ब्रह्मचर्य क्या है और इसके फायदे क्या हैं | 100 Benefits of Brahmacharya in Hindi

ब्रह्मचर्य क्या है और इसके फायदे क्या हैं | 100 Benefits of Brahmacharya in Hindi

नमस्कार मेरे प्यारे भाइयों और बहनों आप सब का नॉलेज ग्रो हिन्दी ब्लॉग पर स्वागत है। दोस्तो आज का यह आर्टिकल आप सभी के लिए बहुत फायदेमंद और लाइफ सेविंग होने वाला है। क्योंकि दोस्तो आज के आर्टिकल में में आपके साथ शेयर करने वाला हूं, ब्रह्मचर्य क्या है और इसके फायदे क्या हैं?

ब्रह्मचर्य क्या है और इसके फायदे क्या हैं | 100 Benefits of Brahmacharya in Hindi
ब्रह्मचर्य क्या है और इसके फायदे क्या हैं | 100 Benefits of Brahmacharya in Hindi

तो दोस्तो अगर आप भी ब्रह्मचर्य क्या है और इसके फायदे क्या हैं? यह जानना चाहते हो इस आर्टिकल को आखिर तक जरूर पढ़िए। सबसे पहले जानते हैं की ब्रह्मचर्य क्या है? और यह हमारे लिए इतना क्यों जरूरी है।

ब्रह्मचर्य क्या है? | What is Brahmacharya in Hindi

“सर्व अवस्थाओ में मन, वचन और कर्म इन तीनों से वासना यानी सेक्स का सदैव त्याग करना उसे ब्रह्मचर्य कहा जाता है”

दोस्तों ब्रह्मचर्य (Celibacy) उन लोगों को बहुत अजीब लगता है, जिन्हें सम्भोग शक्ति के बारे में थोड़ी सी भी जानकारी नहीं है। वीर्य सम्भोग शक्ति का ईंधन है और ब्रह्मचर्य को संत रहीम जी ने अपने दोहा में निम्न प्रकार से बताया गया है और इसका एक सुंदर अर्थ है।

रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सुन | पानी गए न उबरे मोती मानुष चुन |

दोस्तो इसका अर्थ है : –

कृपया पानी बचाकर रखिए, बिना पानी के सब कुछ बेकार है। दोस्तो यहा चूने का मतलब आटा हैं। आप पानी के बिना रोटी नहीं बना सकते है और मोती की चमक उसकी पहचान है। दोस्तो यहाँ सबसे दिलचस्प बात यह है कि, महान आत्माओं द्वारा मानव जीवन के लिए पानी के अर्थ को एक सुंदर तरीके से बताया गया है।

दोस्तों यहा पानी की तुलना वीर्य से की गई है, और मनुष्य के शरीर में वीर्य सबसे महत्वपूर्ण तरल पदार्थ है, और महिला के शरीर में इसे रज कहा जाता है। वीर्य मानवी शरीर का सार द्रव है। इस प्रकार यदि हम इसकी रक्षा कर लेते हैं और इसे सही जगह पर उपयोग करते हैं, तो हम ब्रह्मचर्य को सार्थक कर पाएंगे।

दोस्तो अगर आप ब्रह्मचर्य क्या है, इस बारे में अधिक जानकारी जानना चाहते हैं, तो आप नीचे दिए हुए आर्टिकल को इसके बाद में जरूर पढ़िए।

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ब्रह्मचर्य का क्या महत्व है और ब्रह्मचर्य क्यों आवश्यक है?

दोस्तो जो इंसान विषय विकारों में लिप्त है वह बंधा हुआ है, जो विषयों से अलिप्त है वह मुक्त है। और जो कामदेव के बाणों से व्यथित न हुआ हो वही महाशुर हैं। जो लोग अकाल मृत्यु से मरते हैं व मोक्ष के अधिकारी नहीं हाते हैं। अकाल मृत्यु से बचने के लिये ब्रह्मचर्य का पालन करना आवश्यक है।

मनुष्य बिना ब्रह्मचर्य धारण किये हुए कदापि पूर्ण आये वाले नहीं हो सकते – ऋग्वेद

ब्रह्मचर्य का पालन ब्रह्मपद का मूल है, जो अक्षय-पुण्य को पाना चाहता है, वह निष्ठा से जीवन व्यतीत करे – देवर्षि नारद

ब्रह्मचर्य से मनुष्य दिव्यता को प्राप्त होता है। शरीर के त्यागने पर सद्गति मिलती है- मुनीन्द्र गर्ग

ब्रह्मचर्य के संरक्षण से ही मनुष्य को सब लोको में सुख देने वाली सिद्धियां प्राप्त होती है- मुनिराज अत्रि

ब्रह्मचर्य से ही ब्रह्मज्ञान प्राप्त करने की योग्यता प्राप्त होती है। – पिप्पलाद

ब्रह्मचर्य और अहिंसा शारीरिक तप है – योगिराज कृष्ण

ब्रह्मचर्य के पालन से आत्मबल प्राप्त होता है – पतंजलि

ब्रह्मचर्य व्रत धारण करने वालों को मोक्ष मिलता है- सनत्सुजात मुनी

जो मनुष्य ब्रह्मचारी नहीं उसको कभी सिद्धि नहीं होती, वह जन्ममरणादि क्लेशों को बार-बार भोगता रहता है – अमृतसिद्ध

दोस्तो ब्रह्मचर्य वर्णाश्रम का पहला आश्रम भी है, जिसके अनुसार ये 0-25 वर्ष तक की आयु का होता है, और जिस आश्रम का पालन करते हुए विद्यार्थियों को भावी जीवन के लिये शिक्षा ग्रहण करनी होती है। जैसा कि ऊपर बताया गया है कि ब्रहम का अर्थ ज्ञान भी है, अतः ब्रह्मचारी को ब्रह्मचर्य, अर्थात ज्ञान प्राप्ति के लिए जीवन बिताना चाहिये।

विद्यार्थी के लिये ज्ञान ही ब्रह्म तुल्य है, पूर्ण तन्मयता से ज्ञान की प्राप्ति करना ही उसका मुख्य उद्देश्य होता है। उसे ब्रह्म चिंतन के साथ पूर्ण लगन से अपने ज्ञान का अर्जन करना होता है। ब्रह्मचर्य का पालन करने से उसकी बुद्धि तीव्र होती है, उसकी स्मरण शक्ति तीव्र होती है, चहेरे पर ओज, तेज होता है। जैसा कि विवेकानन्द जी ने कहा है कि केवल 12 वर्ष तक अखण्ड ब्रह्मचर्य से अद्भूत शक्ति प्राप्त होती है।

ब्रह्मचारी को स्त्रीयों के रूप लावण्य का ध्यान नहीं करना चाहिये, तथा उसके गुण, स्वरूप और सुख का भी वर्णन नहीं करना चाहिये। उनसे दूर रहना चाहिये उनके साथ कोई खेल आदि नहीं खेलना चाहिये उनकी और काम-दृष्टि से बार-बार नहीं देखना चाहिये। अगर नजर जाये तो हटा लेनी चाहिये, एकान्त में किसी स्त्री के साथ रहना नही चाहिये, उनके मोह-जाल से दूर रहना चाहिये।

दोस्तों एक शब्द में यही है कि अपने उद्देश्य परमानन्द की प्राप्ति को पल-पल ध्यान में रखते हुए विषय-विकार से दूर रहने के अभ्यास को प्रगाढ़ करना चाहिये।

ब्रह्मचर्य का अर्थ अपने खान-पान पर भी नियंत्रण करना भी है। ब्रह्मचारी माँस से, अत्यधिक खट्टे या नमकीन भोजन से और बहुत मसालेदार भोजन से भी संयम रखते हैं। गांधीजी, जो की एक जाने माने ब्रह्मचारी भी थे, जिन्होने अपने पूरे जीवनभर सादा ही भोजन किया।

ब्रह्मचर्य विषय पर स्वामी विवेकानन्द जी ने कहा है कि ईश्वर को पाने के एकमात्र लक्ष्य के साथ, मैंने स्वयं बारह वर्ष तक अखण्ड ब्रह्मचर्य का पालन किया है। उससे मानो कि एक पर्दा सा मेरे मस्तिष्क से हट गया है। इसलिए मुझे अब दर्शन जैसे सूक्ष्म विषय पर भाषण देने के लिए भी ज्यादा तैयारी करना या सोचना नहीं पड़ता।

मान लो कि मुझे कल व्याख्यान देना है, जो भी मुझे बोलना होगा वह मेरी आँखों के सामने कई चित्रों की तरह आज रात को गुजर जाता है। और अगले दिन मैं वही सब, जो मैंने देखा था, शब्दों में व्यक्त कर देता हूँ। जो कोई भी १२ वर्ष के लिए अखंड ब्रह्मचर्य का पालन करेगा, वह निश्चित रूप से इस शक्ति को पायेगा।

दोस्तो इस शक्ति को Photographic Memory भी कहा जाता हैं, इसे हासिल करने के लिए एक इंसान को स्वामी जी की तरह 12 साल तक अखण्ड ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है। दोस्तों अगर आप Photographic Memory क्या है? इस बारे में अधिक जानकारी जानना चाहते हैं, तो नीचे दिए हुए आर्टिकल को बाद में जरूर पढ़िए।

जरूर पढ़िए : फोटोग्राफिक मेमोरी क्या है? जानिए पूरी विस्तार से…

दोस्तो यदि यज्ञ वेदों के कर्मकाण्ड का आधार है, तो निश्चित रूप से ब्रह्मचर्य, ज्ञानकाण्ड का आधार है। संस्कृत का शब्द ब्रह्मचारी है जो कि कामजित् शब्द का पर्याय है (वह जिसका उसके कामवेग पर पूरा नियन्त्रण है)। जीवन का हमारा लक्ष्य मोक्ष है और वह ब्रह्मचर्य यानी की पूर्ण संयम के बिना कैसे पाया जा सकता है?

दोस्तो एक बार एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटेनिका का सैट देखकर उनके शिष्य ने कहा, इन सारी किताबों को एक जीवन में पढ़ना लगभग असंभव है।

स्वामी जी पहले ही दस खण्ड समाप्त कर चुके थे, अतः स्वामी जी ने कहा कि इन १० खण्डों में से जो चाहो प्रश्न पूछ लो, और मैं तुम्हें सभी का सही सही उत्तर दूँगा। स्वामी जी ने न सिर्फ भाव को यथावत् बताया, बल्कि हर खण्ड से चुने गये कठिन विषयों की मूल भाषा तक कई स्थानों पर दुहरा दी।

उसके बाद शिष्य स्तब्ध हो गया और उसने किताबें एक तरफ रख दीं, यह कहते हुए कि, यह मनुष्य की शक्ति के अन्दर नहीं है! दोस्तों अब जानते हैं, ब्रह्मचर्य पालन के फायदे क्या है?

ब्रह्मचर्य पालन के 100 फायदे | 100 Benefits of Brahmacharya in Hindi

1. सोच पवित्र हो जायेगी।

2. पहले से अच्छी तरह साँस आयेगी।

3. भावो (Emotions) को बदलने मे परेशानी नही होगी।

4. मानसिक शक्ति बढ जायेगी।

5. आप खुद को अच्छी तरह से व्यक्त कर पायगे।

6. आपकी यादाश्त बढ जायगी (Better memory)

7. तनाव मे रहकर भी आप अच्छी तरह से काम कर पायगे।

8. ऊर्जा का स्तर बढ जायेगा।

9. तनाव कम हो जाएगा।

10. लोगो से अच्छी तरह से बात कर पाएंगे।

11. जो काम हाथ लिए होंगे वो जरूर पूरे होगे।

12. आत्म विश्वास बढ जायेगा।

13.  social anxiety खत्म हो जायेगी

14. अपने काम पर अच्छे से फोकस कर पाएंगे।

15. छोटी-छोटी चीजों में मजा आने लगेगा।

16. खुद के इमोशंस को काबू मे करने की शक्ति बढ जायगी।

17. अपने माता पिता का डर नही रहेगा। मतलब आपको डर नही होगा कि कही आपके पिता आपको गलत काम करते ना पकड लें।

18. मजा बढ जायगा (Increased joy)

19. खुदकी नजरो मे इज्जत बढ जायगी।

20. पहले से ज्यादा Free time होगा।

Brahmacharya Ke Fayde in Hindi [21-40]

21. कम नींद की जरूरत होगी।

22. पहले से ज्यादा पैसा होगा (उन गंदी विडियो देखने में पैसा बर्बाद नही करना पडेगा)

23. नई चीजो को करने के लिए उत्साह बढ़ेगा।

24. विनम्रता बढ़ेगी।

25. दूसरो से मदद माँगने मे संकोच नही रहेगा।

26. पत्नी (Wife) के साथ रिश्ते अच्छे हो जायगे।

27. घटनाओ और गानों को याद रखने की झमता बढ जायगी।

28. आप बिना border checks के यात्रा कर पायगे

29. अब आपको इस बात का डर नही रहेगा कि “कही आपको कोई देख ना लें”

30. आप के द्वारा किसी अश्लील Crime को सर्मथन नही पहूचेगा।

31. दोस्तो के साथ रिश्ता अच्छा हो जायेगा।

32. आपका स्वास्थ पहले से बेहतर हो जायेगा।

33. अध्यात्मिकता के लिए नए दरवाजे खुल जायेंगे।

34. किसी भी काम को करने के लिए उत्साह बना रहेगा।

35. किसी भी नए व्यक्ति से बात करते समय शर्म, डर और झिझक नही लगेगी।

36. दिमागी पागलपन दूर हो जायगा (No paranoia)

37. आत्म-सुधार (self-improvement) केलिए उत्साह बढेगा।

38. अन्दर ही अन्दर पूर्णता का ऐहसास होगा।

39. किसी भी तरह की अश्लीलता का गुलाम नही बने रहना पडेगा और खुद को राजा की तरह महसूस करोगे।

40. खुद पर गिलानी महसूस नही होगी।

Brahmacharya Benefits In Hindi [41-60]

41. आपका बहुमूल्य समय बचेगा।

42. लोगो से बात-चीत (Communication) करने मे आसानी होगी।

43. नए सीरे से सेन्सेसो का एहसास होगा।

44. पहले से बहुत ज्यादा ऊर्जा महसूस होगी।

45. दार्शीनिक सोच (philosophical thinking) पहले से ज्यादा गहरी हो जाएगी।

46. पहले से ज्यादा खुद पर काबू रहेगा।

47. मानसिक पावर और शक्तियो का विकास होगा और दिमाग मे एक अलग तरह कि पॉवर महसूस होगी।

48. चीजों पर से फोकस बदलने की झमता में तेजी से विकास होगा।

49. सुबह उठने के बाद आरामदायक महसूस होगा।

50. दुबारा बुध्दि का विकास होगा।

51. सम्बन्ध सूधारने मे आसानी होगी।

52. अपने काम (Job या Business) को करने मे मजा आने लगेगा।

53. अपने मूड (Mood) और विचारों को काबू करने की योग्यता बढ जायेगी।

54. बुरे हालातो में खुद को सभाँलने में आसानी होगी।

55. प्रकृति के साथ समय बिताने मे अच्छा महसूस होगा।

56. दूसरे व्यक्तियो को प्रेरित करने की योग्यता आ जायगी।

57. दूसरी अच्छी आदतो को डेवलप करने मे आसानी होगी।

58. किसी भी तरह के प्लान को बनाने के लिए पर्याप्त मानसिक ऊर्जा होगी।

59. शरीर का आकार बढ जाएगा।

60. लोगो को हँसाने की योग्यता बढ जाएगी।

Benefits of Brahmacharya in Hindi [61-80]

61. खुद की जिंदगी से प्यार होने लगेगा।

62. अपने और दूसरो के इमोशंस को सभाँलने में आसानी होगी।

63. जिन्दगी एक नए सीरे से शुरू होगी।

64. सुबह बिस्तर पर से उठना आसान होगा।

65. maturity बढ जाएगी।

66. खुद के काबू मे रहने की एक अच्छी Feeling आयगी।

67. लाइफ के प्रति आशा बनी रहेगी।

68. दूसरी स्कील्स ( Skills ) जैसे खाना बनाना, कोडिंग, व्यायाम जैसी अच्छी आदतों को डेवलप करने मे आसानी होगी।

69. आपके काम की गुणवक्ता बढ़ेगी।

70. घरवालो और दोस्तो से ज्यादा उपहार मिलना शुरू हो जाएगा।

71. खुद के प्रति जागरूकता बढेगी।

72. दुसरे लोगों से उन गंदी वीडियोस को छूपाने की चिन्ता नही करनी पडेगी।

73. उस चीज की इच्छा नही उड़ेगी जिसे करने के बाद आपको ग्लानी महसूस होती है।

74. कम बिमार पढ़ोगे और Health improve होगी।

75. गुस्सा काबू मे आ जायेगा।

76. दूसरो से बात करते समय अच्छा महसूस होगा।

77. self-esteem बहुत बढ़ जायेगा।

78. आप पहले से ज्यादा दिलचस्प व्यक्ति बन जायेंगे।

79. सकारात्मक लोग आपकी तरफ आकर्षित होना शुरू हो जायेंगे।

80. पहले से ज्यादा खुश रहेने लग जाओगे।

Benefits of Brahmacharya in Hindi [81-90]

81. आपको अपनी कम्प्यूटर या मोबाइल की History चेक करते समय आपको डर नही लगेगा।

82. आजादी मिलने का ऐहसास होगा।

83. Teamwork अच्छा हो जायेगा।

84. चिन्ताए खत्म हो जायेगी।

85. आँखो की रोशनी पहले से बहुत ज्यादा बढ़ जायेगी।

86.आपको अपने कपढे कम धोने पड़ेंगे।

87. नई चीजे करने की और बनाने की इच्छाए उढेगी।

88. पहले से ज्यादा Creativeness आ जायगी।

89. आपके आस-पास कि जिदंगी अच्छी महसूस होनी लग जायेगी।

90. स्वय-अनुशासन और सेल्फ-कन्ट्रोल डेवलप होगा।

91. भाव ऊर्जा बचेगी।

92. कठिन वक्त मे भी चुनौतीयो से लडने की योग्यता बढेगी।

93. माहिलाओ के प्रति सम्मान बढ़ेगा।

94. वादे पुरे करने की योग्यता पैदा हो जायेगी।

95. दिमाग मे एक सूकून दायक शांति रह जायेगी।

96. आपका साहस बढ़ जायेगा।

97. आपकी इच्छा शक्ति यानी कि विलपावर बढ़ेगी।

98. खुद पर और दूसरो पर विश्वास बढे़गा।

99. दूसरो को अपनी चीजें साझा करने मे अच्छा महसूस होगा।

100. हर जगह सफलता आपके कदम चुमेगी।

ब्रह्मचर्य का पालन कैसे करें और ब्रह्मचर्य पालन के बहुत जरूरी टिप्स 👇

1. सबसे पहले यह जानो की ये काम विकार क्या है? इसने मेरी इतनी दुर्गति क्यों कर रखी है? इसके लिए चैकिंग करने कि जरूरत है।

2. दुश्मन पर जीत प्राप्त करने के लिए दुश्मन को अच्छी तरह जानना जरूरी है। ठीक वैसे ही इस काम विकार को जीतने के लिए इसको अच्छी तरह जानना बहुत जरूरी है। जैसे कि एक कब आता है किन जगह पर आता है, किन के साथ आता है क्या करने पर आता है? उन्हें पहचान कर उनसे बचे उन्हें दूर कर दे।

3. ब्रह्मचर्य संबंधित अच्छी किताबों का अध्ययन करना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। क्योंकि जब तक हमें पूरी जानकारी नहीं है तब तक हम चाह कर भी इस पर जीत प्राप्त नहीं कर सकते। इसलिए रोजाना कुछ ना कुछ ब्रह्मचर्य के बारे में पढ़ें। ब्रह्मचर्य संबंधित की किताबें ,वीडियोस, इत्यादि।

दोस्तो हमने आपके लिए पोस्ट की आखिर में कुछ किताबे पढ़ने केलिए सजेस्ट किए हुए हैं। और उनकी पीडीएफ फाइल भी डाउनलोड करने लिंक भी नीचे दी हुई है।

4. खुद को बिजी रखें अगर आप खुद को बिजी रखते हो तो आपके मन मे गंदे विचार आ ही नहीं सकते। तो पहले से ही यह चेक करिए कि किस समय मैं फ्री हूं और उस समय की कुछ ना कुछ प्लानिंग करके रख ले।

5. हम कोशिश करते हैं फिर भी गलत विचार आते हैं, इसका एक बड़ा कारण भोजन है। अगर भोजन में हम उत्तेजित करने वाली चीजें लाल मिर्च ज्यादा मिर्च मसाला जरा तली भुनी चीजें प्याज लहसुन इन चीजों का प्रयोग करते हैं, तो ना चाहते हुए भी हमारे मन में काम विकार के संकल्प आएंगे। तो इसीलिए भोजन पर पूरा नियंत्रण जरूरी है। क्योंकि जब तक रस इंद्रियों को नहीं जीत सकते तब तक जनन इंद्रियों को जीतना संभव ही नहीं है।

6. सुबह जल्दी उठने की आदत डालें, सुबह 4 से 5 बजे तक उठ जाए इससे आपकी समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी और जल्दी सोने की आदत भी डाले।

7. सबसे जरूरी चीज यह है हम क्या देख सुन पढ़ रहे हैं जो हम देखेंगे सुनेंगे पड़ेंगे उसका प्रभाव हमारे मन पर पड़ता है। तो इस बात का पूरा ध्यान रखें हम जो भी देख ,सुन व पढ़ रहे हैं वह सात्विक हो उसमें किसी भी प्रकार की गंदगी ना हो।

8. इंटरनेट और मोबाइल का केवल सीमित मात्रा में जरूरत पड़ने पर ही प्रयोग करें। बिना लक्ष्य के इंटरनेट पर ना जाए और अपना लक्ष्य पूरा होने के बाद वापस इंटरनेट से बाहर आ जाए।

9. ऐसा कोई भी वीडियो फोटो ऑडियो किताब या कोई चैनल फेसबुक टेलीग्राम यूट्यूब, इंस्टाग्राम पर हो जिसमें अश्लीलता हो मन को उत्तेजित करने वाला हो उसे तुरंत अनफॉलो अनसब्सक्राइब कर दीजीए। यह गंदे चित्र वीडियो ऑडियो आपके लिए जहर के समान है और ये आपके लिए ट्रिगर है इन्हें तुरंत ना कह देवें अगर आप सच में जीवन में सफल होना चाहते हैं!

10. आध्यात्मिकता से जुड़े योग करें जैसे की प्राणायाम, मेडिटेशन और व्यायाम करना और अच्छी किताबें पढ़ना और अच्छे ऑडियो सुनना।

11. अपनी संग यानी की फ्रेंड सर्कल का भी ध्यान रखें। हम किन लोगों के साथ रहते हैं, बात करते हैं, केवल लोग संग ही नहीं बल्कि जो हम देखते, पढ़ते और सुनते हैं वह भी एक संग है। क्योंकि जैसी हमारी संग होगी उसका रंग हमें भी लग जाएगा।

अगर आपको कभी असफलता मिलती भी है, तो हिम्मत ना हारे वापस उठ खड़े हो जाएं और एक नई शुरुआत करके पूरी ऊर्जा के साथ दोबारा लग जाए जीत आपकी निश्चित है।

दोस्तो आखिर में यही कहना चाहूंगा कि ये जीवन बहुत अनमोल है, हीरे के समान बेशकीमती है, इसका एक एक सेकंड बहुत मूल्यवान है, इसे व्यर्थ नहीं गंवाना है, इसका सदुपयोग करके जीवन में सफलता हासिल करनी है और कुछ बड़ा करके दिखाना है। दोस्तो अब जानते हैं की

ब्रह्मचर्य के लिए भोजन के नियम क्या है?

“रसेन्द्रियों 👅 को जीते बिना जननेन्द्रियों को जितना असंभव है”

नोट: दोस्तो यह जरूरी नही है की नीचे के सभी नियमों को एक झटके से अपना लेंगे, समय के साथ धीरे धीरे करके अपने आपको ढाले, इन नियमों को कठिन समझ कर हिम्मत न हारे, क्योंकि आपका जीवन हीरा💎 बन रहा है।

1. प्याज़ और लहसून को तुरंत छोड़ दीजिए, क्योंकि ये ब्रह्मचारी के लिए विष के समान है।

2. मासाहार का भी त्याग कर दीजीए क्योंकि मासाहार के साथ ब्रह्मचर्य की कल्पना भी नही की जा सकती।

3. दूध और फल ब्रह्मचर्य के सबसे श्रेष्ठ भोजन है।

4. लाल मिर्च का सम्पूर्ण त्याग कर दीजीए और जरूरत हो तो थोड़ी हरी मिर्च ले सकते हैं। उसके कई दिनों के बाद धीरे धीरे करके उसे भी छोड़ दीजिए।

5. ज्यादा मसाला और तला भुना वाला भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।

6.रात का खाना 7 या 7.30 बजे से पहले कीजिए और भोजन काफी हल्का होना चाहिए।

7. भगवान /परमात्मा की याद में बना हुआ खाना ही खाये, किसी कामी, विकारी के हाथ का भोजन जो ब्रह्मचर्य का पालन नही करता है, उसके हाथ से बना हुआ खाना न खाए।

8. हरी सब्जियां खाएं और उसके साथ ही सीजन के फल भी खाएं।

9. ज्यादा खट्टी चीज़े और ज्यादा मीठा न खाए।

10. सात्विक भोजन ही ब्रह्मचर्य का आधार है।

11. मौन में भोजन ग्रहण करे।

12. मोबाइल और टीवी देखते हुए भोजन का सेवन नहीं करें।

13. घर का खाना ही खाये, बाहर के खाने का त्याग करे।

14. धीरे धीरे चबा चबाकर कर खाएं।

15. भिंडी ,मूंग दाल बहुत सहायक है।

16. उठते ही 2-3 गिलास पानी पिये।

17. खाने के 1 घंटे बाद पानी पिये।

18. खाना खुशी और शांति की स्थिति में ही खाये, गुस्से आदि भावो से नही।

19. महीने में कम से कम एक दिन उपवास करे।

20.भूख से ज्यादा, अच्छी /मनपसंद चीज मिलने पर ठूस ठूस कर न खाए।

ब्रह्मचर्य रक्षा हेतु मंत्र (ब्रह्मचर्य मंत्र)

दोस्तो अपने ब्रह्मचर्य की रक्षा करने केलिए हमारे ऋषि मुनियों ने हमारे लिए बहुत से ब्रह्मचर्य रक्षा हेतु मंत्र बताए हुए हैं, उनमें से 2 सबसे ज्यादा इफेक्टिव मंत्र नीचे बताए हुए हैं, उनका रोज उच्चारण करने से यानी की जप करने से हमारा ब्रह्मचर्य टूटने से बचता है।

दोस्तो अभी जो में आपको मंत्र बताने वाला हु उस मंत्र को अगर आप सुबह श्याम जपते हैं, तो इस मंत्र से आपको आपके ब्रह्मचर्य की यात्रा में बहुत मदद मिलेगी।

“ॐ नमो भगवते महाबले पराक्रमाय मनोभिलाषितं मनः स्तंभ कुरु कुरु स्वाहा”

“ॐ अर्यमायै नमः”

ब्रह्मचर्य का पालन कैसे करें PDF Free Download in Hindi

दोस्तो अगर ब्रह्मचर्य का पालन कैसे करें PDF Free Download करना चाहते हैं, तो हम ने आपके लिए ब्रह्मचर्य का पालन कैसे करें इसके उपर लिखी हुई टॉप 3 किताबो की पीडीएफ डाउनलोड करने लिंक नीचे दी हुई है। आप उन सभी किताबों को एक बार जरुर पढ़िए, शुरवात आप दिव्य प्रेरणा प्रकाश किताब से कर सकते हैं, उस किताब की कंप्लीट हिंदी बुक समरी इस ब्लॉग पर मौजूद हैं, उसे भी आप जरूर पढ़िए।

पीडीएफ फाइल : फ्री डाऊनलोड

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  1. मेडिटेशन क्या है और कैसे करे?
  2. 100 Benefits of Meditation in Hindi
  3. चाणक्य नीति बुक समरी इन हिंदी में
  4. Prefrontal Cortex क्या है? जानिए विस्तार से
  5. कर्म क्या है जानिए गौतम बुद्ध की कहानी से

Conclusion :

दोस्तो आज आपने ब्रह्मचर्य क्या है और इसके फायदे क्या हैं इस आर्टिकल से यह सीखा की ब्रह्मचर्य क्या है, ब्रह्मचर्य का क्या महत्व है, ब्रह्मचर्य का पालन कैसे करें?, ब्रह्मचर्य के लिए भोजन के नियम क्या है और इसके साथ साथ आपने यह जाना की ब्रह्मचर्य पालन के फायदे क्या है?

दोस्तो हमारे द्वारा लिखा गया ब्रह्मचर्य क्या है और इसके फायदे क्या हैं? आर्टिकल अगर आपको पसंद आया होगा और आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर कीजिए और आपको यह आर्टिकल कैसा लगा हमे नीचे कमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके ज़रूर बताएं।

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दोस्तो आप सभी को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं।

धन्यवाद🌷

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