Time Management Book Summary in Hindi By Sudhir Dixit

Time Management Book Summary in Hindi:

नमस्ते देवियो और देवताओं आप सभी का नॉलेज ग्रो हिन्दी ब्लॉग में स्वागत है। दोस्तो आज का यह आर्टिकल आप सब केलिए बहुत ही खास और यूजफुल होने वाला है क्योंकि आज हम आपके साथ Time management Book Summary in Hindi में शेयर करने वाले हैं।

Time management Book Summary in Hindi
Time management Book Summary in Hindi
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Time Management Book किन लोगों केलिए हैं?

  • वे लोग जो कामयाबी के शिखर पर पहुंचना चाहते हैं।
  • वे लोग जो समय का प्रबंधन (मैनेजमेट) करना सीखना चाहते हैं।

Time Management Book क्यों पढ़नी चाहिए?

दोस्तो हम सब के पास एक दिन में 24 घंटे ही होते हैं, न की किसी के पास ज्यादा न किसे के पास कम घंटे होते है। इन 24 घंटो का हम किस प्रकार उपयोग करते हैं, उसी से अक्सर तय होता हैं हम सफल होंगे की असफल। लेकिन कई बार हम यह नहीं जान पाते है की हम अपने टाइम का सबसे अच्छा उपयोग कैसे कर सकते हैं। इसीलिए दोस्तो हमे समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग के सिद्धांतो को जानने की जरूरत है।

दोस्तो इस किताब में समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग के 30 सिद्धांत दिए गए हैं, जिनका उपयोग करके आप अपने जीवन को सार्थक, संपन्न, सुखी और सफल बना सकते हैं। दोस्तो चाहे आप नौकरी करने वाले कर्मचारी हो या आप विद्यार्थी हो या आप सेल्समैन हो या आप एक बिसनेस मैन हो, ये सिद्धांत आपकी उसमे मदद करेंगे। इन पर अमल करने से आपकी लाइफ बदल सकती है और आप कामयाबी के शिखर पर पहुंच सकते है।

Time Management Book Summary in Hindi

दोस्तो समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग के 30 सिद्धांत को जानने से पहले हम यह जानने की आवश्यकता है की आज कल हम सब को टाइम की इतनी कमी क्यों महसूस होती है और यह सवाल दुनिया के बुनियादी सवालों में से एक है, तो चलिए इस बुनियादी सवाल का जवाब आपको देते है, जो इस किताब के लेखक सुधीर दीक्षित जी ने दिया है।

आजकल समय की इतनी कमी क्यों महसूस होती है?

दोस्तो इस सवाल का जवाब देते हुए लेखक हमसे कहते है की क्या आपने कभी सोचा है की आजकल समय की इतनी कमी क्यों महसूस होती है? और समय पर काम न करने या होने पर हम हल्ला जाते है, आग बबूला हो जाते हैं, चिढ़ जाते है और तनाव में आ जाते है। कई बार तो इस चक्कर में हमारा ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता हैं। समय की कमी हमारे जीवन की अनिवार्य हिस्सा बन चुकी हैं।

क्या आपने कभी यह सोचा है की हमारे पूर्वजों को कभी टाइम मैनेजमेंट की जरूरत नहीं पड़ती थीं तो फिर हमे ही क्यों पड रही है? दोस्तो क्या हमारे पूर्वजों को दिन में 48 घंटे मिलते थे और हमे सिर्फ 24 घंटे मिल रहे हैं? आप सब जानते है और में भी जानता हूं की ऐसा नहीं है और कोई भी व्यक्ति क्यों न हो हम सभी को दिन में 24 घंटे ही मिलते हैं।

लेकिन 20 वी सदी की शुरवात से ही हमे टाइम की कमी महसूस होनी लगी है और यह समस्या दिनोदिन बढ़ती ही जा रही है। बड़ी अजीब बात है की बिसवी सदी की शुरुवात से मनुष्य समय बचाने केलिए नए नए उपकरण बनाता जा रहा है। इससे पहले कार नही थी मोटर साइकिल भी नही थी, लेकिन हमारे पूर्वजों को कही पहुंचने की जल्दी भी नही थी।

दोस्तो पहले बिजली नहीं थी लेकिन किसी को रात रात भर जागकर काम करने की जरूरत भी नहीं थी। वास्तव में तब जीवन ज्यादा सरल था क्योंकि उस समय इंसान की लाइफ घड़ी के हिसाब से नहीं चलती थी। औद्योगिक युग के बाद फेक्ट्री, ऑफिस और नौकरी का जो दौर शुरू हुआ, उसने मनुष्य को घड़ी का गुलाम बनाकर रख दिया।

दोस्तो पहले जीवन सरल था अब जटिल हो चुका है और यही हमारी समस्या का मूल कारण है। पहले जीवन की रफ्तार धीमी थी लेकिन अब तेज हो चुकी है क्योंकि अब इंटरनेट आ चुका है जो पलक झपकते ही हमे दुनिया से जोड़ देता है। शायद आधुनिक आविष्कार ही हमारे जीवन में समय की कमी का सबसे बड़ा कारण है और इनकी बदौलत हम दुनिया से तो जुड़ गए हैं लेकिन शायद खुद से दूर हो गए हैं।

दोस्तो यदि आप समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग को लेकर थोड़ा सा भी गंभीर है, तो इसका सबसे सीधा समाधान यह है की यदि आप किसी तरह आधुनिक आविष्कारों से मुक्ति पा ले और दोबारा से पुराने जमाने की जीवन शैली अपना ले तो आपको काफी सुविधा होगी।

नही , नही… दोस्तो यहां पर लेखक यह नही कह रहे हैं की चूल्हे पर रोटी पकाओ और मुंबई से दिल्ली तक पैदल जाओ, दूसरो से संपर्क करने केलिए उनको पोस्ट से पत्र भिजवाओ। बल्की यहां पर लेखक कह रहे हैं की मोबाइल और इंटरनेट, टीवी और चैटिंग आदि में समय बर्बाद करने वाले अविष्कारो का इस्तमाल कम कर दे।

पहले घड़ी हमारे जीवन पर हावी नहीं हुई थी और इसका सीधा सा कारण यह है की ज्यादातर लोगों के पास घड़ी थी ही नहीं। पहले सुबह जल्दी उठने केलिए अलार्म की जरूरत नहीं पड़ती थीं क्योंकि मुर्गे की बाँग ही काफी थी। और तब 8: 30 की लोकल ट्रेन पकड़ने का कोई तनाव नही रहता था क्योंकि तब सुबह काम पर 9 बजे हो या सव्वा नौ बजे हो कोई खास फर्क नहीं पड़ता था लेकिन अब पड़ रहा है।

दोस्तो हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज और हदय रोग की तरह समय की कमी भी एक आधुनिक समस्या है जो आधुनिक जीवन शैली का परिणाम है। यदि आप इस समस्या से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो आपको अपनी जीवनशैली को बदलना होगा। याद रखिए कि दुनिया नही बदलेगी ; बल्की बदलना तो आपको ही है। यदि आप अपनी जीवन शैली बदल लेंगे तो समय का समीकरण भी बदल जाएगा।

दोस्तो जैसा की Albert Einstein जी ने कहा था की

”हम जीन इंपोर्टेंट समस्याओं का सामना करते हैं, उन्हें सोच के उसी स्तर पर नही सुलझाया जा सकता हैं, जिस पर हमने उन्हें उत्पन किया था।”

दोस्तो अब गेंद आपके पाले में है! इसीलिए आप अपनी सोच बदल बदले और अपनी जीवन शैली को बदले और समय का उचित प्रबंधन करके अपना जीवन बदल लें। इस संदर्भ में आधुनिक प्रबंधन के पितामह पीटर एफ. ड्रकर जी ने कहा है की,

“जब तक हम अपने समय का प्रबंधन नही कर सकते, तब तक हम किसी और चीज का प्रबंधन नही कर सकते हैं।”

दोस्तो अब जानते हैं की टाइम मैनेजमेंट कैसे करें और टाइम मैनेजमेंट करने केलिए टाइम मैनेजमेंट के सिद्धांत क्या है?

टाइम मैनेजमेंट के सिद्धांत क्या है?

दोस्तो हमारे टाइम को मैनेज करने केलिए लेखक सुधीर दीक्षित जी ने हम सब केलिए इस किताब में 30 Time management techniques बताई गई है, जो आपको अपने टाइम को मैनेज करने केलिए उपयोगी साबित होंगी। तो बिना देर किए आपको बताते हैं 30 Time management techniques in Hindi

समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग के 30 सिद्धांत | 30 Time management techniques in Hindi

दोस्तों समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग का पहला सिद्धांत है अपने समय की लॉग बुक रखें।

1. अपने समय की लॉग बुक रखें।

दोस्तो जिस तरह हम अपने पैसों का बजट बनाते हैं उसी तरह आप अपने समय का भी बजट बनाए। और बजट बनाने केलिए आपको यह हिसाब लगाना होता हैं की आपका पैसा कहा कहा खर्च हो रहा है। यही नीति आपको अपने समय के मामले में अपनानी है। एक डायरी लीजिए और उसमे एक सप्ताह तक का यह रिकॉर्ड रखे की आप किस काम में कितना समय खर्च कर रहे हैं।

समय की अपनी लॉग बुक में आप जितना बारीक हिसाब रखेंगे उतना ही आपको ज्यादा फायदा होगा। एक सप्ताह तक आपको अपने हर घंटे का सक्षिप्त वर्णन लिखना है और इससे आपको यह पता चल जाएगा की आपका समय किन गतिविधियों या कामो में लग रहा है। इंसान मूलत: आलसी होता हैं, इसीलिए आपके मन में भी इस अभ्यास से बचने का प्रलोभन जागृत हो सकता हैं।

इस अभ्यास से बचने केलिए आप ऐसा सोच सकते है कि लॉग बुक रखने की क्या आवश्यकता है और में अच्छी तरह से जानता हु की मेरा समय कहा कहा पर जा रहा है। दोस्तो आप लॉग बुक को वह महत्वपूर्ण बुनियाद समझे, जिसकी नीव पर आपके समय प्रबंधन का महल खड़ा है। इसीलिए आप खुद को अनुशासित करे और समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग के दूसरे सिद्धांत को जानने से पहले अपने समय की लॉग बुक रखें।

2. अपना आर्थिक लक्ष्य बनाए।

दोस्तो अगर आपका कोई लक्ष्य नही है, तो आपको सफलता नहीं मिल सकती हैं। क्योंकि अगर आप यह नहीं जानते हैं की आपको कहा पर जाना है, तो आप कही पर भी नहीं पहूंच सकते हैं। जैसे की अगर आप किसी यात्रा पर जाना चाहते हैं तो आपको यह पता होना चाहिए की आप कहा जाना चाहते हैं, उसी तरह आपको यह भी पता होना चाहिए कि आर्थिक क्षेत्र में आप कहा पहुंचना चाहते हैं। तभी आप वहा तक पहुंच सकते है।

दोस्तो यदि आपकी कोई मंजिल तय की हुई नही है, तो आप वहा तक पहुंचने की योजना कैसे बना सकते है और उस दिशा में कैसे चलेंगे? दोस्तो अगर आप अपने जीवन में कुछ खास करना चाहते हैं, तो आप यह जानले की लक्ष्य के बिना आपका काम नही चलेगा।

दोस्तो शैड हेल्म्सटेटर जी ने कहा है की

“लक्ष्य से आपकी योजना को आकार मिलता है, योजना से आपके कार्य तय होते है, और कार्यों से परिणाम हासिल होते है और परिणाम से आपको सफलता मिलती है।”

दोस्तो लक्ष्य जितना स्पष्ट होता है, आपके सफल होने की संभावना उतनी ही ज्यादा बढ़ जाती है। दोस्तो मैं आपको एक स्पष्ट लक्ष का एक उदाहरण देकर समझता हूं जो लेखक सुधीर दीक्षित जी ने इस किताब में दिया हुआ है।

दोस्तो एक सेल्समैन की पत्नी अस्पताल में लंबे समय केलिए भर्ती रही। लेकिन हैरानी की बात यह थी की उस साल में उस सेल्समैन ने अपने सामान्य औसत से लगभग दुगना सामान बेचा और जब उसको उसके सफलता का कारण पूछा तो उसने कहा की अस्पताल का बिल उसके सामने रखा था और वह सटीकता से जानता था की बिल चुकाने केलिए उसे कितना सामान बेचना होगा।

दोस्तो इस उदाहरण से यह स्पष्ट हो जाता हैं की अगर कोई मनुष्य ठान लें, तो वह अपने आर्थिक लक्ष्य को हासिल कर सकता है, बशर्ते उसके सामने स्पष्ट लक्ष्य हो। इसीलिए जीवन में अगर आपको कुछ बड़ा और खास करना है तो आपको अपना आर्थिक लक्ष्य बनाना होगा।

आर्थिक लक्ष्य बनाना बहुत ही आसान है, इसे बनाने केलिए आपको पहले यह तय करना होगा की आप हर महीने कितनी धन राशि कमाना चाहते हैं? और फिर गणित की मदद से यह पता लगाना है की इस धन राशि को कैसे कमाया जाए।

उदाहरण केलिए अगर कोई दुकानदार हर महीने 10,000 रुपए कमाना चाहता है और उसे एक सामान को बेचने पर 50 रुपए का फायदा होता है, तो गणित करना आसान है। तो उसे हर महीने 200 प्रोडक्ट्स बेचने होंगे। औसत का यह आंकड़ा जानने के बाद अब वह काम को टाल नहीं सकता है। अब वह मुड़ नही होने पर और बोरियत का बहाना भी नही बना सकता है। क्योंकि कागज पर अंको का गणित यह बता रहा है की लक्ष्य को प्राप्त करना है, तो उसे हर रोज इतना काम करना ही पड़ेगा।

स्पष्ट लक्ष होने पर आपको हर पल यह पता रहता है की आपने कितनी प्रगति की हैं और यह संतोष जनक है या नहीं। आर्थिक लक्ष्य बनाना और उसके संदर्भ में अपनी प्रगति की जांच करते रहना बेहद जरूरी है क्योंकि हम अक्सर इस बारे में मुगालते में रहते हैं।

हमे अक्सर लगता है की हम बहुत मेहनत कर रहे हैं और हम जितना कर रहे हैं, उससे ज्यादा नहीं कर सकते हैं। लेकिन हमेशा आप यह याद रखे की मेहनत का मतलब हमेशा सफलता नहीं होता हैं, सफलता पाने केलिए यह जरूरी है की सही दिशा में मेहनत की जाए। महत्वपूर्ण बात यह नही है की आप कितनी मेहनत कर रहे हैं, बल्की महत्वपूर्ण यह है की आप कितने सफल और कामयाब हो रहे हैं।

3. सबसे महत्वपूर्ण काम सबसे पहले करें।

दोस्तो अक्सर हमारी दिनचर्या इस तरह की होती है की हमारे सामने जो काम आता है, हम उसे करने लगते है और इस वजह से हमारा सारा समय छोटे छोटे कमो को निपटाने में ही चला जाता हैं। हमारे महत्वपूर्ण काम सिर्फ इसलिए नहीं हो पाते हैं क्योंकि हम महत्वहीन कामो में उलझे रहते हैं। महत्वकांक्षी व्यक्ति को इस बारे में सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि सफलता पाने केलिए यह बहुत जरूरी है की महत्वपूर्ण काम सबसे पहले किए जाए।

बाल्तेसर ग्रेशियन जी का कहना है कि,

मूर्ख व्यक्ति जो काम अंत में करता है , वही काम बुद्धिमान व्यक्ति उस काम को तत्काल करता है। दोनो एक ही काम करते हैं; दोनो में फर्क सिर्फ समय का होता है।

दोस्तो आप हमेशा याद रखें कि सफलता हमे महत्वपूर्ण कामो से मिलती है, न की महत्वहीन कामो से मिलती है। इसलिए अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट रखे और अपना समय महत्वहीन कामो में न गवाएं।

4. यात्रा के समय का अधिकतम उपयोग करे।

दोस्तो हर सफल और कामयाब व्यक्ति अपने 24 घंटो में ज्यादा से ज्यादा उपयोगी काम करना चाहता है। उसकी पूरी दिनचर्या ही समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग पर केंद्रित रहती है। दोस्तो माइक मरडॉक जी ने कहा है की,

“आपके भविष्य का रहस्य आपकी दिनचर्या में छुपा हुआ है।”

यात्रा आपकी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा है और आज कल हर व्यक्ति बहुत सी यात्राएं करता है, जिनमे उसका बहुत सा समय लगता है। फर्क सिर्फ इतना होता हैं की जहा आम व्यक्ति यात्रा के समय में हाथ पर हाथ धरकर बैठता है, वही पर सफल व्यक्ति अपने बहुमूल्य समय का अधिकतम उपयोग करता है।

दोस्तो नेपोलियन जब सेना के साथ युद्ध करने केलिए चले जाते थे तब वे अपने रास्ते के समय में पत्र लिखकर अपने समय का अधिकतम उपयोग करते थे। एडीसन जी अपने समय की बर्बादी को लेकर इतने सचेत थे की किशोर अवस्था में वे जब रेल में से यात्रा करते रहते थे तब वे अपने प्रयोगों में जुट जाते थे। दोस्तो बिल गेट्स जी ने तो एक बार अपने गैरेज में अफ्रीका का नक्शा टांग दिया था, ताकि जब वे अपने कार का इग्निशन बंद करे, तो उनके कीमती सेकंड बर्बाद न हो, बल्की उनका कुछ उपयोग हो जाए।

दोस्तो समय को लेकर सभी सफल और कामयाब लोग सतर्क रहते हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि समय बड़ा बलवान होता हैं और इसके सदुपयोग से ही सफलता संभव है।

सफल और कामयाब व्यक्ति ऐसे काम करने की आदत डाल लेता है की जिन्हे असफल लोग नही करना चाहते हैं। हालाकि सफल व्यक्तियो को भी वे काम अच्छे नहीं लगते है, लेकिन उद्देश्य को याद रखते हुए वे नापसंद कार्यों से मुंह नही मोड़ते है।

आप और हम सब भी अपने यात्रा के समय का लाभ उठा सकते हैं। नौकरी करने वाले लोगों को तो यात्रा में काफी समय लगता है, इसलिए हमे यह जान लेना चाहिए की अगर हम हर दिन ढाई घंटे यात्रा करते हैं, तो हमारे जीवन का लगभग 10 प्रतिषद समय तो यात्रा में ही चला जाता हैं। इस समय में अगर आप कोई मूल्यवान कार्य करेंगे तो आप इसका सार्थक उपयोग कर सकते हैं।

अक्सर यात्रा के दौरान ज्यादातर लोग या तो मोबाइल पर गाने सुनते हैं या फिर अखबार पढ़ते हैं या फिर गपशप करते रहते हैं। वे लोग यह नही जानते हैं कि इस दौरान प्रेरक पुस्तकें पढ़कर या उन किताबो की ऑडियो बुक सुनकर या अन्य महत्वपूर्ण काम करके वे अपने लक्ष्य तक ज्यादा तेजी से पहुंच सकते है।

दोस्तो मशहूर एस्ट्रो फिजिशियन हर्मेन जी को एक बार अपने हवाई अड्डे पर उनकी उड़ान में विलम्ब हुआ, तो उन्होंने उस समय अपने उस समय का सदुपयोग करते हुए एक रिसर्च पेपर लिख डाला! इसे कहते है यात्रा के समय का सद्पुयोग करना।

दोस्तो जब आपके मन में किसी काम को करने की प्रबल इच्छा होती है, तो समय निकल ही आता है। फेंडरिक निश्ते जी की यह बात हमेशा याद रखें कि, “जब किसी मनुष्य के पास रखने केलिए ज्यादा सामान होता हैं, तो दिन की पोशाक में सौ जेबे होती है।” अगर आप समय का ध्यान रखेंगे तो समय भी आपका ध्यान रखेगा।

5. अपना काम सौंपना सीखे।

दोस्तो कोई भी इंसान सबकुछ नही कर सकता है। बहरहाल कई लोग हर काम को खुद करने की कोशिश करते हैं। और जाहिर सी बात है की वे असफल हो जाते हैं। हर व्यक्ति चाहता है की अपने महत्वपूर्ण काम वह खुद करे, लेकिन एक निश्चित ऊंचाई तक पहुंचने के बाद प्रगति करने केलिए दूसरो को काम सौंपना अनिवार्य हो जाता हैं।

बिसनेस की शुराबात में तो कोई भी व्यक्ति सारे काम खुद कर सकता है, परंतु बिजनेस बढ़ने के बाद काम इतने बढ़ जाते है की सहयोगियों के बिना तरक्की नहीं हो सकती है। ऐसे में अगर वह सही सहयोगी को खोजकर उन्हें काम सौपना सिख ले , तो वह आगे भी प्रगति कर सकता है। अगर वह यह नही सिख पाता है, तो भविष्य में उसकी प्रगति की संभावना धूमिल हो जाती है।

बहरहाल दुसरो को महत्वपूर्ण काम सौपना आसान नहीं होता। दुसरो की योग्यता, बुद्धि, क्षमता और निष्ठा पर भरोसा करना आसान नहीं होता है। लेकिन बड़ी सफलता हासिल करने केलिए ऐसा करना अनिवार्य होता हैं। इसके बाद ही सच्ची प्रगति संभव है, क्योंकि अब आप अकेले नहीं है अब आपके पास आपकी एक टीम हैं, जिसकी वजह से आपका समय कई गुना बढ़ ज्याता हैं। और आप उसका सदुपयोग करके ज्यादा तेजी से अपनी मंजिल तक पहुंच सकते है।

दोस्तो काम सौंपने की कला में निपुण होने केलिए आपको सिर्फ दो चीजों की जरूरत होती हैं : यह पता लगाना की कौन से काम सौपे जा सकते हैं और किसे। बस आप इतनी ही सावधानी बरते की अति गोपनीय या अत्यंत महत्वपूर्ण काम दूसरो को सौंपने के बजाय आप खुद करे।

6. पैरेटो के 80/20 नियम को जाने।

दोस्तो पैरेटो का 80/20 नियम समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग केलिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इसे जानने के बाद हम समय का बेहतर उपयोग कर सकते हैं। पैरेटो के अनुसार आपकी 20 प्रतिशत प्राथमिकताएं आपको 80 प्रतिशत परिणाम देंगी , बशर्ते आप अपनी शीषर्थ 20 प्रतिशत प्राथमिकताओं पर अपना समय , ऊर्जा, धन और कर्मचारी लगाए।

यानी की दोस्तो हमे अपने 80 प्रतिशत परिणाम 20 प्रतिशत समय से ही मिलते हैं। इसका अर्थ यह भी है की हमारे समय का अधिकांश हिस्सा यानी 80 प्रतिशत, सिर्फ 20 प्रतिशत परिणाम हासिल करने में बर्बाद होता हैं। यदि हम अपने समय का सर्वश्रेष्ठ करना चाहते हैं, तो यह आवश्यक है की हमे उस 20 प्रतिशत सार्थक समय का पता लगाना होगा और जहा तक संभव हो उसे बर्बाद होने से बचाएं।

यही नहीं हमे उस 80 प्रतिशत समय का भी पता लगाना चाहिए, जिसमे हम सिर्फ 20 प्रतिशत परिणाम ही हासिल कर पाते है। ऐसा करने पर हम अपने सार्थक समय के अनुपात को बढ़ा सकते हैं और निरर्थक समय को कम कर सकते हैं।

दोस्तो योजना को बनाते समय पैरेटो के 80/20 के नियम का पालन करने से आपकी सफलता में आशातीत वृद्धि होती है। क्योंकि इससे आप यह महत्वपूर्ण तथ्य को जान जाते है की कौन सा समय आपकी सफलता में योगदान दे रहा है। इसीलिए समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग का 6 सिद्धांत पैरेटो के 80/20 नियम को जाने और इसे अपने दिनचर्या में शामिल करे।

यदि आपको लगता हैं की आप कड़ी मेहनत कर रहे हैं लेकिन फिर भी आपको सफलता नहीं मिल रही है, तो आपको पैरेटो के 80/20 सिद्धांत को एक बार जरुर आजमाकर देखना चाहिए। इससे आप जान जायेंगे की आप किस काम में कितनी मेहनत कर रहे हैं। हमेशा यह याद रखिए कि वास्तविक संसार में यह महत्वपूर्ण नही होता है कि आप कितनी कड़ी मेहनत कर रहे हैं, बल्की महत्वपूर्ण तो यह होता है की आप कितनी बुद्धिमानी और चतुराई से मेहनत कर रहे हैं।

उसके साथ ही यह पता लगाना सफलता केलिए बहुत जरूरी है की आप अपने लक्ष्य का पीछा करने में कितना समय बर्बाद कर रहे हैं। अक्सर ऐसा होता है की हम अपना समय पहले आसान और छोटे छोटे कामो को करने में लगा देते हैं। और यह सोचते हैं की पहले आसान और छोटे छोटे काम निबटा लेंगे और इसके बाद आराम से अपने महत्वपूर्ण या बड़े काम निबटा लेंगे।

भहराल, बाद में जाकर हमे इस बात इस दुखद तथ्य का एहसास होता हैं की अपने महत्वपूर्ण कामो केलिए हमारे पास टाइम बचा ही नहीं है। यदि आप पैरेटो के 80/20 नियम का पालन केरेंगे तो आपके साथ ऐसा कभी नहीं होगा।

7. पार्किन्सन के नियम का लाभ ले।

दोस्तो समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग के लिए पार्किन्सन के नियम को जानना बहुत आवश्यक है। और पार्किन्सन का नियम यह है की,👇👇👇

‘काम उतना ही फैल जाता हैं, जितना इसके लिए समय होता है।’ दोस्तो इसका अर्थ यह है कि हमारे पास जितना काम होता हैं, हमारा समय भी उसी के अनुरूप फैल जाएगा और वे सारे काम उसी अवधि में पूरे हो जाएंगे। दूसरी ओर अगर हम उतने ही समय में कम काम करने की योजना बनाएंगे तो समय सिकुड़ जायेगा और उतनी ही अवधि में हम कम काम कर पाएंगे।

हमारा लक्ष जितना बड़ा होगा, उपलब्धि भी उतनी ही बड़ी होगी। इसे समझने केलिए में आपको एक उदाहरण देकर समझाता हूं, 👇

जब हम सैर सपाटा करने केलिए या लंबी छुट्टियां मनाने केलिए जाते है, तो उससे कुछ दिन पहले हम अपने घर के काम और ऑफिस के कामों को ताबड़ तौब तरीके से पूरा करने में जुट जाते है। उस सप्ताह में हम सामान्य से दुगना या तिगुना काम कर लेते है। हम फटाफट काम करते हैं, क्योंकि हमे निश्चित समय सीमा में काम को पूरा करके छुट्टियां मनाने जाना होता हैं।

हमारे पास टाइम बहुत कम होता हैं और काम बहुत ज्यादा होता हैं, लेकिन चूंकि हमारे सामने स्पष्ट लक्ष्य होता हैं, इसीलिए हम उसे हासिल कर लेते है और यह पार्किन्सन के नियम की वजह से संभव हो पाता है।

8. अपने प्राइम टाइम में काम करे।

दोस्तो टेलीविजन पर प्राइम टाइम में यानी की रात के 8 बजे से 10 बजने तक विज्ञापन की कीमत सबसे ज्यादा होती है। विज्ञापन उतने ही समय का होता है, लेकिन इसकी कीमत बढ़ जाती है। दोस्तो इसकी कीमत बढ़ने का कारण सिर्फ यह होता हैं की वह विज्ञापन प्राइम टाइम में प्रसारित किया जाता हैं, जिसमे इसे ज्यादा से ज्यादा दर्शकों द्वारा देखा जाता हैं।

दोस्तो टेलीविजन के इस प्राइम टाइम के उदाहरण से हम यह सिख सकते हैं कि हमारे और आपके लिए भी दिन के 24 घंटे एक जैसे नहीं होते है। दिन के किसी खास समय आपकी ऊर्जा और विचार शक्ति, उत्साह और कार्यक्षमता बाकी समय की तुलना में अधिक होती है, और यही आपका प्राइम टाइम है।

ज्यादातर लोगों केलिए सुबह का समय उनके लिए प्राइम टाइम होता हैं, और इस टाइम में वे बड़े बड़े कामो को चुटकियों में कर लेते है। परंतु ध्यान रहे की हर व्यक्ति का प्राइम टाइम अलग अलग होता हैं। कई लोगों केलिए रात का समय उनका प्राइम टाइम हो सकता हैं और कइयों केलिए उनका प्राइम टाइम दोपहर का हो सकता हैं।

आपका प्राइम टाइम सुबह का हो या रात का हो , महत्वपूर्ण बात इसे पहचानना है। आपका प्राइम टाइम कौन सा है यह पहचानना इसीलिए जरूरी है, ताकि आप अपने समय का सर्वश्रेष्ठ उपयोग कर सके। अपने सबसे महत्वपूर्ण काम इसी दौरान करे, ताकि वे अच्छी तरह से और जल्दी हो सके।

दोस्तो अपने प्राइम टाइम में छुटपुट काम करके उसे बर्बाद न करें, क्योंकि छुटपुट काम तो आप बाकी के समय में भी कर सकते हैं। इसलिए समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग का 8 वा सिद्धांत यह है की अपने प्राइम टाइम में काम करे।

9. स्वय को व्यवस्थित करें।

दोस्तो अव्यवस्थित जीवन हमारे सामने कई मुश्किलें खड़ी कर देता है। इनमे से एक मुश्किल यह है की हमारा समय न चाहते हुए भी अनावश्यक रूप से बर्बाद होता हैं और दुखद बात यह है की हम खुद ही इसके लिए दोषी होते है।

अव्यवस्था का सबसे आम उदाहरण यह है की किसी कागज का या फाइल का न मिलना। अनुमान यह है कि ऑफिस में काम करने वाले लोग किसी कागज या किसी फाइल को खोजने में हर दिन लगभग 30 मिनिट बर्बाद करते हैं। आलस या जल्दबाजी के कारण हम किसी कागज या किसी फाइल को सही जगह पर नही रखते हैं और उसे खोजने में ऑफिस और घर को अस्त व्यस्त कर देते है। अंत में हमे वह चीज किसी ऐसी जगह पर मिलती है, जहा उसे रखा जाना नही चाहिए था।

अव्यवस्था का एक और रूप है बीमारी असंतुलित भोजन, अनियमित नींद, चिंता, तनाव और हानिकारक आदतों की वजह से अक्सर हम खुद ही बीमारी को आमंत्रित करते हैं। समय का सर्वश्रेष्ठ उपयोग करने केलिए हमे व्यवस्थित जीवन जीना चाहिए, ताकि बीमारी हम से दूर रह सके। हमे यह याद रखना चाहिए कि बीमारियो की वजह से हमारे कई दिन बर्बाद हो सकते हैं। क्योंकि इस दौरान हम कोई रचनात्मक या चुनौतीपूर्ण काम करने के स्थिति में नहीं होते हैं।

बीमारी के वजह से समय की बर्बादी दुखद है क्योंकि संतुलित आहार तथा नियमित व्यायाम द्वारा अधिकांश बीमारियो से बचा जा सकता हैं। दोस्तो आप यह ध्यान में रखे की अगर आपकी दिनचर्या व्यवस्थित है, तो आपका जीवन भी व्यवस्थित होगा और जब आपका जीवन व्यवस्थित होगा, तो आप सहजता से समय का सर्वश्रेष्ठ उपयोग कर पाएंगे।

10. अपना Time Table बनाएं

दोस्तो जिस तरह पैसे की बर्बादी को रोकने केलिए बजट बनाना जरूरी होता हैं, उसी तरह समय की बर्बादी को रोकने केलिए टाइमटेबल बनाना बहुत जरूरी है। टाइम टेबल मैं आपको अपने पूरे 24 घंटो की योजना बनानी होती है। दोस्तो नीचे दिया हुए पिक्चर से आपको समझ में आया होगा कि अपना टाइम टेबल कैसे बनाए।

Time management Book Summary in Marathi
Time management Book Summary in Hindi

दोस्तो टाइम टेबल बनाना आपको जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाता है, क्योंकि वह संतुलित और सम्पूर्ण होता हैं। दोस्तो अगर आप अपने दिन की योजना यानी की टाइम टेबल नही बनाएंगे तो आपको सफलता नहीं मिलेगी, क्योंकि दोस्तो बिना किसी योजना के जीवन जीना किसी दूसरे व्यक्ति के साथ टीवी देखने जैसा है, जिसके हाथ में रिमोट कंट्रोल हैं।

11. कर्म में जुट जाए

बेहतरीन लक्ष्यो को और सर्वश्रेष्ठ योजनाओं के बावजूद आप असफल हो सकते हैं, बशर्ते आप उन पर अमल न करे तो। कर्म ही वह जादुई तत्व है, जो आपको स्थाई सफलता दिलाता है। इसीलिए समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग का 11 सिद्धांत यह है की अपने कर्म में जुट जाएं।

दोस्तो हम सब जानते हैं की बिना मेहनत किए हम सफल नहीं हो सकते हैं, परंतु आश्चर्य जनक बात यह है की इसके बावजूद भी हम मेहनत करने से जी चुराते हैं, काम को हमेशा टालते रहते हैं और मुड़ न होने का बहाना बनाते हैं और काम करने के अलावा हम सबकुछ करते हैं।

दोस्तो इस संदर्भ में तुलसीदास जी ने इस दोहे को याद रखे।

“सकल पदारथ हैं जग माही। करमहीन नर पावत नाही।”

दोस्तो इसका अर्थ यह है,

“संसार में सारी चीजे हासिल की जा सकती है, लेकिन वे कर्महीन व्यक्ति को नही मिलती है।”

अगर आप भविष्य में सफलता की फसल काटना चाहते हैं, तो आपको उसके लिए बीज आज ही बोने होंगे। अगर आप बीज नही बोएंगे तो भविष्य में फसल काटने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? दोस्तो यह पूरी सृष्टि कर्म और फल के सिद्धांत पर चलती है, इसीलिए आपको अपने कर्म के अनुपात में ही फल मिलेंगे।

यदि आप सफलता चाहते हैं तो आज से ही आप कर्म में जुट जाइए और तब तक जुटे रहिए , जब तक की आपको सफलता हासिल न हो जाए। यदि आप समय का सर्वश्रेष्ठ उपयोग करना सीख लेते है तो आगे चलकर समय आपको पुरस्कार देगा, जिसे आप प्रबलता से चाहते हैं : सम्मान, सफलता, धन या जो भी चीज जो आप चाहते हैं।

12. अपनी कार्यक्षमता को बढ़ाए।

दोस्तो यदि आपको टायपिंग आती है, तो आप एक काम करे। उस वक्त को याद करे , जब आपने पहली बार टाइपिंग करना शुरू की थी और तब आप कितनी तेजी से टाइप कर सकते थे? शायद पांच शब्द प्रति मिनिट और अब क्या स्थिति है ? शायद तीस शब्द प्रति मिनिट। दोस्तो जमीन आसमान का फर्क है ना!!!

ऐसा क्यों?

क्योंकि दोस्तो आपने टाइपिंग सीखी, आपने निरंतर अभ्यास किया, आपने शॉर्टकट किज का उपयोग किया जिसका नतीजा यह हुआ कि आपके टाइपिंग की स्पीड बढ़ गई। दोस्तो ठीक ऐसे ही समय के क्षेत्र में आपको करना है। यहां भी आपको अपनी कार्य क्षमता को बढ़ाना है, ताकि आप उतने ही समय में दौगुना काम कर पाए।

अपनी कार्यक्षमता को बढ़ाने केलिए आपको अपने चुने हुए क्षेत्र में लगातार सीखना होगा और निरंतर नए नए उपायोको आजमाना होगा जिनका इस्तेमाल करके आप अधिक योग्य, अधिक सक्षम बन सके। इसके लिए आपको उन क्षेत्रों के महारथियों से सलाह लेनी है या कम से कम उन्हें काम करते वक्त देखना चाहिए। आप अपने चुने हुए क्षेत्र में होने वाले सेमिनार्स में जाकर या उस क्षेत्र से जुड़ी पुस्तक पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं।

कार्यक्षमता को बढ़ाने केलिए पहली शर्त है इच्छा। दोस्तो आपके भीतर इसकी इच्छा होनी चाहिए। ज्यादातर लोगों को इस काम में बड़ी दिकत आती है। उनका अह यह मानने को तैयार ही नहीं होता की कोई दूसरा उनसे ज्यादा सक्षम है और उन्हें हमेशा यही लगता है की वे जितना कर रहे हैं, उससे ज्यादा हो ही नही सकता हैं। वे हमेशा कम सक्षम लोगों से अपनी तुलना करके खुद को श्रेष्ठ साबित करते हैं।

और दोस्तो दूसरी शर्त है ज्ञान। आपको यह ज्ञान होना चाहिए की क्षमता कैसे बढ़ाई जा सकती है। जब आप में अपनी क्षमता बढ़ाने की प्रबल इच्छा होगी और आप इस दिशा में मेहनत करने केलिए तैयार होंगे तो आपको उपाय अवश्य मिल जायेगा। पुस्तके पढ़े, सेमिनार्स में जाइए, उस क्षेत्र के लोगों से सीखिए।

दुसरो से, खास तौर पर अपने से कम सक्षम लोगों से अपनी तुलना करने से आपको कोई भी फायदा नहीं मिलने वाला है। इसीलिए अगर आपको तुलना करनी है, तो अपने से ज्यादा सक्षम लोगों से करे, इससे भी बेहतर और इफेक्टिव उपाय यह है की अपनी तुलना अपने आप से करे यानी की अपने पिछले प्रदर्शन से करे।

यह सोचे कि अगर कल आपने कोई काम डेढ़ घंटे में पूरा किया था तो आज उसे सव्वा घंटे में कैसे किया जा सकता हैं? बस आपको इतना ध्यान रखना है की काम की गुणवत्ता में कोई कमी नही आनी चाहिए। ऐसा न हो की समय बचाने ने के चक्कर में काम बिगड़ जाए। आपका लक्ष्य न्यूनतम समय में सर्वश्रेष्ठ कार्य करना होना चाहिए, क्योंकि हर क्षेत्र के सफल व्यक्ति इसी तरह कार्य करते हैं।

13. अपनी डेडलाइन तय करें।

दोस्तो डेडलाइन यानी की आखिरी समय सीमा। डेडलाइन दरअसल पुराने जमाने में किसी जेल के चारो और खींची उस लाइन को कहा जाता था, जिसके आगे जाने पर जेल के कैदियों को गोली मारी जाती थीं। दोस्तो आज कल डेडलाइन पार करने पर आपकी जान तो नही जाती है लेकिन आपकी प्रतिष्ठा और कैरियर में तरक्की के अवसर जरूर चले जाते है।

इसीलिए समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग के 12 सिद्धांत यह है की आपनी डेडलाइन तय करे और उसे गंभीरता से लें!!!

अगर किसी दूसरे की डेडलाइन नही है, तो बेहतर यही रहता है की आप खुद ही अपने कार्यों की डेडलाइन तय करे। यह सोचे कि कोई काम कितने समय में किया जा सकता हैं, आपातकालीन स्थितियों केलिए थोड़ा मार्जिन रखे और अपनी डेडलाइन यानी की काम पूरा करने की आखरी तारीख तय कर ले।

शुरवात में आपको थोड़ी दिक्कते आ सकती है लेकिन कुछ समय बाद आपको डेडलाइन के भीतर और उससे पहले ही काम पूरा करने की आदत पड़ जाएगी। दोस्तो डेडलाइन तय करना एक ऐसी लाभकारी आदत है, जिससे आप अपने जीवन के हर एक क्षेत्र में ज्यादा तेजी से तरक्की कर सकते हैं।

दोस्तो अब आपके मन में यह सवाल जरूर उठा हुआ होंगा की आखिर डेडलाइन में ऐसा क्या होता हैं, जिससे आपकी क्षमता बढ़ जाती है और आप ज्यादा तेजी से काम पूरा कर लेते है? तो इसका जवाब यह है की इससे आपको एक स्पष्ट लक्ष्य मिलता है और हम सभी जानते हैं की स्पष्ट लक्ष्य होने पर हम ज्यादा तेजी से काम कर सकते हैं।

डेडलाइन से आप एक योजना बना लेते है और आप उस पर चलने केलिए खुद को अनुशासित करते हैं। और तीसरा यह है की डेडलाइन उस काम पर आपके दिमाग को केंद्रित रखती है, जिससे आप उस काम को समयसिमा में पूरा करने के नए नए तरीके सोच सकते है।

दोस्तो आपने खुद अपने जीवन में महसूस किया होंगा की जब आपको डेडलाइन दे दी जाती है की यह काम अमुक समय तक पूरा हो जाना चाहिए, तो आपके भीतर एड्रिनलिन का स्त्राव हो जाता हैं और आपका आलस भाग जाता हैं। आपकी हर इंद्रिय सक्रिय हो जाती है और आप पूरा ध्यान केंद्रित करके काम में जुट जाते हैं।

तब आप जानते हैं की अगर यह काम दिए गए समय में पूरा नहीं हुआ तो आफत आ जायेगी, इसीलिए आप सुबह जल्दी उठते और पूरी एकाग्रता के साथ काम करते हैं और देर रात तक भी काम करने लगते है। आप उस समय कम सोते हैं, अपना कम समय बर्बाद करते हैं और आखिरकार उस काम को समय पर पूरा कर ही लेते हैं।

तो दोस्तो इसीलिए आप डेडलाइन के महत्व को पहचानिए और उसका उपयोग करके अपनी क्षमता व गति को बढ़ा ले।

13. समय को खरीदना सिखे।

दोस्तो आपके लिए कौन सी चीज सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण पूर्ण हैं: आपका समय या धन ? आप इन दोनो में से किसको बचाने की ज्यादा कोशिश करते हैं ? दोस्तो रिटायर्ड लोग पसेंजर ट्रेन से यात्रा करते हैं क्योंकि उसमे किराया कम लगता है। पसेंजर ट्रेन से यात्रा करते वक्त समय बहुत लगता है और रिटायर्ड लोगों को आमतौर पर समय की कमी महसूस नहीं होती क्योंकि उनके पास समय ही समय रहता है।

दूसरी ओर व्यस्त लोग सुपर फास्ट ट्रेन से यात्रा करते हैं क्योंकि उन्हें समय की कमी रहती है और वे बचे हुए समय का सदुपयोग कर सकते हैं। बेहद व्यस्त लोग हवाई जहाज से यात्रा करते हैं, क्योंकि उनका समय और भी ज्यादा कीमती होता हैं। जिस इंसान का समय जितना कीमती होता है, वह इंसान उसे बचाने केलिए उतने ही ज्यादा पैसे खर्च करने केलिए तैयार रहता है।

यदि आप समय के बजाय पैसे बचाने की ज्यादा कोशिश करते हैं, तो इसका मतलब यह है की आप अपने समय को ज्यादा महत्व नहीं देते हैं। दूसरी ओर जो लोग समय को ज्यादा महत्व देते है, वे समय को बचाने की भरसक प्रयास करते हैं, दोस्तो एक तरह से कहा जाए तो वे समय को खरीद लेते है।

दोस्तो चीनी सूक्ति में कहा गया है कि एक इंच सोने से भी एक इंच समय नही खरीदा जा सकता हैं। लेकिन यकीन मानिए की आप अपने समय को खरीद सकते है!!! दोस्तो जरा सोचिए की कंपनियों का मालिक प्रोडक्ट का उत्पादन नही करता, उसका वितरण भी नही करता, उसे बेचता भी नहीं है लेकिन मुनाफा उसी का होता हैं।

कैसे आइए जानते हैं

कंपनी का मालिक कर्मचारियों को पैसे देकर उसने अपना मनचाहा काम करवाता है और इसे इसे दूसरे शब्दो में कंपनी का मालिक अपना समय बचाने केलिए दूसरो का समय खरीद लेता है। यदि आप अपना कीमती समय बचाना चाहते हैं, तो आपको समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग के 14 वे सिद्धांत का पालन करना होगा।

14. भावी लाभ केलिए वर्तमान में त्याग करें।

दोस्तो इस अध्याय में ऑथर हमसे कहते है की हम समय के मामले में हम सभी के पास यह विकल्प होता हैं की हम चाहे तो इसका दुरुपयोग कर सकते हैं और चाहे तो इसका सदुपयोग कर सकते हैं। हम चाहे तो वर्तमान पल को मौज मस्ती में बर्बाद कर सकते हैं और हम चाहे तो इस पल को सुनहरे भविष्य की सीढ़ी बना सकते हैं।

हम चाहे तो आलस में आकर न्यूनतम काम करके अधिक आराम कर सकते हैं और हम चाहे तो कर्मठता से अधिकतम काम करके अपने समय का निवेश कर सकते हैं। हर इंसान अपने भावी लाभ केलिए वर्तमान समय का निवेश करता है। जिस तरह कंपनिया भावी सफलता केलिए पूंजी का निवेश करती है उसी तरह सफल और कामयाब लोग अपनी भावी सफलता हासिल करने केलिए समय का निवेश करते हैं।

दोस्तो में आपको कुछ उदाहरण देकर समझाता हूं।

एक विद्यार्थी अपनी परीक्षा करीब आने पर भी घंटो तक टीवी देखता रहता है और दूसरा विद्यार्थी यह सोचता है की इस समय पढ़ने से परीक्षा में अच्छे मार्क मिल जायेगे, इसीलिए वह टीवी न देखकर पढ़ाई करने में जुट जाता हैं।

एक कर्मचारी ऑफिस के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर काम करने के बजाय गपशप करता है, वही दूसरी और दूसरा कर्मचारी करियर में तरक्की को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को फटापट से पूरा कर देता है।

दोस्तो अब आप ही बताए की इन दोनो उदाहरणों में ज्यादा अच्छा भविष्य किसका होगा? पहले व्यक्ति का या दूसरे व्यक्ति का ? दोस्तो निर्विवाद रूप से दूसरे व्यक्ति का भविष्य ज्यादा अच्छा होगा। इसका कारण स्पष्ट है क्योंकि हर उदाहरण में पहला व्यक्ति क्षणिक सुख में उलझकर अपना समय बर्बाद कर रहा है, जब की दूसरा व्यक्ति अपनी भावी सफलता केलिए क्षणिक सुख का त्याग कर रहा है।

दोस्तो इसीलिए समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग का १५ सिद्धांत यह है की भावी सफलता केलिए वर्तमान में त्याग करें।

16. निश्चित समय पर काम करे।

दोस्तो हमारे शरीर में एक घड़ी होती है, जिसे बायोलॉजिकल क्लॉक कहा जाता हैं। जब आप निश्चित समय पर काम करने की आदत डाल लेते है, तो आपका शरीर उसी अनुसार ढल जाता हैं। यदि आप हर दिन दोपहर डेढ़ बजे खाना खाते हैं , तो आपको उसी समय अपने आप भूख लग जायेगी। और यदि आप हर रात को 10 बजे सोते हैं, तो आपको उस समय अपने आप ही नींद आ जायेगी।

दोस्तो यह बायोलॉजिकल क्लॉक है जो आपसे निश्चित समय पर निश्चित काम करवा रही है; बस आपको आदत डालकर इसमें चाबी भरनी पड़ती है। यदि आप निश्चित समय पर निश्चित काम करने की आदत डाल लेते हैं, तो उस समय आपका शरीर और मन दोनों ही उस काम को करने केलिए पूरी तरह से तैयार होते है।

अगर आप सुबह ठीक 6 बजे घूमने जाते है तो आपका शरीर इसके लिए पूरी तरह से तैयार होता हैं और आपको इसमें आलस कम आता है। दूसरी ओर अगर आपका घूमने का कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं है तो आप आसानी से आलस का शिकार हो जायेंगे।

दोस्तो अगर आपको कोई भी काम करना हो तो उसके लिए एक निश्चित समय तय करले। हर महत्वपूर्ण काम का निश्चित समय निर्धारित कीजिए जिससे आप शारीरिक और मानसिक रूप से उस काम के लिए पूरी तरह से तैयार रहते हैं। इसीलिए समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग का 16 सिद्धांत यह है कि अपने निश्चित समय पर काम करे।

17. समय की बर्बादी के गुरुत्वाकर्षण नियम को जानिए।

दोस्तो इस अध्याय में ऑथर हमसे कहते है की यदि आप हवा में छलांग लगाएंगे तो क्या होगा? पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण शक्ति के कारण आप नीचे जाएंगे। वैसे ही समय के मामले में भी ऐसा ही होता हैं। जैसे ही आप कोई महत्वपूर्ण काम शुरू कर देते है, वैसे ही बाधाओं की गुरुत्वाकर्षण शक्ति सक्रिय हो जाती है और आपको नीचे धकेलने लगती है। दूसरे शब्दों में कहें तो दूसरे लोग आकर आपके काम में विघ्न डालते हैं।

वे आपसे दूसरा कोई काम करने को कहेंगे, कोई आपसे मिलने केलिए आ जायेगा, किसी का फोन आएगा, या पत्नी बाजार से कोई जरूरी सामान लाने केलिए आपसे कहेंगी। दोस्तो यह सब और कुछ नहीं, गुरुत्वाकर्षण का नियम है। जैसे ही आप कोई महत्वपूर्ण काम शुरू करते हैं, तभी ही रुकावटे सामने आने लगती है और अन्य तात्कालिक कार्य हावी होने लगते है और परिस्थितियां विकट हो जाती है।

यह और कुछ नहीं, बाधाओं का गुरुत्वाकर्षण है जो आपको नीचे खींच रहा है, आपको इस गुरुत्वाकर्षण शक्ति के प्रति सजग रहना चाहिए। याद रखिए की इस दुनिया में दुसरो की तरक्की देखकर जलने की परंपरा है। दुसरो की टांग खींचने की परंपरा है। इसीलिए आपका उपर उठना आपके आस पास के लोगों को, शायद आपके रिश्तेदारों को भी पसंद नहीं आयेगा। और वे उसमे अपनी ओर से बाधा डालने की पुरी कोशिश करेगे।

दोस्तो इससे बचने का बहुत ही सरल उपाय है और वह है: अपना मुंह बंद रखें। किसी को भी यह मत बताए की आप कोई महत्वपूर्ण काम करने जा रहे हैं, या आपने कोई नई आदत डाल दी हैं, या आप कितने उपर पहुंचना चाहते हैं। अगर आप डिंगे हांकने या अपनी योजना बताने के प्रलोभन से बच जाए , तो आपका इरादा किसी को भी नही पता चलेगा और आप बहुत सी अनावश्यक अडचनो से बच जायेंगे।

दोस्तो किसी को भी यह मत बताए की आप उपर उठने की कोशिश कर रहे हैं, वरना आपको नीचे खींचने में वे अपनी पूरी शक्ति लगा देंगे। इसीलिए समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग का 17 वा सिद्धांत है : समय की बर्बादी के गुरुत्वाकर्षण के नियम को जानिए।

18. न्यूटन के गति के पहले नियम का लाभ लें।

दोस्तो सरल भाषा में न्यूटन का गति का पहला नियम कहता है की : जो चीज जिस अवस्था में है, उसी में बनी रहती हैं, जब तक की उस पर बाहरी बल का प्रयोग न किया जाए। दोस्तो यह सिर्फ वस्तुओ पर ही नही बल्कि व्यक्तियों पर भी लागू होता हैं। आप जिस अवस्था में है, उसी में रहेंगे, जब तक की बाहरी बल का प्रयोग न हो।

दोस्तो यह बाहरी बल दूसरो से आता है या फिर आपके अनुशासन से, आपकी स्व- प्रेरणा से आता है। यही पर समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग का 2 सिद्धांत काम आता है: अपना आर्थिक लक्ष्य बनाए। यही आर्थिक लक्ष्य आपको निरंतर प्रेरित करता रहता है, ताकि आप बाहरी बल यानी की अनुशासन का प्रयोग करके अपनी अवस्था को बदल लें।

आपकी आर्थिक स्थिति चाहे जैसी भी हो आप अनुशासन का प्रयोग करके उसे बेहतर बना सकते हैं। दोस्तो सच तो यह है की अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने का काम आपको खुद ही करना होगा। दुसरो को क्या पड़ी है, जो वे आपके जीवन को बेहतर बनाने केलिए आप पर दबाव डालेंगे।

आपको हमेशा यह याद रखना चाहिए कि आदमी अपनी आवश्यकता केलिए घड़ी में चाबी भरता है, न कि घड़ी की आवश्यकता के लिए भरता है। दूसरे लोग अपनी आवश्यकता केलिए आपके उपर दबाव डालेंगे न की आपके भलाई केलिए। इसीलिए यह बात अच्छी तरह से समझ ले की अनुशासन में रहने और मेहनत करने की जिम्मेदारी आपकी हैं।

“दोस्तो लोग कहते है की समय परिस्थितियां को बदल देता है, लेकिन सच तो यह है की आपको उन्हे खुद बदलना पड़ता है।”

इसीलिए समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग का 17 वा सिद्धांत है : न्यूटन के गति के पहले नियम का लाभ लें।

19. यह महत्वपूर्ण नही है की आपने काम कितना किया बल्कि महत्वपूर्ण तो परिणाम है।

दोस्तो यह बेहद महत्वपूर्ण सिंधांत हैं, क्योंकि अक्सर यही पर गलतफहमी का अंदेशा रहता है। कर्मचारी अक्सर महसूस करते हैं की वे 8 घंटे काम करते हैं, इसीलिए उनकी तनख्वाह बढनी चाहिए। दूसरी ओर कंपनी का मालिक सोचता है की इस आदमी ने 5000 रुपए का काम किया है और इसे 8000 रुपए तनख्वाह पहले से ही मिल रही है, इसीलिए इसकी तनख्वाह बढ़ानी की जरूरत नहीं है। इसके बजाय अगर संभव हो, तो उसकी तनख्वाह कम कर दी जाए या उसे नौकरी से निकाल देना चाहिए।

दोस्तो इस उदाहरण से हमने यह देखा की कर्मचारी केलिए महत्वपूर्ण पैमाना यह है की उसने कितने समय काम किया, जब की कंपनी के मालिक के लिए महत्वपूर्ण पैमाना यह है की उसने कितना मूल्यवान परिणाम दिया। दोस्तो आप मानसिकता के इस क्षेत्र को कभी न भूलें, क्योंकि आपका क्षेत्र कौन सा भी हो, सफल लोगों का ध्यान हमेशा परिणाम पर ही केंद्रित होता हैं।

दोस्तो वास्तविक संसार में महत्वपूर्ण यह नही होता की आपने कितने समय काम किया। महत्वपूर्ण तो यह होता हैं की उसका परिणाम क्या निकला। तो यह बात अच्छी तरह से समझ ले की मात्रा महत्वपूर्ण नही होती है, महत्वपूर्ण तो परिणाम होता है।

20. तय करे की कौन सा काम कब करना है।

दोस्तो जिस तरह सभी जूते एक नाप के नही होते है, उसी तरह सभी काम भी एक समान नहीं होते हैं। कुछ काम महत्वपूर्ण होते है, जिनमे ज्यादा समय की और एकाग्रता की जरूरत होती है। कुछ काम छोटे छोटे होते है, जिन्हे हम आसानी से कभी भी पूरा किया जा सकता हैं और कुछ काम ऐसे होते है, जिन्हे आप नही, कोई भी कर सकता है। यही पर टाइम मैनेजमेंट काम आता है, आप महत्वहीन कामो को दूसरो से करवाकर समय को खरीद सकते है।

दरअसल आपको यह संकल्प कर लेना चाहिए की आप महत्वहीन कामो को करने में अपना समय बर्बाद नही करेंगे और केवल महत्वपूर्ण कामो में ही अपना पूरा समय देंगे। यदि किसी से मोबाइल पर बात करनी हो या कौन सा छुटपुट सा काम हो तो उसके लिए श्याम का समय चुने। सुबह का कीमती समय जिसे प्राइम टाइम भी कहा जाता हैं उसे ऐसे फालतू कामो में बर्बाद न करें।

यही इंटरनेट और ईमेल के बारे में भी सही है। इन कामों में एकाग्रता की जरूरत नहीं होती है और इनमे समय भी ज्यादा बर्बाद होता हैं, इसीलिए इन्हें अपने खाली समय में करे। अपने प्राइम टाइम में सिर्फ सबसे महत्वपूर्ण काम सबसे पहले करें। क्योंकि सुबह के कामों से ही आपके पूरे दिन की दिशा तय होती है।

दोस्तो चाहे आपमें कितना भी अनुशासन हो और आप योजना पर कितनी ही निष्ठा से चलते हो, फिर भी कई मौके ऐसे आते हैं की जब आपका काम करने का मुड़ बिलकुल भी नहीं होता है, तब आपको अपने घरेलू छोटे छोटे काम और अपने बाहरी कामो को निबटा लेना चाहिए।

21. सुबह जल्दी उठें।

दोस्तो इस अध्याय में लेखक सुधीर दीक्षित जी कहते है की जो इंसान जल्दी सोता है, वह जल्दी उठता भी है, और उसके पास स्वास्थ, पैसा और बुद्धि भी रहती हैं। इस कहावत को आज के युग में जितना नज़र अंदाज किया गया है, उतना किसी और कहावत को नज़र अंदाज नही किया गया है। यह बात में मेरे अनुभव से जानता हूं।

कभी कभी रात को 2-3 बजे सोकर सुबह 8 या 9 बजे उठता था और अगर आप आधी रात के बाद सोते हैं तो आप मेरी श्रेणी में आते हैं, ऐसा लेखक का कहना है। क्योंकि सुबह देर से उठने पर आपके पास दूसरे कामों केलिए समय रहता है लेकिन अपने लिए समय नहीं रहता है।

लोग आपको तर्क दे सकते है की सुबह उठना उनके बस की बात नही है और रात की शांति में काम ज्यादा अच्छी तरह से कर सकते हैं। लेकिन ये तर्क लचर हैं। सुबह 4 बजे उठने पर भी शांति ही रहती है और उसमे काम अपेक्षाकृत ज्यादा अच्छी तरह से होता हैं।

दोस्तो मुख्य बात यह है की उस समय काम की गति तेज होती है, क्योंकि शरीर और दिमाग दोनो ही तरोताजा होते है। रात को ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है और इसीलिए रात का समय दिमागी काम केलिए आदर्श नही होता है। आदर्श समय तो सुबह का ही रहता है, जब वातावरण में ऑक्सीजन भरपूर मात्रा में रहता है।

आपको यकीन न हो तो सुबह 6 बजे और श्याम 6 बजे को उसी सड़क पर घूमकर देख लीजिए। समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग में सबसे बड़ी दिक्कत दुसरो की तरफ से आती है और सुबह के समय यह दिक्कत सबसे कम होती है। इसीलिए सुबह के 1 घंटो में आप जितना काम करेंगे उतना काम आप दोपहर के 3 घंटो में कर पाएंगे।

दोस्तो सुबह उठने का सबसे बेस्ट समय यह है की सूरज उगने से 2 घंटे पहले उठे और सूरज डूबने के 2 घंटे के बाद सो जाइए। जब आप सुबह 4 बजे उठते हैं तो आपके पास समय ही समय रहता है। इस दौरान आप व्यायाम कर सकते हैं और पूरे दिन की योजना बना सकते हैं। उसी के साथ आप सबसे महत्वपूर्ण काम भी कर सकते हैं।

हमारे पूर्वजों की जीवन शैली स्वस्थ इसीलिए थी क्योंकि वे प्रकृति के करीब थे। वे न सिर्फ वातावरण में रहते थे, बल्की प्रकृति की लय में काम करते थे। हमारे पूर्वज मुर्गे की बांग के साथ उठते थे और चांद के निकलने पर सो जाते थे। इस तरह से वे अपने शरीर को प्रकृति के सामंजस में रख रहे थे।

आज के आधुनिक युग में कृतिमता का माहोल इतना बढ़ चुका है की इंसान का प्रकृति के साथ का संबंध पूरी तरह से टूट चुका है। आज के युग में ज्यादा तर मनुष्य रात को देर तक जागते हैं और सुबह देर से उठते हैं। इसके वजह से मनुष्य की प्राकृतिक लय खत्म हो जाती है और इसका नतीजा यह होता हैं की उसका हाजमा खराब होता हैं और उसे कब्ज कि शिकायत रहती है, ताजगी और स्फूर्ति का अभाव होता हैं और दिन भर उसके शरीर में आलस भरा रहता है।

इसीलिए समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग का 21 सिद्धांत है : सुबह जल्दी उठे।

22. एक घंटा व्यायाम करें।

आपको हर रोज एक घंटा अपने खुद केलिए निकलने चहिए। और इस एक घंटे में आपको अपने शरीर की देखभाल करनी चाहिए। अपने स्वस्थ और सौंदर्य की देखभाल करने केलिए एक घंटे का समय ज्यादा नहीं है। आखिर शरीर के बदौलत ही तो आप अपने सारे काम कर रहे हैं। अगर यही स्वस्थ न रहे, तो आप इस सुन्दर संसार का आनंद कैसे ले पाएंगे?

दोस्तो एडवर्ड स्टेनले जी का कहना है

“जो लोग सोचते हैं की उनके पास शरीर के व्यायाम केलिए समय नही है, उन्हें देर सबेर बीमारियो केलिए समय निकालना पड़ता है।”

दोस्तो यही वह मुर्गी है जो आपको हर रोज सोने के अंडे देती है और यह लोग है की इसी का ही पेट चीरने पर आमादा है। लोग सुबह से श्याम तक स्वादिष्ट और अस्वास्थकर चीजे खाते रहते हैं, जिनकी शरीर को जरूरत ही नहीं होती है। और जिस व्यायाम की जरूरत होती है उसे लोग कभी नही करते हैं। तो आप ही बताइए की यह शरीर के साथ अन्याय नहीं तो और क्या है ?

ध्यान रखें कि यदि आपने अपने शरीर का ध्यान रखने केलिए समय नही निकाला तो आपका बाकी का समय भी खतरे में पड़ जायेगा। इसीलिए समय बचाने वाले इस किताब में इस सिद्धांत को लेखक ने शामिल किया है। क्योंकि इस एक घंटे का असर आपके बाकी के 23 घंटो पर पड़ेगा। व्यायाम तो एक प्रकार का निवेश है, जिसका आपको टाइम मैनेजमेंट के संदर्भ में कई गुना फल मिलेगा।

24. टीवी के संदर्भ में सावधान रहे।

दोस्तो टीवी के कारण आज जितना समय बर्बाद हो रहा है उतना अधिक समय इतिहास में कभी किसी दूसरी वजह से नहीं हुआ है। वैसे तो सोशल मीडिया भी इस श्रेणी में आता जा रहा है। टीवी के कई दुष्परिणाम है, लेकिन हम यहां सिर्फ समय की बर्बादी के बारे में बात करेंगे।

दोस्तो एक सर्वे में यह पाया गया कि लोग हर सप्ताह में लगभग 17 घंटे टीवी देखते हैं, यानी की लगभग ढाई घंटे प्रति दिन टीवी देखते हैं। इसका मतलब यह है की हर दिन लोग अपने पास उपलब्ध सक्रिय समय का 20 प्रतिषद हिस्सा टीवी देखने में गवा रहे हैं। जरा गौर से सोचें, अगर आपने टीवी नही देखा तो क्या आफत आ जायेगी ?

अक्सर होता यह है की हम हर दिन यह सोचकर टीवी देखने केलिए बैठते हैं कि सिर्फ आधा घंटा ही टीवी देखूंगा लेकिन आधे घंटे के बाद होता यह की दूसरे चैनल पर कोई अच्छा कार्यक्रम दिख जाता हैं और हमे इस तरह से कब दो घंटे हो गए पता ही नहीं चलता। इस चक्कर में आपके सब महत्वपूर्ण काम अधूरे रह जाते है।

दोस्तो टीवी देखने वाले बहुत से लोग कहते है की हम सिर्फ शैक्षिक महत्व केलिए टीवी देखते हैं, लेकिन आज तक मुझे ऐसा कोई व्यक्ति नहीं मिला है जो शैक्षिक महत्व केलिए टीवी देखता हो। अगर आपको शिक्षा ही ग्रहण करनी है तो आप पुस्तके पढ़कर और इंटरनेट पर ब्लॉग्स को पढ़ सकते हैं।

दोस्तो इसीलिए अगर आप समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग करना चाहते हैं, तो आपको टीवी के संदर्भ में सावधान रहना चाहिए।

24. मोबाइल का न्यूनतम उपयोग करें

दोस्तो जरा सोचिए कि कुछ साल पहले जब मोबाइल नही थे, तब भी हमारा जीवन अच्छी तरह से चल रहा था। यह भी विचार करे की मोबाइल युग में कदम रखने के बाद से हमारा कितना सारा कीमती समय निरर्थक चीजों में बर्बाद होता जा रहा है।

आज के युवा मोबाइल पर गाने सुनने, चैटिंग करने और बातचीत करने इतने खोए हुए हैं की उनके पास कुछ सोचने की फुरसत ही नही रह गई है। उनको जहा खाली समय मिला तो उनका मोबाइल चालू हो जाता हैं। वे यह नही जानते हैं की मोबाइल फोन उनके स्वास्थ केलिए हानिकारक है।

अधिकांश मोबाइल फोन्स में से घातक इलेक्ट्रो मैगनेटिक रेडिएशन निकलता है, जिससे कई प्रकार के खतरे उत्पन हो जाते हैं। इसीलिए आप मोबाइल का जितना कम उपयोग करेंगे उतना ही आपके लिए अच्छा होगा। मोबाइल हमारे समय के सबसे बड़े शत्रुओ में से एक है, क्योंकि यह हमे महत्वहीन कामो में उलझा देता है और महत्वपूर्ण काम को करने से रोकता है।

इसीलिए समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग का 24 सिद्धांत है: मोबाइल का न्यूनतम उपयोग करें.

25. इंटरनेट पर समय बर्बाद न करें।

दोस्तो ज्यादातर लोग इंटरनेट को वरदान मानते हैं, लेकिन जरा ठहरिए, इंटरनेट अभिशाप भी साबित हो सकता हैं अगर आप इसका दुरुपयोग करते हैं तो। और आज के युवा इंटरनेट का ज्यादातर दुरुपयोग ही करते हैं, कुछ % लोग ही है जो आपकी तरह अच्छे अच्छे ब्लॉग्स को पढ़कर इंटरनेट का सदुपयोग करते हैं।

इंटरनेट पर तो हर तरह की जानकारी मौजूद हैं, बस आप पर निर्भर है की इसका कैसा उपयोग करना है। अगर आप अकारण ही 15 मिनिट से ज्यादा इंटरनेट का उपयोग करते हैं तो आपको इस बारे में सजग रहना चाहिए। यदि आप समय बचाने का इरादा रखते हैं, तो आपको इंटरनेट के खतरे से सावधान रहना चाहिए।

26. आलस से बचे।

दोस्तो अपना कीमती समय बचाने केलिए आपको आलस से बचना चाहिए, क्योंकि जब भी हमारे सामने कोई मुश्किल काम आता है तो हम आलस करते हैं और उस काम को टालते रहते हैं। आलस का एक अहम कारण यह भी है जिसे अधिकांश लोग अनदेखा करते हैं,और वह है: जरूरत से ज्यादा भोजन करना।

दोस्तो जब आप जरूरत से ज्यादा भोजन करते हैं या तला भुना हुआ भोजन करते हैं, तो आपकी ऊर्जा में कमी आ जाती है और आपकी एकाग्रता में बाधा उत्पन्न होती है। इससे आपके काम करने की गुणवता पर बहुत बुरा असर पड़ता है। यदि आप शरलॉक होम्स के दीवाने हैं तो में आपको बताना चाहूंगा कि शरलॉक होम्स जी कोई जटिल समस्या सुलझाने में जुट जाते थे, तब वे खाना पीना छोड़ देते थे।

क्योंकि उनका मानना था की भोजन करने के बाद खून का प्रवाह पेट की तरफ हो जाता हैं, जिससे दिमाग की काम करने की रफ्तार धीमी हो जाती है। इसीलिए हमे एक बार में ज्यादा भोजन करने से बचना चाहिए, ताकि हम पर आलस सवार न हो। आलस के कारण इंसान अपने महत्वपूर्ण काम नही कर पाता है, इसीलिए अपनी ऊर्जा के स्तर को बनाए रखे और आलस नामक के महारोग से बचे।

27. टालमटोल न करे।

हम सभी कभी न कभी टालमटोल करते रहते हैं। आज़ के काम को कल पर टाल देते है, इसका कारण यह होता हैं की कभी हमारा मुड़ नही होता है, तो कभी काम मुश्किल लगता है। लेकिन यह याद रखिए की टालमटोल समय प्रबंधन की दृष्टि से खतरनाक है। इसका एक नुकसान तो यह है की आप कल के समय को गिरवी रख देते हैं।

जिस काम को आप आज ही पूरा कर सकते हैं, उसे आप कल पर टाल देने से आप कल का बोझ और ज्यादा बढा देते हैं। आज का काम आज ही पूरा कीजिए, ताकि आने वाले कल पर बोझ न बढ़े। संभव हो तो कल के कुछ कामों को भी आज ही पूरा कीजिए ताकि कल के दिन आप पर दबाव कम हो जाए और आप उसमे नए काम कर लें।

इसलिए समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग का 27 सिद्धांत है की: टालमटोल न करे।

28. अगले दिन की योजना बनाकर अवचेतन मन की शक्ति का लाभ उठा लें।

दोस्तो आदर्श स्थिति तो यह रहती है जब आप कल की योजना एक दिन पहले रात को बना लेते है। एक दिन पहले योजना बना लेने से आपको अवचेतन मन की शक्ति का लाभ मिलता है। यह साबित हो चुका है की हमारे भीतर दो मन होते है: चेतन मन और अवचेतन मन। चेतन मन यानी की वह मस्तीक्ष जो सोचता है और जिसके बारे में हम जागरूक होते है।

दूसरी ओर हमारे भीतर अवचेतन मन भी होता हैं, जो हमे दिखाई तो नही देता है, लेकिन यह हमे जल्दी से और सही तरीके से काम को पूरा करने के नए नए तरीके सुझा सकता हैं। दोस्तो क्या आपके साथ ऐसा कभी हुआ है की रात भर बहुत सोचने के बाद भी किसी सवाल का जवाब याद नही आ रहा था, लेकिन सुबह होते ही आपको अपने सवाल का जवाब मिल गया, बिना सोचे सब कुछ सही हो गया।

दोस्तो ऐसा आपके अवचेतन मन के कारण हुआ था। जब रात को आप और आपका चेतन मन दोनो सो रहे थे, तो अवचेतन मन ने उस समस्या पर काम करना शुरू किया और सुबह होते ही जवाब आपके सामने पेश कर दिया। दोस्तो जो काम चेतन मन के लिए मुश्किल है वह काम अवचेतन मन चुटकिया में कर सकता है।

इसीलिए अवचेतन मन की शक्ति का लाभ उठा कर और एक रात पहले ही अगले दिन की योजना बना लें।

29. बुरी लतो से बचे।

दोस्तो शराब और सिगरेट आपके शरीर के लिए तो घातक है ही उसी के साथ आपके समय केलिए भी कम घातक नही है। अनुमान है की युवा वर्ग एक सिगरेट पीने मैं लगभग आधे घंटे का समय बर्बाद करता है। सिगरेट पीने मैं पांच मिनिट लगते है लेकिन इसकी जुगाड और माहोल बनाने में समय लगता है।

हमारे समाज में घर पर सिगरेट पीने की रिवाज नही है, इसीलिए आज का युवा वर्ग पान की दुकान पर जाकर सिगरेट पीता है और फिर सिगरेट पीते समय दोस्तो के साथ बात चीत करने लगता है और अपना कीमती समय बर्बाद करता रहता है। इसीलिए समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग का 29 सिद्धांत है : बुरी लतो से बचना।

30. सापेक्षता के नियम को समझे।

सापेक्षता का नियम समय के संदर्भ में भी बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि समय वही रहता है, बस हमारा नजरिया बदल जाता हैं। आप सब ने बहुत बार देखा होगा कि जब एक बच्चा वीडियो गेम खेलता है, तो उसे बूख प्यास का एहसास ही नहीं होता है, और उन्हें पता ही नहीं चलता की कब 2 घंटे गुजर गए।

दूसरी ओर जब एक बच्चा पढ़ाई करने बैठता है तो उसे सौ काम याद आते हैं और पद्रह मिनिट के बाद में ही उन्हें लगता है की बहुत समय हो गया है। यह सापेक्षता के नियम के कारण होता हैं। अपना प्रिय और मनपसंद काम को करते समय आपको समय का एहसाह ही नहीं होता है, क्योंकि तब आप दिमाग के फ्लो स्टेट में होते है।

इस समय में आप जो काम करते हैं, वह सहज ही बेहतरीन होता हैं, क्योंकि आप बिना कोशिश किए सर्वश्रेष्ठ कार्य करते हैं। आपके लिए बेहतर यही है की आप सापेक्षता के नियम को ध्यान में रखकर अपने काम को दिलचस्प बनाने के तरीके खोजे, ताकि आप फ्लो स्टेट में रहकर काम कर सके।

दोस्तो यह थी सुधीर दीक्षित जी के द्वारा लिखी गई बेस्ट सेलर और लाइफ सेविंग बुक Time Management Book Summary in Hindi आपको सभी को कैसी लगी कृपया हमे कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके ज़रूर बताएं।

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