The Compound Effect Book Summary in Hindi By Darren Hardy

The Compound Effect Book Summary in Hindi: नमस्कार दोस्तों आपका एक बार फिर से स्वागत है हमारे नॉलेज ग्रो हिन्दी ब्लॉग में। दोस्तो क्या आप अपने लाइफ में परेशान हैं और आपको सफलता नहीं मिल रही है? क्या आप अपने मंजिल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, तो कोई बात नहीं।

दोस्तों आज के इस The Compound Effect Book Summary में बताए गए बातो को फॉलो करके स्टीव जॉब्स और बिल गेट्स जैसे लोग भी सफल हो चुके हैं। दरअसल आज हम आपके साथ फेमस अमेरिकन लेखक Darren Hardy जी की बेस्ट सेलर किताब the compound effect में बताए गए सफलता हासिल करने के खास तरीको के बारे में बताने वाले हैं।

The Compound Effect Book Summary in Hindi

The Compound Effect Book किन लोगों केलिए हैं?

  • वे लोग जो अपनी हार केलिए दूसरो को दोष देते हैं।
  • वे लोग जो अपनी सीमाओं को बढ़ाना चाहते हैं?
  • वे लोग जो अपनी आदतों को बदलना चाहते हैं।

The Compound Effect Book से आप सीखने वाले हैं की…

  • सफलता हासिल करने केलिए आदतें बनाना क्यों जरूरी है।
  • किस तरह से अच्छी आदतों को बनाकर और अच्छे लोगों के साथ रहकर और रोज थोड़ा थोड़ा सीखकर अपनी मंजिल को पा सकते हैं।
  • अपनी सीमाओं को बढ़ाने से आप किस तरह आसानी से कामयाबी हासिल कर सकते हैं।

दोस्तो दुनिया के ज्यादातर लोग अपने लाइफ में कुछ बड़ा करने के लिए सही वक्त और सही मौके का इंतजार करते रहते हैं। लेकिन असल में कोई भी काम करने के लिए आज से बेहतर कोई और समय नही होता और बड़ी कामयाबी उन्ही लोगों को मिलती है, जो अपनी लाइफ में छोटे छोटे बदलाव करते हुए स्मॉल स्टेप को लेकर आगे बढ़ते हैं।

क्योंकि दोस्तो जिंदगी में किये जाने वाले छोटे छोटे बदलाव से ही बड़े बड़े गोल्स को पूरा किया जा सकता है। यही चीज Darren Hardy जी ने अपनी the compound effect Book के अंदर हमे समझाने की कोशिश की है। तो चलिए इस किताब को एक उदाहरण के मदद से आपको समझाने का प्रयास करते हैं।

The Compound Effect Book Summary in Hindi

दोस्तों मान लीजिए की रोहन और सोहन नाम के दो दोस्त थे, जो की एक ही शहर में रहा करते थे। इन दोनों ने एक ही स्कूल और कॉलेज से पढ़ाई पूरी की थी और दोनो की एजूकेशन भी सेम ही थी। इसके अलावा दोनो का बिसनेस और इनकम भी एक ही जैसा था। दोनो को भी अपने लाइफ में आगे बढ़ाना और समय के साथ चलाना था।

लेकिन इन दोनो में रोहन को जिंदगी में छोटे छोटे बदलाव करने के महत्व को अच्छी तरह से समझता था। इसीलिए उसने अपनी लाइफ में बहुत छोटे छोटे और बेहद मामूली से नजर आने वाले चेंजेस किए। दरअसल उसने सुबह पेपर पढ़ने के बजाय उसने किसी अच्छी किताब के 10 pages को पढ़ना शुरू कर दिया। हर रोज सुबह ऑफिस जाते समय रास्ते में म्युजिक सुनने के बजाय उसने इंस्पिरेशन किताबो की ऑडियोबुक सुनने लगा।

दोस्तो इसके अलावा उसने अपना वजन को कम करने केलिए अपनी रोज की डाइट से 125 कैलरीज को कम कर दिया, यानी की वो पहले से थोड़ा कम खाने लगा। साथ ही उसने अपने डाइट में बर्गर और पिज्जा जैसे जंग फूड्स को खाना बिलकुल ही बंद कर दिया। वो हर रोज सिर्फ 2km पैदल चलने लगा और ऑफिस में एक क्लाइंट की जगह वो हर रोज 2 क्लाइंट को कॉल करने लगा। दोस्तो यह कुछ इतने छोटे छोटे बदलाव थे, जिन को ज्यादा तर लोग नोटिस भी नही करते हैं।

दोस्तो दूसरी तरफ सोहन की बात करे तो उसको इन छोटे छोटे बदलाव का महत्व बिलकुल भी मालूम नही था। इसीलिए उसने अपने daily routine में कोई खास बदलाव नहीं किया। वह दिन भर जंग फूड्स खाता रहता था और पानी की जगह सॉफ्ट ड्रिंक्स पिता रहता था। वह ज्यादा चलता फिरता भी नही था और कभी मन हुआ तो वो थोडी बहुत एक्सरसाइज भी करता था। इसके अलावा वो अपने क्लायंट्स को एक्स्ट्रा कॉल भी नहीं करता था।

दोस्तो लाइफ में कोई भी बदलाव किए बिना ही सोहन अपनी लाइफ इसी तरह से जीता रहा। हाला की अब रोहन नए चेंजेस के साथ अपनी जिंदगी को जीते हुए धीरे धीरे 5 महीने बीत गए। लेकिन इन 5 महीनों में उसके अंदर ऐसा कोई भी बदलाव नहीं आया, जो उसे सोहन से बहुत ही ज्यादा बेहतर बनाता हो। यानी की इन 5 महीने बीतने पर भी रोहन और सोहन की लाइफ एक जैसे ही थी। और दोस्तो धीरे धीरे करके 10 और 20 महीनों का समय बीत गया।

लेकिन दोस्तो इन दोनो में अभी भी कोई ज्यादा बड़ा बदलाव नजर नहीं आया था। बीच बीच में कई बार तो कोई पॉजिटिव रिजल्ट्स को ना देखकर रोहन का मोटिवेशन भी डाउन हुआ करता था। और वह सोचता था की सोहन तो अपनी जिंदगी को मज्जे से जी रहा है और में अपने लाइफ में इतने बदलाव करने के बावजूद भी कुछ खास तरकी नही कर पा रहा हूं।

हाला की यह सब विचार मन में आने के बावजूद भी वह अपने daily routine पर इसी तरह से जमा रहा। दोस्तो इसका नतीजा यह हुआ की उसको अब उसके इस daily routine में मज्जा आने लगा था। और वो अपने इस डेली रूटीन के साथ ही जिंदगी को भी एंजॉय करने लगा। उसके बाद इन दोनो दोस्तो की लाइफ इसी तरह से चलती रही और देखते देखते ही 27 महीने बीत गए।

लेकिन ये 27 महीने पूरे होते होते ही इन दोनों की कहानी पूरी तरह से बदल चुकी थी। दरअसल रोहन हर रोज 10 pages पढ़ते हुए सक्सेस के उपर लिखी हुई 50 किताबे पढ़ चुका था और साथी ही वो लगभग 470 घंटे का ऑडियो बुक भी सुन चुका था। इसके अलावा अपने डाइट में से 125 कैलरीज कम करने और रोजाना सिर्फ 2 km पैदल चलने की वजह से उसका वजन भी 15 किलो कम हो गया था।

दोस्तो उसके साथ ही रोजाना 2 एक्स्ट्रा कॉल करके उसने इन 27 महीनों में कुल मिलाकर 1860 एक्स्ट्रा कॉल किए थे जिसके वजह से उसको बहुत सारे नए क्लायंट्स मिले और उसका बिजनेस और इनकम पहले से कई ज्यादा बढ़ गया। दूसरी तरफ रोहन का दोस्त सोहन जिसने अपनी लाइफ में कोई भी बदलाव नहीं किया था, वह अनहेल्थी खाना खाने के वजह से और एक्सरसाइज ना करने के वजह से उसका वजन काफी बढ़ गया था।

यहां तक की उसके मोटापे का असर उसके दिल पर भी होने लगा था और ऑफिस में एक भी एक्स्ट्रा कॉल ना करने के वजह से उसकी इनकम पहले से काफी कम हो गई थी। दोस्तो रोहन और सोहन के इस उदाहरण से यह साफ हो जाता है की, इंसान अगर अपने लाइफ सिर्फ छोटे छोटे बदलाव भी करले तो भी लॉन्ग टर्म में इन बदलाब का काफी फायदा मिलता है। ज्यादा तर मामलो में लोगो की जिंदगी ही पूरी तरह से बदल जाती हैं।

वैसे दोस्तो इसके बाद हम जानेंगे की क्यों हम अपनी लाइफ में रोहन की तरह इतने छोटे छोटे बदलाव भी नही कर पाते हैं? दोस्तो इसके पहले आप कमाउंड इफेक्ट के प्रिंसिपल को अपने लाइफ में अप्लाई करना चाहते हैं, तो आप सभी को द पावर ऑफ हैबिट, एटॉमिक हैबिट्स, द पावर ऑफ फोकस जैसे किताबो की समरी भी आपको पढ़नी चाहिए।

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  2. Power of Habit Book Summary in Hindi
  3. Science of Getting Rich Book Summary in Hindi
  4. The Secret Book Summary in Hindi

दोस्तो उपर दिए गए बुक्स के अलावा भी आप हमारे ब्लॉग पर बहुत सारे सेल्फ हेल्प और मोटिवेशनल किताबो की समरी हिन्दी में पढ़ सकते हैं। तो चलिए हम बात कर लेते है की ज्यादातर लोग रोहन की तरह अपनी जिंदगी में छोटे छोटे बदलाव भी क्यों नहीं कर पाते हैं?

असल में दोस्तो लोग इस बदलाव को इसीलिए नही कर पाते हैं, क्योंकि बदलाव करके उन्हें एकदम से कोई सकारात्मक रिजल्ट नही नजर आता है। और जो लोग ऐसे तैसे करके कुछ बदलाव कर भी लेते हैं तो वो लोग भी कुछ दिनों के बाद कोई रिजल्ट नही मिल पाने के कारण उस बदलाव को छोड़ देते है और वापस अपने पुराने रूटीन में आ जाते है। क्योंकि कही ना कही लोगों के मन में यह बात आ जाती है की इन अच्छे बदलाव से उन्हें कुछ खास फायदा नहीं हो रहा है।

दोस्तो इसीलिए बहुत ज्यादा लोग अपने लिए वही आसान रास्ता चुन लेते हैं, जहा उन्हें कोई भी एक्स्ट्रा एफर्ट्स नही लगाना होता हैं। यानी की वे बिना कोई एक्सरसाइज करें और बिना कोई किताबे पढ़े और बिना कोई हेल्थी फ़ूड खाए जिंदगी जीने लगते हैं। दोस्तो जिस तरह शुरवात में कोई भी रिजल्ट नही मिलता हुआ देखकर लोग अपनी अच्छी आदतों को छोड़ देते हैं।

दोस्तों ठीक उसी तरह लोंगो उनकी बुरी आदतों दोहराने से शुरवात में कोई नुकसान होता हुआ नजर नहीं आता है, तो वे लोग अपनी बुरी आदतों को हमेशा केलिए दोहराते रहते हैं। और उन लोगो को इस बात का अंदाजा ही नहीं होता हैं की उनकी बुरी आदतें उनको लॉन्ग टर्म में कितना ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाली हैं।

उदाहरण केलिए अगर सिर्फ एक बर्गर खाने से आपका 10kg वजन बढ़ने लगे तो कोई भी इंसान एक बार ही बर्गर खाकर उसी समय उसको खाना छोड़ देता। लेकिन समस्या यह है कि एक बार बर्गर खाने से अचानक हमारा वजन नहीं बढ़ता है, बल्की इसका असर लोगों पर compound effect की तरह कुछ सालो के बाद दिखना शुरू हो जाता हैं। और तब तक लोगों को यह समझमें आ जाता है की रोजाना बर्गर खाने से उनका वजन बढ़ रहा है, और तब तक मामला उनके हाथों से निकल चुका होता है।

दोस्तो ठीक उसी तरह लोगों को एक सिगरेट पीने से लोगों को सास लेने में दिखते होने लगे तो, यकीनन कोई भी व्यक्ति उसके बाद कभी भी सिगरेट नहीं पिएगा। लेकिन सिगरेट पीने का भी असर लोगों को कई सालो बाद उस समय नजर आता है, जब उनके फेफड़ों में कैंसर अपनी जगह बना चुका होता हैं। उस समय भी मामला उनके हाथों से निकल चुका होता हैं।

दोस्तो असल में सच यही है की इंसान की हर एक छोटी से छोटी आदत का असर उनके लाइफ के उपर जरूर पड़ता है। फिर चाहे वो सिगरेट पीने जैसी बुरी आदत हो या किताबे पढ़ने जैसी कोई अच्छी आदत हो। लोग बेफिक्र होकर छोटी छोटी बुरी आदतों को अपने रोजमर्रा के रूटीन का हिस्सा बना लेते है और उसके कई सालो के बाद उन लोगों की वही बुरी आदत उनको बर्बाद करने का जरिया बन जाती है।

दोस्तो अभी आप अच्छी या बुरी जैसी भी जिंदगी जी रहे हैं, वह आपके उसी फैसलों का नतीजा है जो आपने आपके अतीत में लिए गए थे। और यही सब चीजे Darren Hardy जी ने उनकी बेस्ट सेलर the compound effect Book के जरिए हमे समझाने की कोशिश की हुई है। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी अच्छी आदतों को जोड़कर सफलता हासिल कर सके।

अब अगर आप भी अपने लाइफ को सही दिशा में आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो फिर आपको अपने जीवन से सभी बुरी आदतों को छोड़कर उनकी जगह कुछ अच्छी आदतों को अपनाना होगा। क्योंकि यही सफलता हासिल करने का पहला स्टेप हैं। तो दोस्तो The Compound Effect Book Summary in Hindi आर्टिकल को पढ़कर आपको कैसा लगा हमे नीचे कमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके ज़रूर बताएं।

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Conclusion of The Compound Effect Book Summary in Hindi:

दोस्तों आज आपने The Compound Effect Book Summary in Hindi आर्टिकल के जरिए सीखा की सफलता पाने केलिए आपको अपनी जिम्मेदारी खुद लेनी होंगी और अपने अंदर की बुरी आदतों को त्याग कर अच्छी आदतों को अपनाना होगा और अपने अंदर अनुशासन विकसित करना होंगा।

तुरंत कामयाबी हासिल करने के पीछे भागना सही नही है और कभी ऐसा संभव भी नही है। सफलता पाने केलिए आपको अपने अंदर छोटे छोटे बदलाव कीजिए और आप आसानी से कामयाब हो सकते हैं। तो दोस्तो आज के इस The Compound Effect Book Summary in Hindi आर्टिकल में सिर्फ इतना ही, फिर मिलेंगे एसे हि एक इंट्रेस्टिंग बुक समरी के साथ तब तक केलिए जहा भी रहिए खुश रहिए।

दोस्तों आपका बहुमूल्य समय देने केलिए धन्यवाद!

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