Top 10 Best Motivational Stories For Students in Hindi

Top 10 Best Motivational Stories in Hindi For Students , Best Motivational Story For Students in Hindi, Motivational Story in Hindi For Students

नमस्कार साथियों आप सभी का नॉलेज ग्रो मोटिवेशनल ब्लॉग पर स्वागत है। साथियों आज का यह आर्टिकल आप सभी के लिए बहुत ही Inspiration और लाइफ चेंजिंग साबित होने वाला है, क्योंकि दोस्तो में आज आपके साथ Top 10 Student Motivational Stories in Hindi में शेयर करने वाला हू।

मेरे प्यारे भाईयो और बहनों मैंने आप सभी के लिए सबसे मूल्यवान प्रेरणादायक कहानियों को ढूंढकर इकट्ठी किया हुआ हु, ताकि आपके जीवन में Success हासिल कर सकू। ये 10 Student Motivational Stories आपकी रचनात्मक और आपकी अंदरूनी गुणों से एक बार फिर से मिलवाने में आपकी मदद करेगी।

Best Motivational Stories in Hindi For Students
Best Motivational Stories in Hindi For Students | Motivational Story For Students in Hindi

Top 10 Best Motivational Stories For Students in Hindi

दोस्तों पहली कहानी जो में आपके साथ शेयर करने वाला हू, उस कहानी को मैने एक Spiritual Magazine में पढ़ी हुई थी। इस कहानी को पढ़ने के बाद मेरे अंदर कुछ नया सीखने की जिज्ञासा हुई और नया समझने की जिज्ञासा हुई, और नया कदम उठाने की जिज्ञासा हुई।

दोस्तो इस कहानी को सुनने के बाद आप खुद मेहसूस करेंगे की आपके जीवन में जिज्ञासा जगी हुई है या सोई हुई है? अगर आपकी जिज्ञासा सोई हुई है? तो इस कहानी को सुनने के बाद आपकी जिज्ञासा जगने वाली है, इसीलिए इस कहानी को अंत तक ध्यान से जरूर पढ़िए।

दोस्तों खास करके यह कहानी स्टूडेंट्स के लिए है, इसके अलावा कोई भी व्यक्ति हो, वो इस कहानी से सीख लेकर के अपने जीवन को एक नई दिशा दे सकता है। तो बिना समय को गवाए चलिए कहानी को शुरू करते हैं।

Best Motivational Story In Hindi For Students
Best Motivational Story In Hindi For Students

Best Motivational Story In Hindi For Students – जिज्ञासा

दोस्तों हीरा नाम का एक लड़का था, जो किसी सेट के यहां काम करता था। एक दिन उसने अपने सेट से कहा की सेट जी में आपका 24 घंटो के लिए नौकर हु, और मुनीम तो सिर्फ एक दो घंटो के लिए आकर आपसे एक दो घंटो की इधर उधर की बातें करके चला जाता है, और फिर भी मेरा वेतन केवल 500 रुपए है, और मुनीम का 5000 रुपए है। ऊपर से मुनीम के लिए सुविधाएं भी ज्यादा दी हुई है।

ऐसा क्यों?

सेट ने हीरा से कहा की “हीरा तुझमें और मुनीम में क्या फर्क है? ये जानना चाहता है ना तो तुम घोगाबंदर पर जाओ और वहा पर अपना कौन सा स्टीमर आया हुआ है, उसकी जाज करके वापस आ जाना। उसके बाद वो नौकर घोगाबंदर गया और रात्रि को लौटा।

और वापस लौट ने के बाद सेट जी से कहा की सेट जी वहा अपना एक स्टीमर आया हुआ है। फिर सेट जी ने पूछा की उसमे क्या आया है? हीरा ने कहा की उसमे क्या आया हुआ है, यह तो मुझे पता नहीं है। उसके बाद हीरा फिर से दूसरे दिन घोगाबंदर गया और सामान का पता करके आया।

और फिर अपने सेट जी से कहा कि बादाम और काली मिर्च आई हुई है। फिर सेट ने पूछा की और क्या क्या आया हुआ है? उसके बाद हीरा फिर पूछने गया और फिर आकर सेट जी से बोला कि लौंग भी आई हुई है। फिर सेट ने हीरा से पूछा की ये किसने बताया?

हिरा ने बोला की एक आदमी ने बोला की लौंग भी आई हुई है। फिर सेट ने हीरा से पूछा की अच्छा, वो आदमी कौन था? जबाबदार मुख्य आदमी था या साधारण आदमी था? फिर हीरा ने कहा की ये तो मुझे पता नही है।

Best Motivational Stories in Hindi For Students

फिर सेट ने पूछा की जाओ और मुख्य आदमी से पूछो कि कौन कौन सी चीजे आई हुई है और कितनी कितनी आई हुई है? हिरा फिर से गया और सामान एवम उसकी मात्रा लेकर सेट के पास वापस आया।

फिर उसके बाद सेट ने हीरा से पूछा की ये सभी चीजे किस भाव में बाजार में आई हुई है और इस समय बाजार में क्या भाव चल रहा है? क्या तुन्हे ये पूछा? फिर हीरा ने कहा की ये तो मैने पूछा ही नही। फिर सेट ने हीरा से कहा की “अरे मूर्ख ऐसा करते करते तो महीना बीत जायेगा।”

फिर उसके बाद सेट ने अपने एकाउटेंट मुनीम को बुलाया और उससे कहा की घोगाबंदर जाकर आओ। फिर मुनीम दो घंटो के अंदर घोगाबंदर जाकर वापस लौट आया, और अपने सेट जी से बोला की ‘सेट जी इतनी क्वांटिटी में बादाम आया हुआ है, और इतनी क्वांटिटी में काली मिर्च आई हुई है और इतनी क्वांटिटी में लौंग भी आई हुई है। 👇

सेट जी हमारा स्टीमर बहुत ही जल्दी आया हुआ है और दूसरे स्टीमर एक दो दिन के बाद आयेंगे, तो बाजार भाव में मंदी आ जायेगी। अभी बाजार में माल की कमी है और अतः अगर हम अपना माल खींचकर चुपके से बेच देंगे तो हमे बहुत लाभ होंगा।

आपके यहां पर आने जाने में बहुत देर हो जाती हैं, इसीलिए में आपसे पूछने नही आया और माल को बेच दिया। अच्छे पैसे भी मिले हुए हैं और ये रहा 2 लाख का चेक… फिर उसके बाद सेट ने हीरा से कहा की👇👇

देख लिया फर्क , अगर तू सिर्फ चक्कर काटता रहता और अगर 2 – 4 दिन विलंब होता तो मुझे 5 लाख का नुकसान होता। और इस मुनीम ने 5 लाख के घाटे को रोककर 2 लाख का नफा करके आया हुआ है। इसको में 5000 रुपए देता हूं तो भी सस्ता है और तुझे 500 रुपए देता हु तो भी मेंहंगा है। मूर्ख तुझ में इतनी जिज्ञासा नही है!!!

Moral of Motivational Story In Hindi For Students :

दोस्तो इस कहानी से हमे यह सीखने को मिलता है की “बिना जिज्ञासा का मनुष्य आलसी और प्रमादि हो जाता है, और तुच्छ रह जाता है। जब की जिज्ञासु मनुष्य हर कार्य में तत्पर और कर्मठ होता है। जिसके अंदर जिज्ञासा है, वो इंसान छोटी छोटी बातों में भी रहस्य खोज लेगा।

और जिसके जीवन ने जिज्ञासा नही है, वो इंसान रहस्य को देखते हुए भी उसे अनदेखा कर देगा। जिज्ञासु की दृष्टि सूक्ष्म होती है और वो हर घटना को बारीकी से देखता और खोजता है। और खोजते खोजते रहस्य को भी प्राप्त कर लेता है।

अगर किसी क्लास में 50 विद्यार्थी पढ़ते हैं, जिसमे सब के एक ही शिक्षक होते हैं, और पाठ्य पुस्तकें भी एक जैसे ही होते हैं, लेकिन जो स्टूडेंट्स शिक्षको की बातों को ध्यान से सुनते हैं और जिज्ञासा करके प्रश्न पूछते हैं, वे ही विद्यार्थी माता पिता एवम स्कूल का नाम रोशन करते हैं।

और जो विद्यार्थी पढ़ते समय ध्यान नहीं देते हैं और सुना अनसुना करते हैं, वे विद्यार्थी थोड़े से ही अंक प्राप्त करके अपने जीवन की गाड़ी को बोझिली बनाकर घसीटते रहते हैं, एवम बड़े होकर किस कौने में मर जाते है, कुछ पता नहीं चलता।

Best Motivational Stories in Hindi For Students

इसीलिए जिज्ञासु बनो और जब शिक्षक आपको पढ़ाते हो तो उस समय ध्यान देकर पढ़ा करो। यदि समझ में नहीं आए, तो अपने आप समझने की कोशिश करो, और जब अपने आप उत्तर ना मिले तो शिक्षक या अपने साथी से पूछ लो। और ऐसा करके अपने जिज्ञासा को बढ़ाओ।

दोस्तो जिसके जीवन में जिज्ञासा नही है, उसको अगर ब्रह्मा जी भी उपदेश करे, तो भी क्या होंगा? जो व्यक्ति जितने अंश में जिज्ञासु और तत्पर होंगा, वो व्यक्ति उतने ही अंश में सफल होंगा।

“तुम पीछे क्यों रहो, बल्कि जिज्ञासु और तत्पर बनो, सफलता तुम्हारा ही इंतजार कर रही है।”

दोस्तो इस कहानी में जिस सफलता की बात की जा रही है, उसकी शुरुआत जिज्ञासा से होती हैं। अगर आपके जीवन में जिज्ञासा जगी हुई है, तो आप भौतिक रूप से, मानसिक रूप से, भौधिक रूप से और आध्यात्मिक रूप से दूसरो से उतने ही आगे रहेंगे।

दोस्तो ये बहुत ही प्रैक्टिकल बात है, और इस कहानी ने मुझे बहुत कुछ दे दिया था, और मुझे नया कुछ सोचने पर और पढ़ने पर मजबूर कर दिया था और नया कुछ सीखने में मजबूर कर दिया था और फिर में अपनी लाइफ में आगे बढ़ता गया।

दोस्तो आज ही वो दिन है, आप अपनी जिज्ञासा को जरूर जगाए। अगर आपको यह कहानी पसंद आई होगी तो अपने दोस्तो के साथ अवश्य शेयर कीजिए और उसके साथ ही आपको यह कहानी कैसी लगी? कृपया मुझे नीचे कमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके जरूर बताएं

Gautam Buddha Story in Hindi For Students
Gautam Buddha Story in Hindi For Students

Gautam Buddha Story in Hindi For Students

दोस्तो हमारी मानसिकता कुछ ऐसी है की इस संसार में जितने भी लोग है, उन्हे हम दो हिस्सो मे बांटते हैं। पहिला अच्छे लोग और दूसरा बुरे लोग। पर हम कभी भी यह प्रश्न अपने आप से नही पूछते की कोई व्यक्ति अच्छा या बुरा क्यों बन जाता है? क्योंकि आवश्यक सवाल यह नही है की हम अच्छे कैसे बनें?

बल्कि आवश्यक सवाल यह है की हम इतने बुरे क्यों बन गए हैं और हम बुरे काम क्यों करते हैं? दोस्तो अगर आप भी इन दोनों प्रश्नों के उत्तर आसान भाषा में जानना चाहते हैं? तो यह कहानी आपकी लिए ही है। दोस्तो इस कहानी को अंत तक जरूर पढ़िए। तो चलिए कहानी को शुरू करते हैं।

एक नगर में एक बहुत बड़ा शातिर चोर रहा करता था, और उस चोर के बारे में जानते तो सब थे, पर आज तक उसे कोई पकड़ नही पाया था। उस चोर ने अपना पूरा जीवन चोरी करने में लगा दिया हुआ था। उसके पूरे नगर में और उसके आस पास के इलाकों में भी उसकी बराबरी का चोर कोई नही था।

दोस्तो उस चोर का एक बेटा भी था, जिसे वह अपनी तरह एक शातिर चोर बनाना चाहता था। वह शरीर चोर अपने बेटे को हमेशा एक ही बात सिखाता था की “बेटा कभी भी किसी साधु संन्यासी का उपदेश मत सुनना। अगर कोई तुमसे कुछ कहने भी लगे, तो अपने कान बंद करले ना और वहा से भाग जाना।”

उस चोर का बेटा उसकी इस बात को बचपन से ही सुनता आ रहा था, जिसके कारण उसके मन में यह बात बैठ गई थी। क्योंकि उस लड़के का पूरा ध्यान चोरी करने पर ही था, इसीलिए वह भी अपनी पिता की तरह एक शातिर चोर बन जाता है।

Best Motivational Story in Hindi For Students

हमारा ध्यान जिस भी चीज पर ज्यादा होता है, हम उस चीज में माहिर हो जाते हैं। एक दिन वह चोर सोचता है की छोटी मोटी चोरियां तो बहुत करली, क्यों न आज राजा के महल में ही डाका डालू। राजा के महल में चोरी करने के उद्देश्य से वह चोर मेहल की और चल पड़ता है।

मार्ग में उसे कुछ लोगों की भीड़ नजर आती है, वो उस भीड़ को देखकर रुकता है और यह देखता है की वे लोग क्या कर रहे हैं। जब वो चोर भीड़ के करीब जाता है, तो वो देखता है की सभी लोग एक एक करके एक संन्यासी के चरणों में गिरकर उनका आशीर्वाद ले रहे हैं।

वो संन्यासी और कोई नहीं बल्कि गौतम बुद्ध थे। वो चोर बुद्ध को देखकर उनकी तरफ आकर्षित हो जाता है, क्योंकि उसने भी पहली बार इतने तेजस्वी व्यक्ति को देखा हुआ था। अचानक उसे अपने पिता की बात याद आ जाती हैं की साधु संन्यासीयो से दूर रहना चाहिए।

एक बार को वह सोचता है की वह वहा से चला जाए, लेकिन फिर उसके मन में एक प्रश्न उठता है की पिताजी ऐसा क्यों कहते थे? इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए वो चोर सभी लोगो के साथ बैठ जाता है और गौतम बुद्ध का उपदेश सुनने लग जाता है।

बुद्ध उस उपदेश में झूठ बोलने की व्यर्थता और विश्वासघात के बारे में बताते हैं। उपदेश समाप्त होने के बाद वहा बैठे सभी लोग अपने अपने घर चले जाते हैं। और वो चोर भी चोरी करने के लिए मेहल की ओर चल पड़ता है। रास्ते में चलते हुए चोर अपने मन में सोचता है की क्यों न आज उपदेश में कही हुई बातो को मानकर ही देख लिया जाए।

उसके बाद वो चोर मेहल की दीवार पर से कूदकर जाने की बजाय महल के द्वार से ही अंदर प्रवेश करने लग जाता है। ऐसा करते देख मेहल का द्वारपाल उसे रोकता है, और उससे पूछता है की कौन हो भाई और कहा जा रहे हो?

वो चोर द्वारपाल से कहता है की में एक चोर हु और अंदर चोरी करने के लिए जा रहा हू। उस चोर की बात सुन द्वारपाल सोचता है की मेहल का कोई एक नौकर होंगा और मुझसे मजाक कर रहा है। वैसे भी कोई चोर अपने आप को कभी भी चोर नहीं बताता है। और वो द्वारपाल उस चोर को मेहल के अंदर जाने के लिए प्रवेश करने दे देता है।

महल मे प्रवेश करने बाद वो चोर उस तिजोरी तक पहुंच जाता है, जहा पर खजाना रखा हुआ था। वो चोर उस तिजोरी को तोड़कर बहुत सारा धन अपनी पोटली में भर लेता है और जैसे ही धन लेकर वो चोर वहा से जाने लगता है, तो उसे रसोई नजर आती है।

मेहल के सभी लोग सो रहे थे, इसीलिए रसोई में उस समय कोई भी नही था। और उस चोर को बहुत जोर से बुख लग हुई थी, इसीलिए वो चोर रसोइ में जाता है और पेट भरके खाना खाता है। भोजन करके वो चोर वहा से जानें लगता है, तभी अचानक उसे बुद्ध की दूसरी बात याद आ जाती है कि 👇👇

“जिसका हमने नमक खाया है हमे कभी भी उसके साथ विश्वासघात नही करना चाहिए।”

वो चोर मन ही मन सोचता है की मैने इन राजमहल वालों का नमक खाया हुआ है, और अगर में इनके धन को चोरी करके ले जाऊंगा तो यह विश्वासघात होंगा। इसीलिए वह चोर उस धन को रसोई में ही छोड़कर जाने लग जाता है। ऐसा करते हुए उसे मेहल का एक व्यक्ति देखता है और वो शोर मचा देता है की महल में चोर घुस गया हुआ है।

राजा के सिपाई उस चोर को पकड़ लेते हैं और उसे राजा के पास ले जाते हैं। और उसके बाद राजा उस चोर से पूछता है की “जब तुमने धन को चुराही लिया हुआ था, तो तुम उसे छोड़कर क्यों चले जा रहे थे।” वो चोर कहता है की “एक संन्यासी के उपदेश के कारण”

“किसी के साथ विश्वासघात करना बुद्धिमता नही है और बल्कि मूर्खता है।”

“जिसके भोजन को खाकर हमे जीवन मिला है, उसके साथ हमे कभी भी विश्वासघात नही करना चाहिए।”

उस व्यक्ति की बात सुन राजा प्रभावित हो जाता है और उस चोर से कहता है की “यदि तुम ऐसे उपदेश बचपन से ही सुनते आते, तो तुम कभी चोर बनते ही ना होते” जाओ में तुम्हे छोड़ता हूं। लेकिन एक बात को हमेशा याद रखना की 👇👇👇

“सही संगत और सही उपदेश ही व्यक्ति का जीवन बदल देते हैं”

दोस्तो इस कहानी का उद्देश्य आपको सिर्फ यह सीखाना नही है की “आप किसी के साथ विश्वासघात ना करें, या झूठ ना बोले बल्कि ये कहानी आपको सीखाना चाहती है की 👇👇👇

“आप बुरे तब तक की है, जब तक की आप सही उपदेश सुनना और सही संगत करना शुरू नही कर देते”

“जो कल आपने गलत संगत करली थी, वही आज आपके दुखों का कारण है”

Heart Touching Story in Hindi For Students
Heart Touching Story in Hindi For Students

Heart Touching Story in Hindi For Students

दोस्तो अब में आपके साथ जो कहानी शेयर करने वाला हू, वो एक सैनिक की दिल को छू लेने वाली कहानी है। इसे आप अंत तक जरूर पढ़िए।

एक सैनिक की दिल को छू लेने वाली कहानी

दोस्तो एक सैनिक जिसे दूसरे देश युद्ध के लिए जाना पड़ा था। अब जब वो दूसरे देश में था, तो उसकी खबर घर तक पहुंच नही रही थी। और उसकी मम्मी पापा बड़े परेशान थे की पता नही की क्या हुआ होंगा मेरे बच्चा का…

अखबारों में और न्यूज चैनल पर लगातार खबरे तलाशते रहते थे की, पता चल जाए की हमारे बच्चे का क्या हुआ होंगा, लेकिन कोई खबर मिल नही रही थी। उसके एक महीने एक बाद न्यूज चैनल में यह आया की युद्ध समाप्त हो गया है और ये घर वाले बेसबरी से इंतजार करने लगे की👇👇👇

अब युद्ध तो समाप्त हो गया है और अगर हमारा बच्चा जीवित होंगा तो हमे जरूर कॉल करके हमसे जरूर बात करेगा। उसके एक दो दिन के बाद उनके पास एक कॉल आया, घर में टेलीफोन की घंटी बजी। कॉल उठाया तो वो कॉल उनके बेटे का था, बेटे की आवाज सुनकर घर वाले बहुत खुश हुए की भगवान ने हमारे बच्चे को बच्चा लिया।

Best Motivational Story in Hindi For Students

उनका लड़का कहता है की आप चिंता मत कीजिए में यहां पर सुरक्षित हू, और सब ठीक है? ऐसे बोलकर बेटा घर का हालचाल जान रहा था। उसके बाद उस लड़के ने कहा की पापा बात ऐसी है की जब में घर आऊंगा तब अपने साथ मेरे एक दोस्त को भी ला रहा हूं।

तब उसके मां बाप कहते हैं की हां, लेके आ जाओ कोई दिक्कत नही है। लड़का बोलने लगा की मेरी पूरी बात तो सुन लीजिए, वो जो मेरा दोस्त है ना, वो हमेशा के लिए हमारे साथ ही रहेगा। पेरेंट्स ने थोड़ा सोचा और फिर बोले की ठीक है, ले आओ कोई बात नही।

फिर लड़का बोला की “मेरी पूरी बात तो सुन लीजिए : दरअसल बारूदी सुरंग में मेरा दोस्त था और अचानक धमाका हो गया और उसने अपना एक हाथ और एक पैर को खो दिया। और अब वो बिना एक हाथ और एक पैर के जी रहा है, तो क्या में उसको हमारे साथ हमेशा के लिए लेकर आ जाऊ?

अब उनके पेरेंट्स की आवाज अचानक से बदल गई और उनके आवाज में चिंता आने लगी। और वो अपने बेटे से कहने लगे कि “क्यों लेके आ रहे हो उसको, वो कहा रहेगा हमारे साथ, उसको अपने हाल पर छोड़ दो ना। भगवान सब संभाल लेगा, तुम क्यों इतनी चिंता कर रहे हों।

उसको अपने हाल पर छोड़कर आ जाओ, अगर उसको कभी कुछ मदद लगेगी तो हम करेंगे ना। अब उनका लड़का कहने लगा की क्या हुआ आप अचानक से ऐसे क्यों कहने लगे हो? फिर उसके घर वाले कहते हैं की “बेटा वो हमारे ऊपर बोझ बनकर के रहेगा और हम कहा उसका ध्यान रख पाएंगे, और हमसे इतना सब नही हो पाएगा।”

फिर लड़के ने उधर से कहा की “ठीक है और कॉल को रख दिया। उसके बाद उस लड़के के घर वाले 40 – 50 दिन उसका इंतजार करते रहे, की अब हमारा बच्चा घर आएगा, लेकिन वो घर आया ही नही। उसके बाद उनके घर एक कॉल आया और उनके घर वालो को बोला की “आप दूसरे देश आइए (जहा पर युद्ध हो रहा था) क्योंकि आपके बेटे की लाश मिली हुई है।”

उसके बाद उस लड़के के घरवाले रोते हुए उस देश चले जाते हैं। उस देश में जाने के बाद उनको बताया जाता है की “आपके बच्चे ने छत से कूद कर जान दे दी है” जब मुर्दा घर में पहुंचे और अपने मृत बच्चे को देखकर सन्न रह गए। क्योंकि 👇👇👇

“उनके बेटे के एक हाथ और एक पैर नही थे”

उसके बाद उस लड़के के घर वाले बहुत जोर से रोने लग गए और कहने लगे की “काश हमने अपने बच्चे से कह दिया होता की उस दोस्त को लेके आजा, हम उसको साथ में रख लेंगे।” लेकिन उन्होंने ऐसा बोला नही। अगर उन्होंने ऐसा बोला होता तो शायद उनका बेया जीवित होता।

उनका बेटा यह जानना चाह रहा था की “उनके पेरेंट्स कैसे रिएक्ट करते हैं, पर पेरेंट्स ने कहा की उसको क्यों ला रहा है, वो तो बोझ बनकर रहेगा।”

Moral of Heart Touching Kahani in Hindi For Students

दोस्तो ये कहानी सिर्फ उन मम्मी पापा की और उस बच्चे की नही है, बल्कि आज के जमाने में ये कहानी सबकी है। आज बहुत सारे लोग हैं, जो सिर्फ फायदा देखकर के रिश्ता बना लेते हैं। और रिश्तों में फायदा ढूंढते रहते हैं और अपने हिसाब से हिसाब से रिश्ते बनाना चाहते हैं।

जिस किसी में कमी दिखी तो उसको दूर कर देते हैं। दोस्तो कमी हर इंसान में है, अगर हम कमियां ढूंढते रहेंगे तो कभी प्यार नही कर पाएंगे। प्यार उनसे भी कीजिए, जिनमें कमियां हैं।

“प्यार कभी भी ऊंच नीच और भेद भाव नही देखता है, बल्कि प्यार प्यार होता है। और मोहबत्त हमेशा दिल से की जाती है, और यही इस कहानी का massage है।” बहुत गहरी बात है लेकिन ये कहानी हमे सिखाती हैं।

दोस्तो यह कहानी आपको कैसी लगी? नीचे कमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके हमे जरूर बताएं। और उसके साथ ही अगर आपको यह कहानी पसंद आई होगी तो अपने दोस्तो के साथ इसे अवश्य शेयर कीजिए ताकि और लोगो को भी यह कहानी पढ़ने मिल सके।

Best Motivational Kahani For Students in Hindi
Best Motivational Kahani For Students in Hindi

Best Motivational Kahani For Students in Hindi

दोस्तो ये कहानी है दो भाईयों की, उनमें से एक नशीली दवाओं का आदी था और अपने परिवार के लोगों को अकसर पीटा करता था , जबकि दूसरा काफ़ी सफल व्यापारी था। वह समाज में सम्मानित था और उसका एक अच्छा परिवार था।

एक ही माँ – बाप द्वारा पाले गए एक ही माहौल में पले – बढ़े दो भाई एक – दूसरे से इतने अलग कैसे हो गए। पहले भाई से पूछा गया कि आप यह सब क्यों करते हैं ? आप नशीली दवाओं के आदी है, शराबी हैं , अपने परिवार के लोगों को पीटते हैं ? आपको यह सब करने की प्रेरणा कहाँ से मिलती है ?

उसने जवाब दिया, मेरे पिता से, वो नशीली दवाओं के आदी थे, शराबी थे और अपने परिवार के लोगों को हर दिन पीटा करते थे। तो फिर आप मुझसे क्या बनने की उम्मीद करते है? उन्हीं वजहों से मैं ऐसा इंसान बन गया हूँ।

Best Motivational Story in Hindi For Students

जब दूसरे भाई से पूछा गया , आप सारे सही काम क्यों करते हैं ? तो आपकी प्रेरणा का स्रोत क्या है ? और जरा सोचिए , उसने क्या कहा, मैं जब छोटा था, तो अपने पिताजी को शराब के नशे में धुत और सारे ग़लत काम करते हुए देखा करता था।

मैंने उसी समय सोच लिया था कि मुझे उनके जैसा नहीं बनना है। दोनों भाई एक ही स्रोत से प्रेरणा हासिल कर रहे थे, लेकिन एक ने उसका इस्तेमाल सही ढंग से किया और दूसरा ग़लत ढंग से कर रहा था। ग़लत ढंग की प्रेरणा इंसान को आसान रास्ता अपनाने की इच्छा पैदा करती है , लेकिन अंत में वह रास्ता ज्यादा मुश्किल साबित होता है।

Inspirational Stories in Hindi For Students
Inspirational Stories in Hindi For Students

Inspirational Stories in Hindi For Students

एक बार एक लार्क चिड़िया जंगल में गाना गा रही थी। तभी एक किसान उसके पास से कीड़ों से भरा एक सदूक ले कर गुजरा। लार्क चिड़िया ने उसे रोक कर पूछा, तुम्हारे संदूक में क्या है और तुम कहाँ जा रहे हो?

किसान ने जवाब दिया कि उस संदूक में कीड़े है , वह बाजार से उन कीड़ों के बदले पंख खरीदने जा रहा है। लार्क ने कहा, पंख तो मेरे पास भी हैं। मैं अपना एक पंख तोड़ कर तुम्हें दे दूँगी, और उसके बदले में आप मुझे कीड़े दीजिए। इससे मुझे कीड़े नहीं तलाशने पड़ेंगे।

किसान ने लार्क चिड़ियां को कीड़े दिए और लार्क ने उसके बदले में उसे अपना एक पंख तोड़ कर दे दिया। उसके बाद रोज यही सिलसिला चलता रहा और एक ऐसा दिन भी आया , जब लार्क के पास देने के लिए कोई पंख ही नहीं बचा था। वह उड़ कर कीड़े तलाशने लायक नहीं रह गई।

वह भद्दी दिखने लगी और उसने गाना छोड़ दिया और जल्दी ही वह मर गई। दोस्तो यही बात हमारी जिंदगी के लिए भी सच है। कई बार हमें जो रास्ता आसान लगता है , वही बाद में मुश्किल साबित होता है। इस कहानी का संदेश बहुत ही साफ़ है।

लार्क चिड़ियाँ को जो भोजन हासिल करने का आसान तरीका लगा था, वही मुश्किल और नुक़सान देह तरीका साबित हुआ।

Motivational Stories For Students in Hindi

एक राजा ने अपने सलाहकारों को बुला कर उनसे बीते इतिहास की सारी समझदारी भरी बातें लिखने के लिए कहा, ताकि वह उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचा सके। उन्होंने काफ़ी मेहनत कर समझदारी भरी बातों पर कई किताबें लिखी और उन्हें राजा के सामने पेश किया।

राजा को वे किताबें काफ़ी भारी – भरकम लगी। उसने सलाहकारों से कहा कि लोग इन्हें पढ़ नहीं पाएंगे, इसलिए इन्हें छोटा करो। सलाहकारों ने फिर काम किया और केवल एक किताब को लेकर आए। राजा को वह भी काफ़ी मुश्किल लगी। सलाहकारों ने उसे और छोटा किया।

इस बार वे केवल एक अध्याय लेकर आए, राजा को वह भी काफ़ी लंबा लगा। तब सलाहकारों ने उसे और छोटा कर केवल एक पन्ना पेश किया। लेकिन राजा को एक पन्ना भी लंबा लगा। आख़िरकार वे राजा के पास केवल एक वाक्य लिख कर ले आए और राजा उससे संतुष्ट हो गया।

राजा ने कहा कि अगर उसे आने वाली पीढ़ियों तक समझदारी का केवल एक वाक्य पहुँचाना हो तो वह यह वाक्य होगा 👇👇

“भोजन मुफ़्त में नहीं मिलता!”

Best Motivational Story in Hindi For Students
Best Motivational Story in Hindi For Students

Best Motivational Story in Hindi For Students

एक लालची किसान से कहा गया कि वह दिन में जितनी जमीन पर चलेगा वह उसकी हो जाएगी, बशर्ते वह सूरज डूबने तक की जगह पर वापस लौट आए। ज्यादा से ज्यादा जमीन पाने के लिए वह किसान दूसरे दिन सूरज निकलने से पहले ही निकल पड़ा।

वह काफ़ी तेजी से चल रहा था क्योंकि वह ज्यादा से ज्यादा जमीन हासिल करना चाहता था। थकने के बावजूद वह सारी दोपहर चलता रहा, क्योंकि वह जिंदगी में दौलत कमाने के लिए हासिल हुए उस मौके को गँवाना नहीं चाहता था। दिन ढलते वक़्त उसे वह शर्त याद आई कि उसे सूरज डूबने से पहले शुरूआत की हुई जगह पर पहुँचना है।

अपनी लालच की वजह से वह उस जगह से काफी दूर निकल आया था, और वह वापस लौट पड़ा। सूरज डूबने का वक़्त ज्यों – ज्यों क़रीब आता जा रहा था , वह उतनी ही तेजी से दौड़ता जा रहा था। वह बुरी तरह थक कर हॉफने लगा , फिर भी वह बर्दाश्त से अधिक तेजी से दौड़ता रहा।

नतीजा यह हुआ कि सूरज डूबते – डूबते वह शुरूआत वाली जगह पर पहुँच तो गया, पर उसका दम निकल गया और वह मर गया। उसको दफना दिया गया और उसे दफ़न करने के लिए जमीन के बस एक छोटे से टुकड़े की ही जरूरत पड़ी।

Inspirational Moral Stories in Hindi For Students

एक आदमी सुबह समुद्र के किनारे टहल रहा था। उसने देखा कि लहरों के साथ सैकड़ों स्टार मछलियाँ तट पर आ जाती हैं , जब लहरे पीछे जाती हैं तो मछलियाँ किनारे पर ही रह जाती है और धूप से मर जाती है। लहरे उसी समय लौटी थी और स्टार मछलियाँ अभी जीवित थीं।

वह आदमी कुछ कदम आगे बढ़ा और उसने एक मछली उठाई और पानी में फेंक दी। वह ऐसा बार – बार करता रहा। उस आदमी के ठीक पीछे एक और आदमी था जो यह नहीं समझ पा रहा था कि वह क्या कर रहा है। वह उसके पास आया और पूछा की तुम क्या कर रहे हो ?

Best Motivational Story For Students in Hindi

यहाँ तो सैकड़ों स्टार मछलियाँ हैं। तुम कितनों को बचा सकोगे ? तुम्हारे ऐसा करने से क्या फ़र्क पड़ेगा ? उस आदमी ने कोई जवाब नहीं दिया, और दो कदम आगे बढ़कर उसने एक और मछली को उठाकर पानी में फेंक दिया , और बोला की इससे इस एक मछली को तो फर्क पड़ता है।

हम कौन सा फ़र्क़ डाल रहे हैं ? बड़ा या छोटा , इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर सब लोग थोड़ा – थोड़ा फ़र्क़ लाएँ तो बहुत बड़ा फर्क पड़ेगा।

Short Motivational Story in Hindi for Success
Short Motivational Story in Hindi for Success

Short Motivational Story in Hindi for Success

एक लड़का नदी में डूब रहा था वह मदद के लिए चिल्लाया। एक आदमी , जो उधर से गुज़र रहा था , नदी में कूद पड़ा और उसने लड़के को बचा लिया। जब वह आदमी जाने लगा तो बच्चे ने कहा , धन्यवाद।

उस आदमी ने पूछा किस लिए ? लड़के ने जवाब दिया , मेरी जिंदगी बचाने के लिए। उस आदमी ने लड़के की आँखों में देखा और कहा , बेटा, जब तुम बड़े हो जाओ, तो इस बात को साबित करना कि तुम्हारी जिंदगी बचाने लायक थी।

दोस्तो यह सोचने का समय है और यही सचेत होने का समय है। आत्म संतुष्टि के बिना सफलता व्यर्थ है। यदि जीवन का कोई अर्थ और उद्देश्य न हो , तो आप कितना भी सम्मान , पैसा और शिक्षा हासिल कर लें , आपको जिंदगी में खालीपन और उदासी ही महसूस होगी।

सेहत , पैसा , परिवार , समाज और जीवन मूल्यों के बारे में अपनी व्यक्तिगत सफलता की फ़िलॉसफ़ि बनाने से ही सफलता की शुरुआत होती है। अगर हमारी जिंदगी में सफलता की साफ़ फिलॉसफ़ी न हो , तो ख्यालीपुलाव ही हमारे मार्गदर्शक बन जाएँगे

Motivational Short Story For Students in Hindi

दोस्तों एक बार एक मुजरिम को सजा देते समय जज ने उससे पूछा की क्या उसे कुछ कहना है? उस आदमी ने जवाब दिया, की जी हुजूर। मेहरबानी करके मेरे मां बाप को भी सज्जा दीजिए। जज ने पूछा की क्यों?

कैदी ने जवाब दिया, “जब में छोटा बच्चा था, तो मैंने स्कूल से पेंसिल चुराई, मेरे मां बाप ने यह जानने के बावजूद भी मुझे कुछ भी नही कहा। उसके बाद मैने एक पेन चुराई, उन्होंने उसको भी जान बूझकर नजरंदाज किया।

Best Motivational Story For Students in Hindi

उसके बाद में स्कूल से और पड़ोसियों के घरों से एक के बाद एक चीजे चुराता रहा और चोरी करना मेरी आदत बन गईं। मेरे मां बाप को ये सारी बातें मालूम थी, पर उन्होंने मुझे एक शब्द भी नहीं कहा, इसीलिए मेरे साथ उन्हे भी जेल जाना चाहिए। दोस्तो वह सही कह रहा था!

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दोस्तों आज के इस Top 10 Best Motivational Stories For Students in Hindi आर्टिकल में सिर्फ इतना ही दोस्तों फिर मिलेंगे ऐसे ही एक प्रेरणादायक आर्टिकल के साथ तब तक के लिए आप जहा भी रहिये खुश रहिये.

धन्यवाद…

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