Time Management Hindi Summary – With Hindi Pdf Download

Time Management Book Summary in Hindi, Time Management Book in Hindi Pdf Free Download

नमस्कार दोस्तों, आप सभी का नॉलेज ग्रो मोटिवेशनल ब्लॉग पर स्वागत है। दोस्तों अगर आप Time Management Book Summary in Hindi में पढना चाहते है? या फिर आप Time Management Hindi Pdf Free Download करना चाहते है? तो आप बिलकुल सही जगह पर आये हुए है।

दोस्तों अगर आप इस आर्टिकल को अंत तक ध्यान से पढ़ते है, तो आपको समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग के 10 सिद्धांत जानने को मिल जायेगे, उसके साथ ही आपको Time Management Hindi Pdf Free Download करने के लिए मिल जाएँगी, इसलिए इस आर्टिकल को अंत तक जरुर पढ़िए।

Time Management Book Summary in Hindi
Time Management Book Summary in Hindi

Time Management Book किन लोगों के लिए हैं ?

  • वे लोग जो कामयाबी के शिखर पर पहुंचना चाहते हैं।
  • वे लोग जो अपने समय का प्रबंधन (मैनेजमेट) करना सीखना चाहते हैं।
  • वे लोग जो अपने समय का सदुपयोग करना सीखना चाहते है।

Time Management Hindi Summary क्यों पढ़नी चाहिए?

दोस्तो हम सब के पास एक दिन में 24 घंटे ही होते हैं, न की किसी के पास ज्यादा न किसे के पास कम घंटे होते है। इन 24 घंटो का हम किस प्रकार उपयोग करते हैं, उसी से अक्सर तय होता हैं की हम सफल होंगे की असफल। लेकिन कई बार हम ये नहीं जान पाते है की हम अपने टाइम का सबसे अच्छा उपयोग कैसे कर सकते हैं। इसीलिए दोस्तो हमे समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग के सिद्धांतो को जानने की जरूरत है।

दोस्तो इस किताब में समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग के 30 सिद्धांत दिए गए हैं, जिनका उपयोग करके आप अपने जीवन को सार्थक, सुखी और सफल बना सकते हैं। चाहे आप नौकरी करने वाले कर्मचारी हो या आप विद्यार्थी हो या आप सेल्समैन हो या आप एक बिसनेस मैन हो, ये सभी सिद्धांत आपकी उसमे मदद करेंगे।

दोस्तों अगर आप इन सिधांतों को अपने जीवन में अमल करते है, तो आपकी लाइफ बदल सकती है और आप कामयाबी के शिखर पर पहुंच सकते है। इसलिए दोस्तों इस आर्टिकल को अंत तक ध्यान से जरुर पढ़िए। तो बिना समय को गवाए चलिए आर्टिकल की शुरुआत करते है।

Time Management Book Summary in Hindi By Dr Sudhir Dixit

दोस्तो इस किताब में समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग के 30 सिद्धांत दिए गए हैं, लेकिन आज के इस आर्टिकल जरिये में आपके साथ उनमे से सबसे महत्वपूर्ण 10 सिद्धांतो के बारे में बताने वाला हु, जो आपके लिए बहुत हेल्पफुल साबित हो सकते है। तो चलिए पहले सिंद्धांत से शुरुआत करते है।

1. अपने समय की लॉग बुक रखिये।

दोस्तो जिस तरह हम अपने पैसों का बजट बनाते हैं. उसी तरह आप अपने समय का भी बजट बनाए। और बजट बनाने के लिए आपको यह हिसाब लगाना होता हैं की आपका पैसा कहा कहा पर खर्च हो रहा है। यही नीति आपको अपने समय के मामले में अपनानी है।

दोस्तों इसके लिए आप एक डायरी लीजिए और उसमे एक सप्ताह तक का यह रिकॉर्ड रखे, की आप किस काम में कितना समय खर्च कर रहे हैं। समय की अपनी लॉग बुक में आप जितना बारीक हिसाब रखेंगे उतना ही आपको ज्यादा फायदा होगा।

एक सप्ताह तक आपको अपने हर घंटे का सक्षिप्त वर्णन लिखना है और इससे आपको ये पता चल जाएगा की आपका समय किन गतिविधियों या कामो में लग रहा है। इंसान मूलत: आलसी होता हैं, इसीलिए आपके मन में भी इस अभ्यास से बचने का प्रलोभन जागृत हो सकता हैं।

इस अभ्यास से बचने के लिए आप ऐसा सोच सकते है कि लॉग बुक रखने की क्या आवश्यकता है और में अच्छी तरह से जानता हु की मेरा समय कहा कहा पर जा रहा है। दोस्तों आप लॉग बुक को वो महत्वपूर्ण बुनियाद समझे, जिसकी नीव पर आपके समय प्रबंधन का महल खड़ा है।

इसीलिए दोस्तो आप खुद को अनुशासित करे और समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग के दूसरे सिद्धांत को जानने से पहले अपने समय की लॉग बुक जरुर रखिये। दोस्तों अब जानते है की समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग का दूसरा सिद्धांत क्या है?

2. पैरेटो के 80/20 नियम को जान लीजिये।

दोस्तो पैरेटो का 80/20 नियम समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इसे जानने के बाद हम समय का बेहतर उपयोग कर सकते हैं। पैरेटो के अनुसार आपकी 20 प्रतिशत प्राथमिकताएं आपको 80 प्रतिशत परिणाम देंगी , बशर्ते आप अपनी शीषर्थ 20 प्रतिशत प्राथमिकताओं पर अपना समय, ऊर्जा, धन और कर्मचारी लगाए तो।

यानी की दोस्तो हमे अपने 80 प्रतिशत परिणाम हमारे 20 प्रतिशत समय से ही मिलते हैं। इसका अर्थ यह भी है की हमारे समय का अधिकांश हिस्सा यानी की 80 प्रतिशत, सिर्फ 20 प्रतिशत परिणाम हासिल करने में बर्बाद होता हैं। यदि हम अपने समय का सर्वश्रेष्ठ करना चाहते हैं, तो ये बहुत आवश्यक है की हमे उस 20 प्रतिशत सार्थक समय का पता लगाना होगा।

जहा तक संभव हो हमें उस समय को बर्बाद होने से बचाना होंगा। यही नहीं हमे उस 80 प्रतिशत समय का भी पता लगाना चाहिए, जिसमे हम सिर्फ 20 प्रतिशत परिणाम ही हासिल कर पाते है। ऐसा करने पर हम अपने सार्थक समय के अनुपात को बढ़ा सकते हैं और निरर्थक समय को कम कर सकते हैं।

योजना को बनाते समय पैरेटो के 80/20 के नियम का पालन करने से आपकी सफलता में आशातीत वृद्धि होती है। क्योंकि इससे आप यह महत्वपूर्ण तथ्य को जान जाते है की कौन सा समय आपकी सफलता में योगदान दे रहा है। इसीलिए समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग का 2 सिद्धांत पैरेटो के 80/20 नियम को जाने और इसे अपने दिनचर्या में शामिल करे।

यदि आपको लगता हैं की आप कड़ी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन फिर भी आपको सफलता नहीं मिल रही है, तो आपको पैरेटो के 80/20 सिद्धांत को एक बार जरुर आजमाकर देखना चाहिए। इससे आप जान जायेंगे की आप किस काम में कितनी मेहनत कर रहे हैं।

हमेशा ये याद रखिए कि वास्तविक संसार में ये महत्वपूर्ण नही होता है कि, आप कितनी कड़ी मेहनत कर रहे हैं, बल्की महत्वपूर्ण तो यह होता है की आप कितनी बुद्धिमानी से और चतुराई से मेहनत कर रहे हैं। उसके साथ ही यह पता लगाना सफलता के लिए बहुत जरूरी है की आप अपने लक्ष्य का पीछा करने में कितना समय बर्बाद कर रहे हैं।

दोस्तों अक्सर ऐसा होता है की हम अपना समय पहले आसान और छोटे छोटे कामो को करने में लगा देते हैं और ये सोचते हैं की पहले आसान और छोटे छोटे काम निबटा लेंगे और इसके बाद आराम से अपने महत्वपूर्ण या बड़े काम निबटा लेंगे। भहराल, बाद में जाकर हमे इस बात का एहसास होता हैं की अपने महत्वपूर्ण कामो के लिए हमारे पास टाइम ही बचा नहीं है।

दोस्तों यदि आप पैरेटो के 80/20 नियम का पालन केरेंगे तो आपके साथ ऐसा कभी नहीं होगा। इसलिए आपको पैरेटो के 80/20 सिद्धांत को एक बार जरुर आजमाकर देखना चाहिए। दोस्तों अब जानते है अगले सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत के बारे में।

3. अपने प्राइम टाइम में काम करे।

दोस्तो टेलीविजन पर प्राइम टाइम में यानी की रात के 8 बजे से लेकर 10 बजे तक की विज्ञापन की कीमत सबसे ज्यादा होती है। विज्ञापन उतने ही समय का होता है, लेकिन इसकी कीमत बढ़ जाती है। दोस्तो इसकी कीमत बढ़ने का कारण सिर्फ ये होता हैं की वो विज्ञापन प्राइम टाइम में प्रसारित किया जाता हैं, जिसमे इसे ज्यादा से ज्यादा दर्शकों द्वारा देखा जाता हैं।

दोस्तो टेलीविजन के इस प्राइम टाइम के उदाहरण से हम ये सीखने को मिलता है कि हम सब के लिए दिन के 24 घंटे एक जैसे नहीं होते है। दिन के किसी खास समय में हम आपकी ऊर्जा और विचार शक्ति, उत्साह और कार्यक्षमता बाकी समय की तुलना में अधिक होती है और यही आपका प्राइम टाइम होता है।

ज्यादातर लोगों के लिए सुबह का समय उनके लिए प्राइम टाइम होता हैं और इस टाइम में वे बड़े बड़े कामो को चुटकियों में कर लेते है। परंतु ध्यान रहे की हर व्यक्ति का प्राइम टाइम अलग अलग होता हैं। कई लोगों के लिए रात का समय उनका प्राइम टाइम हो सकता हैं और कइयों के लिए उनका प्राइम टाइम दोपहर का हो सकता हैं।

आपका प्राइम टाइम सुबह का हो या रात का हो , महत्वपूर्ण बात तो यह है की आपका प्राइम टाइम कौन सा है? उसका आपको पता लगाना है। आपको आपका प्राइम टाइम कौन सा है? उसका पता लगाना इसीलिए जरूरी है, ताकि आप अपने समय का सर्वश्रेष्ठ उपयोग कर सके।

अपने सबसे महत्वपूर्ण काम को इसी दौरान करे, ताकि वे अच्छी तरह से और जल्दी हो सके। अपने प्राइम टाइम में छुटपुट काम करके उसे बर्बाद न करें, क्योंकि छुटपुट काम तो आप बाकी के समय में भी कर सकते हैं। इसलिए समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग का 3 रा सिद्धांत यह है की अपने प्राइम टाइम में काम करे।

4. अपना Time Table बनाएं।

दोस्तो जिस तरह पैसे की बर्बादी को रोकने के लिए बजट बनाना जरूरी होता हैं, उसी तरह समय की बर्बादी को रोकने के लिए टाइमटेबल बनाना बहुत जरूरी होता है। टाइम टेबल मैं आपको अपने पूरे 24 घंटो की योजना बनानी होती है। दोस्तो नीचे दिया हुए पिक्चर से आपको समझ आ जायेगा की अपना टाइम टेबल कैसे बनाए।

दोस्तो टाइम टेबल बनाना आपको जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाता है, क्योंकि वह संतुलित और सम्पूर्ण होता हैं। अगर आप अपने दिन की योजना यानी की टाइम टेबल नही बनाएंगे, तो आपको सफलता नहीं मिलेगी, क्योंकि बिना किसी योजना के जीवन जीना किसी दूसरे व्यक्ति के साथ टीवी देखने जैसा है, जिसके हाथ में रिमोट कंट्रोल हैं।

5. अपना आर्थिक लक्ष्य बनाए।

दोस्तो अगर आपका कोई लक्ष्य नही है, तो आपको सफलता नहीं मिल सकती हैं। क्योंकि अगर आप ये नहीं जानते हैं की आपको कहा पर जाना है, तो आप कही पर भी पहूंच नहीं सकते हैं। जैसे की अगर आप किसी यात्रा पर जाना चाहते हैं, तो आपको यह पता होना चाहिए की आप कहा जाना चाहते हैं, उसी तरह आपको यह भी पता होना चाहिए कि आर्थिक क्षेत्र में आप कहा पहुंचना चाहते हैं, तभी आप वहा तक पहुंच सकते है।

दोस्तो यदि आपकी कोई मंजिल तय की हुई नही है, तो आप वहा तक पहुंचने की योजना कैसे बना सकते है और उस दिशा में कैसे चलेंगे? अगर आप अपने जीवन में कुछ खास करना चाहते हैं, तो आप यह जानले की लक्ष्य के बिना आपका काम नही चलेगा।

दोस्तो शैड हेल्म्सटेटर जी ने कहा है की

“लक्ष्य से आपकी योजना को आकार मिलता है, योजना से आपके कार्य तय होते है और कार्यों से परिणाम हासिल होते है और परिणाम से आपको सफलता मिलती है।”

दोस्तो लक्ष्य जितना स्पष्ट होता है, आपके सफल होने की संभावना उतनी ही ज्यादा बढ़ जाती है। दोस्तो मैं आपको एक स्पष्ट लक्ष का एक उदाहरण देकर समझता हूं, जो लेखक सुधीर दीक्षित जी ने इस किताब में दिया हुआ है।

दोस्तो एक सेल्समैन की पत्नी अस्पताल में लंबे समय के लिए भर्ती रही। लेकिन हैरानी की बात यह थी की उस साल में उस सेल्समैन ने अपने सामान्य औसत से लगभग दुगना सामान ज्यादा बेचा और जब उसको उसके सफलता का कारण पूछा गया तो उसने कहा की अस्पताल का बिल उसके सामने रखा था और वो सटीकता से जानता था की बिल चुकाने के लिए उसे कितना सामान बेचना होगा।

दोस्तो इस उदाहरण से यह स्पष्ट हो जाता हैं की अगर कोई मनुष्य ठान लें, तो वह अपने आर्थिक लक्ष्य को हासिल कर सकता है, बशर्ते अगर उसके सामने एक स्पष्ट लक्ष्य हो। इसीलिए जीवन में अगर आपको कुछ बड़ा और खास करना है तो आपको अपना आर्थिक लक्ष्य बनाना होगा।

आर्थिक लक्ष्य बनाना बहुत ही आसान है, इसे बनाने के लिए आपको पहले यह तय करना होगा की आप हर महीने कितनी धन राशि कमाना चाहते हैं? और फिर गणित की मदद से यह पता लगाना है की इस धन राशि को कैसे कमाया जाए।

उदाहरण के लिए अगर कोई दुकानदार हर महीने 10,000 रुपए कमाना चाहता है और उसे एक सामान को बेचने पर 50 रुपए का फायदा होता है, तो गणित करना आसान है। तो उसे हर महीने 200 प्रोडक्ट्स बेचने होंगे। औसत का यह आंकड़ा जानने के बाद अब वह काम को टाल नहीं सकता है।

अब वह मुड़ नही होने पर और बोरियत का बहाना भी नही बना सकता है। क्योंकि कागज पर अंको का गणित उसको यह बता रहा है की लक्ष्य को प्राप्त करना है, तो उसे हर रोज इतना काम करना ही पड़ेगा। स्पष्ट लक्ष होने पर आपको हर पल यह पता रहता है की आपने कितनी प्रगति की हैं और यह संतोष जनक है या नहीं।

आर्थिक लक्ष्य बनाना और उसके संदर्भ में अपनी प्रगति की जांच करते रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि हम अक्सर इस बारे में मुगालते में रहते हैं। हमे अक्सर लगता है की हम बहुत मेहनत कर रहे हैं और हम जितना कर रहे हैं, उससे ज्यादा नहीं कर सकते हैं।

लेकिन हमेशा आप ये याद रखे की मेहनत का मतलब हमेशा सफलता नहीं होता हैं, सफलता पाने के लिए यह जरूरी है की सही दिशा में मेहनत की जाए। महत्वपूर्ण बात यह नही है की आप कितनी मेहनत कर रहे हैं, बल्की महत्वपूर्ण बात तो यह है की आप कितने सफल और कामयाब हो रहे हैं।

6. सबसे महत्वपूर्ण काम सबसे पहले करें।

दोस्तो अक्सर हमारी दिनचर्या इस तरह की होती है की हमारे सामने जो काम आता है, उसे हम करने लगते है और इस वजह से हमारा सारा समय छोटे छोटे कमो को निपटाने में ही चला जाता हैं। हमारे महत्वपूर्ण काम सिर्फ इसलिए नहीं हो पाते हैं, क्योंकि हम महत्वहीन कामो में उलझे रहते हैं।

महत्वकांक्षी व्यक्ति को इस बारे में सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि सफलता पाने के लिए यह बहुत जरूरी है की महत्वपूर्ण काम सबसे पहले किए जाए। दोस्तों इसके ऊपर एक किताब भी लिखी जा चुकी है, जिसका नाम है “सबसे मुश्किल काम सबसे पहले” और इस किताब में कम समय में ज्यादा काम करने और टालमटोल छोड़ने के 21 टोटके बताये हुए है।

दोस्तों अगर आप सबसे मुश्किल काम सबसे पहले किताब की हिंदी समरी पढना चाहते है? तो आप निचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते है।

बाल्तेसर ग्रेशियन जी का कहना है कि मूर्ख व्यक्ति जो काम अंत में करता है, वही काम बुद्धिमान व्यक्ति उस काम को तत्काल करता है। दोनो एक ही काम करते हैं; दोनो में फर्क सिर्फ समय का होता है। आप हमेशा याद रखें कि सफलता हमे महत्वपूर्ण कामो से मिलती है, न की महत्वहीन कामो से मिलती है। इसलिए अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट रखे और अपना समय महत्वहीन कामो में न गवाएं।

7. अपनी डेडलाइन तय करें।

दोस्तो डेडलाइन यानी की आखिरी समय सीमा। डेडलाइन दरअसल पुराने जमाने में किसी जेल के चारो और खींची उस लाइन को कहा जाता था, जिसके आगे जाने पर जेल के कैदियों को गोली मारी जाती थीं। दोस्तो आज कल डेडलाइन पार करने पर आपकी जान तो नही जाती, लेकिन आपकी प्रतिष्ठा और कैरियर में तरक्की के अवसर जरूर चले जाते है।

अगर किसी दूसरे की डेडलाइन नही है, तो इससे बेहतर यही रहता है की आप खुद ही अपने कार्यों की डेडलाइन तय करे। यह सोचे कि कोई काम कितने समय में किया जा सकता हैं, आपातकालीन स्थितियों के लिए थोड़ा मार्जिन रखे और अपनी डेडलाइन यानी की काम पूरा करने की आखरी तारीख तय कर ले।

शुरवात में आपको थोड़ी दिक्कते आ सकती है, लेकिन कुछ समय बाद आपको डेडलाइन के भीतर और उससे पहले ही काम पूरा करने की आदत पड़ जाएगी। डेडलाइन तय करना एक ऐसी लाभकारी आदत है, जिससे आप अपने जीवन के हर एक क्षेत्र में ज्यादा तेजी से तरक्की कर सकते हैं।

दोस्तो अब आपके मन में यह सवाल जरूर उठा होंगा की आखिर डेडलाइन में ऐसा क्या होता हैं, जिससे आपकी क्षमता बढ़ जाती है और आप ज्यादा तेजी से काम पूरा कर लेते है? तो इसका जवाब यह है की इससे आपको एक स्पष्ट लक्ष्य मिलता है और हम सभी जानते हैं की स्पष्ट लक्ष्य होने पर हम ज्यादा तेजी से काम कर सकते हैं।

डेडलाइन से आप एक योजना बना लेते है और आप उस पर चलने के लिए खुद को अनुशासित करते हैं। और डेडलाइन उस काम पर आपके दिमाग को केंद्रित रखती है, जिससे आप उस काम को समय सीमा में पूरा करने के लिए नए नए तरीके सोच सकते है।

दोस्तो आपने खुद अपने जीवन में महसूस किया होंगा की जब आपको डेडलाइन दे दी जाती है की यह काम अमुक अमुक समय तक पूरा हो जाना चाहिए, तो आपके भीतर एड्रिनलिन का स्त्राव हो जाता हैं और आपका आलस भी भाग जाता हैं। आपकी हर इंद्रिय सक्रिय हो जाती है और आप पूरा ध्यान केंद्रित करके काम में जुट जाते हैं।

तब आप जानते हैं की अगर यह काम दिए गए समय में पूरा नहीं हुआ तो आफत आ जायेगी, इसीलिए आप सुबह जल्दी उठते है और पूरी एकाग्रता के साथ काम करते हैं और देर रात तक भी काम करने लगते है। आप उस समय कम सोते हैं और अपना कम समय बर्बाद करते हैं और आखिरकार उस काम को समय पर पूरा कर ही लेते हैं।

तो इसीलिए दोस्तो आप डेडलाइन के महत्व को पहचानिए और उसका उपयोग करके अपनी क्षमता व गती को बढ़ा ले। दोस्तों अब जानते है अगले सिद्धांत के बारे में…

8. सुबह जल्दी उठिए।

दोस्तो इस अध्याय में लेखक सुधीर दीक्षित जी कहते है की जो इंसान जल्दी सोता है, वह जल्दी उठता भी है, और उसके पास स्वास्थ, पैसा और बुद्धि भी रहती हैं। इस कहावत को आज के युग में जितना नज़र अंदाज किया गया है, उतना किसी और कहावत को नज़र अंदाज नही किया गया है। यह बात में मेरे अनुभव से जानता हूं।

कभी कभी रात को 2-3 बजे सोकर सुबह 8 या 9 बजे उठता था और अगर आप आधी रात के बाद सोते हैं तो आप मेरी श्रेणी में आते हैं, ऐसा लेखक का कहना है। क्योंकि सुबह देर से उठने पर आपके पास दूसरे कामों के लिए समय रहता है, लेकिन अपने लिए समय नहीं रहता है।

लोग आपको तर्क दे सकते है की सुबह उठना उनके बस की बात नही है और रात की शांति में काम ज्यादा अच्छी तरह से कर सकते हैं। लेकिन सुबह 4 बजे उठने पर भी शांति ही रहती है और उसमे काम अपेक्षाकृत ज्यादा अच्छी तरह से होता हैं। मुख्य बात यह है की उस समय काम की गति तेज होती है, क्योंकि शरीर और दिमाग दोनो ही तरोताजा होते है।

रात को ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है और इसीलिए रात का समय दिमागी काम के लिए आदर्श नही होता है। आदर्श समय तो सुबह का ही रहता है, जब वातावरण में ऑक्सीजन भरपूर मात्रा में रहता है। आपको यकीन न हो तो सुबह 6 बजे और श्याम 6 बजे को उसी सड़क पर घूमकर देख लीजिए

दोस्तो सुबह उठने का सबसे बेस्ट समय है, सूरज उगने से 2 घंटे पहले उठे और सूरज डूबने के 2 घंटे के बाद सो जाइए। जब आप सुबह 4 बजे उठते हैं तो आपके पास समय ही समय रहता है। इस दौरान आप व्यायाम कर सकते हैं और पूरे दिन की योजना बना सकते हैं। उसी के साथ आप सबसे महत्वपूर्ण काम भी कर सकते है, इसलिए सुबह जल्दी उठिए।

9. मोबाइल का न्यूनतम उपयोग करें।

दोस्तो जरा सोचिए कि कुछ साल पहले जब मोबाइल नही थे, तब भी हमारा जीवन अच्छी तरह से चल रहा था। यह भी विचार करे की मोबाइल युग में कदम रखने के बाद से हमारा कितना सारा कीमती समय निरर्थक चीजों में बर्बाद होता जा रहा है।

आज के युवा मोबाइल पर गाने सुनने, चैटिंग करने और बातचीत करने इतने खोए हुए हैं की उनके पास कुछ सोचने की फुरसत ही नही रह गई है। उनको जहा खाली समय मिला तो उनका मोबाइल चालू हो जाता हैं। वे यह नही जानते हैं की मोबाइल फोन उनके स्वास्थ के लिए भी हानिकारक है।

अधिकांश मोबाइल फोन्स में से घातक इलेक्ट्रो मैगनेटिक रेडिएशन निकलता है, जिससे कई प्रकार के खतरे उत्पन हो जाते हैं। इसीलिए आप मोबाइल का जितना कम उपयोग करेंगे उतना ही आपके लिए अच्छा होगा। मोबाइल हमारे समय के सबसे बड़े शत्रुओ में से एक है, क्योंकि यह हमे महत्वहीन कामो में उलझा देता है और महत्वपूर्ण काम को करने से रोकता है।

10. आलस से बचें.

दोस्तो अपना किमती समय बचाने के लिए आपको आलस से बचना चाहिए, क्योंकि जब भी हमारे सामने कोई मुश्किल काम आता है, तो हम आलस करते हैं और उस काम को टालते रहते हैं। अगर आप ये जानना चाहते है की हमें आलस क्यों आता है और आलस को दूर कैसे करें? तो आप निचे दिए गए आर्टिकल को अवश्य पढ़िये।

११. अगले दिन की योजना बनाकर अवचेतन मन की शक्ति का लाभ उठा लें।

दोस्तो आदर्श स्थिति तो यह रहती है जब आप कल की योजना को एक दिन पहले रात को बना लेते है। एक दिन पहले योजना बना लेने से आपको अवचेतन मन की शक्ति का लाभ मिलता है। यह साबित हो चुका है की हमारे भीतर दो मन होते है:

चेतन मन और अवचेतन मन

चेतन मन यानी की वह मस्तीक्ष जो सोचता है और जिसके बारे में हम जागरूक होते है। दूसरी ओर हमारे भीतर अवचेतन मन भी होता हैं, जो हमे दिखाई तो नही देता है, लेकिन यह हमे जल्दी से और सही तरीके से काम को पूरा करने के नए नए तरीके सुझा सकता हैं।

दोस्तो क्या आपके साथ ऐसा कभी हुआ है की रात भर बहुत सोचने के बाद भी किसी सवाल का जवाब याद नही आ रहा था, लेकिन सुबह होते ही आपको अपने सवाल का जवाब मिल गया, बिना सोचे सब कुछ सही हो गया, ऐसा आपके अवचेतन मन के कारण हुआ था।

जब रात को आप और आपका चेतन मन दोनो सो रहे थे, तो अवचेतन मन ने उस समस्या पर काम करना शुरू किया और सुबह होते ही जवाब आपके सामने पेश कर दिया। जो काम चेतन मन के लिए मुश्किल है वह काम अवचेतन मन चुटकिया में कर सकता है। इसीलिए अवचेतन मन की शक्ति का लाभ उठा कर और एक रात पहले ही अगले दिन की योजना बना लें।

दोस्तो आज के इस Time Management Book Summary In Hindi आर्टिकल में सिर्फ इतना ही, दोस्तों अगर आपको ये आर्टिकल पसंद आया होंगा और आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होंगा तो आप इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ अवश्य share कीजिये। साथ ही ये आर्टिकल आपको कैसा लगा? ये हमें निचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरुर बताइए।

Time Management Book in Hindi PDF Free Download

दोस्तो अगर आप Time Management Book in Hindi PDF Free Download करना चाहते हैं, तो आप नीचे दिए गए डाउनलोड लिंक पर क्लिक करके Time Management in Hindi PDF Free Download कर सकते हैं।

रिलेटेड पोस्ट्स:

दोस्तों आज के इस Time Management Book Summary In Hindi आर्टिकल में सिर्फ इतना ही, दोस्तों हम आपसे फिर मिलेंगे ऐसे ही एक सेल्फ हेल्प आर्टिकल के साथ, तब तक के लिए आप जहा भी रहिये खुश रहिये और खुशिया बाटते रहिये।

आपका बहुमूल्य समय हमें देने के लिए दिल से धन्यवाद…

FAQ QUESTIONS:

टाइम मैनेजमेंट का सारांश क्या है?

टाइम मैनेजमेंट का सारांश जानने के लिए आप Time Management Hindi Book Summary आर्टिकल को अवश्य पढ़िए।

लेखकों द्वारा समय प्रबंधन परिभाषा क्या है?

लेखकों द्वारा समय प्रबंधन परिभाषा क्या है? यह आसान भाषा में जानने के लिए आप Time Management Hindi Book Summary आर्टिकल को अवश्य पढ़िए।

टाइम मैनेजमेंट के सिद्धांत क्या है?

टाइम मैनेजमेंट के सिद्धांत जानने के लिए आप Time Management Hindi Book Summary आर्टिकल को अवश्य पढ़िए।

टाइम मैनेजमेंट का महत्व क्या है?

टाइम मैनेजमेंट का महत्व जानने के लिए आप Time Management Hindi Book Summary आर्टिकल को अवश्य पढ़िए।

टाइम मैनेजमेंट कैसे करना चाहिए?

टाइम मैनेजमेंट कैसे करना चाहिए यह जानने के लिए आप Time Management Hindi Book Summary आर्टिकल को अवश्य पढ़िए।

टाइम मैनेजमेंट पीडीएफ कैसे डाउनलोड करें?

टाइम मैनेजमेंट पीडीएफ डाउनलोड करने के लिए आप स्टार्टिंग में blue कलर में दिए गए लिंक पर क्लिक करें और फिर उस आर्टिकल के अंत में आपको डाउनलोड लिंक मिल जाएगी।

टाइम मैनेजमेंट क्यों महत्वपूर्ण है?

टाइम मैनेजमेंट क्यों महत्वपूर्ण है यह जानने के लिए आप Time Management Hindi Book Summary आर्टिकल को अवश्य पढ़िए।

टाइम मैनेजमेंट सिस्टम कैसे बनाएं?

टाइम मैनेजमेंट सिस्टम कैसे बनाएं यह जानने के लिए आप Time Management Hindi Book Summary आर्टिकल को अवश्य पढ़िए।

अपने दोस्तों के साथ शेयर करें

Leave a Comment

Stories
Summaries
Home
Quotes
Biographies