Top 15 Best Motivational Story in Hindi | प्रेरणादायक कहानियां हिंदी में

15 Best Motivational Story In Hindi For Success | प्रेरणादायक कहानियां हिंदी में

नमस्कार दोस्तों आप सभी का knowledge Grow Motivational Blog पर स्वागत है। दोस्तो आज का यह आर्टिकल आप सभी के लिए बहुत ही Special & Motivational साबित होने वाला है, क्योंकि दोस्तो आज में आप के साथ 15 Best Motivational Stories In Hindi में शेयर करने वाला हू।

दोस्तो मैंने आपके लिए सबसे मूल्यवान प्रेरणादायक कहानियां हिंदी में ढूंढकर इकट्ठी किया हुआ हु, ताकि आपके जीवन में सफलता हासिल कर सकू। ये Motivational Stories आपकी रचनात्मक और आपकी अंदरूनी गुणों से एक बार फिर से मिलवाने में आपकी मदद करेगी।

Best Motivational Story In Hindi For Success
Best Motivational Story In Hindi For Success
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15 Best Motivational Story in Hindi | Motivational Stories in Hindi

दोस्तो आप केवल मुझे आपके कुछ चंद मिनिट दीजिए, इन सभी महान शॉर्ट प्रेरणादायक कहानियों को पढ़ने के लिए, ताकि आप इनसे कोई सबक सीख सकते हैं और जीवन भर के लिए एक याद बना सकते है।

दोस्तो यह केवल लघु कहानियां नही है, बल्कि ये कहानियां आपके जीवन में एक परम निशान बना सकती हैं। में आप सभी से यह उम्मीद करता हु की इन सभी कहानियों से आपको जरूर कुछ ना कुछ सीखने को मिलेगा। तो बिना समय गंवाए चलिए आपके साथ 15 Best Motivational Stories In Hindi में शेयर करते हैं।

Motivational Story In Hindi For Students – समय का महत्व

दोस्तो आज में आपके साथ जो कहानी शेयर करने वाला हु, वह कहानी पढ़ने के बाद आपको ऐसा लगेगा की मुझे अभी ही कुछ एक्शन लेनी चाहिए और मेरी टाइम की value यह हैं और मुझे अभी ही मेरे इस टाइम को बचाना है और कुछ बड़ा करना है।

ये कहानी आपको जिंदगी भर याद रहनी वाली हैं। क्युकी दोस्तो हम कहानी कभी नहीं भूलते और कहानी हमे जिंदगी भर याद रहती है। दोस्तो हम कोई लेसन पढ़ते हैं, या कुछ सीखते हैं तो उसे हम कुछ दिनों के बाद भूल जाते हैं लेकिन कहानी हमे जिंदगी भर याद रहती है। तो बिना समय को गवाएं चलिए आपके साथ शेयर करते हैं।

यह कहानी पाठकों को पढ़ने के लिए हिंदी और मराठी इन दोनो भाषाओं में अनुवाद उपलब्ध है, अगर किसी को बेस्ट मोटिवेशनल स्टोरी इन हिंदी फॉर सक्सेस कहानी मराठी में पढ़ना चाहते हैं, तो आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके, बेस्ट मोटिवेशनल स्टोरी इन मराठी में पढ़ सकते हैं।

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Best Motivational Kahani in Hindi For Students

दोस्तो ये कहानी है एक kingdom की एक ऐसे राज्य की जहा हर ५ साल मैं एक राजा को चेंज किया जाता है। दोस्तो जब भी किसी राजा के 5 साल पूरे होने वाले होते हैं, तब उसको भेज दिया जाता है, एक ऐसे जंगल के अंदर जहा खाने के लिए कुछ भी नही होता है। और जहा पर बहुत जंगली जानवर होते हैं वही उसको खा लेते हैं।

दोस्तो उसके बाद एक राजा के 5 साल कंप्लीट होते हैं तब उसको नए कपड़े पहनाए जाते हैं और उस राजा को हाती पे बैठाया जाता है और उसके बाद उसको गुड बाय कहने के लिए उसको एक बोट पे बैठा दिया और उसको भेज दिया गया एक ऐसे जंगल में जहा पे उसको खाने और पीने के लिए कुछ भी नही होता है, जहा पे वो अपना गुजारा भी नही कर सकता।

जैसे ही उस राजा को भेज दिया जाता है, अब उस राज्य के लोग सोचने लगते हैं कि अब हमारे राज्य का नया राजा कौन बनेगा? तब उनको पता चलता है की हमारे राज्य में एक बंदा ऐसा हैं, जो बहुत होशियार इंसान हैं और उसको हमारे राज्य का राजा बना देना चाहिए। जैसे ही राज्य के सभी लोग उसके पास चले जाते हैं और उस बन्दे को रिक्वेस्ट करते हैं क्या आप हमारे राज्य का राजा बनोगे?

तो वह बंदा मना कर देता हैं क्योंकि उसको सारी बाते बताई जाती है की जब भी हमारे राज्य में किसी राजा के 5 साल पूरे हो जाते हैं, तो उस राजा को ऐसी जगह पर भेज दिया जाता है, जहा पर उस राजा को जानवर ही खा लेते हैं और वहा पर जीवन नही है। तब उस जगह के लोगों ने उनको बोला की प्लीज आप हमारे राज्य के राजा बनिए क्योंकि आप बहुत होशियार और चालक भी हो और आप अच्छे तरीके से हमारे राज्य को चला लोंगे।

दोस्तो सभी की रिक्वेस्ट के बाद उस इंसान ने बोला की हा, मैं आपके राज्य का राजा बनने के लिए तैयार हूं और मैं इस बात के लिए भी सेहमत हु कि पाच साल के बाद मुझे ऐसे जगह पर भेज दिया जायेगा जहा पर कोई जीवन नही है। जैसे ही वो इंसान उस राज्य का राजा बन जाता है। तब उसके 3 दिन के बाद वो राजा अपने लोगों से पूछता है की कौन सी वो जगह है जहा पर हर राजा को 5 साल पूरे होने के बाद भेज दिया जाता है।

वो नया राजा अपने लोंगो के साथ उस जंगल के अंदर विजिट करके देखता है की कौन सी वह जगह है, जहा पर सभी राजाओं को मरने के लिए छोड़ दिया जाता हैं। उसके साथ ही वो यह भी देखता है की उस घने जंगल में पिछले बहुत राजाओं की लाशे भी पड़ी हुई है और वो जंगल इतना ज्यादा घना है की वहा पर बहुत अलग अलग तरह के जानवर रह रहे होते है।

उसके बाद उस नए राजा का चलता हैं दिमाग। वो सब देखने के बाद वो राजा एक गजब का प्लानिंग करता है। वह राजा उस 5 साल मैं बहुत ही गजब का प्लानिंग करता है, दोस्तो आपको यही से कुछ सीखना है। जब राजा देखता है की ये बहुत ही ज्यादा घना जंगल है और यहां बहुत जंगली जानवर है। मेरे 5 साल पूरे हो जाने के बाद मुझे इस जंगल में तो कतह नही आना और इसके लिए मुझे कुछ करना होंगा।

उसके बाद राजा अपना दिमाग चलाता है। राजा पहले ही साल में उस जंगल के सारे पेड़ो और पोधो को कटवाता है। और राजा ने वो सारी चीजे वहा से हटवा दि जिससे वो जंगल इतना घना लग रहा था और वहा के सारे जानवरो को भी वहा से हटवा दिया। दोस्तो राजा ने दूसरे साल में उस पर और काम किया, उसको और एसा बनवा दिया जिससे वो जंगल ना लगे।

दोस्तो तीसरे साल में वहा पे एग्रीकल्चर का काम चलाया गया और चौथे साल में वहा पर काफी सारी बिल्डिंग, कॉम्प्लेक्स और रोड बनने शुरू हुए। उसी के साथ ही वहा पे लोगों ने काफी सारे घर बनाने भी शुरू कर दिए थे। पाच वे साल मैं तो वहा पर लोगों का रहने का भी इंतजाम कर दिया। इन 5 सालो मै ये सारी चीजे करने के साथ ही राजा अपनी सेविंग भी कर रहा था।

दोस्तो राजा बहुत कम खर्चे करता था और सेविंग्स भी बहुत करता था ताकि वो पैसे खर्च कर पाए अपनी उस जगह पर जिसे वो 5 साल से तैयार कर रहा है। दोस्तो उसके बाद जैसे ही उस राजा के 5 साल पूरे होने ही वाले थे वो अपने राज्य के लोगों को बोलता है की मेरे पाच साल कंप्लीट होने वाले हैं और मुझे मेरे उस जगह पर भेज दीजिए जहा पर आप मुझे 5 साल बाद भेज देने वाले थे।

तब उस राज्य के लोग बोलते हैं की अभी आपके 5 साल पूरे नही हुए हैं और अभी आपके पाच साल पूरे होने मैं अभी 10 दिन बाकी है। राजा को बहुत excitement हो रही थी क्यौकि राजा को अपनी उस जगह भेज देने वाले थे, जहा पर उसने अपनी खाने पीने और रहने की तैयारी पिछले पाच साल पहले से ही करवा कर रखी थी।

दोस्तो जैसे ही उस राजा के 5 साल पूरी तरह से कंप्लीट हो जाते हैं, तो उस राजा को भी नए कपड़े पहनाए गए और उस राजा को गुड बाय करने के लिए उसे एक हाती पर बैठाया गया। लेकिन उस राज्य के लोगो ने देखा कि राजा तब भी हस रहा है। पिछले हर साल ऐसा होता था की जब भी किसी राजा के 5 साल कंप्लीट हो जाते थे तो वो राजा रोते जाते थे, लेकिन ये राजा तो हसता हुआ जा रहा है।

जब लोगों ने उनसे पूछा की आप इतने हस क्यों रहे हो यानी की आप इतने खुश क्यों हो? तब राजा सब को बोलता है की “जब आप दुनिया मैं आते हो यानी की जब आपका जन्म होता है, तो पूरी दुनिया हसती हैं और तब आप रोते होते हो, लेकिन कुछ ऐसा करके जाओ की ये पूरी दुनिया रोए और आप हस्ते हुए जाओ” दोस्तो यह लाइन आपने बहुत बार सुनी होंगी।

ठीक उसी तरह उस राजा ने भी ऐसा ही करा, उसने अपनी जिंदगी को ऐसी बनाली थी की वो हसता हुआ उस जगह पर जा रहा था। उसके बाद राजा बोलता है की इससे पहले जितने भी राजा आए थे वो उस 5 साल मै राज करने में, मजे करने और एशोआरामी की लाइफ जीने में इतने खो जाते हैं, की वो भूल ही जाते हैं की उनको 5 साल बाद एक ऐसी जगह पर भेज दिया जायेगा जहा पर उनको मरना पड़ेगा।

लेकिन मैने इस पाच साल में उस जगह को भी ठीक कर लिया और मुझे यह पता था की 5 साल बाद मुझे कहा भेज दिया जायेगा और उसके लिए मैं उस जगह पर काम किया। मेरे पास यही टाइम था काम करने के लिए और मैं खोया नही। मैं राजा तो जरूर था लेकिन मैं ये भी नहीं भुला की मेरा आने वाला टाइम कैसा होंगा और मैने मेरी भविष्य की प्लानिंग की और उस पर काम करना भी शुरू किया।

दोस्तो जब वो राजा जाता है तब वो खुश होते हुए जाता है और अपनी सारी सेविंग्स को भी अपने साथ में ले जाता है, जो उसने पिछले पाच साल में करली थी। दोस्तो राजा बन जाने के बाद उसने ज्यादा खर्च भी नही किया और उसने अपना फ्यूचर संभाला और उसने काम किया उसके उपर…

Morale of Student Motivational Story in Hindi

दोस्तो हमे इस कहानी से यह सीखने को मिलता है की हमे अपने जिंदगी मैं अपनी लाइफ को अच्छी बनाने के लिए कुछ ही टाइम मिलता है। अगर आप मेरी age के हो और आपकी age 16 से 25 साल के बिच में है तो यह age आपकी गोल्डन age हैं। दोस्तो इस age में आपको जितना जोश मिलता है और जितनी भी आपके अंदर excitement भरी हुई रहती है उतनी आपकी दूसरी Age में नही होती है।

दोस्तो इस Age में आपको इतनी मेहनत करनी है की आपका फ्यूचर अच्छा हो।
क्योंकि दोस्तो अगर आप इस Age में सिर्फ मजे करते हो एंजॉय करते हो, तो हो सकता है की बाकी राजाओं की तरह आपको भी ऐसी जंगल में जाना होंगा यानी की ऐसी गरीबी में जीना पड़ेगा जहा पर आपको जानवर खा जायेंगे यानी की आपकी गरीबी ही आपको खा जाएंगी।

लेकिन दोस्तो अगर आप उस चतुर राजा की तरह बनते हो जो लास्ट में आया था उसकी तरह अपनी जिंदगी की planning करते हो और उस पर काम करते हो, तो आप आने वाले समय में अपनी पूरी जिंदगी अच्छी तरह से निकाल सकते हो। बिलकुल उस राजा की तरह जिसने अपने लिए उस जंगल को पूरी तरह कटवाकर उस जंगल के बजाय एक kingdom बना दिया था एक पूरा अलग सा राज्य बनवाया था।

दोस्तो क्या आप अपने जिंदगी का राज्य बना रहे हो या फिर आप अपने जिंदगी के राज्य को सिर्फ जंगल ही जंगल बनाकर रख रहे हो। अगर आपको ये कहानी अच्छी लगी हो तो अपने सच्चे दोस्त के साथ इसे जरूर शेयर कीजिए।

क्योंकि दोस्तो यह कहानी आपको जिंदगी भर याद रहने वाली हैं, 10 साल बाद भी अगर कोई व्यक्ति आपको यह कहानी सुनाएगा, तो आप कहोगे की यार मैंने यह कहानी कही पर सुनी हुए हैं। क्योंकि कहानी हमे जिंदगी भर याद रहती है लेकिन बाते हम भूल जाते हैं।

दोस्तो बास्केट बॉल में सबसे टॉप पे मानने वाले माइकल जॉर्डन जी कहते हैं की “कुछ लोग काम करना चाहते हैं और कुछ लोग wish करते हैं की काम हो जाए और कुछ लोग वो होते है, जो काम करके दिखाते हैं”

Motivational Stories in Hindi For Students – वर्तमान का महत्व

दोस्तो यह दूसरी कहानी आपको वर्तमान में जिन्हे का महत्व के बारे में बताती है, अगर आप वर्तमान का महत्व क्या है इस बारे में जानना चाहते हैं? तो आप नीचे दी गई लाइफ चेंजिंग कहानी को अंत तक जरूर पढ़िए।

पीटर और जादू का धागा

पीटर बहुत ही प्रसन्नचित छोटा लड़का था। हर कोई उससे प्यार करता था: उसका परिवार, उसके शिक्षक और उसके मित्र, लेकिन उसमे एक कमजोरी भी और वह कमजोरी यह थी कि वो कभी भी वर्तमान में नही रह सकता था। उसने जीवन की प्रक्रिया का आनंद लेना नही सीखा हुआ था।

जब वह स्कूल में होता तो वह बाहर खेलने के स्वप्न देखता था । जब वह बाहर खेल रहा होता था तब वह गर्मी की छुट्टियों के बारे में स्वप्न देखता था। उसके पास उन विशेष क्षण का आनन्द लेने के लिए समय नहीं था जो उसके जीवन में थे।

एक सुबह पीटर अपने घर के निकट एक जंगल में घूम रहा था। थकान महसूस करने पर उसने घासयुक्त एक स्थान पर आराम करन का निश्चय किया और अन्ततः उसे नींद आ गई । उसे गहरी नींद में सोते हुए कुछ ही मिनट हुए थे कि उसने किसी को अपना नाम पुकारते हुए सुना। पीटर ! पीटर ।

ऊपर से तेज कर्कश आवाज आई । उसे ही उसने धीरे – धीरे अपनी आंखें खोली वह एक आश्चर्यजनक स्त्री को अपने ऊपर खड़ा हुआ देखकर चकित हो गया । वह सौ वर्ष से अधिक उम्र की रही होगी और उसके बर्फ जैसे सफेद बाल कन्धों से नीचे तक ऊन के बुने हुए कम्बल की तरह लटक रहे थे ।

उस महिला के झुर्रियों से भरे हुए हाथ में एक जादुई छोटी गेंद थी जिसके बीचो बीच एक छेद था और उस छेद में से बाहर की ओर एक लंबा सुनहरा धागा लटक रहा था । ” पीटर, उसने कहा , यह तुम्हारे जीवन का धागा है । यदि तुम इस धागे को थोड़ा – सा खींचोगे तो एक घंटा कुछ ही सैकेंड्स में बत जाएगा ।

यदि तुम इसे जरा जोर से खींचोगे तो पूरा दिन कुछ मिनटो में ही व्यतीत हो जाएगा और यदि तुम पूरी शक्ति के साथ इसे खींचोगे , तो महीने यहां तक कि अनेक वर्ष भी कुछ दिनों में व्यतीत हो जाएंगे । पीटर इस बात की जानकर बहुत उत्साहित हो गया।

इसे अपने पास रखना चाहूंगा यदि यह मुझे मिल जाए तो? उसने कहा। वह वयोवृद्ध महिला शीघ्र ही नीचे पहुंची और उसने जादुई धागेवाली गेंद उस छोटे लड़के को दे दी। अगले दिन, पीटर अपनी कक्षा में बैठा हुआ बैचेनी और बोरियत अनुभव कर रहा था। तो उसने अचानक उसे अपने नए खिलौने की याद आ गई।

जैसे ही उसने सुनहरी धागे को थोड़ा सा खींचा उसने तुरंत ही अपने आप को अपने घर में, अपने बगीचे में खेलता हुआ पाया। जादुई धागे की शक्ति को पहचानकर , पीटर शीघ्र ही स्कूल जाने वाले लड़के की भूमिका से उकता गया और अब उसकी किशोर बनने की इच्छा हुई , इसीलिए उसमे अपने जेब में से जादुई गेंद को बाहर निकाला और उसके सुनहरे धागे को कसकर खीच लिया।

फिर वह अचानक किशोर वय का लड़का बन गया, जिसके साथ बहुत सुंदर गर्ल फ्रेंड थी जिसका नाम एलिस था। लेकिन पीटर अब भी संतुष्ट नहीं था क्योंकि उसने वर्तमान में सुख पाना और जीवन की हर अवस्था के साधारण आश्चर्यो को खोजना कभी नही सीखा था। इसके बजाय वह प्रौढ़ बनने का स्वप्न देखने लगा। इसीलिए उसने फिर से धागा खीच लिया और थोड़ी ही देर में वर्षों का समय बीत गया।

अब उसने यह पाया की वह एक मध्यम आयु के प्रौढ़ व्यक्ति के रूप में परिवर्तित हो गया। एलिस अब उसकी पत्नी थी और पीटर बहुत सारे बच्चों से घिरा हुआ था। पीटर ने अब कुछ और ध्यान से देखा की उसके काले बाल जो कभी एक दम काले थे, वो अब भूरे होने लगे थे। और उसकी मां जो कभी युवा थी, जिसको पीटर बहुत अधिक प्यार करता था, वो अब वृद्ध और कमजोर हो गई थी।

उसने कभी भी वर्तमान में जीना नहीं सीखा था, इसीलिए उसने एक बार फिर से जादुई धागा फिर से खीच दिया और वो अब परिवर्तन देखने की प्रतीक्षा करने लगा। अब पीटर ने यह पाया की वो अब 90 वर्षीय बुद्ध व्यक्ति बन चुका है और उसके घने बाल अब सफेद हो चुके थे और उसकी पत्नी एलेस भी अब बुद्धि होकर, कुछ वर्ष पहले ही मर चुकी चुकी थी।

उसके बच्चे बड़े हो चुके थे और अपना जीवन अपने तरीके से जीने के लिए घर छोड़ चुके थे। अपने सम्पूर्ण जीवन में पहली बार पीटर की समझ में यह बात आई की उसने कभी भी जीवन की प्रशंसीय बातो को समय पर अंगीकार नही किया था। वह बच्चो के साथ कभी भी मछली पकड़ने नही गया हुआ था और ना ही कभी एलिस के साथ चांदनी रात घूमने गया था।

उसने अपने जीवन को कभी भी वर्तमान में नही जिया था, बल्कि इसके बजाय उसने पूरी जिंदगी जल्दबाजी की थी, रुककर कभी भी मार्ग में मिली अच्छाई यो को नही देखा। पीटर यह जानकर बहुत दुखी हो गया। उसने जंगल में जाने का निश्चय किया, जहा वह लड़कपन में अपने मस्तिक को तरोताजा करने और अपनी आत्मा को उत्साहपूर्ण बनाने के लिए घूमने जाया करता था।

जब वह जंगल में घुसा तो उसने ध्यान पूर्वक देखा की बचपन में उसने जो छोटे छोटे पौधे लगाए हुए थे, अब वे विशाल पेड़ बन चुके थे। जंगल अपने आप प्रकृति का स्वर्ग बन चुका था। वह उस स्थान पर लेट गया, जहा घास थी और गहरी नींद में सो गया।

सिर्फ एक मिनिट के बाद ही उसने किसी को अपने लिए पुकारते हुए सुना। फिर उसने आश्चर्य से ऊपर की और देखा की यह और कोई नहीं वही बूढ़ी औरत थी, जिसने उसे बहुत वर्ष पहले जादुई गेंद दी हुई थी, जिसमे सुनहरा धागा था। उसने पीटर से पूछा कि तुमने मेरे विशेष उपहार का आनंद किस प्रकार लिया?

पीटर ने स्पष्ट उत्तर दिया कि पहले तो यह मुझे मनोरंजक लगा लेकिन अब में इससे घृणा करता हूं। मेरा सम्पूर्ण जीवन मेरी आंखों के सामने से निकल गया इसका सुख भोगने का अवसर दिया बिना। निश्चित रूप से दुख पूर्ण समय भी रहे होंगे और अच्छे भी रहे होंगे लेकिन मुझे दोनो में से किसी का भी अनुभव प्राप्त करने का अवसर नहीं मिला।

मैने जीवन जीने के अवसर को खो दिया है। ‘तुम बहुत अधिक कृतघ्न हो’ उस बूढ़ी औरत ने पीटर से कहा। फिर भी में तुम्हारी अंतिम इच्छा पूरी करूंगी। पीटर ने एक क्षण के लिए सोचा और फिर जल्दी से उत्तर दिया कि मैं फिर से वापस स्कूल जाने वाला लड़का बनना चाहता हूं और अपना जीवन फिर से जीना चाहता हूं।

वह फिर से गहरी नींद में सो गया, फिर उसने किसी को अपना नाम पुकारते हुए सुना और अपनी आंख खोल दी। इस बार कौन हो सकता है? उसे आश्चर्य हुआ? जब उसने अपनी आंखे खोली, तो अपने बिस्तर के पास अपनी मां को खड़े हुए देखा और वह बहुत प्रसन्न हुआ।

क्योंकि अब उसकी मां और वो दोनो स्वस्थ और प्रफुल्ल लग रहे थे। पीटर अब यह जान गया था की जंगल की उस बूढ़ी औरत ने वास्तव में उसकी इच्छा पूरी कर दी थी और वह अपने पहले जीवन में वापस आ गया था।

जल्दी करो पीटर! तुम बहुत अधिक सोते हो। यदि तुम अभी नही इसी समय नहीं उठे तो तुम्हारे सपने तुम्हे स्कूल जाने के लिए देर कर देंगे, ऐसा उसकी मां ने कहा। पीटर अब अपने बिस्तर से तेजी से उठता है और अपनी आशा के अनुरूप रहने लगा।

पीटर अब परिपूर्ण जीवन जीने लगा जिसने बहुत से आनंद और विजयोत्सव थे, लेकिन यह तभी संभव हुआ जब उसने भविष्य को के लिए अपने वर्तमान को त्यागने का बंद कर दिया और वर्तमान में जीने लगा।

दोस्तो इस कहानी से हमे यह सीखने को मिलता है कि हमे वर्तमान में जीना चाहिए ना की भविष्य और भूतकाल में जीना चाहिए। दोस्तो यह कहानी आपको कैसी लगी? नीचे कमेंट बॉक्स में कॉमेंट करेंगे जरूर बताएं।

Heart Touching Motivational Story in Hindi – एक बूढ़ी मां की कहानी

एक बार की बात है एक वृद्ध महिला का पति मर गया। इसीलिए वह अपने पुत्र उसकी पत्नी और अपनी पुत्री के साथ रहने चली गई। प्रतिदिन उस महिला की दृष्टि और सुनने की शक्ति कमजोर होती गई। कभी कभी उसके हाथ इसने अधिक कांपते थे, की उसकी प्लेट से मटर के दाने लुढ़ककर नीचे गिर जाते थे और कप से सूप गिर जाता था।

उसका पुत्र और उसकी पत्नी इस गंदगी से बहुत परेशान हो जाते थे। एक दिन उन्होंने कहा कि बस अब बहुत हो चुका। इसीलिए एक दिन उन्होंने उस वृद्ध महिला के लिए एक छोटी मेज झाड़ू रखने की कोठरी के निकट लगा दी। उसको वही बैठकर अकेले ही हर बार खाना खिलाया जाने लगा।

वह महिला भोजन के समय अश्रु पुरितनेत्रों से उनकी और अपने कमरे से देखा करती थी, लेकिन खाते समय उसके चमच गिराने पर उसे बुरा भला कहने के सिवाय वे उससे कोई बात नही करते थे।

एक शाम को रात के भोजन से जरा देर पहले उनकी छोटी बेटी घर बनाने के बॉक्स से खेल रही थी। उसके पिता ने उसको प्यार से पूछा कि तुम क्या बना रही हो? तो उसने जवाब देते हुए कहा की में आपके और मम्मी के लिए एक छोटी सी मेज बना रही हु. अंत किसी दिन में बड़ी हो जाऊंगी तब आप एक कौने में बैठकर खाना खा सकोगे।

उस बच्ची के पिता और माता की बोलती बंद हो गई और वो दोनो काफी देर चुप रहे। फिर वे दोनो रोने लग गए अपने कृत्यों की प्रकृति और दुख जो उन्होंने अपनी मां को दिया था उसपर… उन दोनों ने उसी रात को अपनी मां को अपनी बड़ी खाने को मेज पर वापस ला गए, जहा उसका सही स्थान था। और फिर उसी दिन से हमेशा उस वृद्ध महिला ने उनके साथ ही भोजन किया।

और जब कभी भी भोजन का छोटा हिस्सा मेज पर गिरता या चम्मच नीचे गिर जाता तो किसी को इससे कोई परेशानी नहीं होती थी।

Short Motivational Story in Hindi For Success – जीवन की सीमाएं

दोस्तो एक बार एक शिष्य को उनके गुरु से यह जानना चाहता था की हमारे जीवन की सीमाएं क्या है? इसीलिए वो अपने गुरु से पूछता है की गुरु जी क्या आप मुझे बता सकते हैं की हमारे जीवन की सीमाएं क्या है? तो उसके गुरु जी उससे कहते है की यह जानने से पहले में तुम्हे एक व्यावहारिक उदाहरण देना चाहता हूं, इसलिए तुम दंड लगाने की स्थिति में आ जाओ।

तुम जितने दंड लगा सको लगाओ , जब तक की यह न लगने लगे की अब बिल्कुल भी दंड नहीं लगा पाओगे तब तक मत रुकना। गुरु की यह बात सुनते ही शिष्य अपने दंड लगाने की स्थिति में आ जाता है और दंड लगाने की शुरुआत करता है।

शिष्य अपने व्यायाम के साथ संघर्ष करने लगा और उसने जैसे तैसे करके 25 से 30 दंड लगा लिए। और जब तक उसका शरीर और उसके बाहे जवाब नही दे गई तब तक वो लगातार दंड लगता रहा। उसके बाद उसने दंड लगाना छोड़ दिए। उसने ने कहा की अब और ज्यादा नहीं गुरु जी और यह मेरी जान निकाल रही है।

तब उसके गुरु जी उसको कहते है कि क्या तब तुम और ज्यादा दंड नहीं लगा सकते ? तो शिष्य कहता है की नही लगा सकता हूं। तो उसके गुरु उससे कहते हैं की दस बार दंड और लगाओ और फिर तुम आराम कर सकते हो?

लेकिन अपने गुरु की बात को मानते हुए शिष्य और 1,2,5 और अंत में 10 दंड लगाकर पूर्णतया थककर फर्श पर लेट गया। उसके बाद शिष्य ने अपने गुरु से कहा की कोई ऐसे अनुभव से और क्या सिख सकता है? तो उसके गुरु ने उसको कहा कि…

लोग सर्वाधिक विकास तभी करते हैं, जब वे अज्ञात क्षेत्र में प्रवेश करते हैं। उसके बाद शिष्य अपने गुरु से पूछता है की लेकिन इसका संबंध मुझसे इतने अधिक दंड लगवाने से क्या था? तो उसके गुरु उससे कहते हैं की तुमने 30 दंड लगाने के बाद मुझसे कहा की अब तुम और नही लगा सकते हैं?

और तुमने मुझे बताया की यह तुम्हारी अंतिम सीमा है, पर इसके बावजूद भी मैने तुमसे 10 दंड और लगाने के लिए कहा और तुमने मेरे कहने पर 10 दंड लगा भी दिए। इससे यह साबित होता है की तुम्हारे अंदर और अधिक दंड लगाने की क्षमता थी और जब तुम्हे उसकी आवश्यकता हुई, तब तुम्हे वह प्राप्त हुई।

और उन्होंने यह भी कहा की तुम्हारे जीवन की सीमाएं वही है, जो तुम स्वय निर्धारित कर रखी है। जब तुम अपने आराम के दायरे से बाहर निकलने का साहस करते हो तो तुम अज्ञात के क्षेत्र को खोजने लगते हो, और तब तुम अपने वास्तविक मानवीय शक्ति स्त्रोत को आजाद कर देते हो।

Real Life Motivational Stories in Hindi – उमिद और विश्वास

दोस्तो दो साल पहले की बात है मैने एक अखबार में एक लेख पढ़ा हुआ था। आप इसे ध्यान से पढ़िए, क्योंकि इसका एक – एक शब्द सच है। तो चलिए आपके साथ एक मां और उसके बच्चे की सच्ची कहानी शेयर करते हैं।

एक बार एक भारी भक्कम शरीर वाली महिला एक ट्रेन में सफर कर रही थी। देर रात के समय वह बाथरूम जाने के लिए उठी। जब वह बाथरूम कर रही थी तो ट्रेन बहुत तेज गति से दौड़ रही थी तो अचानक उसके गर्भाशय से उसका बच्चा फिसल कर नीचे रेलवे ट्रैक पर गिर गया।

ट्रेन बहुत तेज गति से दौड़ रही थी , लेकिन इस महिला दौड़ कर दरवाजे तक गई और उसे खोला और बाहर कूद गई। ट्रेन चलती रही और वह महिला लगभग आधा किलो मीटर तक वापिस दौड़ती गई। और उसने रेलवे ट्रैक पर पड़ा हुआ अपना बच्चा उठाया।

बाद में अखबार वालों ने इस बात की पुष्टि की की उस समय तक रेल कि पटरिया बहुत गर्म थी। इसी दौरान कुछ यात्रियों ने चेन खींच के ट्रेन रुकवा दी और उस महिला की तलाश में वहा पर दौड़ पड़े। कुछ प्रत्यक्ष दर्शियो के अनुसार महिला ने अपने कांपते हुए नवजात शिशु को अपनी छाती से लगा रखा था। लेकिन उसका शिशु जीवित था! दोनो बिलकुल सही सलामत थे!

Moral of Heart Touching Motivational Story in Hindi

दोस्तो यह कहानी हमे संक्षेप में आशा और विश्वास का संदेह देती है। उस समय इस महिला ने हालात की परवाह न करते हुए उस महिला ने स्पष्ट मन से असंभव लक्ष्य के बारे में सोचा। और उसने सही या गलत की परवाह नही की, किंतु या परन्तु जैसे शब्दो के बारे में भी नही सोचा और बिना किसी शक की गुंजाइश के ट्रेन से कूद गई।

क्योंकि उसका विश्वास पक्का था, और यकीनन एक मां में अपने शिशु को बचाने की भावना थी, उसके द्वारा ब्रम्हांड को भेजे गए संकेत इतने शक्तिशाली थे की ब्रम्हांड ने भी बिना एक क्षण गवाए कहा की तुम्हारी इच्छा पूरी हुई। इससे असंभव काम संभव में बदल गया। इसीलिए कहते हैं ना अगर लगन सच्ची हो तो रास्ते खुद ब खुद बन जाते हैं।

True Motivational Story in Hindi – सकारात्मक नजीरया

दोस्तो कोलकाता में मलिका नाम की एक शिक्षिका रहा करती थी। उन्हें शिक्षण कार्य बहुत पसंद था और वह विद्यार्थियों के साथ अपने बच्चो जैसा व्यवहार करती थी। वह बड़ी सहदयता के साथ उनकी शक्तियों का विकास कर रही थी। उनका सदबहार सिद्धांत वाक्य में कर सकती हूं या कर सकता हु था।

वह अपने पूरे समाज में ऐसे व्यक्ति के रूप में जानी जाती थी, जो देने के लिए ही जीती थी। जो हर जन की निस्वार्थ सेवा करती थी। बड़े दुख की बात यह थी की किसी ने उनके प्यारा स्कूल , जो बच्चो की कई पीढ़ियों की संतोष जनक उन्नति का मूक गवाह था, उसे एक रात को किसी ने आग लगा कर खाक कर दिया।

समाज के सभी व्यक्तियों ने इस हानि को मेहसूस किया। समय बीतने के साथ उनका क्रोध संवेदन शून्यता में बदल गया और उन्होंने चुपचाप यह बात मान ली की उनके बच्चे बिना स्कूल के ही रहेंगे। लेकिन उस स्कूल की टीचर मलिका जी उनसे भिन्न थी। एक अनन्य आशावादी यदि कोई हो सकता था। सबसे अलग उनको जो कुछ हुआ, उसमे सुअवसर दिखाई दिया।

उन्होंने सभी बच्चो के माता पिताओ से कहा की हर विपप्ति लाभ लेकर आती हैं, यदि किसी के पास उसे जानने का समय हो। यह घटना भी विपत्ति के रूप में वरदान थी। स्कूल जो जल कर खाक हो चुका था वह पुराना और जर्जर था, उसकी छते टपकती थी और हजारों छोटे छोटे बच्चो के पैरो की धमा चौकड़ी से फर्श टूट फूट गया था।

यह एक सुअवसर था जिसकी उन्हें प्रतीक्षा थी ताकि साथ मिलकर सबके सहयोग से एक पहले से बेहतर स्कूल बनाया जाए, जो आनेवाले वर्षो में अधिक बच्चो की सेवा कर सकें। और इस प्रकार इस 64 वर्षीय ऊर्जावान महिला के निर्देशन में उन्होंने धन इकट्ठा कर लिया और एक शानदार स्कूल को बनाया।

Moral of Real Life Motivational Stories in Hindi

दोस्तो इस कहानी से हमे सीखने को मिलता है की हमारे जीवन में जो कुछ भी होता है वह हम स्वय ही उसका सही उत्तर देने में सक्षम होते हैं। और जब हमारा हमारी आदत हर परिस्थिति में सकारात्मक पहलू देखने की हो जाती है, तब हमारा जीवन उच्चतम आयाम में प्रवेश कर लेता है।

Bhagwan Hanuman Motivational Story in Hindi For Success

दोस्तो हिंदू मान्यताओं के अनुसार भगवान हनुमान को सभी देवताओं में से सबसे अधिक शक्तिशाली माना गया है। उनके पास असीम शक्तियों का भंडार था। बचपन में उन्होंने एक लंबी छलांग लगाई और गलती से सूर्य को एक फल समझ कर अपने मुंह में निगल लिया।

उनके हाथ में इतनी ताकत थी की वे एक ही मुक्के से किसी को भी पल भर में तहस नहस कर सकते थे। लेकिन जब वे बड़े हुए तो एक शाप के कारण अपनी सभी शक्तियों को भूल गए। जब भगवान राम अपनी पत्नी सीता की तलाश करने के साथ साथ रावण को चेतावनी देना चाहते थे, तो उन्होंने यह देखा की उनकी सेना में ऐसा कौन नही है, जो एक लंबी छलांग लगाकर समुद्र को पार कर सके।

ऐसे में जामवंत ने भगवान हनुमान को उनके भीतर छिपी हुई शक्तियों तथा बचपन के करणामो से परिचित कराया। जैसे ही भगवान को अपनी शक्तियों का अहसास हुआ, वे तुरंत उठ खड़े हुए और एक लंबी छलांग लगाते हुए समुद्र को पर कर गए। वहा जाकर उन्होंने सुरसा, लंकिनी जैसे खूंखार राक्षसो का वध किया।

दोस्तो ठीक उसी तरह हमे भी अपने जीवन में एक जामवंत जैसे व्यक्ति की जरूरत है, जो हमे हमारे ही भीतर छिपी हुई असीम शक्तियों से अवगत करा सके। यही कारण है की एक से एक विख्यात कॉम्पनियो के सीईओ, नेताओ, और धावको आदि… के साथ हमेशा कोई न कोई प्रशिक्षक रहता है, जो समय पर उन्हें प्रोत्साहित करता रहता है और उन्हें उनकी शक्तियों से अवगत कराता रहता है।

Best Motivational Story in Hindi – दृष्टिकोण

एक पुरानी कहानी के अनुसार एक दिन एक व्यक्ति को अस्पताल के कमरे में किसी गंभीर बीमारी के साथ लाया गया था, जहा एक और मरीज खिड़की के पास की 🛏️ बेड पर आराम कर रहा था। धीरे धीरे इन दोनों में दोस्ती हो गई और खिड़की के पास वाला मरीज रोज खिड़की से बाहर देखता और उसके बाद कुछ घंटे वह अपने बीमार साथी को बाहर की दुनिया की सजीव व्याख्या करते हुए बिताता।

किसी दिन वह अस्पताल के दूसरी तरफ के बगीचे में लगे हुए वृक्षों के हवा के झोको के साथ झूमने की सुंदरता के बारे में बताता था। किसी और दिन वह अपने दोस्त का मनोरंजन उन लोगों की एक एक बात बताकर करता जो अस्पताल के सामने से निकल रहे होते थे।

जैसे जैसे समय बीतता गया वह रोगी जो बिस्तर से बिलकुल भी नहीं उठ पता था, वह अपने दोस्त के द्वारा बतलाए जाने वाले अदभुत दृश्यों को न देख पाने की असमर्थता से विचलित हो उठा। परिणाम स्वरूप वह उसे नापसंद करने लगा और धीरे धीरे उसकी नफरत त्रिव्र घृणा में बदल गई।

एक रात को खिड़की के पास वाले मरीज को खांसी का दौरा पड़ा और उसने सांस लेना बाद कर दिया। सहायता बुलाने के लिए बटन दबाने के बजाय दूसरा मरीज पड़ा रहा और उसके बाद दूसरी सुबह वह रोगी जिसने अपने मित्र को खिड़की से झांकते हुए अदभुत दृश्यों का ब्यौरा देकर बहुत सी खुशी दी थी, उसको मृत घोषित कर दिया गया और अस्पताल के उस कमरे से बाहर भेज दिया गया।

दूसरे मरीज ने जल्दी ही अपना बिस्तर खिड़की के पास लगाने का आवेदन किया जिस पर अस्पताल की सेविकाओं ने तुरंत अमल किया। परंतु उसके बाद जैसे ही उसने खिड़की के बाहर के दृश्य को देखा तो बाहर के दृश्य ने उसे हिला कर रख दिया, क्योंकि खिड़की के सामने इटो की बनी हुई ठोस दीवार थी।

दोस्तो उस मृत मित्र ने उसके मुश्किल समय को थोड़ा खुशहाल बनाने केलिए काल्पनिक दृश्यों का जाल बुना था, जो की उसके दयालु स्वभाव को दर्शाता है। इस कहानी के बारे में में जितनी बार भी सोचता हूं, मेरे अपने दृष्टिकोण को एक नई दिशा में ले जाती है।

अधिक परिपूर्ण और प्रसन जीवन जीने केलिए हमे मुश्किल परिस्थिति में अपने दृष्टिकोण को लगातार परिवर्तित करने की कोशिश करनी चाहिए।

हम इस ग्रह पर बहुत कम समय के लिए आते हैं और अगर आप पूरी तरह से देखा जाए तो हमारी लाइफ अनंतकाल की कायनात पर कुछ बूंदों के समान है। इसीलिए हमे अंत: विवेकपूर्ण तरीके से इसका स्वाद लेकर इस सफर को आनंददायक बनाना होगा।

सपनो को पूरा करने की कथा – Success Motivational Story in Hindi

दोस्तो यह कहानी भारत के एक छोटे से और अत्यंत खूबसूरत पर्वतीय प्रदेश शिलाग में रहने वाली महिला की है। और शिलांग को अक्सर पूर्व का स्कॉटलैंड कहा जाता था। उस महिला को जब इस बात का पता चला तो समय उसकी आयु 12 वर्ष की थी।

उसके बाद से उसके मन यह हार्दिक इच्छा थी की वह स्कॉटलैंड जाकर घूमना चाहती थी। वह घंटो तक पुस्तको तथा पत्रिकाओं के माध्यम उस स्थान के बारे में जानकारी एकत्रित करने लगी और वहा की तस्वीरों से अनुमान लगाने लगी की स्कॉटलैंड देश कैसा है और वहा पर रहने वाले लोग कैसे है।

उस लड़की ने स्कॉटलैंड का इतिहास भी पड़ा और वहा की प्रमुख ऐतिहासिक इमारतों की जानकारी भी एकत्रित की। स्कॉटलैंड जाने का खर्चा भी ऐसा था कि जो आसानी से व्यय किया जा सकता था। वैसे भी इन सबकी जानकारी किसी पर्यटन पुस्तिका अथवा समाचार पत्र आदि से आसानी से मिल जाती है की स्कॉटलैंड हनीमून के लिए एक अत्यंत खूबसूरत स्थान है।

कुछ दिनों के बाद उसके एक मित्र हैं जो शिलांग घूमने आ रहा है। इसके बाद क्या हुआ, अनुमान लगा सकते हैं? वह लड़का स्कॉटलैंड से आ रहा था! थोड़े ही दिनों में उनके स्कूल की एक टीचर की विदाई की पार्टी थी क्योंकि उसका विवाह होने जा रहा था। वह टीचर विवाह के बाद स्कॉटलैंड में बसने जा रही थी।

दोस्तो कितनी हैरानी की बात, उसने सोच की मुझे अचानक स्कॉटलैंड से जुड़ी बाते ही क्यों सुनने को मिल रही है? कुछ दिनों के बाद अपने जीजा जी को उनके मित्रो के साथ स्कॉटलैंड में बोली जाने वाली इंग्रेजी भाषा के बारे बाते करते हुए सुना। और उनकी बाते सुनकर उस महिला को ऐसा लगा की जैसे वह पूरी तरह से स्कॉटलैंड में चली गई है।

बाद में जब उस महिला की आयु विवाह लायक हो गई तो उसके लिए एक से बढ़कर एक रिश्ते आने लगे। उनमें से अधिकतर रिश्ते स्कॉटलैंड से थे। हालाकि उनमें से किसी पर भी गौर नहीं किया गया किंतु फिर भी ऐसे रिश्तों के प्रस्ताव से उसकी स्कॉटलैंड जाने की इच्छा एक बार फिर से जागने लगी।

आखिर कार उस महिला का विवाह हो गया और वह दिल्ली आकर बस गई। विवाह के एक सप्ताह के पश्चात उसके पति ने उसे हनीमून पर जाने कि खुशखबरी सुनाई और उसे बताया की वे कहा जा रहे हैं- आपने सही अनुमान लगाया, “स्कॉटलैंड”

देश के एक दर्दाराज इलाके में रहने वाली , स्कूल में पढ़ने वाली एक लड़की ने जो सपना देखा था, वह अब पूरा होने जा रहा था। उसने इस बड़े सपने को देखने के लिए कड़े प्रयत्न किए थे, जिसके कारण उसकी यह इच्छा पूरी होने जा रही थी। इस ब्रम्हांड ने भी उससे कहा की “तथास्तु”, यही नहीं उस महिला के कुछ अन्य सपने भी आगे जाकर पूरे हुए।

इनमे से एक अपना था – अपने रुपयों से लाल रंग की खूबसूरत सी कार खरीदना और पाने मनपसंद व्यक्ति से शादी करना। जिस समय वो एक नन्ही लड़की थी , उसे नही पता था की सय्यम किसे कहते है, शायद इसलिए उसने बड़ी से बड़ी इछाओ की कल्पना की।

Morale of Success Motivational Story in Hindi

दोस्तो यदि आपने इस कहानी को ध्यान से पढ़ी हुई होगी , तो आपको पता चल गया होगा की इस महिला ने जाने अंजाने में मन के सभी नियमों का पालन किया था, क्यूंकि जीवन जीने के लिए इसके अलावा कोई और उपाय नहीं होता है। लेकिन दुर्भाग्य से हम लोगो में से अधिकतर लोग इन नियमों को जानते तक नहीं है।

Motivational Story in Hindi For Depression – सकारात्मक पहलू

दोस्तो यह तब की है जब Motivational Speaker bhupendra singh Rathod जी की मां कॉलेज में पढ़ा करती थी। और यह सच्ची कहानी उनके बेस्ट सेलर बुक बदले अपनी सोच तो बदलेगा जीवन किताब से ही ली गई है। इसलिए इस कहानी को अंत तक ध्यान से जरूर पढ़िए।

उनके मां के घर के पीछे एक छोटी पहाड़ी थी जहा लोगो के घरों में काम करने वाले नौकर, खाना पकाने वाले व मजदूर वर्ग के लोग झोपड़ियो में रहते थे। एक बार बरसात के दिनों में वहा बहुत भारी भूस्खलन हुआ और पहाड़ी से अनेक बड़े पत्थर झोपड़ियो को तोड़ते हुए नीचे गिरने लगे।

इस दुर्घटना में काफी लोग मारे गए और इस आपदा में दो परिवार ऐसे भी थे जो आपस में पड़ोसी थी।  दोनो परिवारों में एक जैसे सदस्य थे – पति, पत्नी तथा उनके एक लड़का और लड़की थे। उनकी आयु भी लगभग एक जैसी थी।

उनके बच्चे पास वाले किसी स्कूल में पढ़ने के लिए जाते थे। पहाड़ी के अंतिम छोर पर दोनो परिवारों की एक एक दुकान थी। वे दुकान में विविध प्रकार के सामान बेचते थे,- जैसे की किराने का सामान, स्टेशनरी तथा दवाइया आदि… इस दुकान से इतनी आमदनी हो जाती थी की उसके घर का गुजारा चल जाता था।

इस दुर्घटना में दोनों परिवार वालो के घर बुरी तरह से तबाह हो गए थे की उनके पास एक कप तक नही बचा हुआ था। लेखक की मां ने उन्हें बताया की ऐसा होने पर एक परिवार जोर जोर से रोने लगा और लगातार चिलाता रहा। जब की दूसरा परिवार थोड़ी देर के लिए गुस्सा हुआ और फिर यह सोच कर संतुष्ट था की भगवान का शुक्र है की परिवार के सभी लोग सुरक्षित है।

ऐसा उनके पिता ने कहा की मेरी दुकान को किसी भी प्रकार का नुकसान नही हुआ, इसलिए में भगवान का शुक्रिया अदा करता हूं।  जब की दूसरा व्यक्ति नुकसान पर बार बार दुख जाता था और उसके पौडोसी ने बचे हुए कबाड़ से अपना घर फिर से बनाना शुरू किया।

उसकी पत्नी सिलाई का काम करती थी और घरों में सफाई करती थी और उसका पति दुकान पर जाता था। उन्होंने इस द्वरान अपने बच्चो का स्कूल जाना भी बंद नहीं कर दिया, क्योंकि उनकी वार्षिक परीक्षा बिलकुल सिर पर थी।

उसके विपरीत उसके पड़ोसी ने कई महीनो तक अपनी दुकान को नहीं खोलो और सहायता के लिए लोगो के आगे हाथ फैलाता रहता। कुछ दिनों तक तो लोग उसे सहानभूति के कारण उसकी हेल्प करते रहे, लेकिन ऐसा बहुत दिनों तक न चाल सका। उसके बच्चो का स्कूल जाना भी बंद हो गया।

दूसरे परिवार के दोनो बच्चे पढ़ाई में बहुत तेज थे। जब लोगो ने उन्हें कड़ी मेहनत करते हुए देखा तो वे भी समय – समय पर उनकी हेल्प किया करते थे। वहा पर रहने वाले लडको के एक क्लब ने उन्हें किताबे, यूनीफॉर्म तथा स्टेशनरी देने की जिम्मेदारी ले ली। स्कूल ने भी दोनो बच्चो की फीस माफ कर दी।

जरूरत के अनुसार उनको कपड़े और बर्तन भी मिल गए। उन्हे जितना मिल जाता था, वे हमेशा उससे संतुष्ट रहते जब की दूसरा परिवार को जितना भी मिल जाता था, वह कभी भी खुश नहीं रहता था और हमेशा अधिक से अधिक मांगने की इच्छा किया करता था।

उसके बहुत साल बाद जब लेखक अपने घर गए तो उनकी मां ने उन्हें बताया कि जिस परिवार ने कभी अपना विवेक नही खोया और ईश्वर पर भरोसा रखा, इस ब्रम्हांड ने उन्हें सब कुछ वापिस कर दिया, जो उनसे छीना गया था।

और दूसरे परिवार के पिता को फेफड़ों का कैंसर हुआ,जो अब बिस्तर पर है। उनकी मां भी अस्वस्थ रहती है, जो कुपोषण का शिकार है। उनका बेटा वही दुकान को चलाने के कोशिश करता है, लेकिन उससे इतनी आमदनी नहीं होती है, जितनी उनको घर चलाने के लिए जरूर है।

Morale Of True Motivational Stories in Hindi

दोस्तो इस कहानी से हमे यह सीखने को मिलता है की जब आप आकर्षण के नियमो को इस स्थिति से जोड़कर देखते हैं, तो एक परिवार ने हर समय अपना विश्वास और सोच को ब्रम्हांड से जोड़े रखा जब की दूसरे परिवार ने अपने नुकसान को देखते हुए इसे अपना दुर्भाग्य समझ कर ब्रम्हांड को नेगेटिव संकेत भेजने शुरू कर दिए।

इसलिए एक परिवार के साथ हमेशा अच्छा ही होता गया और दूसरे परिवार के साथ हमेशा ही बुरा होता गया। ऐसा नही है की पहले वाले परिवार के साथ सिर्फ अच्छा ही अच्छा होता गया, बल्कि उनको भी परेशानियों का सामना करना पड़ा था, लेकिन उन्होंने ज्यादा पर अपना ध्यान सकारात्मक सोच पर केंद्रित किया।

इसलिए उनके साथ हमेशा ही अच्छा होता गया। क्योंकि दोस्तो जैसा आप सोचते हैं ठीक वैसा ही आपके साथ होने लगता है। इसीलिए कितना ही आपके साथ बुरा क्यों न हों, फिर भी आपको हमेशा पॉजिटिव सोचते रहना है।

Short Motivational Story in Hindi – मान्यता

एक बार की बार है, एक बुद्धिमान भिक्षु था। उसने अनेक भिक्षुओं ने शिक्षा ग्रहण की थी और वे भी उसके साथ ही रहते थे। उस भिक्षु के पास एक पालतू बिल्ली थी, जिसे वह बहुत प्रेम करता था। जब भी वह भिक्षु और उसके साथी ध्यान लगाने के लिए बैठते थे, तो वह बिल्ली को अपने पास बांध कर बिठा लिया करता था, ताकि वह आस पास दौड़कर किसी को परेशान न कर सके।

ऐसा 30 तक होता रहा और फिर उस भिक्षु की मृत्यु हो गई। उसके बाद एक वरिष्ठ भिक्षु को उनका स्थान दिया गया। एक दिन उन्हे बिल्ली कही दिखाई नही दी जिससे वो सब परेशान हो गए, क्योंकि बिल्ली के बिना वे ध्यान लगाने में असमर्थ थे। परिणाम यह हुआ को अब ध्यान लगाने से ज्यादा बिल्ली को तलाश करना जरूरी हो गया।

अब सारे भिक्षुओं को यकीन आया की वह बूढ़ा भिक्षु जब भी बिल्ली को अपने साथ बांधा करता था, तो इसके पीछे जरूर कोई कारण था, और वह उनके ध्यान लगाने का हिस्सा था। बिल्ली के न होने से ऐसा लग रहा था जैसे वहा के रीति रिवाज में कोई कमी आ गई हो।

उन्हे यह अपशकुन सा लग रहा था! बिल्ली के बिना उनके ध्यान लगाने की प्रक्रिया सफल नहीं हो पा रही थी। इस कहानी से निष्कर्ष यह निकलता है की एक व्यक्ति ने कोई काम अपनी सुविधा के लिए किया, जब की जब की दूसरो ने आंखे बंद करके ऐसा सोचा कि शायद इसके पीछे कोई कारण है।

दोस्तो इसी प्रकार के विचार मान्यताओं को जन्म देते हैं और जब आपके मन में कोई विचार आता है और आप सोचते हैं की आप बुद्धिमान व्यक्ति है और लोग आपके पास सलाह मांगने के लिए आते है और आपकी बुद्धिमता का तारीफ करते हैं।

तो समय बीतने के साथ आपके मन यह धारणा बन जाती है की आप वास्तव में बुद्धिमान है और ऐसा ही चलता रहता है। ऐसी बहुत तेजी से फैलती हैं और आपके समझने तक ये आपके मन में बैठ जाती है।

ऐसी मान्यताओं को 2 भागो में बाटा जा सकता है – पहली वह को हमे प्रेरणा देती हैं और दूसरी जो हमे नीचा दिखाती है। पहली प्रकार की मान्यताएं सशक्त या सकारात्मक मान्यताएं कहलाती है। और दूसरी बंधक और नकारात्मक मान्यताएं कहलाती है।

इसलिए लिए यही बेहतर है की हम सकारात्मक मान्यताओं का पालन करे। लेकिन यह भी आवश्यक है की हम नकारात्मक मान्यताओं को मिटाने का प्रयास करे।

Best Motivational Story in Hindi With Moral – डॉक्टर की सर्विस

एक डॉक्टर जल्दी जल्दी अस्पताल में एक आवश्यक ओपरेशन के लिए आता है. उसने अपने कपडे कपडे बदले और तुरंत ऑपरेशन ब्लॉक में चला गया.

उसने देखा की लडके के पिता हॉल में चक्कर लगा रहे है. डॉक्टर को देखते ही लड़के के पिता भडक हो उठे और डॉक्टर से बोले की आपको आने में इतनी देर क्यू लगी? क्या आप जानते नहीं हो की मेरे बेटे की जान खतरे में है?

आपको आप की जिमेदारी का एहसास है या नाही? डॉक्टर ने मुस्कुराया और बोला की माफ किजिएगा, मे अस्पातल में नहीं था, मे जल्दी हो सका आ गया. अब मे चाहूंगा की आप शांत हो जाइये. ताकि मे अपना काम शुरू कर सकू।

लडके के पिता कहते है की मी शांत हो जाउ? अगर ये तुम्हारा खुद का बेटा होता तो क्या तुम शांत हो जाते. अगर तुम्हारा बेटा अभी मर जाए तो क्या करोगे? लडके के पिता ने चिलाकर पुच्छा.

डॉक्टर फिर मुस्कुराये और बोले की में वही करूंगा जो बायबल में लिखा हुआ है ‘हम मिट्टी से आते है और मिट्टी को लौट जाते है. आप जाइये और अपने बेटे के लिए प्रार्थना किजिए, भगवान की कृपा से हम अपनी तरफ से सबसे अच्छा करने की कोशिष करेंगे. उसके बाद लडके का पिता बडबडाया और बोले की बहुत आसान होता है सलाह देना जब खुद का कोई लेना देना नहीं होता है.

कुछ घंटो के ऑपरेशन के बाद डॉक्टर खुश हुआ और ऑपरेशन थिएटर से बाहर निकला और बोले की शुक्र है आपका बेटा बचा गया! और बिना पिता के कुछ कहने का इंतजार किये डॉक्टर वहा से बाहर चले गए.

अगर आपके कुछ सावल पूछने है तो नर्स से पूछ लिजिएगा, नर्स को वहा आते देख पिता ने नर्स से पुछा की, ये इतना घमंडी क्यू है? की ये कुछ देर के लिए रुक नहीं सक्ता था क्यूंकी मे इनसे अपने बेटे का हाल जान सकू.

नर्स ने उनको बताया की कल इनके बेटे का एक रोड अपघात में निधन हो गया, और वो उसे दफनाने गए हुए थे जब हमने उन्हे आपके बेटे के ऑपरेशन के लिए उन्हें बुलाया भेजा. तब वो आपके बेटे का ओपरेशन करने के लिए वहा से निकल आये.

दोस्तो इस कहानी से हमे यह सिखने को मिलता है की हर परिस्थीती में शांत रहे, ताकि आप अपने लिए बेहतर निर्णय ले सके, चाहे वो जिंदगी में हो या आप के व्यवसाय में हो…

Heart Touching Motivational Story in Hindi – अपने परिवार के साथ वक्त बिताये

२१ साल बाद एक आदमी अपनी माँ के साथ डेट पर जाने के अपने दिन के बारे बता रहा था. शादी के २१ साल बाद मेरी पत्नी यह चाहती थी की में किसी और औरत को खाने और फिल्म देखने के लिए बहार ले जाऊ.

उसने कहा, मैं तुम्हे बहुत प्यार करती हु, मगर यह दूसरी औरत तुमसे बहुत प्यार करती है और तुम्हारे साथ जरूर कुछ वक्त बिटना चाहेंगी. वो दूसरीऔरत जिसके साथ मेरी पत्नी चाहती थी की मी वक्त बिताऊं वह मेरी माँ थी.

जो पिछले १९ सालो से एक विधवा का जीवन जी रही थी. मगर मेरे कम और ३ बच्चो की मानगो के चलते में कभी – कभी हु उनसे मिलने के लिए जा पता था. उस रात मैंने उन्हें खाने और फिल्म देखने चलने का न्योता देने के लिए कॉल किया.

उन्होंने पुछा क्या हो गया, क्या तुम्हारी तबियत ठीक है ना? मेरी माँ ने ऐसा इसीलिए कहा की क्यूंकि मेरी माँ उन लोगो में से थी जिन्हें लगता था की देर रात किया कॉल या अचानक मिला न्योता बुरी खबर का संदेशा है.

मैंने कहा की मैंने सोचा की आपके साथ कुछ समय बिताना अच्छा रहेगा , इसीलिए सिर्फ हम दोनों ही कल फिल्म देखने चले जायेंगे. फिर उन्होंने कुछ देर सोचा और कहा की मुझे बहुत ख़ुशी होंगी.

हमें शुक्रवार को जब में काम के बाद उन्हे लेने जा रहा था, मैं कुछ घबराया हुआ था. क्यूँकि जब मे उनके घर पर पहुंचा तो मैंने देखा की वो भी हमारी डेट को लेकर कुछ शंका में थी.

वो दरवाजे पर अपना कोट पहन कर खडी हुई थी और उनके अपने बाल सुंदर तरह से बने हुए थे, और अपनी शादी की पिचली सालगिरह पर जो ड्रेस पहनी हुई थी, वह पेहन रखी थी.

जब वो मुझे देख मुस्कुराई तो लगा की कोई खडा है उसके बाद कार में बेठते हुए उन्होंने कहा की जब मैं अपने दोस्तों को बताया की मैं अपने बेटे के साथ बाहर जा रही हूं, तो मेरे दोस्त यह सुन कर बहुत खुश हुए. और वो सब हमारी मीटिंग के बारे में जानने के लिए बहुत उत्सुक है.

उसके बाद हम एक होटल में पहुंचे जो बहुत आलीशान तो नहीं था लेकिन मगर बहुत अच्छा था. मेरी माँ ने मेरा हाथ मेरी कोहनी से ऐसा थामा था मानो वो देश की पहली महिला हो. बैठने के बाद मुझे मेन्यू पढना था क्यूंकी उन्हे सिर्फ बडा – बडा ही दिखता था.

पडते पडते जब मैं मैंने मेरी आँख उठाकर ऊपर देखा तो मेरी माँ मुझे ही देख रही थी, उनके होठो पर मुस्कान थी. उन्होने कहा की जब तुम छोटे थे,तब में ऐसे ही तुम्हे मेनू पढ़कर सुनाया करता थी.

तो फिर मैने कहा की अब आप आराम से बैठो और मैं आपके लिए ये करू. खाने के द्वाराण हमने काफी बाते की कुछ खास नहीं बस एक दसरे की जिंदगी में क्या नया चल रहा है ये कहा और सुना.

हमने इतनी बाते की की फिल्म ही छुट गई. बाद मे जब मे उन्हे घर छोड़ने गया तो उन्होंने कहा की में तुम्हारे साथ फिर से बाहर चलुंगी, बशरते तुम मुझे न्योता देने दो. मै मान गया.

घर आने पर मेरी पत्नी ने मुझसे पूछा की कैसी रही तुम्हारी डेट? मैं कहा की बहुत अच्छी. उम्मीद से कही अधिक बेहतर.. उसके कुछ दिन बाद ही मेरी मा एक बडे दिल के दौरे के साथ गुजर गई. सब कुछ इतनी जल्दी हो गया की मैं उनके लिए कुछ कर भी नहीं पाया.

कुछ दिन बाद मुझे एक लिफाफा मिला, जिसमे जिस होटल में हमने खाना खाया था वहा की रसीद थी और साथ में एक नोट था जिसमे लिखा था की मैं इसका बिल पहले ही भर दिया है, पता नहीं मैं वहा हो पाऊंगी या नही, मगर कोई बात नहीं, मैने दो लोगो के पैसे भरे है, तुम्हारे और तुम्हारे पत्नी के तुम समझ नहीं पाओगे वो रात मेरे लिए क्या मायने रखती है. 

उस वक्त मुझे यह एहसास हुआ की “समये पर में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ यह कहना और अपनो को समय देना कितना जरुरी है” दोस्तो जीवन मे परिवार से बढकर और कुछ नहीं है, और उन्हे वो वक्त दीजिए जिस पर उनका हक है, क्यूंकी ये वो चीज है, जो फिर कभी पर टाली नहीं जा सकती है.

चाइना मैन – Business Motivational Story in Hindi

चाइना मैन एक आमिर व्यापारी था जी अब बुढा हो चूका था और अपने काम से रिटायर्ड होना चाहता था, इसीलिए उसने अपने 3 नो बेटो से कहा की , में अपना व्यापर ३ हिस्सों में बाटकर तुम 3 नो को नहीं देने वाला हु. में बस ये जानना चाहता हु की तुम तीनो में से सबसे अच्छा व्यापारी कौन है?

में तुम तीनो का इम्तिहान लूँगा , जो भी ये इम्तिहान जीतेगा. उसे मेरा सारा बिसनेस दे दूंगा. बूढ़े व्यापरी ने अपने तीनो बेटो को $10 डॉलर दिए और उनको कहा की इन पैसो से कोई ऐसी चीज को खरीद कर लाओ की जिससे एक बड़ा खली कमरा भर जाये.

जो लड़का सबसे ज्यादा कमरा भर पायेगा , वो यह इम्तिहान जितेगा. पहला लड़का गया और एक बड़ा पाठो से भरा पेड़ खरीद लाया और उसने उसे कटवाया और कमरे में घसीट लाया , पर कमरा आधा ही भर पाया.

दूसरा बेटागया और किसान जी कुनाई घास कट रहे थे वो साडी खरीद लाया और उसने उसे कमरे में लाया लेकिन फिर भी कमरा आधा ही भर पाया. तीसरा बीटा इन दोनों से बुद्धिमान था, उसने एक छोटी सी दुकान से एक २५ रुपये की कैंडल खरीद लाया.

शाम को अँधेरा होने के बाद उसने अपने पिता को उस खाली कमरे में बुलाया और उसने रूम के बिच में ही उस कैंडल को फर्श पर रखी और उस कैंडल को जलाई.

एक मिनट बाद उसने अपने पिताजी की और देखा और कहा की पिताजी क्या आप इस रूम का कोई भी कोना देख सकते है, जहा पर इस छोटी सी कैंडल का प्रकश ना पहुचा हो. और उस छोटे बेटे ने अपने पिताजी का सारा बिसनेस जित लिया.

गुस्से पर काबू – Motivational Story For Kids in Kindi

एक बार एक लड़का था जो गुणी , कलाकार , दिखने में अच्छा और बहुत बुद्धिमान था जैसे एक स्वाभाविक नेता. ऐसा कोई जिसे हर कोई अपनी टीम में चाहता था । मगर वह बहुत स्वार्थी और गुस्सैल भी था | जब उसे गुस्सा आता , वह बहुत ख़राब चीजें बोलता और करता | इतना कि उसके आसपास कौन है इसका भी लिहाज़ नहीं रखता था, अपने दोस्तों का भी नहीं.

इसलिए उसके बहुत कम दोस्त थे, ” मगर इसका अर्थ है कि वे मूर्ख हैं ” वह खुद से कहता  जैसे – जैसे वह बड़ा होने लगा उसके माता – पिता को उसके व्यवहार से चिंता होने लगी और वे सोच में पड़ गए कि क्या करें | आख़िरकार , उसके पिता को एक तरकीब सूझी और उन्होंने अपने बेटे से एक सौदा किया। उन्होंने उसे कीलों का एक थैला और एक बड़ा सा हथोड़ा दिया.

 उन्होंने कहा की मैं चाहता हूँ कि जब भी तुम्हे गुस्सा आए तुम उसे बाहर निकालो और पीछे बाड़ के लकड़ी के फट्टे पर पूरी ताकत से एक कील गाड़ देना. वो मोटी लकड़ी के फट्टे मौसम की मार झेल – झेल कर लोहे से सख्त हो चुके थे, और हथोड़ा भारी था, इसलिए ये काम इतना आसान नहीं था जितना लगता था। 

मगर फिर भी , एक दिन के अंत तक लड़के ने उसमे 37 कीलें गाड़ दीं थीं. धीरे – धीरे , कुछ हफ्ते बीत जाने पर ये संख्या घट गई । उसे अपने गुस्से पर काबू आने लगा क्योंकि बाड़ में कील गाड़ना मुश्किल काम था ! फिर एक दिन आया जिस दिन लड़के ने एक बार भी गुस्सा नहीं किया |

उसने गर्व से जाकर अपने माता – पिता को ये बात बताई | पिता ने कहा तुम्हारी कामयाबी के लिए तुम एक कील निकाल सकते हो | ये तुम हर उस दिन कर सकते हो जिस दिन तुम गुस्सा नहीं करोगे | ” 1 कई हफ्ते बीत गए | आखिरकार एक दिन लड़के ने आकर गर्व से बताया कि अब फट्टे में एक भी कील बाकि नहीं है.

पिता ने उससे उनके साथ बाड़ देखने चलने को कहा और उन्होंने कहा की तुमने बहुत अच्छा काम किया है बेटे मगर मैं चाहता हूँ तुम वो छेद देखो जो रह गए हैं । अब चाहे जो हो जाए , बाड़ कभी पहले जैसी नहीं होगी।

Morale Of Motivational Story For Kids in Kindi

गुस्से में कही और करी बातें भी ऐसे ही निशान छोड़ जाती हैं और दाग हमेशा रह जाता है। अब तुम कितनी भी दफा माफ़ी मांगो, कितने भी साल बीत जाएँ , दाग रह ही जाते हैं । बातों की चोट भी हाथों की चोट जितना ही दर्द देती है.

लोग इस बाड़ से ज्यादा कीमती हैं और  वो हमारी मुस्कान , हमारी कामयाबी का कारण बनते हैं । कुछ हमारे दोस्त बन कर हमारी खुशियों और दुःख में हमारे साथ होते हैं । इसका अर्थ है हमे सबको प्यार और इज्ज़त से रखना चाहिए | इसीलिए हमे कम से कम दाग देने हैं.

 दोस्तों कितना ज़रूरी सबक है ना ? और एक बात जो हम सबको बार बार याद रखनी चाहिए । सबको कभी न कभी गुस्सा आता है तब असली इम्तेहान वह है कि हम उसका क्या करते हैं | अगर हम समझदार हैं तो हम अपना समय पुल बनाने में लगायेंगे ना कि बाड़.

चार रानियों वाला राजा – Best Motivational Story in Hindi For Success

एक बार एक रईस राजा था जिसकी चार रानियाँ थीं । वो अपनी चौथी रानी को सबसे ज्यादा प्यार करता था और उसे महंगे कपड़ों से लादे रहता और बेहतरीन खाना खिलाता था, उसे महूंगे कपड़ों से लादे रहता और बेहतरीन खाना खीलाता था| वो उसे केवल सबसे अच्छा देता था.

वो अपनी तीसरी पत्नी से भी बहुत प्यार करता था और उसका आस – पास के राज्यों में बखान करता था. मगर उसे डर था कि वो एक दिन उसे किसी और के लिए छोड़ देगी |

वो अपनी दूसरी पत्नी से भी प्यार करता था, और वो उसकी हमराज़ थी और उसके साथ हमेशा सहानुभूति , इज्ज़त और धैर्य से रहती थी, जब भी राजा को कोई परेशानी होती वह उसे बताता ताकि वह राजा को उस परेशानी का हल बता सके. 

राजा की पहली पत्नी राजा की सबसे वफ़ादार थी और राज्य और उसकी दौलत बढ़ाने में बहुत मदद करती थी । मगर, वह अपनी पहली पत्नी से प्यार नहीं करता था ।

एक बार राजा बीमार पड़ गया और उसे समझ आ गया कक उसके पास समय कम है, इसीलिए उसने अपनी चौथी पत्नी से पूछा की, मैंने सबसे ज्यादा प्यार तुमसे किया है. और तुम्हे सबसे बेहतरीन चीजो से नवाजा है, और तुम्हारा सबसे ज्यादा ध्यान रखा है.

अब जब में मरने जा रहा हु, क्या तुम मेरा साथ देने के लिए मेरे साथ चलोगी? तब उसके चौथी पत्नी ने जवाब दिया की बिलकुल नही.. उसकी बात राजा के दिल में छुरी जैसी चुभी…

अब दुखी राजाने अपने तीसरे पत्नी से पुछा की मैंने सारी जिंदगी तुमसे प्यार किया, अब में जा रहा हु, क्या तुम मेरे साथ चलोगी?

नहीं ऐसा तीसरी पत्नी ने जवाब दिया. जिन्दगी बहुत अच्छी है और जब तुम मरोगे तो में दुबारा शादी करुँगी.

अब राजा ला दिल बैठ गया था और वह ठंडा पड़ गया था, फिर उसने अपनी दूसरी पत्नी से पूछा, मैंने हमेशा ज़रूरत के वक़्त तुमसे मदद माँगी और तुमने भी हमेशा मेरा साथ दिया. जब मैं मरूँगा क्या तुम मेरा साथ देने मेरे साथ आओगी ? 

माफ़ करना, इस बार मैं तुम्हारी मदद नहीं कर सकती ! दूसरी पत्नी ने जवाब दिया, ज्यादा से ज्यादा मैं तुम्हे तुम्हारी कब्र तक छोड़ सकती हूँ । ” उसका जवाब बिजली की तरह राजा को लगा और वो बेहद दुखी हो गया |

तभी एक आवाज़ आई : मैं आपके साथ चलूंगी और जहाँ आप जायेंगे, वहाँ चलूंगी. राजा ने नज़र घुमाई तो उसकी पहली पत्नी खड़ी थी. वो बेहद कमज़ोर थी क्योंकि वो खाती नहीं थी. दुःख से भरकर राजा ने कहा की जब मेरे पास मौका था तब मुझे तुम्हारा बेहतर ध्यान रखना चाहिए था.

दोस्तों इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है की…

हमारी चौथी पत्नी हमारा शरीर है। हम चाहे इसे सजाने – धजाने में कितना भी दिल लगायें , मृत्यु के समय ये हमे छोड़ जायेगा.

हमारी तीसरी पत्नी हमारी संपत्ति दर्जा और दौलत है, जब हम मरते हैं, ये औरों को मिल जाती है.

हमारी दसूरी पत्नी हमारा परिवार और समिगण हैं, चाहे वो कितना ही हमारे साथ हों, ज़्यादा से ज़्यादा वो हमारे साथ शमशान तक आ जायेंगे, पर उससे आगे नहीूं.

हमारी पहली पत्नी हमारी आत्मा है, जो अक्सर दौलत, ताकत और अहूंकार के सलए बेध्यान हो जाती है. मगर, हमारी आत्मा ही एक ऐसी है जो जहा हम जायेंगे वहााँ तक जाएगी. इसीलिए इसे उपजाए, ताकतवर बनाए और इसका आज से ही ध्यान रखें! यही दुनिया को आपका सबसे बड़ा तौफा है.

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