The Richest Man in Babylon Book Summary in Hindi By George S. Clason

The Richest Man in Babylon Book Summary in Hindi: नमस्कार मेरे प्यारे भाइयों और बहनों आप सभी का हमारे नॉलेज ग्रो हिन्दी ब्लॉग में स्वागत है। दोस्तो आज का the richest man in babylon summary in hindi आर्टिकल आप सभी के लिए बहुत ही स्पेशल और लाइफ चेंजिंग होने वाला है। क्योंकि दोस्तो आज के इस आर्टिकल के माध्यम से आप सीखने वाले हैं की किस तरह से अपने पैसों से अपने लिए काम करवा कर अमीर और सफल आदमी बन सकते हैं।

The Richest Man in Babylon Book Summary in Hindi

The Richest Man in Babylon Book किन लोगों केलिए हैं?

  • वे लोग जो धन के नियमो को जानना चाहते हैं।
  • वे लोग जो पैसे कमाने के तरीको के बारे में जानना चाहते हैं।
  • वे लोग जो फाइनेंशियल एजूकेशन की तलाश कर रहे हैं।
  • वे लोग जो इन्वेस्टर और बिसनेस मैन है।

The Richest Man in Babylon Book के लेखक के बारे में..

दोस्तो इस किताब को George S. Classon जी ने लिखा है और वे एक अमेरिकन लेखक हैं। उन्होंने 1926 में फाइनेंस के उपर बहुत सारे पैंपलेट्स लिखे और उनके पैंपलेट्स का इस्तमाल बैंक में भी होने लगा। उनके कुछ पॉपुलर पैंपलेट्स को जोड़कर एक किताब लिखी गई, जिसे इंग्लिश में the Richest Man in Babylon और हिंदी में बेबीलोन का सबसे अमीर आदमी नाम से कहा जाता हैं।

The Richest Man in Babylon Book आपको क्यों पढ़ना चाहिए?

दोस्तों The Richest Man in Babylon Book स्टोरी फॉम में लिखी हुई है, और इस बुक में फाइनेंशियल सक्सेस के संबंधित बहुत सी कहानियां हैं। उसमे से एक कहानी है अरकद नाम के एक इंसान कि, जो बेबीलोन का सबसे अमीर आदमी था। उससे कुछ लोग उसके सफलता का सिक्रेट्स पूछते हैं, तो वह अरकद अपने सफलता यानी कि अपने अमीर बनने तक कि कहानी उनको बताता है।

दोस्तों वही कहानी में आज आपको The Richest Man in Babylon Book Summary in Hindi आर्टिकल के माध्यम से आप सभी को बताने वाला हूं। दोस्तो इस आर्टिकल के जरिए आप सभी को 3 importent lessons मिलने वाले है। दोस्तो इसलिए इस आर्टिकल को आखिर तक जरूर पढ़िए…

The Richest Man in Babylon Book Summary in Hindi

दोस्तों आज से कुछ हजार साल पहले बेबीलोन में अरकद नाम एक अमीर आदमी रहता था, और टेंशन फ्री होकर खुप खर्चे करना और दान करना उसकी आदत थी। दोस्तो हैरानी कि बात यह थी कि उसकी दौलत घटने के बजाय तेजी से बढ़ती रहती थीं। एक दिन उससे मिलने उसके कुछ दोस्त आए, और उन्होंने कहा…

अरकद तुम हमसे कुछ ज्यादा ही खुश किस्मत हो, तुम बेबीलोन के सबसे अमीर आदमी बन गए हो, तुम अच्छी कपड़े पहनते हो और स्वादिष्ट भोजन करते हो और दुनिया कि सेर भी करते हो। जब कि हमारी हालात यह है कि हमारे परिवार को भर पेट भोजन मिल जाए और पेहने के लिए कपड़े मिल जाए तो हमारी खुशी का ठिकाना नहीं रहता है।

लेकिन एक समय था अरकद , जब हम एक जैसे थे, हमे एक ही टीचर ने पढ़ाया है और पढाई और खेल में तुम हमसे कभी आगे नहीं थे और तुमने हमसे ज्यादा हार्ड वर्क भी नहीं किया है लेकिन फिर भी तुम हमसे ज्यादा अमीर बन गए और आज भी हम गरीब है। क्या तुम हमे गरीबी से अमीर बनने तक कि कहानी सुनाओगे। तब अरकद ने कहा….

क्यों नहीं मेरे दोस्तो मे तुम्हे जरूर सुनाऊंगा… दोस्तो अब इस कहानी को ध्यान से पढे…

मैंने अमीर आदमी बनने का सपना तब देखा जब मै जवान था तब में समझ गया था कि अच्छी लाइफ जीने के लिए पैसों की बहुत जरूरत है और में अमीर बनने के बाद में लोगों कि बेहतर हेल्प कर सकता हूं और सबसे जरूरी बात यह कि में टेंशन फ्री होकर खर्चे कर सकता हूं। फिर मैंने ठान लिया कि फिर चाहे मुझे कितनी भी मेहनत करनी पड़े लेकिन में अमीर बनकर ही रहूंगा।

उसके लिए में काम में जुट गया और मेरा काम था मीठी के टेबलेट्स पर लिखना और में इसपर हर दिन कही घंटो लिखता रहा। इस काम से मुझे जो कुछ भी कमाई होती थी वो सब मेरे खाने, कपड़े और जरूरत के चीजों पर खर्च हो जाती थीं और मेरे पास एक रुपया भी नहीं बजता था। लेकिन इसके बावजूद भी मैंने मेरे अमीर बनने के सपने को टूटने नहीं दिया।

फिर एक दिन मेरी मुलाकात अल्कमेश से हुई जो एक अमीर सावकार थे। उन्होंने मुझे मीठी के टेबलेट्स पर नाइंथ लॉ लिखने का काम दिया और कहा कि यह काम अगर तुम दो दिनों में पूरा करोगे तो तुम्हे में दो कॉपर के सीखें दूंगा। मैंने बहुत मेहनत किया लेकिन नाइंथ लॉ बहुत बड़ा था और अल्कमेश जी जब दुबारा आए तब काम अधूरा पड़ा हुआ था। वे नाराज होकर बोले…

अगर तुम मेरे गुलाम होते तो मै तुम्हे काफी कड़ी से कड़ी सजा देता। में डरा हुआ था, लेकिन फिर भी मैंने बोल ही दिया कि अल्कमेश जी आप बहुत अमीर आदमी है। मुझे भी बताए ना की में अमीर कैसे बन सकता हूं ? अगर आप मुझे बताने का वादा करेंगे तो मै आपके लिए पूरी रात लिखूंगा और सूरज निकलने तक आपका काम पूरा हो जाएगा।

अल्कमेश जी मेरी तरफ देखकर हसने लगे और कहा ठीक है। मै पूरी रात लिखता रहा और मुझे लिखने मे तो परेशानी हो रही थी लेकिन में रुका नहीं और में पुरी रात लिखता रहा। अल्कमेश जी जब सुबह आए तो पूरा काम हो चुका था, फिर मैंने कहा कि अब मुझे बताए कि में कैसे अमीर आदमी बन सकता हूं? तब अल्कमेश जी बोले…

बेटे में तुम्हारे काम से खुश हूं और अब में तुम्हे मेरे टॉप सीक्रेट्स बताने जा रहा हूं। तो इसे ध्यान से सुनो…

मै अमीर तब बना जब मैंने यह फैसला किया कि में अपने कमाई का 10% परसेंट अपने आप को दूंगा और तुम भी ऐसा ही करोगे तो तुम भी जल्द ही अमीर बन जाओगे और इतना बोलकर वो चुप हो गए। तब मैंने कहा कि सिर्फ इतना ही!!!

तब अल्कमेश जी बोले कि बस इतने ने हि एक लड़के को जों कभी भेड़ चराता था, आज उसे सावकार बना दिया जो आज तुम्हारे सामने खड़ा है। क्या तुम कपड़े बेचने वालो को पैसे नहीं देते उनके कपड़ों के बदले, जूते बेचने वाले को क्या तुम पैसे नहीं देते उनके जूते के बदले। और उसके बाद बोले कि चलो ये बताओ कि तुम्हारे पिछले महीने कि कमाई कहा है और पिछले साल कि कमाई कहा है?

अरकाद तुम पागल हो, तुम बाकी सबको ईमानदारी से पैसे देते हो लेकिन खुद को कुछ भी नहीं देते, अरकाद तुम अपने लिए नहीं दूसरे के लिए काम करते हो। याद रखो की हर वो गोल्ड का सीखा जो तुम बचाकर अपने आपको दोगे वो तुम्हारा गुलाम बनकर तुम्हारे लिए काम करेगा और आगे चलकर वो तुम्हारे लिए काम करके तुमको और सीखें कमाकर देंगे।

अगर तुम अमीर बनना चाहते हों तो तुम्हे अपने सेविंग्स से यानी की जो तुम गोल्ड के सीखें बचाओगे उसका तुम्हे एक अच्छी जगह निवेश करना चाहिए यानी कि इन्वेस्ट करना चाहिए। ताकि तुम्हारे गुलाम सीखे और सीखें कमा सके और इन सिखों के बच्चे भी तुम्हे और सीखें कमाकर देंगे।

मेरा विश्वास करो, में तुम्हे यह सीक्रेट बताकर तुम्हारे काम से हजार गुना ज्यादा तुम्हे पे कर रहा हूं। अरकाद तुम्हे अपने कमाई का 10% हमेशा अपने लिए अलग बचाकर रखना चाहिए, जो कि 10% परसेंट से कम नहीं होना चाहिए। अरकाद दौलत भी एक छोटेसे पेड़ कि तरह उगती है। अरकाद तुमने तुम्हारे कमाई से बचाए हुए 10 सीखें वो वह बीज होंगा जिससे तुम्हारे दौलत का पैड उगेगा।

अरकाद तुम जितने ईमानदारी से अपने कमाई का 10% अपने आप को दोंगे ये उस पेड़ को पानी देने जैसा होंगा। और यह काम तुम जितने जल्दी करोगे उतने जल्दी तुम उस पेड़ के छाव में आराम कर सकते हों और इतना बोलकर अल्कमेश जी चले गए। उसके बाद मैंने बिना समय गंवाए अपने कमाई का 10% अलग रखने लगा और बाकी बचे पैसों से अपने जरूरत कि चीजे खरीदता था।

अजीब बात यह थी कि मुझे खर्चे चलाने में कोई दिक्खते नहीं होती थी। इसी तरह में पैसे बचाता रहा और एक साल बाद अल्कमेश जी फिर वापस आए और मुझ से पूछा कि…

बेटे पिछले साल जो तुमने पैसे कमाए थे उसका अपने लिए कमसे कम 10% बचाया है? तब मैंने कहा… हां और तब अल्कमेश कि खुश होकर बोले बहुत अच्छा लेकिन तुमने उन पैसों का क्या किया? तब मैंने उन्हें बताया कि मैंने उसे एक इट बनाने वाले को दिया है, जों दूसरे देशों में जाकर कम दामो में हीरे खरीदने गया है, जिसको हम यहां मेहंगे दामों में बेचने वाले है और जो फायदा होने वाला है उसको हम आपस में बांटने वाले है।

अल्कमेश जी बहुत गुस्सा हो गए और मुझसे कहा… जाओ तुम अरकाद तुमने अपने सारे पैसे खो दिए और तुमने कैसे समझ लिया कि एक इट बनाने वाले को असली हीरो कि नॉलेज होंगी? क्या तुम ब्रेड बनाने वाले को सितारों का हाल पूछोगे? नहीं ना!!! तो तुम्हे थोड़ी सी भी बुद्धि होंगी तो तुम एस्ट्रोलॉज के पास जाओगे। तुम्हे हीरे खरीदने के लिए किसी सोनार कि एडवाइज लेनी चाहिए थी।

पर चलो तुम्हे इस गलती से कुछ सीखने को मिला, अब फिर से पैसे बचाने शुरू करदो और इतना बोलकर अल्कमेश जी चले गए। और जैसा उन्होंने कहा वैसा ही हुआ, इट बनाने वाला नकली हीरे लेकर आया और हमारे सारे पैसे डूब गए। तब मैंने ज्यादा सोचने समझने में अपना टाइम बर्बाद नहीं किया और फिर से पैसे बचाना शुरू कर दिया।

अब मुझे पैसे बचाने कि आदत पड़ चुकी थी, इसके वजह से यह काम मेरे लिए आसान हो गया था। एक साल बाद अल्कमेश जी फिर आए और मैंने उन्हें बताया कि मैंने मेरी बचत एक ढाल बनाने वाले को दिया है, जो मुझे हर 4 महीने के बाद कुछ पैसे देता है। अल्कमेश जी बोले यह तो बहुत अच्छी बात है! लेकिन यह तो बताओ कि उन पैसों का तुम क्या करते हो?

मैंने उन्हें बताया कि में इन पैसों से पार्टी करता हू और कपड़े खरीदता हूं। मेरी बाते सुनकर अल्कमेश जी हसने लगे और उन्होंने बोला कि तुम अपने बचत के सिखो के बच्चो को ही खा रहे हों। इस तरह से तुम कभी अमीर नहीं बन सकते। तुम्हे सबसे पहले सीखो के गुलामों कि सेना बनाना चाहिए, जो तुम्हे और पैसे कमाकर दे और तुम ये सेना बना सकते हों, इन पैसों को बार बार अच्छी जगह इन्वेस्ट करके।

अरकाद एक बार तुम्हारी यह सेना बन गई तो तुम टेंशन फ्री होकर खर्च कर सकते हों। तुम्हारी यह सेना तुम्हे हमेशा पैसे बनाकर देगी। इतना बताने के बाद अल्कमेश जी चले गए। उसके दो साल बाद अल्कमेश जी से मेरी मुलाकात फिर से हो गई और तब उन्होंने मुजसे फिर से पूछा कि अरकाद क्या तुम्हे तुम्हारी मनचाही दौलत मिल गई जिसका तुमने सपना देखा था।

तब मैंने कहा उतनी तो नहीं जितना मैंने चाहा था लेकिन जल्द ही मिल जाएगी। क्योंकि मैंने सीख लिया है कि पैसे कैसे बनाते हैं और इन पैसों से अपने लिए काम कैसे करवाया जाता है। और इसके बाद अल्कमेश जी ने मुझे अपना बिजनेस पार्टनर बना लिया और आज तुम देख ही सकते हों कि में कहा हूं। दोस्तों यही थी मेरी गरीबी से अमीर आदमी बनने तक कि कहानी, उमिद करता हू कि तुम लोग भी इस कहानी कि हेल्प से जल्द ही अपनी मनचाही दौलत बना सको।

तो दोस्तो हमने इस कहानी से क्या सीखा?

  • हमे अपने कमाई का 10% परसेंट सबसे पहले अपने आप को देना चाहिए और बाकी 90% परसेंट से अपने खर्चे चलाने चाहिएं।
  • हमे एडवाइज उन्हीं लोगों से लेनी चाहिए जो उस फिल्ड में एक्सपर्ट हो।
  • हमे अपने पैसों का रेइन्वेस्ट करना चाहिए।

दोस्तो हमने इस कहानी में देखा कि जैसे ही अरकाद को थोड़े बहुत फायदे होने लगे थे तब अरकाद उन पैसों से पार्टी करता था और कपड़े खरीदता था, यह गलती हमे नहीं करनी है। हमे अपने पैसों का Reinvestment करते रहना है। और हमे ऐसा तब तक करते रहना है, जब तक हम उस लेवल पे ना पहुच जाए, जहा हम पैसे तो खर्च करे लेकिन उसका हमारी कमाई पर असर ना पड़े।

दोस्तो अब हम बात करे स्टूडेंट लाइफ में इन्वेस्टमेंट को लेकर तो हमारे पास तो ज्यादा पैसे नहीं होते है। क्योंकि स्टूडेंट थोड़े ही काम करता है और पैसे कमाता है। स्टूडेंट्स को जितना घरवालों से पॉकेट मनी मिलती हैं उस पर ही गुजारा करना पड़ता है और जो कुछ भी ₹100 या ₹50 होते हैं वो सब खाने पीने में ही निकल जाता है।

तो हम इस सिचवेशन में क्या करें?

दोस्तो इसका भी मेरे पास सॉल्यूशन है, दोस्तो दिल पर पत्थर रखकर आपको जो कुछ भी 10 या 50 रुपए घर से मिल रहे हैं उसको आप बचाना शुरू करिए और उनसे अच्छी अच्छी किताबे खरीदे और उन्हें पढ़ना शुरू किजिए।

क्योंकि दोस्तों यह बहुत मैटर करता है कि आप कोनसी किताबे पढ़ रहे हो और इंटरनेट पर कैसे कैसे आर्टिकल्स पढ़ रहे हों और यूट्यूब पर कौन सी विडियोज देख रहे हों। आप किन लोंगो से दोस्ती कर रहे हों, यह सब सारी चीजों बहुत मैटर करती है कि आप कैसे इंसान बनेंगे।

दोस्तों अगर आप यह सोच रहे हैं, कि हमे किस किताब से पढ़ना शुरू कर देना चाहिए? तो हमारे इस ब्लॉग पर सेल्फ हेल्प और लाइफ चेंजिंग किताबों कि समरी पोस्ट कि हुई है।

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the richest man in babylon in hindi pdf Free Download | babylon ka sabse amir aadmi pdf

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Conclusion of The Richest Man in Babylon Book Summary in Hindi

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दोस्तो अगर आप इस ब्लॉग पहली बार आए हुए हैं तो आप सभी को बताना चाहूंगा की में आप सभी के लिए हर रोज प्रेरक और सेल्फ हेल्प किताबों की समरी और सफल और कामयाब लोगों की जीवनी हिंदी में पब्लिश करता रहता हूं। इसीलिए अगर आप प्रेरक और सेल्फ हेल्प किताबों की समरी और सफल और कामयाब लोगों की जीवनी हिंदी में पढ़ना चाहते हैं, तो हमारे नॉलेज ग्रो हिन्दी ब्लॉग और टेलीग्राम चैनल को जरूर सब्सक्राइब कीजिए।

दोस्तो फिर मिलेंगे ऐसे ही एक इंटरेस्टिंग और शानदार आर्टिकल के साथ तब तक केलिए जहा भी रहिए खुश रहिए….

धन्यवाद आपका दिन शुभ और मंगलमय हो.

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