर बन सकते है। अगर आपको यह लगता है कि आपके आस पास सक्सेसफुल लोग नहीं है तो आप भी सफल नहीं हो सकते।


अगर ऐसा है तो इसका मतलब है कि आपको बहाने बनाने कि बीमारी है और कुछ नहीं। विश्वास नहीं करना यह एक बहुत बड़ी नेगेटिविटी है। दोस्तो जब हमारे मन में जब विश्वास नहीं होता या डाउट होता है तो इससे हमारा मन उसके कारण को अट्रैक्ट करता है। 


सच में आप सक्सेस पाना नहीं चाहते तो ऐसा डाउट होना जाहिर है, और इन सभी के कारण आप सफल नहीं हो पाते। इसीलिए आपको अंदर विश्वास लाना होगा कि आपको सक्सेसफुल होने से कोई भी नहीं रोक सकता। 


बहानेपन का इलाज करे, यह असफलता की बीमारी है


दोस्तो अपने यह जरूर देखा होगा कि इंसान जितने कम बहाने बनता है वो उतने ही जल्दी सफल होता है। और अपने यह भी देखा होगा कि आपका कोई दोस्त कही नहीं पोहच नहीं पाया तो उसके पास बहाने पन की एक लंबी लिस्ट होती है। 


क्या आप भी इस तरह के बहाने बनाते है ? में आज थक गया हूं इसीलिए में इस काम को कल करूंगा, में बहुत छोटा हूं, में कुछ स्टार्ट करने केलिए बहुत बड़ा हूं , मैंने ऐसा कभी भी नहीं किया , मेरा आज काम करने का मन नहीं कर रहा , में अभी इतना स्मार्ट नहीं हूं , में इतना लकी नहीं हूं, मेरे पास पैसे नहीं है , ये तो बहुत मुश्किल है। 


ऑथर का केेहना है कि एक आदमी जितना ज्यादा सफल होता है उसके बहाने भी उतने कम होते है। दोस्तो जो लोग सफल नहीं हो पाते उनके पास बहानेपन एक लम्बी लिस्ट होती है। वो लोग हमेशा ईशी चीज में अटक जाते है वो सफल क्यों नहीं हो पाए। 


दोस्तो यही फर्क होता है गरीब और सक्सेसफुल लोगों में। इन्हीं बहानेपन का एग्जाम्पल इन दोनों के बीच का अंतर बताता है। दोस्तो हमे cause और इफेक्ट्स के लॉ को अपनाना चाहिए। अगर हम किसी के गुड लक की तरफ देखेंगे तो हमे लक नहीं बल्कि प्लानिंग, प्रिप्रेशन और उसकी बड़ी सोच मिलेगी, जिसने उसको इतना सफल बनाया है। 


दोस्तो अगर हम किसी के बैड लक की तरफ देखेंगे तो आपको कुछ डिफरेन्स समझ आयेगा। एक सफल इंसान अपने गलतियों से सीखकर आगे बढ़ता है। लेकिन एक अंसक्सेसफुल इंसान अपने गलतियों से सीखना ही नहीं चाहता वो अपने गलतियों को बार बार दोहराता है। और केहता रहता है कि में सफल क्यों नहीं हो रहा? 


दोस्तो हर एक्शन का एक री एक्शन होता है। हमारे लाइफ में जो कुछ भी होता है वो हमारे सारे एक्शन का रिजल्ट होता है। किस्मत में ये नहीं लिखा होता की आप सफल होंगे कि नहीं होंगे। यह सभी अपने कर्म के उपर डिपेंड होता है, जो हम रोज करते है। 


दोस्तो एक अच्छी बात यह है कि हम अपने परिस्थितियों के मोहताज नहीं है। हम खुद क्रिएटर है और हम खुद अपने डेस्टिनी का फैसला कर रहे है। दोस्तो हम अपने ऐक्शन को चूस कर सकते है जो हम डेली बेसिस पे करते है। अगर हम सफल होना चाहते है तो हम सफल लोगों की नकल करते हैं।


अगर हम सफल नहीं होना चाहते और सब खराब करना चाहते है तो हम उन लोगों की नकल करते हैं जो असफल है जिन्होंने लाइफ में कुछ भी नहीं किया हो। दोस्तो इस बुक में कहा गया है कि अगर हमे अमीर बनना है तो हमे सफल लोगों के काम की नकल करना चाहिए। 


दोस्तो एक बार हम cause और इफेक्ट्स के लॉ को अपना लेते है तो रियल लाइफ में काम करना बहुत Easy हो जाता है। दोस्तो हमे सिर्फ अपने कर्मों पर विश्वास रखना है , यही हमे सफलता देगा।


विश्वास जगाए , डर भगाए


दोस्तों बहुत से लोगों को लगता है कि वो कुछ भी नहीं कर सकते। वो खुदको जितना छोटा समझते है उतना ही छोटा देखने लगते है और उनके पास आत्मसम्मान की बेहद कमी होती है। मुझे यकीन हे की आपने कुछ लोगों को हायर पोजीशन पे देखा होगा। तो आपको क्या लगता है वो हायर पोजिशन पर क्यों है।


दोस्तो इसका सिम्पल जवाब है...


ऐसे लोग अपने बारे में ज्यादा सोचते है और उनका खुदपर ज्यादा विश्वास होता है। उनको लगता है कि वो कुछ भी कर सकते है , वो यह भी सोचते है कि रियल में यह काम पॉसिबल है। वह लोग सेल्फ डिफेंस का शिकार नहीं होते , वो अपने आप को कभी छोटा नहीं समझते। वो लोग यह नहीं सोचते कि हर कोई उनसे बेहतर है और वो मानते हे की वो खुद महान है। 


दोस्तो दूसरे और सिम्पल शब्दों बताउ तो ऐसे लोग खुद को कभी कम नहीं मानते।


बडा कैसे सोचे


दोस्तो जब आप बोलते हो या लिखते हो तो उसका यह अर्थ है कि एक प्रोजेक्टर दूसरे के दिमाग में फिल्म दर्शाता है। वैसे ही आपके द्वारा बनाई गई तस्वीरें ये निर्धारित करती है कि आप और दूसरे कैसे रिएक्ट करते है। 


मानलो की आप एक ग्रुप को केहते है कि में फैल हो गया हूं। इसको लोग हार और निराशा जैसे शब्दों में एक्सप्रेस करते है। बजाय इसके कि वो कोशिश करते रहने की सलाह देंगे। हमारा दिमाग शब्दों में नहीं सोचता बल्कि वो pictures में और मूवीज में सोचता है।


दोस्तो जो शब्द हम इस्तमाल करते है उनको हमारा दिमाग पिक्चर्स और मूवीज में बदलता है। उदाहरण देकर समझाता हूं , दोस्तो जब एप्पल के बारे में सोचते है तब आपके दिमाग एप्पल की तस्वीर आयेगी, ना कि apple जैसे शब्द।


ये इंपोर्टेंट क्यों है? दोस्तो क्यों हमे हमारे शब्दों को सावधानी से चुनना चाहिए। दोस्तो यहां लेखक ने उदाहरण देकर समझाया है कि अगर आप प्रोब्लेम्स शब्द को सुनते है तो आप अपने दिमाग में सॉल्व ना होने वाली पिक्चर्स बनाते है। अगर आप इसी चीज को चैलेंज समझते है तो आपका दिमाग पोजिटिव और एक्साइटमेंट के पिक्चर्स बनाता हैं। 


अगर आप कोशिश जैसे शब्द सोचते है तो आपका दिमाग यह सोचता है कि यह इतना इंपोर्टेंट नहीं है। इसमें आप अपना बेस्ट वर्क देंगे लेकिन उसका पूरा होना या ना होना आपके लिए इंपोर्टेंट नहीं है। यह बहुत अजीब है कि में करूंगा और में इसे करने कि कोशिश करूंगा इन दोनों में बहुत अंतर होता है। 


कोशिश शब्द में यह बताना है कि हम कभी सफल नहीं होंगे इसके बारे में सोचे। आपसे किसी ने यह कहा है कि में वहा पाच बजे पुहचने की कोशिश करूंगा। क्या इसका मतलब यह है कि में पाच बजे वहा हूंगा। दोस्तो रियल में वो नहीं जानते की वे कहा होंगे। 


उसके बजाय रियल स्टेटमेंट यही होना चाहिए है की में श्याम पाच बजे वहा पहुंच जाऊंगा। दोस्तो तब आप इस बात पर भरोसा कर सकते है। हमे अपने फीलिंग्स और मूड को जताने केलिए पोजिटिव शब्दों का इस्तमाल करना चाहिए।


अगर कोई मुझे ये पूछता है कि में कैसा हूं तो मै उन्हें यह नहीं बताता की में थक गया हूं, में ईतना अच्छा महसूस नहीं कर रहा हूं बल्कि में ये गर्व से केहता हूं कि में बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। दोस्तो इसी के वजह से मेरे दिमाग में अच्छी और पोजिटिव पिक्चर्स बनजाती है। 


हमे दुसरो के बारे में पोजिटिव और अच्छी पिक्चर्स बनानी की कोशिश करनी चाहिए। जब हम किसी भी इंसान से बात करते है तो हमे अच्छे शब्द इस्तमाल करने चाहिए। जैसे तुम ग्रेट ही, आपसे मैंने बहुत कुछ सीखा है ऐसे पोजिटिव शब्द आपको इस्तमाल करने है। 


दोस्तो ऐसे पोजिटिव वर्ड्स हमारे और हमारे दोस्त के दिमाग में पोजिटिव इमोशंस बनाते हैं। दूसरे शब्दों में ये वर्ड्स इस्तमाल करके आप उनके फीलिंग्स को पोजिटिव बनाते हैं। इसी कारण वो इंसान जब आपके बारे में सोचता है तब हमेशा पोजिटिव ही सोचता है। दोस्तो शब्दों में बहुत पॉवर होती है और उसको बहुत ही अच्छी से इस्तमाल करना चाहिए।


अपने रूप को सुधारे, फर्स्ट क्लास बने


दोस्तो याद रखे की आपका रूप और आपकी पर्सनैलिटी बोलती है, इसलिए हमेशा आप अपने बारे में अच्छा बोले, और अच्छे से तैयार होना भी आपके पर्सनैलिटी को दर्शाता है। ये यह बताता है कि यह इंसान इंटेलिजेंट,प्रोस्पेरस और डीपैंडेबल है। 


ऐसे इंसान पर आप भरोसा और रिस्पेक्ट कर सकते हो, जिनका हुलिया अच्छा नहीं  होता या अच्छे से तैयार नहीं होते है उनकी पर्सनैलिटी नेगेटिव फीलिंग देती है। ऐसे लोग केयरलेस होते हैं और ऐसे लोग एवरेज या उसे नीचे ही होते है। यह लोग कोई स्पेशल चीज डिसर्व नहीं करते है और इस तरह के लोग चारो तरफ से हारे हुए होते है।


भले ही आपसे कभी ना मिले हो , या अपने कभी उनसे बात नहीं की हो, फिर भी आपका पेहनावा आपके बारे में बहुत कुछ बताता है। आपकी बॉडी लैंग्वेज, आपकी स्माइल ये सब आपके बारे में बहुत कुछ बोलते है। दोस्तो आप बाहर से कैसे दिख रहे हो वो इस चीज को बताता है कि आप अंदर कैसा सोच रहे हो।


अपने आप को कमर्शियल पर बेचने का निर्माण करे


दोस्तो आप खुद से बात करे। दोस्तो आप खुद से कैसे बात करते है। क्या आप खुदको स्ट्रॉन्ग बना रहे है? क्या आप खुद को बिल्ड कर रहे है ? क्या आप खुद को बेकार समाज रहे है ? क्या आप लाइफ में बड़ी चीजों को पा सकेंगे ? क्या आपके किस्मत में अमीर बनना लिखा है ? 


दोस्तो दुःख की बात यह है कि बहुत से इंसान खुद से नेगेटिव तरीके से बात करते है। और यह गलती नहीं है क्युकी हमे कभी यह बताया नहीं गया कि इस चीज को कैसे दूर किया जाय और कैसे बदला जाए। तो आज से ही हमे यह ध्यान रखना होगा कि हम अपने आप से कैसे बात कर रहे है। 


दोस्तो ध्यान रखे कि आप अपने आपसे जो भी बात करेंगे वो ही होगा। इसीलिए ध्यान से चुने कि आप को क्या बनना है? सिर्फ अच्छा और पोजिटिव बोले। दोस्तो खुद को बड़ा बनाना है बेहतर बनाना है और खुद की सेल्फ ईस्टिम्स को बढ़ाना है। तो इस इस बुक में बताया गया है कि आप उपर दिए गए चीजों को आप कॉन्शसली प्रक्टिस करेंगे तो आप पक्का अपने लाइफ को चेंज कर सकेंगे। 


जैसा आप सोचेंगे वैसा आप बनेंगे


दोस्तो आप जैसा सोचते हो तो आप वैसा बन जाते हो इसीलिए आप अपनी सोच को अपग्रेड करते रहिए। सफल लोग जैसे सोचते है वैसा सोचे ,अपनी सोच को अपग्रेड करने से आपका काम भी अपग्रेड होता है। ये आपको सक्सेस की तरफ ले जाता है। 


आप अपने आपसे यह सोचे कि क्या आप इसी तरीके से सोचते है जिस तरह से एक सक्सेसफुल लोग सोचते है। जब जब आप खुद से यह सवाल करते है तब आपकी सही सोचने की एबिलिटी बढ़ती रहेगी, इसीलिए हमेशा पोजिटिव सोचे। 


आपका environment आपके लिए काम करे ना कि आपके खिलाफ 


दोस्तो एक्सपर्ट का भी यह मानना है कि आने वाले दस बीस सालों में आप क्या बनने वाले है वो अपने environment पे डिपेंड करता है। आपकी सोच ,आपके गोल्स, आपका अटिट्यूड आपके environment पे डिपेंड करता है।


आपका environment बहुत बड़ा फैक्टर है जो आपके फ्यूचर को डिसाइड करता है। आप कितना पैसा कमाएंगे, कितना खुश रह पाएंगे, किस तरह के घर में रहेंगे, कितना सक्सेसफुल होंगे, आप कोनसी कार चलाएंगे, ये सब आपके  environment पे डिपेंड करता है। और रियल में आपका फ्यूचर आपके environment पे ही डिपेंड करता है। 


अब आपके मन में यह सवाल आया होगा कि  तो हमारा environment कैसे बनता हैं ? दोस्तो इसका भी जवाब इस बुक में दिया गया है। दोस्तो आप जैसे लोगों के साथ रहते हो, और जिस प्रकार की बुक्स आर्टिकल्स, मैगज़ीन पढ़ते हो और वीडियो और टीवी सीरिज देखते हो। तो उस तरह का ही आपका environment बनता है।


दोस्तो आप जिस तरह के लोगों के आस पास रहोगे आप उन्हीं के तरह आप बनोगे। और यहां पर जिम रॉन कहते है कि आप उन पाच लोगों के एवरेज होते है, जिनके साथ आप सबसे ज्यादा वक्त बिताते हैं। उन लोगों की तरह ही आपका एटीट्यूड , हेल्थ और वेल्थ होगी।


अगर आप अपने आपको अमीर लोगों के साथ रखते हो, बुक्स पढ़ते हो अमीर कैसे बनने के विडियोज देखते है। वैसे ही आपका environment चेंज करते है जैसे अमीर लोगों का होता है तब आपको रिच लोगों की तरह बोलना , एटीट्यूड करना ऐसे आप करते है तो आप उनकी तरह अमीर बनने लगते है।


दोस्तो खुदको आप स्पिरिचुअल लोगों के साथ कनेक्ट करते है तो आप भी स्पिरिचुअल बन जाते हो। अगर आप खुदको क्रिमिनल के साथ रखते हो या उनके साथ कनेक्ट होते हो तो आप भी क्रिमिनल बन जाते हो। इसीलिए जैसा आप सोचते हो या जैसा आप अपना environment बनाते हो उस तरह के आप बन जाते हो।


अगर आप अपने दिमाग में पोजिटिव environment फीड करते हो तो आप भी पोजिटिव बन जाते हो। वैसे ही नेगेटिव फीड में भी होता है। इसीलिए ये बहुत इंपोर्टेंट है कि आप अपना environment जितना अच्छा हो सके उतना करना चाहिए। अपना सारा टाइम सक्सेसफुल, पोजिटिव और एक्साइटेड लोगों के साथ स्पेंड करे।


सक्सेसफुल लोगों की बॉयोग्राफी पढ़े मोटिवेशनल किताबो को पढ़े नहीं तो उनकी समरी तो जरूर पढ़े। दोस्तो इस ब्लॉग में मैंने सक्सेसफुल लोगों की बॉयोग्राफी और मोटिवेशनल और पर्सनल डेवलपमेंट किताबो की समरी पोस्ट करी हुए है आप उन्हें पढ़ सकते हो। 


बातचीत की उदारता का अभ्यास करें 


दोस्तो हजारों एक्सपेरमेंट में यह खुलासा हुआ है कि जो इंसान सिर्फ बहुत बाते करता है और जो इंसान सफल होता है वो रीयरली सेम पर्सन होते है। इंसान जितना ज्यादा सफल होता है उतना ही ज्यादा डाउन टू अर्थ होता है। लोगों को अपने बारे में ज्यादा से ज्यादा बाते करना अच्छा लगता है, उनको यह बताना अच्छा लगता है कि वो कितने महान है , वो कितना हार्डवर्क करते है।


वो कितना काम कर रहे है और कितना थक गए हैं और यही इंसान का नेचर है। हम अपनी केअर करते है,अपनी लाइफ के बारे में बात करना चाहते है, हम अपनी प्रोब्लेम्स के बारे में बात करना चाहते हैं। अगली बार आप किसी से बात कर रहे हो तो अपने आप से यह पूछे की सबसे ज्यादा कौन बोल रहा है ? 


आप या दूसरा इंसान, आप किसके बारे में बात कर रहे हैं? क्या आप सिर्फ अपने लाइफ के प्रोब्लेम्स और एंट्रेस के बारे में बात कर रहे है ? दोस्तो आप खुदको ज्यादा बोलते हुए पकड़ लेते हो तो वहीं रुको और आपके साथ बोलने वाले इंसान को बोलने दे। 


एक सक्रियतावादी बनें। 


Successful लोग एक्टिव रेहते है और हम उनको activationist कहते है। जो लोग एवरेज और असफल इंसान होते है उनको पैसिववेनिस्ट बोलते है। activationist ऐक्शन करते है, ऐक्शन लेते हैं और चीजे पूरी करते है अपनी आईडियाज और प्लान्स कों फॉलो करते है। 


दोस्तो पैसिववेनिस्ट कुछ नहीं करते, हर चीजों को टालते रहते है, और ये प्रूव करने में लगे रहते है कि ये काम करने में लेट हो चुके है।


हम में से कई लोग ऐसे होते है ,जो सही ओपर्चूनिटी आने की वेट करते रहते है इसका मतलब कि हमे कुछ भी नहीं करना है। अब हमे यह एक्सेप्ट करना होगा कि कुछ भी पर्फेक्ट नहीं है , ये कभी भी आसान नहीं होगा, ना ही १००% सक्सेसफुल होगा लेकिन बेटर जरूर होगा। 


दोस्तो लाइफ में आगे बढ़ने केलिए एक्शन लेना  होगा, हमे उन चीज़ों पर काम करना शुरू करना होगा। आगे बढ़ना होगा चाहे अच्छा हो या बुरा। एक्शन लेने से दरो मत, हमे बड़े एक्शन लेने होंगे। अगर हमारे पास गोल है जो हमे अचीव करने है, तो एक्शन ले और उन्हें पूरा करे। 


ज्यादा एनिलिसेस ,ज्यादा डिटेल्स, पर्फेक्ट ओपर्चुनीटी का इंतजार करना और खुद को पर्फेक्ट प्रिपैर करना आगे बढ़ने में ज्यादा हेल्प नहीं करता। दोस्तो आप एक बात हमेशा याद रखना आप कभी भी पर्फेक्ट नहीं बन सकते लेकिन दोस्तो आप better जरूर बन सकते हो। क्युकी इंसान को गलती करना उसका स्वभाव है और उस गलती को सुधारणा या उस गलती को दुबारा नहीं करना उसका परम कर्तव्य है। 


सफलता की गारंटी देने के लिए प्रयोग के साथ दृढ़ता कायम रखें


अगर आप लगे हुए तो इसकी कोई ग्यारेंटी नहीं है कि आप जीतेंगे लेकिन आप नए Experimentation के साथ लगे रहो तो आप जरूर सफल होंगे। बहुत से लोग लगे रहे हुए होते है लेकिन वो सक्सेसफुल नहीं होते क्युकी वो न्यू Experimentation पर काम नहीं करना चाहते या नहीं करते इसीलिए। 


दोस्तो यह लेखक कहते है कि अपने लक्ष के साथ स्टिक रेहना चाहिए , एक इंच भी नहीं हिलना चाहिए। अगर आपको रिजल्ट नहीं भी मिल रहे तो आपको नए अप्रोच को ट्राई करें। अगर आप नए नए experment के साथ लगे रहोगे तो आपके सफल होने के चांसेज बहुत है। 


पहला इंसान जो हम सब के दिमाग में आता है वो है थॉमस एडीसन जिसने १० हजार बार फेल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। जो एक सक्सेसफुल इनोवेटर रहे है। उन्होंने १०००० नए experment किए तब जाकर उनको सफलता मिली। वो अपने गोल के साथ लगे रहे एक इंच भी नहीं हिले। 


इस पर नेपोलियन हिल ने कहा था कि अगर आप पहला प्लान अपनाते हो और सफलता ना मिले तो नया प्लान बनाए और नया प्लान भी फेल हो जाता है तो उसको चेंज करते रहे। जब तक कि एक ऐसा प्लान मिले जो आपके सफलता केलिए काम करे, दोस्तो यही है सफलता की कहानी।


कई लोग इसीलिए फेल हो जाते है क्युकी वो सिर्फ एक ही प्लान पर लगे रहे होते है उस चेंज नहीं करते। 


लक्ष को बनाए और सफल बने


दोस्तो कुछ भी पॉसिबल नहीं होता जब तक आपके पास गोल नहीं होता और जब तक हम कोई एक्शन नहीं उठाते। बिना लक्ष के हम भटकते रहते हैं। कोई भी इंसान बिना लक्ष के सफलता को हासिल नहीं कर सकते। जब तक आपके पास लक्ष नहीं है तब तक कुछ भी नहीं हो सकता।  


अगर आपको नहीं पता कि लाइफ से आपको क्या चाहिए तो वो आपको कैसे मिलेगा। अगर आपको ये नहीं पता कि आप कहा जा रहे हो ? तो आपको कैसे पता चलेगा कि आपको कहा पोहाचना है? कुछ लोग सिर्फ बोलते है कि मुझे अमीर बनना है। दोस्तो बिना लक्ष के आप कैसे अमीर बनोगे। दोस्तो आपका कोई एक क्षेत्र होगा जिसमे आपको काम करने में रुचि हो। उस में एक्सपर्ट बनके या उस क्षेत्र में सक्सेसफुल बनके, आप जरूर अमीर बन सकते हो। 


दोस्तो अगर आपको एक बड़ा गोल रखकर उसमे सफलता हासिल करनी है तो आपको नेपोलियन हिल कि किताब थिंक एंड ग्रो रिच किताब को जरूर पढ़ना चाहिए। दोस्तो थिंक एंड ग्रो रिच किताब की हिन्दी समरी इस ब्लॉग पर मौजूद है। और थिंक एंड ग्रो रिच किताब की हिन्दी पीडीएफ फाइल भी मौजूद हैं। 


दोस्तो गोल्स में मैजिक पॉवर होती है। जब आप लक्ष बनाते हैं तब ये आपकी एनर्जी बढ़ाता है और आपको आपके लक्ष के तरफ ले जाता है। बहुत से लोगों को एनर्जी तब मिलती है जब वे अपना गोल बनाते है, और वो हर चीज करते है जिससे उनको वो गोल पूरा हो। 


जब आपके पास एक क्लियर गोल होता है तब आपके पास इसका नक्शा भी होता है जिसपर आपको रोज चलना होता है। आप जानते है कि आप कहा जा रहे है ? इसी केलिए आप अपना टाइम देते है और उन गोल्स को अचीव करने केलिए अपने एफर्ट्स डालते है।


लीडर कि तरह कैसे सोचे


दोस्तो आप जिनके साथ काम करना चाहते है उनको इंफ्लूएंस करे और प्रोग्रेस के बारे में सोचे, विश्वास करे और प्रोग्रेस केलिए खुदको प्रोग्रेस करे। जब आप फोकस से साथ काम करते है तब दुसरो को इंफ्लूएंस किया जा सकता है। 


आप वैसे ही बात करे जैसे कि आप चाहते है कि आपके साथ वाले लोग भी करे। टाइम के साथ आपके साथ काम करने वाले लोग भी कार्बन कॉपी बन सकते है। दोस्तो यह सब easy way है हॉयर परफॉर्मेंस को निकालने केलिए जो दुब्लिकेट होता है। 


दोस्तो यह थे वो तेरा लेसंस जो आपको आगे जाने केलिए हेल्प करेंगे। दोस्तो the magic of thinking big book आपके सोच को अपग्रेड करने के बारे में है। 


दोस्तो अगर आपको David J. Schwartz की the magic of thinking big book को पूरा पढ़ना है तो इस किताब को खरीदने की लिंक नीचे दी गई है। और अगर आपको इस बुक कि हिन्दी pdf फाइल को डाउनलोड करना है तो नीचे डाउनलोड करने की लिंक दी गई है। वहा से आप the magic of thinking big book को फ्री में डाउनलोड कर सकते हो।


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ये भी पढ़िए : - रिच डैड पुअर डैड हिन्दी बुक समरी

ये भी पढ़िए: - पॉवर हिन्दी बुक समरी By Rhonda Byrne


Conclusion : - 


दोस्तो यह थी the magic of thinking big book summary in Hindi आपको कैसी लगी और इस बुक समरी में से आपको सबसे अच्छा क्या लगा कमेंट करके हमे जरूर बताएं। 


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दोस्तो फिर मिलेंगे ऐसे ही एक नए आर्टिकल के साथ...

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2 टिप्पणियां

  1. Please post link of the magic of thinking big book... Old link directs to Rhonda Byrne's book..

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    1. भाई अब प्रॉब्लम फिक्स किया है अब पीडीएफ फाइल download करने मै कोंसी भी दिक्कत नहीं आएगी।

      धन्यवाद आपका दिन शुभ हो....

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