Who Will Cry When You Die Book Summary in Hindi

Who Will Cry When You Die Book Summary in Hindi:

नमस्कार दोस्तों आप सभी का नॉलेज ग्रो हिन्दी ब्लॉग में स्वागत है, दोस्तो आज के इस आर्टिकल के जरिए में आपके साथ शेयर करने वाला हूं, Who will cry when you die Book Summary in Hindi। दोस्तो यह बुक समरी आप सभी के लिए बहुत ही यूजफुल और फायदेमंद साबित होने वाली है, इसीलिए आप Who will cry when you die Book Summary in Hindi आर्टिकल को आखिर तक जरूर पढ़िए।

Who will cry when you die Book Summary in Hindi
Who will cry when you die Book Summary in Hindi
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Who will cry when you die Book आपको क्यों पढ़ना चाहिए?

दोस्तो अगर आपको अपने जीवन को भाग्य के भरोसे या एक भूल की तरह जीने के बजाय अपनी पसंद और कल्पना नुसार जीना चाहते हैं? तो आपको Who will cry when you die Book (कौन रोएगा आपकी मृत्यु पर) किताब को एक बार जरूर पढ़ना चाहिए।

Who will cry when you die Book के लेखक के बारे में..

दोस्तो Who will cry when you die Book के लेखक Robin Sharma जी है और वे एक लेखक होने के साथ साथ एक प्रसिद्ध Motivational Speaker और कोच भी हैं। दोस्तो Robin Sharma जी की 8 किताबे पब्लिश हो चुकी है। दुनिया की सबसे बेस्ट सेलिंग नोबेल The Monk Who sold His Ferrari उन्होंने ने ही लिखी है।

Who Will Cry When You Die Book Summary in Hindi – “कौन रोएगा आपकी मृत्यु पर”

दोस्तों रॉबिन शर्मा की बेस्ट सेलर बुक कौन रोएगा आपकी मृत्यु पर किताब के जरिए ऑथर हमे 101 शॉर्ट लाइफ लेसंस देते हैं, जो हमे हमारी जिंदगी को और बेहतर तरीके से जीने में हेल्प करती है। दोस्तो उन 101 लाइफ लेसंस में से आज में सिर्फ 23 महत्त्वपूर्ण लाइफ चेंजिंग लेसंस आपके साथ शेयर करने वाला हूं।

क्योंकि यह 23 लाइफ लेसंस मेरे हिसाब से सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है और बाकी के लाइफ लेसंस को पढ़ने के लिए आप किताब को खरीद कर पढ़ सकते हैं। तो चलिए दोस्तो शुरू करते हैं, Who will Cry When You Die Book Summary in Hindi.

1. अपना लक्ष खोजिए

दोस्तो इस अध्याय में लेखक रॉबिन शर्मा जी कहते है की जब में बड़ा हो रहा था तो मेरे पिताजी ने मुझसे कुछ ऐसा कहा था की जो मैं कभी नही भूल सकता हूं। और वह है की “बेटा तुम जब पैदा हुए थे तब तुम रो रहे थे, और सारी दुनिया जश्न मना रही थी। अब तुम अपना जीवन ऐसे जियो की तुम्हारी मौत पर सारी दुनिया रोए और तब तुम जश्न मनाओ।”

दोस्तो इसका मतलब है की अपनी लाइफ कुछ इस तरीके से जियो और ऐसे काम करो की आप खुशी से इस दुनिया को छोड़ सको और आपको किसी भी बात का पछतावा न हो। दोस्तो हम उस काल में जी रहे हैं जहां हम जीवन का अर्थ ही भूल गए हैं और हम बहुत ही आसानी से इंसान को चंद्रमा पर भेज रहे हैं, पर हमारे लिए सड़क पार करके अपने पड़ोसी से मिलना मुश्किल हो रहा है।

हम एक बारूदी मिसाईल को बिना किसी चुक के दुनिया के आर पार दाग सकते हैं, परंतु अपने बच्चों को पुस्तकालय ले जाने केलिए समय निकालने से चूक जाते हैं। दोस्तो हम अपने जीवन का उद्देश्य भूल गए हैं और हमने अपने जीवन की सबसे अहम बातो को विस्मृत कर दिया है। अब जब आप इस किताब की समरी को पढ़ने जा रहे हैं तो इस किताब के लेखक ने हम सभी से एक सवाल पूछा है की ऐसा कौन है जो आपके मरने के बाद रोने वाला है?

दोस्तो आप कितने लोगों के जीवनों पर अपनी छाप डालेंगे जब की आपको इस ग्रह पर चलने का मौका मिला है। आने वाले पीढ़ियों पर आपके जीवन का क्या असर होगा और आपने अपने अंतिम पड़ाव से पहले क्या धरोवर छोड़ी।

दोस्तो इस किताब में लेखक कहते है की “एक सिख जो मैने अपने जीवन से ली है वह यह है की अगर हम अपने जीवन का नियंत्रण अपने हाथ में नहीं लेते है तो हमारा जीवन हमे नियंत्रित करने लगता है।” दोस्तो दिन हप्तो में बीत जाते है और हफ्ते महीनो में और महीने सालो में बीत जाते है। सब कुछ इतना जल्दी खत्म हो जाता हैं की हम सिर्फ जीवन को पूर्णता के साथ न जी पाने के कारण अफसोस करते रह जाते है।

दोस्तो जब बर्नार्ड शॉ जी को उनकी मृत्यु शय्या पर उनसे पूछा गया की “अगर आपको यह जीवन दुबारा से जीने के लिए एक मौका दिया जाए तो आप क्या करेगे?” तब उन्होंने एक लंबी सांस लेकर कहा की “ में वह इंसान बनना चाहूंगा जो मैं बन सकता था परंतु मैं नहीं बना।” दोस्तो ऐसा हम सब के साथ कभी ना हो इसीलिए रॉबिन शर्मा जी ने कौन रोएगा आपकी मृत्यु पर किताब को लिखा है और मैने आपके लिए इस किताब की समरी को।

दोस्तो घूम फिर कर लोग सिर्फ एक बात पर केंद्रित रहते हैं की हम किस प्रकार अपने जीवन का बेहतर अर्थ ढूंढ सकते हैं और किस प्रकार अपने कार्य द्वारा एक स्थायी सहयोग प्रदान कर सकते है और इसके पहले की बहुत देर हो जाए हम अपने जीवन के सफर को आसान बनाकर उसका आनंद कैसे लें सकें।

इस पर लेखक का उत्तर हमेशा इस बात से ही शुरू होता हैं की : अपना लक्ष ढूंढिए, दोस्तो अपने लक्ष को खोजने का यह मतलब नहीं है की आप वर्तमान के कार्य छोड़ दे। इसका अत्यंत्य सरल मायने है की आपको अपने काम में उन चीजों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए जो आप सबसे बढ़िया तरीके से कर सकते हैं और अपनी छाप छोड़ सकते है।

इसका मतलब यह है की आपको जिस परिवर्तन की आशा है उसे वास्तविक रूप देने के लिए दूसरे लोगों की प्रतीक्षा न करे जैसा की गांधी जी ने कहा है की “उस बदलाव को स्वय लाने की कोशिश कीजिए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।” और जैसे ही आप यह करेंगे आपका जीवन बदल जाएगा।

2. अपना दृष्टिकोण बनाए रखिए

दोस्तो एक पुरानी कहानी के अनुसार एक दिन एक व्यक्ति को एक गंभीर बीमारी के साथ लाया गया जहां एक ओर मरीज खिड़की के पास की शैया पर आराम कर रहा था। उसके बाद धीरे धीरे उनमें दोस्ती हो गई और खिड़की के पास वाला रोगी रोज खिड़की से बाहर देखता और उसके बाद कुछ घंटे वह अपने बीमार साथी को बाहर की दुनिया की सजीव व्याख्या करते हुए बिताता था।

किसी दिन वह अस्पताल के दूसरी तरफ के बगीचे में लगाए हुए वृक्षों के हवा के झोको के साथ झूमने की सुंदरता के बारे में बताता था। जैसे जैसे समय बीतता गया वह रोगी जो बिस्तर से बिलकुल नही उठ पाता था वह अपने दोस्त के द्वारा बतलाए जाने वाले अद्भुत दृश्यों को न देख पाने के की असमर्थता से विचलित हो उठा और परिणाम स्वरूप वह उसे नापसंद करने लगा। उसके बाद धीरे धीरे उसकी नफरत घृणा में बदल गई।

एक रात को खिड़की के पास वाले मरीज को खासी का दौरा पड़ा और उसने सास लेना बंद कर दिया। सहायता बुलाने के लिए बटन दबाने के बजाय दूसरा मरीज पड़ा रहा और उसके बाद दूसरी सुबह वह रोगी जिसने अपने मित्र को खिड़की से झांकते हुए अदभुत दृश्यों का ब्यौरा देकर बहुत सी खुशी दी थी, उसको मृत घोषित कर दिया गया और अस्पताल के उस कमरे से बाहर भेज दिया गया।

दूसरे मरीज ने जल्दी ही अपना बिस्तर खिड़की के पास लगाने का आवेदन किया जिस पर अस्पताल की सेविकाओं ने तुरंत अमल किया। परंतु उसके बाद जैसे ही उसने खिड़की के बाहर के दृश्य को देखा तो बाहर के दृश्य ने उसे हिला कर रख दिया, क्योंकि खिड़की के सामने इटो की बनी हुई ठोस दीवार थी। दोस्तो उस मृत मित्र ने उसके मुश्किल समय को थोड़ा खुशहाल बनाने केलिए काल्पनिक दृश्यों का जाल बुना था, जो की उसके दयालु स्वभाव को दर्शाता है।

दोस्तो यहां पर लेखक कहते है कि इस कहानी के बारे में में जितनी बार भी सोचता हूं, मेरे अपने दृष्टिकोण को एक नई दिशा में ले जाती है। अधिक परिपूर्ण और प्रसन जीवन जीने केलिए हमे मुश्किल परिस्थिति में अपने दृष्टिकोण को लगातार परिवर्तित करने की कोशिश करनी चाहिए।

दोस्तो हम इस ग्रह पर बहुत कम समय के लिए आते हैं और अगर आप पूरी तरह से देखा जाए तो हमारी लाइफ अनंतकाल की कायनात पर कुछ बूंदों के समान है। इसीलिए हमे अंत: विवेकपूर्ण तरीके से इसका स्वाद लेकर इस सफर को आनंददायक बनाना होगा।

3. अपने दिन की अच्छी शुरवात करिए।

दोस्तो इस अध्याय में ऑथर रॉबिन शर्मा जी कहते है की जिस तरह से आप अपने दिन की शुरवात करते हैं, वह यह निर्धारित करता है की आपका दिन कैसा बीतेगा। सुबह जागने के बाद के पहले 30 मिनट को मैं ‘प्लेटिनम 30’ बुलाता हूं, क्योंकि वे वास्तव में आपके दिन के सबसे महत्त्वपूर्ण क्षण होते है और आगे आने वाले पलो की श्रेष्ठता पर अत्यत्न गहन प्रभाव डालते हैं।

दोस्तो अगर आपके पास यह करने का विवेक और ज्ञान है तो इस प्रमुख समय में आप अपने मन में सिर्फ पवित्र विचार ही लाये और सर्वोत्तम कार्य करें। आप महसूस करेंगे की आपका दिन एक शानदार शुरवात के साथ अनेक सर्वश्रेष्ठ दिशाओं को लेकर आएगा।

दोस्तो हम सभी को व्यक्तिगत उचाइयो तक पहुंचने केलिए और अपनी दैनिक चुनौतियों पर विजय प्राप्त करने केलिए इस ‘प्लेटिनिम 30’ के समय में हमे वापस उस जगह जाने की जरूरत होती है, जहा हम फिर से अपने जीवन के धैर्य के साथ संबंधित हो जाते हैं और अपना नवीनीकरण कर सकते हैं और दोबारा से उन बातों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं जो सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।

ऑथर रॉबिन शर्मा जी यहां पर कहते हैं की मैने अपने स्वय के जीवन में एक बहुत सी असरदायक प्राप्त कालीन पद्धति का विकास किया हुआ है, जो मेरे दिन की एक शांत और प्रसनता से भरी हुई शुरुवात करती है। में अपने निजी शरणालय में बैठकर बिना किसी विघ्न के नवीनीकरण के उपायों का अभ्यास करता हूं और उसके बाद 15 मिनिट तक मौन मनन में व्यतीत करता हूं।

अपने जीवन के सब अच्छी बातों पर ध्यान केंद्रित करके यह सोचता हूं की आने वाला दिन क्या नया लेकर आने वाला है। और इसके बाद में किसी ज्ञानवर्धक किताब को पढ़ता हूं। जैसे की The Meditations Book, benjamin Franklin की जीवनी आदि… बहुत सी अन्य पुस्तके जो हमे हमारे जीवन में सफलता हासिल करने में मदद कर सके।

4. अपने मंदिर की हिपाजत किजिए।

दोस्तो अगर एक संतुष्ट और सम्पूर्ण जीवन जीना चाहते हैं, तो हमे अपने शरीर को एक मंदिर के समान पवित्र समझना चाहिए और प्रतिदिन इसकी हिफाजत करनी चाहिए। क्योंकि दोस्तो “एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ मन रहता है।” प्रतिदिन व्यायाम न सिर्फ आपका स्वास्थ सुधारेगा बल्की यह आपको सप्ष्टता के साथ विचार करने में और आपकी सृजनात्मक विशेषता को आगे बढ़ाने में भी आपकी सहायता करेगा।

साथ ही आपको इस निर्दयी तनाव से भी छुटकारा दिलाएगा जो आज कल हम सब के उपर हावी होने लगा है। दोस्तो व्यायाम न सिर्फ आपकी उम्र को जीवन से भर देता है, बल्की आपके जीवन में उम्र जोड देता है। दोस्तो एक रिसर्च में यह पाया गया की हर घंटा जो कसरत के लिए दिया जाता है वह उन लोगों के जीवन में 3 घंटो की बढ़ोतरी कर देता है। और इसीके साथ यह भी याद रखिए कि

“जो लोग व्यायाम केलिए समय नही निकालते हैं उन्हें बाद में बीमारियो के लिए समय निकालना पड़ता है।”

दोस्तो मेरे अपने जीवन केलिए मैंने यह निश्चित किया है की मै मेरे दिन के 24 सो घंटो में से सुबह का एक घंटा व्यायाम करने केलिए दूंगा। व्यायाम करने के बाद में अपने आप को वर्तमान में पूर्ण रूप से पाता हूं। दोस्तो अपने शरीर रूपी मंदिर के देखभाल करने की प्रक्रिया मुझे यह याद दिलाती है की जीवन की सबसे बड़ी खुशियां अक्सर साधारण और सरल होती हैं।

5. सुबह जल्दी उठें।

दोस्तो सुबह जल्दी उठने की आदत एक तौहफा हैं जो आप खुद को देते हैं। कुछ नियम आपके जीवन को एक नया रूप दे देते हैं उनमें से एक है सुबह जल्दी उठने का नियम। दोस्तो सुबह प्राप्त:काल के प्राथमिक घंटे अपने आप में विशिष्ट होते है और शांति की महान भावना जैसे आपके वातावरण में भर जाती हैं।

दोस्तो अगर आप सुबह ५ बजे की महफिल में शामिल हो जायेंगे तो यह आपको अपने दिन का नियंत्रण लेना सिखायेगा। ‘बिस्तर के साथ जंग’ को जीतकर ‘मन को गद्दे’ के मजे से उपर लाकर और जल्दी उठकर आप अपने आपको कम से कम एक घंटे की शांति का समय दे सकते हैं, जो अत्यंत महत्वपूर्ण है और वह है दिन की शुरवात! अगर समझदारी से बिताया जाए तो बाकी दिन अपने आप में अद्भुत होगा।

दोस्तों इस किताब के लेखक ने अपने पाठकों को यह सलाह दी थी कि ‘सूर्योदय के साथ उठो’ और उनको अनेक विकल्प दिए गए थे जिससे उन्हें इस नई आदत को विकसित करने में मदद मिल सके, और उसके बाद लेखक को अनेको पत्र और ईमेल मिले, जिन्होंने अपने जीवन को सुबह ५ बजे जल्दी उठकर सुधारा है।

दोस्तो जल्दी उठने की आदत का विकास करने केलिए पहली बात जो आप सभी को याद रखनी चाहिए और वह है की आपकी नींद को परिणात्मक न होकर गुणात्मक होना चाहिए। 6 घंटे के की बिना विघ्न की नींद 10 घंटे की बिना आराम की और बीच में उचटने वाली नींद से बेहतर है। दोस्तो इस किताब में अच्छी नींद के लिए रॉबिन शर्मा जी ने 4 तरीके दिए हुए है, जिनके द्वारा आप अच्छी नींद को ले पाएंगे।

  1. अपनी पूरे दिन की प्रक्रियाओं को सोते समय दोहराने की कोशिश मत कीजिए।
  2. 8 बजे के बाद कुछ मत खाइए।
  3. सोने से पहले समाचार पत्र मत पढ़िए और टीवी मत देखिए।
  4. बिस्तर पर लेट कर मत पढ़िए और अपने मोबाइल फोन को अपने बिस्तर से थोड़ा दूर रखिए।

दोस्तो आप अपने आपको इस नई और लाइफ चेंजिंग आदत को अपने अंदर विकसित करने केलिए कुछ हफ्ते दीजिए। दोस्तो ऐसा कहना है की आपने सुबह जल्दी उठने की कोशिश की परंतु बीच में छोड़ दिया क्योंकि यह बहुत कठिन था। यह उस बात के समान है कि आपने एक हफ्ता फ्रेंच भाषा को सीखने की कोशिश की परंतु बीच में छोड़ दी, क्योंकि आप उस भाषा को बोलना सीख नही पाए। जीवन में बदलाव लाने केलिए समय, संकल्प और संयम की आवश्यकता होती है।

6. ज्यादा जोखिम लीजिए।

दोस्तो इस अध्याय में ऑथर रॉबिन शर्मा जी कहते हैं की मैं आपसे यह वादा कर सकता हूं की अपनी मृत्यु शय्या पर जब आपका जीवन रोशनी के अंतिम कगार पर होगा तो आपको अपने जोखिमों का सामना करने केलिए जरा सा भी अफसोस नहीं होगा। बल्की आपको खेद और दुख उन खतरो के लिए होगा जो आपने स्वीकार नहीं किए और उन अवसरो केलिए होगा जो आपने अपने हाथ से जाने दिया और उन डरो का जिनका आपने समाना नही किया।

दोस्तो याद रखिए कि डर के दूसरी ओर आजादी का निवास स्थान है और आप जितना ज्यादा जोखिम ले लेंगे उतना ही आपको अधिक फल मिलेगा। दोस्तो जीवन में जोखिम लेना बहुत ही जरूरी है, क्योंकि ऐसा कहा जाता हैं की,

 “भाग्य कमजोर दिल वाले लोगों के किस्मत में नही होता है।”

दोस्तो इसीलिए आप अपना जीवन भरपूर जीने केलिए जोखिम लेना शुरू कीजिए, वह चीजे करना शुरू किजिए जिनसे आपको डर लगता है। असुविधा के साथ नाता जोड़ लीजिए और आसान और बिना किसी बाधा के रास्तों से मुख मोड़ लीजिए। ऐसा अवश्य संभव है की आपके पैरों पर चोट लगेगी अगर आप नए रास्ते पर चलेंगे तो और यही एक रास्ता है जिसके द्वारा आप किसी भी मंजिल तक पहुंचेंगे।

दोस्तो ऑथर की मां हमेशा यह कहती थीं की “आप किसी भी तीसरी जगह पर अपने एक पैर को अपने दूसरे पैर पर रखकर नही पहुंच सकते हैं।” या एक महान गाइड ने भी यह कहा है की “हम नई दुनिया को तब तक नहीं खोज सकते जब तक हम काफी समय तक किनारे के नजारे से दूर नही होते हैं।”

दोस्तो प्रचुरता के जीवन का सीक्रेट इसमें है की आप अपने दिन सुरक्षा की खोज में बर्बाद करना बंद कर दीजिए और उस समय को जीवन के नए अवसरों के लिए उपयोग करने में लाए। आपके हिस्से में परेशानियां भी अवश्य आएगी, अगर आप सोच समझ कर और भावनाओं के साथ जीना शुरू करेंगे। परंतु असफलता विजयी होने की दिशा में एक शिक्षा है।

7. अपनी परेशानियों की सूची बनाइए।

दोस्तो चार्ल्स कैटरिंग ने कहा है कि “ वह समस्या जिसकी व्याख्या सही तरीके से हो चुकी है तो उस समस्या का आधा हल भी निकल चुका है। अगर आप अपनी हार परेशानी को कागज पर लिखकर उसकी सूची बनाएंगे तो जरूर कुछ विशिष्ट घटता है।”

इसका असर कुछ ऐसा है की जैसे आप अपने प्रिय मित्र को अपनी समस्या के बारे में बताने के बाद जिस शांति का अनुभव करते हैं, और आपके कंधो से बोझ हट जाता हैं और आप हल्का और शांत अनुभव करते हैं।

दोस्तो इस अध्याय में ऑथर हमे बताते हैं की मैने यह पाया है की हमारा दिमाग हमारा सबसे अच्छा दोस्त बनने के साथ साथ हमारा सबसे बुरा दुश्मन भी बन सकता है। अगर आप अपनी परेशानियों के बारे में लगातार सोचते रहेंगे तो थोड़े समय बाद यह पाएंगे की आप उनके अलावा कुछ और भी नही सोच रहे हैं।

दोस्तो मन एक आचार्यजनक जीव है, आप जिस बात को याद रखना चाहते हैं वह यह भूल जाता है और जो आप भूलना चाहते हैं वह कभी भी भूल नही पाता है। अपने उन दिमागी कोलाहलो से जो हमारी कठिनाइयों को बढ़ा रहे हैं, उससे छुटकारा पाने केलिए आपको अपनी सारी कठिनाइयों की एक लिस्ट बनानी है। अगर आप ऐसा करते हैं तो वे आपके मन को कुंठित नही करेगी और न ही आपको शक्तिहीन बनाएगी।

दोस्तो लेखक द्वारा सजेस्ट किया हुआ यह सरल अभ्यास आपको मदद करेगा की अपनी परेशानियों को एक दृष्टिकोण में रखने केलिए और उनको तरीके से क्रमानुसार और योजना नुसार सुलझा ने केलिए। दोस्तो अनेक सफल लोग जिन्होंने इस पद्धति का प्रयोग किया है उनमें से मार्शल आर्ट के गुरु ब्रूस ली और विंस्टन चर्चिल जैसे लोग भी हैं और उन्होंने कहा है की “करीब आधा दर्जन परेशानियां जो मुझे चिंतित कर रही है उनको लिख कर रखना अपने आप में फायदेमंद साबित होता है।”

“क्योंकि दोस्तो २ समस्याएं अपने आप गायब हो जाती हैं, २ के बारे में कुछ किया नहीं जा सकता है और उनके बारे में सोचने का कोई फायदा भी नही है और २ को शायद सुलझाया जा सकता हैं।” इसीलिए दोस्तो आप अभी से और आज से ही अपनी समस्याओं की लिस्ट बनाना शुरू किजिए।

8. कार्य सम्पादन की आदत डालिए।

दोस्तो इस अध्याय में लेखक रॉबिन शर्मा जी कहते है की “बुद्धिमता यह जानने में है की हमे आगे क्या करना है और कार्य कुशलता इसमें है की कैसे करना है और विशिष्टता उसे करने में है।” एक बलवान चरित्र का मापदंड सिर्फ चीजों को मजे के लिए करने में या आसान चीजे करने में नही है।

दोस्तो एक गहन नैतिक प्रभुत्व उस इंसान में प्रदर्शित होता हैं जो लगातार वह करता रहता है, जो उसके लिए करना जरूर है, न की जो उसका मन कहता है। ऐसा व्यक्ति सुबह में अपने आत्म अनुशासन की स्वाभाविक संचित शक्तियों का प्रयोग करके बिस्तर से उठकर दौड़ने के लिए जाता है। जैसे की प्रक्रिया एक आदत है जितनी ही सकारात्मक क्रियाएं हम करेंगे उतनी ही इसकी आदत बनती जायेगी।

दोस्तो अनेक बार हम अपने सामने एक आदर्श रास्ते के आने का इंतजार करते रहते हैं और हम यह भूल जाते हैं की रास्ते चलने से बनते हैं न की इंतजार करने से बनते हैं। सपने देखना अच्छा है लेकिन सिर्फ बड़ी चीजो के बारे में सोचना बड़ी योजनाएं शुरू नही करता है और आपके बिल का भुगतान नहीं कर सकता और न ही आपको वह व्यक्ति बना सकता है जो आपका दिल जानता हैं की आप बन सकते हैं।

दोस्तो थॉमस कार्लिल ने कहा था की “इंसान का अंतिम धैर्य कर्म में है विचार में नही, क्योंकि आपके विचार चाहे कितने भी तेजस्वी क्यों न हों बिना कार्य संपादन के व्यर्थ है।” आपके कार्य छोटे क्यों न हो लेकिन कोनसा भी अच्छा कार्य हमेशा बड़े इरादों से बेहतर होते है।

9. अपने समय के स्वामी बनिए।

दोस्तो इस अध्याय में ऑथर यह कहते हैं की यह मुझे अत्यंत हास्यजनक लगता है जब में लोगों को यह कहते हुए सुनाता हु की अगर उनके पास थोड़ा और समय होता तो वे वक्त को पाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं और ऐसा करते हुए वे अपना बचा खुचा समय भी इसी तरह नष्ट कर देते है। हमारे जीवन में समय बहुत महान संतुलन लाता है और हम सब को एक दिन के 24 घंटो का समान समय मिला हुआ होता हैं।

दोस्तो महान लोगों का जीवन एक साधारण दौड़ में शामिल होने वाले लोगों के जीवन से भिन्न होता हैं, क्योंकि वे अपने समय का सम्पूर्ण सद्पयोग करते हैं। दोस्तो हम में से ज्यादा तर लोग ऐसा जीते हैं की जैसे हम एक उद्देश्य पूर्ण जीवन जीने के लिए करना चाहते हैं और उसके लिए हमारे पास असीमित समय है। इसी वजह से हम अपने सपनो को हासिल करने की प्रक्रिया को प्रतीक्षा में रख कर, अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या को पूरा करने में व्यस्त रहते हैं तो आप जीवन में अवश्य पछतावा करेंगे।

क्योंकि दोस्तो एक उपन्यासकार पॉल बाउल्स जी ने लिखा है कि “हमे यह मालूम नही होता है की हम कब मरने वाले हैं और हम सोचने लगते हैं की यह जीवन कभी भी खत्म नहीं होने वाली अंतहीन प्रक्रिया है। इसीलिए जो कुछ भी होता हैं वह बहुत कम बार होता है। आपके जीवन में कितनी बार ऐसा हुआ होगा कि आप पूरे चांद को देख सके होंगे? शायद सिर्फ २० बार और फिर भी हमे ऐसा लगता हैं की समय असीमित है।”

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दोस्तो आप खुद से वादा कीजिए की आप अपने समय का पूरी तरह से सद्पयोग करेंगे और समय के महत्व के बारे में एक तीक्ष्ण जागरूकता का विकास कीजिए। किसी भी व्यक्ती को इस सबसे बहमुल्य वस्तु को बर्बाद न करने दे और उन्ही प्रतिक्रियाओं में लगाए जो वास्तव में करना जरूरी है।

10. अपने अस्थिर दिमाग का इलाज कीजिए।

दोस्तो इस अध्याय में ऑथर हम से यह कहते हैं की अपने जीवन से सर्वोत्तम पाने केलिए आपको प्रतिदिन के हर घंटे और हर मिनिट में मानसिक रूप से पूरी तरह से उपस्थित रहना पड़ेगा। जैसा की अल्बर्ट कैमस ने कहा है की भविष्य की दिशा में सबसे बड़ी उदारता यह होगी की हम अपना सब कुछ अपने वर्तमान को दे सके। फिर भी हमारा ज्यादातर दिन ऐसा होता हैं की हमारा दिमाग एक ही समय पर अनेक जगहों पर विचरण कर रहा होता हैं।

हम सब काम पर जाते समय रास्ते का मजा लेने के बजाय हम यह सोच रहे होते है की हमारा अधिकारी हमसे दफ्तर में पहुंचने के बाद क्या बोलने वाला है, या हम दोपहर के खाने में क्या खाने वाले हैं? दोस्तो जैसा की पूर्व दिशा में यह बोला जाता हैं की हमारा मन इधर उधर भागते हुए छोटे पिल्ले की तरह है या उन छोटे बंदरो की तरह है जो एक जगह से दूसरी जगह बिना आराम किए दौड़ते रहते हैं।

दोस्तो अच्छी बात यह है की आप अपना ध्यान वर्तमान में केंद्रित करना सीख सकते हैं और अपने अस्थिर दिमाग का इलाज कर सकते हैं। अपने अस्थिर दिमाग का इलाज करने केलिए एक पद्धति है जिसे लेखक ‘केंद्रित पढ़ना’ कहते है। इस पद्धति में जब आपका ध्यान अपने पढ़ने वाले पन्ने से भटकता है तो आप दाहिने तरफ के हाशिए में एक निशान लगाइए।

दोस्तो यह साधारण प्रक्रिया आपको अपनी एकाग्रता में असमर्थता देगी और जैसा की यह जागरूकता परिवर्तन की ओर का पहला स्टेप हैं तो यह आपको स्पष्ट और शांत दिमाग की निपुणता बढ़ने में मदद करती है।

11. अपने को शांत रखिए।

दोस्तो कोई भी इंसान गुस्सा हो सकता हैं और गुस्सा होना सबसे आसान चीज है। परंतु नाराज होने केलिए सही व्यक्ति , सही मात्रा , सही उद्देश्य और सही तरीका निर्धारित करना आसान नहीं है, ऐसा अरस्तू का कहना था। जीवन की परेशानियां और तनावो को मददेनज़र रखते हुए हम थोड़ी सी भी उत्तेजना से भी क्रोधित होकर गुस्से के आवेग में आ सकते हैं।

दोस्तो जब हम थकान से भरे हुए दिन के बाद घर जाने की जल्दी में होते है तो रास्ते में कई बार अपने सामने धीमी गति से गाड़ी चलाने वाले पर चिल्लाते रहते हैं, क्योंकि उसके पास समय कोई कमी नही है। दोस्तो असली समस्या यह है की हर बात पर गुस्सा होना हमारी आदत बन जाती हैं और बाकी आदतों की तरह यह हमारा दूसरा अस्तित्व बन जाती हैं।

दोस्तो प्रभावशाली लोग संतुलित और विश्वसनीय होते है और संघर्ष के समय शांत इंसान की आवश्यता होती हैं। ऐसे लोग हमे निश्चल और तटस्थ रहते हैं, चाहे कितनी भी चिंता क्यों न हो। अपने आपको परेशानी के समय में शांत रखना हमे आगे आने वाले दुख से बचाता है।

दोस्तो इंसान के जबान से निकले हुए शब्द तीर तरह होते है जो एक बार मुंह से निकल गए तो उनको वापस लेना असंभव है। इसीलिए अंत: अपने शब्दो का बहुत ही सावधानी से चुनाव कीजिए ऐसा ऐसा लेखक का कहना है। दोस्तो अपने गुस्से पर काबू रखने केलिए सबसे अच्छा तरीका है कि जिस इंसान ने आपको क्रोधित किया है, उस पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करने से पहले १०० तक कि गिनती करें।

12. अपने उद्देश्य को गंभीरता से लें।

दोस्तो इस चैप्टर में ऑथर रॉबिन शर्मा जी कहते है कि अनेको वक्ता और लेखक आपको अपने लक्ष को साधने केलिए प्रोत्साहित करते हैं परंतु वह यह नही बताते की लक्ष का होना आपने आप में इतना शक्ति शाली निर्णय क्यों हैं? यह कहने की आवश्यकता नहीं है जब हम कागज पर अपने लक्षो के बारे में लिखते हैं तो कुछ चमत्कार सा हो जाता हैं।

दोस्तो मेरी राय में जीवन के समस्त क्षेत्रों में स्पष्ट उदेश्यो को निर्धारित करके हम तीन चीजे पाते हैं।

पहला फायदा यह है की आपके जीवन में एकाग्रता का संचय होता हैं। उस दुनिया में जो अनेक विकल्पो के साथ जटिल हो चुकी है। हम जिस युग में रह रहे हैं उसमे साधारण तौर पर एक ही समय पर बहुत से कार्यो को करने के विकल्प हैं। हमारा ध्यान बांटने के लिए अनेकों आकर्षण है। लक्ष्य हमारी इच्छा को स्पष्ट करते हैं और हमे उन क्रियायो पर ध्यान देने में मदद करती हैं जिसमे हम अपनी चाही हुई चीज पा सके।

दोस्तो अपने उद्देश्य निर्धारण से आपको ज्यादा बढ़िया विकल्पो को चुनने का मौका मिलता है। अगर आपको सही तरीके से मालूम है की आप कहा जा रहे हैं तो उन क्रियाओ को जानना आसान हो जाता हैं जो हमे अपने लक्ष्य तक पहुंचाती हैं। अपने मुकाम तक पहुंचने केलिए उनको लिखना आपकी मंशा को स्पष्ट कर देता है और यह आपके स्वप्न को पूरा करने केलिए पहले कदम के समान होता हैं।

जैसे की उपन्यासकार सॉल बेलो ने लिखा है की “एक स्पष्ट योजना हमे चुनाव के संताप से बचाती है” या जैसा लेखक ग्लेन ब्लैंड जी ने लिखा है की “ लक्ष्य और योजनाएं हमारे जीवन से चिंता दूर कर देते है। “अगर आप अपने उद्देश्य को निर्धारित कर लेते है, तो आपकी प्रक्रियाएं आपकी भावनाओं के बजाय आपके लक्ष पर आधारित होगी। इसीलिए दोस्तो हमे अपने उद्देश्य को गंभीरता से लेकर उसे एक कागज पर लिखना चाहिए।

13. रास्ते के समय का उपयोग कीजिए।

दोस्तो अगर आप रोज अपने दफ्तर जाने के लिए एक तरफ से तीस मिनट का समय देते है तो एक वर्ष के बाद आप ६ हप्तो का समय अपनी कार में बीता चुके होंगे। क्या आपके लिए यह संभव है की आप पूरे समय कार की खिड़की से बाहर देखते रहे और खोए रहे जब की नकारात्मक समाचार कार के रेडिओ से गर्जन कर रहे हों?

दोस्तो यहां पर लेखक कहते है की वह सारे सफल और ज्ञानी लोग जिनको में जानता हूं, उन सब में एक कॉमन आदत है और वो यह है की वे लोग कार में कैसेट सुनते हैं। ऐसा करके वे अपने चालन के समय को सीखने के समय में परिवर्तित कर देते है और अपनी गाड़ी को चलाता फिरता विश्वविद्यालय बना देते है।

आप अपनी कार को एक ‘पहियों पर विद्यालय’ बनाने में अपने जीवन का सबसे बड़ा निवेश करेंगे। कार्य केलिए थके हारे, निराश और निरुत्साहित होकर पहुंचने से अच्छा है की आप शिक्षण संबंधी कैसेट सुनकर अपना रास्ता आनंदायक बना लें और अपने आस पास के असीमित अवसरों केलिए प्रेरणा से पूर्ण केंद्रित और सतर्क बन जाए।

14. क्षमादान करें।

इस चैप्टर में ऑथर रॉबिन शर्मा जी कहते है की किसी ऐसे व्यक्ति को क्षमा करना जिसने आपके साथ गलता व्यवहार किया है, वास्तव में एक स्वार्थी व्यवहार है न की स्वार्थ रहित। दोस्तो किसी इंसान को माफी देकर आप अपने अंदर की शत्रुता और घृणा की भावना से छुटकारा पा जाते हैं और यह क्रिया क्षमादान पाने वाले से ज्यादा लाभ आपको देती हैं।

दोस्तो यहां पर ऑथर कहते है कि जैसा की मैं अपने जीवन की शिक्षा के कार्यक्रमों में सिखाता हूं कि जब आपका किसी से बैर होता हैं तो वह बोझ अपनी पीठ पर उठाए हुए उस व्यक्ति के बोझ के समान होता हैं, जिसे आप लगातार ढो रहे होते हैं। वह व्यक्ति आपकी शक्ति, उत्साह और मन की शक्ति को निचोड़ लेता है, परंतु जैसे ही आप उस व्यक्ति को माफ कर देते है वह बोझ आपकी पीठ से है जाता हैं और आप निश्चित रूप से अपने जीवन में आगे बढ़ सकते हैं।

दोस्तो मार्क ट्वेन जी ने लिखा है की “माफी उस खुशबू के समान है, जो बनफशे का फूल उस पैर को देता है जिसने उसे कुचला था” क्षमादान भावनात्मक और निजी प्रबलता का महान आचरण है। यह एक सबसे अच्छा तरीका है जिसके द्वारा अपने जीवन को उचाइयों तक लाया जा सकता हैं। इसीलिए हर उस व्यक्ति को माफ कीजिए जिसने आपका अपमान या आपके साथ बुरा बरताव किया था।

15. तीन महान मित्र बनाइए।

दोस्तो इस अध्याय में ऑथर हमसे कहते है की अच्छी दोस्ती के संबंध बनाना प्रसनता और खुशी का एक पक्का रास्ता है। दोस्तो हाल ही के अध्ययन बताते हैं की जिन लोगो के बिच में मित्रो और रिश्तेदारों का एक बड़ा दायरा होता हैं वे ज्यादा लम्बा जीवन जीते हैं, ज्यादा हंसते हैं और कम चिंता करते हैं। परंतु मित्रता बाकी अच्छी चीजों की तरह समय, शक्ति और कर्तव्य निष्ठता मांगती है।

दोस्तो एक दार्शनिक ने कई शताब्दियों पहले लिखा था की “दुनिया में दोस्ती से ज्यादा अनमोल कुछ भी नहीं है, जो लोग इसको जीवन से दूर रखते हैं वह उसी प्रकार है जैसे पृथ्वी को सूर्य से अलग कर दिया जाए क्योंकि प्रकृति की अनमोल देनो से यह सर्वाधिक खूबसूरत और प्रसंदायक हैं।

दोस्तो लेखक रॉबिन शर्मा जी जैसे ही बड़े हुए तब उनके पिताजी ने उनको कहा था की “कोई भी व्यक्ति जिसके तीन दोस्त हैं वह वास्तव में एक धनी इंसान है।” दोस्तो गहन मित्रता स्थापित करने के लिए आपको अपने सुविधाजनक दायरे से बाहर निकलकर उन लोगों से बात करने की निष्कपट गर्मजोशी के साथ पहल करनी पड़ेंगी।

जिन्हे आप शायद अच्छी तरह से जानते भी न हो और आप अगर मित्रता के बीज बोएंगे तो आपको अवश्य ही उत्तम दोस्ती की फसल का लाभ प्राप्त होगा। दोस्तो अगर आप जानना चाहते हैं की हमारा सच्चा दोस्त कौन है तो नीचे दिए गए आर्टिकल को बाद में जरूर पढ़िए।

16. ध्यान लगाना सीखिए।

इस चैप्टर मे रॉबिन शर्मा जी कहते है कि फ्रांस के गणितज्ञ ब्लेज पास्कल ने लिखा है कि “हर इंसान को परेशानियां अपने कमरे में चुपचाप न बैठ पाने के कारण आती हैं।” और हम अपने जीवन को शोर शराबे की प्रक्रियाओं से भरने के आदि हो चुके हैं। हम रेडियो की तिर्व आवाज के साथ उठते हैं और टीवी के समाचार के साथ तैयार होते है। काम पर जाने के बाद अगले आठ घंटे दफ्तर के कोलाहाल में बीता देते है।

उसके बाद जब हम दिन खत्म होने पर घर वापस आ जाते है, तब फिर से हम श्याम की प्रक्रियाओं में व्यस्त हो जाते हैं। जहा पीछे से टीवी की आवाज और फोन की घंटियां, कंप्यूटर की भिनभिनाहट हमारा पीछा नहीं छोड़ती है। दोस्तो पास्कल जी ने सही कहा है कि “हमारी ज्यादातर चिंताओ की शुरवात इस बात से होती है की हम सब ने हर दिन थोड़ी देर केलिए भी अपने जीवन में शांत रहने के महत्व को भुला दिया है।”

दोस्तो बिना ध्यान रूपी गुण के सम्पूर्ण और परिपूर्ण जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती हैं और अगर आप एक क्रिया पर अपना ध्यान केन्द्रित नही कर पाते हैं तो आप कभी भी अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाएंगे। बिना मानसिक अनुशासन के तुच्छ विचार और चिंताएं आपका पीछा करेगी और आप में कभी भी अपने आपको अधिक अर्थपूर्ण प्रक्रियाओं में शामिल होने का मौका नहीं मिल पायेगा।

यहा पर ऑथर कहते है की जिस दिन से मैंने अपना ध्यान केन्द्रित करना सीखा उस दिन से मेरे जीवन में बदलाव आना शुरू हुआ। ध्यान करना कोई नए जमाने का अभ्यास नहीं है, जो सिर्फ हिमालय पर रहने वाले साधुओ तक सीमित है। बल्की इसके विपरित ध्यान एक अत्यंत पुरानी पढ़ती है जिसका विकास दुनिया के कुछ सर्वोच्च रूप से बुद्धिमान लोगों ने अपने मन का पूर्ण रूप से नियंत्रण अपने हाथ में लेने केलिए किया था।

दोस्तो ध्यान करना वह प्रक्रिया है जो आपके मस्तीक्ष को वह कार्य करने केलिए प्रशिक्षित करती है, जिसके लिए वह बनाया गया है। दोस्तो अगर आप ध्यान क्या है और ध्यान करने के फायदे क्या है तो आप नीचे दिए हुए आर्टिकल को इसके बाद में जरूर पढ़िए।

17. अपने जीवन के सी.ई.ओ बनिए।

दोस्तो इस अध्याय में लेखक रॉबिन शर्मा जी कहते है कि “अगर ऐसा होगा तो मेरे कारण होगा।” यह एक अद्भुत मंत्र है। और इसके साथ साथ वे कहते है की मैने समाचार पत्र में यह पढ़ा की करीब १० प्रतिषद जनसंख्या इस बात की शर्त लगा रहे हैं की वे लॉटरी जीत कर नौकरी से अवकाश लेने के बाद अपने आपको आर्थिक सहायता दे सकेंगे।

दोस्तो बहुत सारे लोग अपने भविष्य की बेहतरीन अवस्था को अपने चुनाव पर नही बल्कि परिस्थितियों पर छोड़ देते है। दोस्तो हमे अपने आंख और कानों को जीवन की वास्तविकता की ओर खोल कर रखने चाहिए। इसके लिए यह एक स्वाभाविक नियम है जिसने मानवता पर हजारों वर्षो से शासन किया है। इसके आगे के हप्तो में अधिक प्रगतशील होने केलिए अपने आपको अपने भाग्य का सी.ई.ओ के रूप में देखना शुरू कर दीजिए।

दोस्तो सारे प्रभावशाली सी.ई.ओ यह समझते हैं की जो भी होगा तो उनके उपर निर्भर होगा। अपने सपनो को पूरा करने केलिए एक निर्णायक की तरह व्यवहार कीजिए। अंत: अगर आप कुछ करना चाहते हैं तो अपने भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय तुरंत उस पल पर अमल करना शुरू कर दे। याद रखिए आप या तो बहाना बना सकते हैं या फिर प्रगति कर सकते हैं परंतु दोनो चीजे एक साथ नही कर सकते हैं।

“दोस्तो जीवन में कोई भी काम करते वक्त आपको इस बात की फिक्र नहीं करनी चाहिए की लोग क्या कहेंगे, अगर आप जानते हैं की जो आप कर रहे हैं वह सही है।”

अपने आपको खुद के जीवन का सी.ई.ओ बनाकर आप अपने जीवन के दृष्टिकोण में एक बुनियादी परिवर्तन ला सकते हैं। अपने जीवन में सिर्फ यात्री बने रहने के बजाय अपने जहाज का कैप्टन बनकर और समय के प्रवाह के साथ गलत दिशा में जाने के बजाय उसे अपनी मनचाहे दिशा में मोड़ दीजिए। और जैसे जैसे आप अपने जीवन का प्रबल नियंत्रण अपने हाथ में लेंगे तो उसका अच्छा असर आपको आपके जीवन में देखने को मिलेगा।

18. अपने दिन में पूरी जिंदगी देखिए।

दोस्तो इस अध्याय में लेखक कहते है कि जिस प्रकार आप अपना दिन जीते हैं उसी प्रकार आप अपना जीवन भी जी लेंगे। यह सोचना बहुत आसान है और एक जंगल में फसने के समान है, जब आप यह सोचते हैं की इस दिन का ज्यादा महत्व नहीं है और हमारे आगे आने वाले दिन अधिक महत्वपूर्ण होएंगे।

परंतु एक महान जीवन एक श्रखला के समान है, जो बेहतरीन और संतुष्ट जीवन के दिनों को आपस में पिरोकर एक खूबसूरत मोतियों की माला की तरह प्रतीत होता हैं। तो आज का दिन सिर्फ अंतिम परिणाम मैं गुणात्मक रूप से जुड़ता जाता हैं। दोस्तो अतीत जा चुका है और भविष्य एक कल्पना है, तो सिर्फ आज का ही दिन है जो आपका अपना है। इसका निवेश अच्छे से कीजिए।

आप अपने जीने के चाह को बढ़ाइए और अपने कर्तव्यों को आगे आने वाले दिनों के लिए दुगना करने का फैसला किजिए। बहुत लोग ऐसा सोचते और मानते हैं की जीवन में परिवर्तन लाने केलिए कई महीने और साल लगते है। पर यह सच नहीं है।

दोस्तो आप अपने जीवन को उसी समय बदल देते है जिस पल आप अपने दिल की गहराइयों से बेहतर और कर्तव्य निष्ट इंसान बनने का निर्णय लेते हैं।

दोस्तो महीने और साल सिर्फ उन कोशिशों में लग जाते है जो आपको अपने निर्णय को बनाए रखने केलिए करनी पड़ती है। और जीवन को बदलने का सबसे अच्छा निर्णय जो आप ले सकते हैं वह यह है की आप अपने दिन के हर पल को पूर्णता के साथ जीए। जैसा की गोल्फ के ऐतिहासिक खिलाड़ी बेन होगान का कहना है,

“जैसे जैसे आप जीवन की राह में आगे बढ़ते जायेंगे आपको रास्ते के गुलाबो को जरूर सूंघना चाहिए क्योंकि यह बाजी सिर्फ एक बार आपके हाथ आई है।”

19. कम सोइए।

दोस्तो क्या आप Thomas Edison की जीवनी पढ़ने के काबिल है। थॉमस एडीसन जी अतीत के स्वप्नदर्शी, थोड़ा भाग्य , थोड़ी प्रतिभा के साथ वह एक उज्वल अविष्कारक थे। पर दोस्तो एक चीज जो इस विशेष व्यक्ति की मैं कभी नही भूल सकता हूं। और वह है की वे सिर्फ 4 घंटे की नींद पर निर्भर रहने का अपूर्ण गुण।

उनका कहना था कि,

“नींद एक नशे के समान है” और “अगर एक समय में ज्यादा नींद ली जाए तो वह आपको मूर्ख रहने बना देती है। और आप समय, ताकत और अवसर खो देते है।”

दोस्तो हम में से ज्यादा तर लोग आवश्यकता से अधिक सोते हैं और हम अपने आप को तस्सली देते रहते हैं की हमे अच्छी तरह से काम करने केलिए 8 घंटे की नींद लेना बहुत ही जरुरी है। हम इससे कम नींद के बिना आगे नहीं बढ़ सकते है और इसके ख्याल को भी झटक देते हैं। दोस्तो नींद की अवधि आवश्यक नहीं है बल्कि जो असली महत्वपूर्ण है, वह है की नींद की प्रचुरता और अपूर्वता।

दोस्तो अंत: केंद्र बिंदु यह है की नींद के घंटे नही परंतु हमारे शरीर को नींद की सिर्फ उतनी मात्रा की आवश्यकता है जो हमारे शरीर को नया जीवन दे सके। बिस्तर पर कम समय रहिए लेकिन कोशिश करिए की एक और गहरी नींद आ सके। यह समझिए कि थकान एक मानसिक सरंचना है जो इस बात से पैदा होती है जो हमे करना पसंद नहीं है।

20. विनम्र बनिए।

दोस्तो इस अध्याय में ऑथर रॉबिन शर्मा जी कहते है की एक गुण जो किसी भी इंसान में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता हैं और वह है विनम्रता। लेखक अपने खुद के अनुभव से सीखकर हमे बताते हैं की जो लोग सबसे ज्यादा ज्ञानी होते हैं या जिनके जीवन में सबसे ज्यादा उपलब्धि होती है और जिन्होंने जीवन को पूरी पूर्णता के साथ जिया है, ऐसे लोग हमेशा धरातल पर रहते हैं और एक शब्द में कहा जाए तो वे लोग विनम्र होते है।

दोस्तो ऐसा व्यक्ति जो विनम्र है उसकी उपस्थिति काफी विशिष्ट होती है। विनय भाव का अभ्यास करने वाले लोग यह दर्शाते हैं की वे दूसरो का आदर करते हैं और हमे यह याद दिलाते हैं की अभी भी कितना कुछ सीखने केलिए बाकी है। यह गुण आपके आस पास के लोगों को यह संदेश देता है की आप उनके ज्ञान के भंडार को स्वीकार करने और उनकी बाते सुनने केलिए तत्पर है।

दोस्तो इसी के उपर मुहमद अली जी ने कहा है कि “आप एक इंसान के रूप में जितना सम्पूर्ण होते हैं आपको अपने आपको साबित करने की उतनी ही कम आवश्यकता होती है।”

21. अपने लक्ष्य का पत्र रखिए।

दोस्तो इस चैप्टर में लेखक रॉबिन शर्मा जी कहते है की अनेको बार मैने यह पाया है की अत्यधिक प्रभावशीलता के साथ कार्य करने वाले पुरुष और महिलाएं अपने साथ हमेशा एक लक्ष्य का पत्र रखते हैं, जिसे वे अपने शांत समय में फिर से देख और पढ सके। यह छोटा सा पत्र उनके जीवन के कुछ उच्च उदेश्यो की एक सूची के रूप में होती है, जिसमे वे उनको पूरा करने के निर्धारित समय को भी लिखते हैं।

दोस्तो एक लक्ष पत्र को रखना और उसे दिन में ३-४ बार पढ़ना आपको आपका ध्यान उन विषयों पर केंद्रित रखेगा जो वास्तव में महत्वपूर्ण हैं। यह आपके आत्म नियंत्रण का विकास करेगा और आपको सिर्फ उन क्रियाओं पर केंद्रित करेगा जिसकी आवश्यकता आपको अपने उद्देश्यों में आगे बढ़ने और अपने सारे आरामो केलिए नही बोलने का अनुशासन लाने में लगेगी।

दोस्तो ऐसा करके आप अपने ध्यान का नवीनीकरण कर सकते हैं। दोस्तो यहां पर लेखक कहते है की मै आपसे वादा करता हूं की अगर आप अपने जीवन में सिर्फ उन बातों पर ध्यान देने लगेंगे जो की सही में योग्य है, तो यह निश्चित है की आप अंत में सर्वोच्च आनंद की प्राप्ति जरूर करेंगे।

22. शिकायत करना छोड़कर जीना शुर करिए।

दोस्तो यह शिकायत करना छोड़ दीजिए की आपके पास समय की बहुत कमी है और एक घंटा सुबह जल्दी उठना शुरू किजिए। दोस्तो आपके पास विकल्प है तो क्यों न उसका उपयोग करे। इसी के साथ इस बात की असंतुष्टता प्रकट करना छोड़ दीजिए की आपको अपनी व्यस्तता के कारण व्यायाम करने केलिए समय नही मिल रहा है।

दोस्तो अगर आप हर रोज 7 घंटे की नींद लेते हैं और 8 घंटे काम करते हैं, तो उसके बाद भी आपके पास 63 घंटे का खाली समय हर हप्ते होता हैं। जिसमे आप जो भी चाहे वो आप कर सकते हैं। इसका मतलब 252 घंटे हर महीने और 3024 घंटे प्रतिवर्ष हमे मिलते हैं, जिसे हम अपने जीवन के बाकी कार्यों के लिए प्रयुक्त कर सकते हैं।

अंत: आपको यह समझना चाहिए कि दुनिया के इतिहास में इससे ज्यादा बेहतर समय कभी नही हुआ है, जो इन अपरिमित संभावनाओं को हर दिन हमारे सामने अवसर के रूप में लाता हैं। जैसा आप अपने आपको रखना चाहते हैं पर वैसे खुश और शांत नहीं है तो इसके लिए अपने माता पिता और अर्थव्यवस्था को जिम्मेदार ठेहराना छोड़कर अपनी परिस्थितियों का पूरा दायित्व अपने ऊपर लीजिए।

यह आपका द्वारा लिया हुआ पहला कदम होंगा जिसके अनुसार आप अपने जीवन को एक नवीन रूप में देखना शुरू करेंगे और वह आपके बेहतर जीवन की शुरवात का बिंदु होंगा। जैसा कि जोर्ज बर्नाड शॉ ने कहा है कि,

“इस दुनिया में वही लोग आगे जाते है जो समय के साथ चलते हैं और आगे बढ़ते हैं और उन परिस्थितियों को ढूंढते हैं जिनकी उन्हें तलाश है। और वे उन्हें नही खोज पाते हैं तो उनका सृजन करने की कोशिश करते हैं।”

“अगर आप अपनी शिकायत का एक मिनिट साठ सेकंड में दौड़कर तय की हुई दूरी से भर सके तो यह दुनिया और इस दुनिया की हर चीज आपकी हो जायेगी।” इसीलिए दोस्तो आप शिकायत करना छोड़कर जीना शुरू किजिए।

23. अपने काम से प्रेम करिए।

दोस्तो अपने जीवन को प्रसनता से जीने का एक और गुढ रहस्य यह है की अपने काम से प्यार करना। एक सुनहरा सत्य यह है जो हमे इतिहास के पन्नो को पलटने के बाद मिलता है वह यह है की सबसे ज्यादा संतुष्ट लोग वे थे जो अपनी जीविका के लिए अपनी पसंद का काम करते थे।

दोस्तो जब मनोविज्ञानिक वेरा जॉन स्टाइनर ने करीब सौ सृजनकारो से साक्षात्कार किया तो उन्होंने पाया कि उन सब में एक बात समान थी की उन सब को अपने कार्य के प्रति गहन प्रेम था। थॉमस एडीसन वो इंसान था जिसके 1093 अविष्कारो का अभिलेख था, उन्होंने फोनोग्राफ से शुरू करके चमकते बल्ब और फिल्मों के माइक्रोफोन का अविष्कार किया था और उनका कहना था की,

“मैने मेरे जीवन में एक दिन भी काम नही किया बल्कि सिर्फ आनंद लिया।”

दोस्तो जब आप अपने पेशे से प्यार करने लग जाते हैं तब आपको यह पता लग जाता है की आपको अगले दिन काम नहीं करना पड़ेगा बल्की आपका काम सिर्फ क्रीड़ा के समान होंगा और आपका समय हाथ से ऐसे निकलेगा की जैसे आया था। दोस्तो इसीलिए आपको अपने काम से प्रेम करना शुरू करना चाहिए।

दोस्तों यह थी रॉबिन शर्मा जी की बेस्ट सेलर बुक (कौन रोएगा आपकी मृत्यु पर) Who Will Cry When You Die Book Summary in Hindi आपको कैसी लगी कृपया हमे कॉमेंट करके ज़रूर बताएं।

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