Top 100 Bhagavad Gita Quotes in Hindi | श्रीमद् भगवद् गीता के अनमोल वचन

100 श्रीमद् भगवद् गीता के अनमोल वचन , Bhagavad Gita Quotes in Hindi , Bhagavad Gita Motivational quotes in hindi

नमस्कार साथियों आप सभी का नॉलेज ग्रो हिन्दी ब्लॉग पर स्वागत है। दोस्तो आज का यह आर्टिकल आप सब के लिए बहुत ही उपयोगी और जीवन को बदल देने वाला होने वाला है। क्योंकि आज में आप सभी के साथ 100 श्रीमद् भगवद् गीता के अनमोल वचन इन हिंदी में शेयर करने वाला हु। इसीलिए आप सब Bhagavad Gita Quotes in Hindi आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़िए।

Bhagavad Gita Quotes in Hindi | श्रीमद् भगवद् गीता के अनमोल वचन
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100 Bhagavad Gita Quotes in Hindi | श्रीमद् भगवद् गीता के अनमोल वचन

1. जिस प्रकार मनुष्य अपने पुराने वस्त्रों को त्यागकर नये वस्त्र को धारण करता है, ठीक उसी प्रकार आत्मा पुराने तथा व्यर्थ के शरीरों को त्यागकर नवीन भौतिक शरीर धारण करता है।

2. प्रत्येक व्यक्ति इस भौतिक शरीर रूपी रथ पर आरूढ है और बुद्धि इसका सारथी है। मन इसका लगाम है तथा इन्द्रियाँ घोड़े हैं। इस प्रकार मन तथा इन्द्रियों की संगति से यह आत्मा सुख या दुःख का भोक्ता है।

3. मृत्यु के समय जीव द्वारा विकसित की गई चेतना उसे दूसरे शरीर में ले जाती है

4. कौन क्या कर रहा है, कैसे कर रहा है और क्यों कर रहा है। इन सब से आप जितना दूर रहेंगे उतना ही आप खुश रहेंगे।

5. समझदार व्यक्ती जब संबंध निभाना बंद कर देता है, तो समज लेना उसके आत्मसम्मान को कही ना कही ठेस पहुंची है।

6. अहंकार, घमण्ड, क्रोध और निष्ठुरता- ये अज्ञान से उत्पन्न हुए आसुरी प्रकृति के लोगों के भुण हैं इनका त्याग करना ही हमें अच्छा इंसान बनाता है।

7. मोह उसी का करो जिस पर आपका अधिकार है, जिस पर आपका अधिकार ही नहीं है, उसका मोह भी नहीं करना चाहिए।

8. विषयों वस्तुओं के बारे में सोचते रहने से मनुष्य को उनसे आसक्ति हो जाती है। इससे उनमें कामना यानी इच्छा पैदा होती है और कामनाओं में विघ्न आने से क्रोध की उत्पत्ति होती है।

9. जितना हो सके खामोश रहना ही अच्छा है , क्योंकि सबसे ज्यादा गुनाह इंसान से उसकी जुबान ही करवाती है।

10. हे अर्जुन, अपने परम भक्तों, जो हमेशा मेरा स्मरण या एक – चित्त मन से मेरा पूजन करते हैं, मैं व्यक्तिगत रूप से उनके कल्याण का उत्तरदायित्व लेता हूँ।

Bhagavad Gita Quotes on Karma in Hindi

11. हे परन्तप ! जो लोग भक्ति में श्रद्धा नहीं रखते, वे में मुझे प्राप्त नहीं कर पाते। अतः वे इस भौतिक जगत् में जन्म – मृत्यु के मार्ग पर वापस आते रहते हैं।

12. मौन सबसे अच्छा उत्तर है किसी ऐसे व्यक्ति के लिए, जो आपके शब्दों को महत्व नही देता है।

13. बदल जाओ वक्त के साथ या फिर वक़्त बदलना सीखो, मजबूरियों को मत कोशों हर हाल में चलना सीखो

14. किसी काम की चिंता करना ठीक है, पर चिंता इतनी भी नहीं होनी चाहिए, कि वह काम ही बिगड़ जाए।

15. अच्छी नीयत से किया गया काम कभी व्यर्थ नहीं जाता, और उसका फल आपको ज़रूर मिलता है।

16. मैं किसी का भाग्य नही बनाता हर कोई अपना भाग्य खुद बनाता हैं। आप आज जो भी कर्म कर रहे हों, उसका फल आपको कल प्राप्त होगा, और आज जो आपका (भाग्य लक) हैं वह आपके द्वारा पहले किये गये कर्मों का फल हैं।

17. मनुष्य नही उसके कर्म अच्छे या बुरे होते हैं और जैसे मनुष्य के कर्म होते हैं, उसे वैसे ही फल की प्राप्ति होती है।

18. तुम्हें सिर्फ अपने कर्म करने का अधिकार है, किन्तु कर्म के फलों के तुम अधिकारी नहीं हो। तुम न तो कभी अपने आपको अपने कर्मों के फलों का कारण मानो, न ही कर्म न करने में कभी आसक्त होओ।

19. सही कर्म वह नहीं है जिसके परिणाम हमेशा सही हो, अपितु सही कर्म वह है जिसका उद्देश्य कभी गलत ना हो।

20. संसार में कोई भी मनुष्य सर्वगुण सम्पन्न नहीं होता, इसलिए कुछ कमियों को नजरंदाज करके रिश्ते बनाए रखिये !

Bhagavad Gita Quotes on Life in Hindi

21. पूर्णता के साथ किसी और के जीवन की नकल करके जीने की तुलना में, अपने आप को पहचान कर, अपूर्ण रूप से जीना बेहतर है।

22. जब भविष्य धुंधला पड़ने लग जाता है, तब आपको अपने वर्तमान में ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।

23. कोशिश कर, हल निकलेगा, आज नहीं तो कल निकलेगा, अर्जुन के तीर सा सध, मरुस्थल से भी जल निकलेगा

24. जीवन की सबसे बड़ी गलती वही होती है, जिस गलती से हम कुछ सिख नहीं पाते हैं।

25. जब हमारा माइंड यानी की मन कमजोर होता है, और परिस्थितियां समस्या बन जाती है। और जब मन स्थिर होता है तब परिस्थितियां चुनौती बन जाती है। जब हमारा मन मजबूत होता है, तो परिस्थितियां अवसर बन जाती है।

26. मनुष्य की मानवता उसी वक़्त नष्ट हो जाती है, जब उसे दूसरों के दुःख पर हँसी आने लगती है।

27. हे भरतवंशी ! शरीर में रहने वाले का वध कभी भी नहीं किया जा सकता। अतः तुम्हें किसी भी जीव के लिए शोक करने की आवश्यकता नहीं है !

28. समय यही सिखाता है कि ज़िन्दगी किसी का इंतज़ार नहीं करती और न ही किसी के लिए रुक सकती है।

29. जिंदगी खेलती भी उसी के साथ है, जो खिलाड़ी बेहतरीन होता है, दर्द सब के एक जैसे है, मगर हौंसले सबके अलग अलग है, कोई हताश हो के बिखर जाता है, तो कोई संघर्ष करके निखर जाता है।

30. मनुष्य को अपने कर्मों के संभावित परिणामों से प्राप्त होने वाली विजय या पराजय, लाभ या हानि, प्रसन्नता या दुःख इत्यादि के बारे में सोच कर चिंता से ग्रसित नहीं होना चाहिए।

Quotes From Bhagavad Gita on Success

31. यदि आप अपनी गलतियों से कुछ सीखते हो, तो गलतियां सीढियां है, और नही सीखते है तो गलतियां सागर है, निर्णय आपका है चढना है या डूबना है।

32. समस्या इतनी ताकतवर नहीं होती जितना हम उन्हे मान लेते है, कभी सुना है कि अंधेरे ने सुबह नही होने दी

33. गलतियां ढूंढना गलत नही है, बस शुरुआत खुद से होनी चाहिए।

34. ज़रूरी नहीं हर बार आपके शब्दों को सही समझा जाए, इसलिए कभी कभी चुप रहना ही ज़्यादा बेहतर होता है।

35. जो जितना शांत होता है, वो उतनी ही गहराई से अपनी बुद्धि का प्रयोग कर सकता है।

36. निंदा से घबराकर अपने लक्ष्य को न छोड़े, क्योंकि लक्ष्य मिलते ही निंदा करने वालों की राय बदल जाती है।

37. आपकी हार और जीत आपकी सोच पर निर्भर करती हैं, इसीलिए मान लो तो हार ही होगी और ठान लो तो जित होगी।

38. सबसे समझदार और स्थिर बुद्धि वाला व्यक्ति वही है जो सफलता मिलने पर अहंकार में नहीं आता और विफलता में गम में नहीं डूब जाता।

39. प्रंशसा हो रही हो तो ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है ।

40. जीवन में कभी भी किसी से अपनी तुलना मत कीजिए, आप जैसे है सर्वश्रेष्ठ है !!

Shrimad Bhagavad Gita Motivational quotes in hindi

41. सच है, विपत्ति जब आती है, कायर को ही दहलाती है, शूरमा नहीं विचलित होते, एक ही क्षण धीरज नही खोते, विघ्नों को गले लगाते हैं, काँटों में राह बनाते हैं।

42. जिसने मन को जीत लिया है, उसके लिए मन सर्वश्रेष्ठ मित्र है। किन्तु जो ऐसा नहीं कर पाया उसके लिए मन सबसे बड़ा शत्रु बना रहेगा।

43. नकारात्मक विचारों का आना तय है परंतु यह आप पर निर्भर करता है, कि आप उन्हें कितना महत्व देते हैं !

44. हमेशा याद रखना, बेहतरीन दिनों के लिए बुरे दिनों से लड़ना पड़ता है।

45. जीवन में कुछ भी स्थायी नहीं है इसलिए स्वयं को अधिक तनावग्रस्त न करें, क्योंकि परिस्थितियां चाहे कितनी भी खराब न हों, बदलेंगी जरूर।

46. संसार में परेशानी देने वाले की हस्ती कितनी भी बड़ी क्यों न हो, पर भगवान की कृपादृष्टि से बड़ी कभी नहीं हो सकती है।

47. प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत आपके अपने विचार हैं, इसलिए बड़ा सोचे और खुद को जीतने के लिए हमेशा प्रेरित करें।

48. जिसने मन को जीत लिया है, उसने पहले ही परमात्मा को प्राप्त कर लिया है, क्योंकि उसने शान्ति प्राप्त कर ली है। ऐसे मनुष्य के लिए सुख-दुख, सर्दी-गर्मी और मान – अपमान एक जैसे है।

49. मुश्किलें केवल बेहतरीन लोगों के हिस्से में आती है, क्योंकि वही लोग उसे बेहतरीन तरीके से अंजाम देने की ताकत रखते हैं।

50. कोई कुछ भी कहे, बस अपने आपको शांत रखो, क्योंकि सूरज कितना भी तेज क्यों न हो, समुद्र सूखता नहीं है।

Heart touching भगवत गीता के अनमोल वचन

51. जहाँ आपकी कोई कीमत नही है वहाँ पर रुकना अनुचित है, चाहे वो किसी का घर हो या किसी का मन !

52. जब कोई हाथ और साथ दोनों ही छोड़ देता है, तब कुदरत कोई ना कोई उंगली पकड़ने वाला भेज देता है। उन्ही का नाम कान्हा है।

53. जो मन को नियंत्रित नही करते है, उनके लिए वह शत्रु के सामान कार्य करता है।

54. हे अर्जुन ! व्यक्ति जो चाहे बन सकता है, यदि वह विश्वास के साथ इच्छित वस्तु पर लगातार चिंतन करे।

55. सिर्फ दुनिया के सामने जीतने वाला ही विजेता नहीं होता, बल्की किन रिश्तों के सामने कब और कहाँ पर हारना है, यह जानने वाला भी विजेता होता है।

56. जो लोग बुद्धि को छोड़कर भावनाओं में बह जाते है, उन्हें हर कोई मुर्ख बना सकता है।

57. वक्त से पहले मिली चीजें अपना मूल्य खो देती है और वक्त के बाद मिली चीजें अपना महत्व!

58. मनुष्य को अपने कर्मों के संभावित परिणामों से प्राप्त होने वाली विजय या पराजय, लाभ या हानि, प्रसन्नता या दुःख इत्यादि के बारे में सोच कर चिंता से ग्रसित नहीं होना चाहिए।

59. आत्मा पुराने शरीर को वैसे ही छोड़ देती है, जैसे मनुष्य पुराने कपड़ों को उतार कर नए कपड़े धारण कर लेता है।

60. जैसे जल में तैरती नाव को तूफान उसे अपने लक्ष्य से दूर ले जाता है, ठीक वैसे ही इंद्रिय सुख मनुष्य को गलत रास्ते की ओर ले जाता है !

Bhagavad Gita Quotes on Positive Thinking in Hindi

61. आपका विश्वास एक पर्वत को भी खिसका सकता है, लेकिन आपके मन का संदेह दूसरा पर्वत खड़ा कर सकता है।

62. हमारा खुद पर विश्वास होना बहुत ही जरूरी है, क्योंकि हम अपने रास्ते पर खुद चलते है।

63. वक़्त कभी भी एक जैसा नही रहता है, उन्हें रोना भी पड़ता है, जो बेवजह दूसरों को रुलाते हैं।

64. अपनी इच्छा शक्ति के माध्यम से अपने आपको नयी आकृति प्रदान करें। कभी भी स्वयं को अपनी आत्म इच्छा से अपमानित न करें। इच्छा एक मात्र स्वयं का मित्र होता है और इच्छा ही एक मात्र स्वयं का शत्रु है।

65. अपनी पीडा के लिए संसार को दोष मत दीजिये, अपने मन को समझाओ, तुम्हारे मन का परिवर्तन ही तुम्हारे दुखो का अंत है।

ज़रूर पढ़ें: बुद्धिमान लोगों की 7 निशानियां

66. खुद को कमज़ोर कभी नही समझना चाहिए, अगर आप गिरते हो तो उठने का प्रयास करो, लड़ो, पूरी निष्ठा से अपना कर्तव्य – कर्म निभाओ बाकी सब मुझ पर छोड़ दो।

67. हो सकता है हर दिन अच्छा ना हो लेकिन हर दिन में कुछ अच्छा जरूर होता है।

68. धैर्य रखिए, कभी कभी आपको जीवन मे सबसे अच्छा पाने के लिये सबसे बुरे दौर से गुजरना पड़ता है।

69. रोना बंद करो और अपनी तकलीफों से खुद लडना सीखो, क्योंकि साथ देने वाले भी श्मशान से आगे नहीं जाते।

70. समय जब न्याय करता है, तब गवाहों की आवश्यकता नहीं पडती हैं।

श्रीमद् भगवद् गीता के अनमोल वचन

71. एक उपहार (गिफ्ट) तभी असली और पवित्र है, जब वह हृदय से किसी सही व्यक्ति को सही समय और सही जगह पर दिया जाये। और जब गिफ्ट देने वाला व्यक्ति के दिल में उस गिफ्ट के बदले कुछ पाने की उम्मीद न रखता हो।

72. सुंदरता आपकी दृष्टिकोण में होती है । किसी को कीचड़ में खिला कमल भी लुभाता है और किसी को चाँद में भी दाग नज़र आते है।

73. हे अर्जुन ! जो कोई भी जिस किसी भी देवता की पूजा पूरे विश्वास के साथ करने की इच्छा रखता है, तब मैं उसका विश्वास उसी देवता में दृढ कर देता हूँ ।

74. उदय किसी का भी अचानक नहीं होता, सूर्य भी धीरे धीरे निकलता है और ऊपर उठता है । धैर्य और तपस्या जिसमें है, वही संसार को प्रकाशित कर सकता है।

75. हे अर्जुन , स्वर्ग प्राप्त करने और वहां कई वर्षों तक वास करने के पश्चात एक असफल योगी का पुन : एक पवित्र और समृद्ध कुटुंब में जन्म होता है।

76. हे अर्जुन ! जो व्यक्ति अपने समान सर्वत्र सम देखता है , चाहे वह दुख हो या सूख हो , वह परम योगी माना जाता है।

77. प्रेम हो या प्रार्थना ये तो मालूम नहीं , पर जो आपसे है किसी और से नही ..

78. अहंकार और संस्कार में फर्क है , अहंकार दूसरों को झुकाकर खुश होता है । संस्कार स्वयं झुककर खुश होता है ।

79. सेवा सब की करो मगर आशा किसी से मत रखो , क्योंकि सेवा का सही मूल्य ईश्वर ही दे सकते हैं।

80. जब सत्य की असत्य से लडाई होगी तो सत्य अकेला खडा होगा और असत्य की फौज लंबी होगी , क्योंकि असत्य के पीछे मूखीं का झुंड भी होगा।

गीता सार के अनमोल वचन

81. अकेले रहना तुम्हें यह भी सिखाता है कि वास्तव मे तुम्हारे पास स्वयं के अलावा और कुछ भी नहीं।

82. जब परिवार के सदस्य अप्रिय लगने लगे और पराए अपने लगने लगे तो समझ लीजिए विनाश का समय आरंभ हो गया है।

83. क्रोध आने पर चिल्लाने के लिए ताकत नही चाहिए , मगर क्रोध आने पर चुप रहने के लिए खूब ताकत चाहिए होती है।

84. जो आपका है वो आपको मिलकर ही रहेगा , फिर चाहे उसे छीनने के लिए पूरी कायनात एक हो जाए।

85. दो प्रकार के व्यक्ति इस संसार में स्वर्ग से भी ऊपर स्थित होते है। एक वो जो शक्तिशाली होकर भी क्षमा कर देते है और दूसरे वो जो दरिद्र होकर भी कुछ दान करते है।

86. प्रेम शरीर या सुंदरता को देखकर नही होता है प्रेम हृदय से होता है जहाँ दो हृदय मिल जाये वही प्रेम जन्म लेता है।

87. किसी भी व्यक्ति को अच्छे से जाने बिना , दूसरों की बातें सुनकर उसके प्रति कोई धारणा बना लेना मूर्खता है ।

88. अगर साफ नियत से मांगा जाए, तो ईश्वर नसीब से बढक़र देता है।

89. जब भी विनाश होने का प्रारंभ होता है, शुरुआत वाणी के संयम खोने से होती है।

90. जीवन में सब कुछ खत्म होने जैसा कुछ भी नहीं होता, हमेशा एक नई शुरुआत हमारा इंतजार कर रही होती है।

Quotes From Bhagavad Gita in Hindi

91. जीवन में यदि खुश रहना है तो अधिक ध्यान उस चीज पर दें, जो आपके पास है उस पर नहीं जो दूसरों के पास है।

92. उस दिन हमारी सारी परेशानियाँ ख़त्म हो जायेगी , जिस दिन हमें यकीन हो जाएगा की हमारा सारा काम ईश्वर की मजी से होता है।

93. विपत्ति में धैर्य , वैभव में दया और संकट में सहनशीलता ही श्रेष्ठ व्यक्तियों के लक्षण है।

94. जो व्यक्ति स्पष्ट और सीधी बात करता है , उसकी वाणी कठोर जरूर होती है , लेकिन वह कभी किसी के साथ छल नहीं करता!

95. जो अच्छा लगे उसे ग्रहण करो और जो बुरा लगे उसका त्याग फिर चाहे वह विचार हो कर्म हो , या मनुष्य।

97. बुराई बड़ी हो या छोटी हमेशा विनाश का कारण बनती है , क्योंकि नाव में छेद छोटा हो या बड़ा नाव को डुबा ही देता है।

98. परिवार और समाज दोनों ही बर्बाद होने लगते है, जब समझदार मौन और नासमझ बोलने लगते है।

99. आप वापस नहीं जा सकते है और शुरुआत को नहीं बदल सकते है , लेकिन आप जहाँ है वही से शुरू कर सकते है और अंत को अवश्य बदल सकते है।

100. जब उम्मीदें टूटने लगे कोई रास्ता दिखाई ना दे तो एक बार भगवद गीता की शरण जरुर ले लेना।

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Conclusion of Bhagavad Gita Quotes in Hindi

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