Mindset Book Summary in Hindi – With EBook Download

Mindset Book Summary in Hindi , Mindset Book In Hindi PDF Free Download

नमस्कार दोस्तों, आप सभी का हमारे नॉलेज ग्रो मोटिवेशनल ब्लॉग पर स्वागत है। दोस्तो आज के इस आर्टिकल में हम आपके साथ बहुत ही इंट्रेस्टिंग और सेल्फ हेल्प किताब की हिंदी समरी शेयर करने वाले हैं, इसीलिए दोस्तो आप सब इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़िए।

mindset book summary in hindi
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Mindset Book Summary in Hindi

दोस्तो आपने कई बार सुना होगा की ‘हमारे साथ अच्छा हो या बुरा या हमारी जीत हो या हार’ कही न कही हम उस हार या जीत के जिम्मेदार हम स्वयंम खुद होते है। किंतु हमारे अंदर कौन सा ऐसा फैक्टर है, जो हमारे जीत को या हार को तय करता है?

दोस्तो क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया हुआ है? क्या यह सवाल उठाया है? दोस्तो आपका ‘हाँ’ या ‘ना’ जो भी आपका जवाब हो, लेकिन आज की यह Book Summary इस बात को बड़ी ही बारिकी से हमे समझा देंगी।

तो दोस्तो आज के इस Book Summary का नाम है, “Mindset” जिसे Carol S. Dweck जी ने लिखा हुआ है। जो एक साइकोलॉजिस्ट है और उसके साथ ही एक बेस्ट सेलर लेखक भी है।

दोस्तो उन्होंने पर्सनैलिटी ऑफ शोशल डेवलपमेंट फील्ड में अपना बहुत बड़ा योगदान दिया हुआ है। खास कर के माइंडसेट के ऊपर। 2011 में अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन ने उन्हें बड़े बड़े अवार्डो से सम्मानित किया हुआ था।

तो दोस्तो आइए उनके द्वारा लिखी हुई ‘Mindset Book Summary in Hindi’ में जानते हैं। दोस्तो इस आर्टिकल के जरिए आपको बहुत कुछ सीखने को मिलने वाला है, इसीलिए इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़िए। तो बिना समय को गवाएं चलिए आर्टिकल की शुरुआत करते हैं।

Mindset Summary in Hindi

दोस्तो जब आपका सामना फेलियर से हो जाता है, तब आपके मन में पहला विचार क्या आ जाता है? क्या आपका कॉन्फिडेंस तुरंत कम हो जाता है? या आप उस हार को एक लर्निंग एक्सप्रीयंस के रूप में देखते हैं?

आप हर एक चैलेंजेस को इस नजीरये से देखते हैं की ‘बस ये साबित करने का मौका है की आप कितने स्मार्ट और टैलेंटेड है।’ तो ऐसा क्यों होता है की कुछ लोग एक चैलेंज को पार करने के बाद grow करने लगते हैं, और कुछ लोग उसके आगे घुटने टेक कर कभी आगे ही नही बढ़ पाते हैं।

दोस्तो आपके हर एक सवाल का जवाब आपको इस Mindset Book Summary in Hindi आर्टिकल में मिलने वाला है। इस Self Help Book Summary के द्वारा आप समझेंगे की कैसे आपके बारे में आपकी सोच आपकी जिंदगी के हर पहलू पर अपना गहरा असर डालती है।

इस समरी को पूरा पढ़ने के बाद आप जानेंगे की आपका माइंडसेट यानी कि आपका नजरिया कितना importent होता है? ये आपके जीने के तरीके और प्रोब्लम को सामना करने की एबिलिटी पर असर डालता है। इसमें आपको अलग अलग mindset वाले लोग किस तरह अपनी जिंदगी को जीते हैं, उसकी भी झलक देखने को मिलेगी।

इस तरह आप अपने खुद के माइंडसेट के बारे में भी जानेंगे और उसके साथ ही आप ये भी समझेंगे की अगर जरूरत पड़े तो आप खुद को कैसे बदल सकते हैं। तो अब समझते हैं पहिले वाले चैप्टर Mindset से।

Mindset:

दोस्तो क्या ये प्रकृति है या परवरिश है जो एक इंसान को उसकी personality देती है। हाला कि इंसान होने के नाते हम सभी में कुछ बातें कॉमन जरूर होती है, लेकिन फिर भी हम एक दूसरे से बिलकुल अलग और यूनिक है।

दोस्तो हमारे जैसा कार्बन कॉपी इस पूरी दुनिया में कोई नही है। कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है की हर इंसान का एक बेसिक नेचर होता है, जो कभी भी नही बदलता। कुछ फिजिकल कैरेसस्टिक का फर्क जरूर होता है, जो हमे एक दूसरे से अलग बनाता है।

वही दूसरी ओर कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है की लोगो का mindset इस बात से बनता है कि उनकी परवरिश किस तरह से की गई थी। और उन्हे अपनी जिंदगी में कैसे माहौल और चैलेंजेस का सामना करना पड़ा और वो किस नजरिए से चिजो को देखते हैं?

तो अब इन दोनों में से कौन सही है? तो उसका सही जवाब है, दोनों। ये दोनों साथ साथ चलते हैं और अब आप खुद को कैसे देखते हैं, वो आपको बना भी सकता है और बिगाड़ भी सकता है। ये बात आपको सुनने में अजीब लग रही होंगी , लेकिन ये बात बिलकुल सच है।

कुछ लोगो को लगता है की वे बहुत होशियार और स्मार्ट है और इसमें उनको बिलकुल भी डाउट नही होता है। तो इसे fixed Mindset कहते हैं। इन लोगो का ऐसा मानना होता है की हम सभी एक लेवल ऑफ इंटेलिजेंस और लिमिटेड कैपेसिटी के साथ पैदा होते हैं, और इसे हम कम या ज्यादा नहीं कर सकते हैं।

इन लोगो का माइंडसेट एक पत्थर की लकीर हो जाती है , जहा वो अपने आपको बदलना ही नही चाहते हैं। और ये उनके अंदर एक गहरी इच्छा को जन्म देता है। ऐसे लोग हर किसी को ये साबित करना चाहते हैं कि वे कितने स्मार्ट है।

लेखक ने इस तरह के Mindset को बहुत से लोगों में देखा हुआ है, जो इसे एजुकेशन, कैरियर और रिलेशनशिप में दिखाने की कोशिश करते रहते हैं। ऐसे लोगो को लगता है की हर एक सिच्वेशन खुद को एक स्मार्ट साबित करने का मौका है। और अगर वे लोग ऐसा नहीं कर पाए तो वे खुद को एक फेलियर समझने लगते हैं।

Growth Mindset in Hindi

दोस्तो इन सबसे अलग एक और mindset है, जो ये कहता है की एफर्ट्स के जरिए खुद को बदला जा सकता है और इसे Growth Mindset कहा जाता हैं।

दोस्तो ऐसा तब हो जाता है जब आपको लगता है की जिन क्वालिटीज के साथ आप बड़े हुए है, उसकी वजह से आप एक पॉइंट पर आकर अटक गए है। इसीलिए आप बड़े जुनून और जोश के साथ खुद को बदलने की कोशिश करने लगते हैं।

क्योंकि आप जानते हैं की आपको अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है, ऐसे लोगों का मानना होता है की पैदाइशी टैलेंट जैसी कोई चीज़ नही होती है और किसी भी चीज को लगातार एफर्ट्स के जरिए हासिल किया जा सकता है। अब समझते हैं अगले चैप्टर के बारे में।

Inside the Mindset

दोस्तो जब आपका माइंडसेट fixed होता है, तब आप एफर्ट्स को एक बुरी चीज समझते हैं। क्योंकि आपकी सोच फ्लेक्सिबल नही होती है। तब आप ये मान लेते है की या तो आप बहुत बुद्धिमान है या आप बिलकुल भी बुद्धिमान नही है।

लेकिन अगर आप एक growth Mindset वाले इंसान है , तो आप समझते हैं की एफर्ट्स करना ही आपको स्मार्ट बनाता है। और उसमे आपका मकसद किसी को कुछ साबित करना नही होता है, बल्कि आपका goal होता है की खुद को लगातार improve करते रहना।

दोस्तो इस किताब के लेखक ने Hongkong University में एक experiment करने का फैसला किया। इस University में पढ़ाने के लिए इंग्लिश भाषा का इस्तमाल किया जाता है। तो जाहिर सी बात है कि उस University में कुछ ऐसे स्टूडेंट्स थे, जिनको इंग्लिश भाषा अच्छे से नही समझती थीं।

जब उन स्टूडेंट्स को एक सर्वे में पूछा गया की उन्हे अगर कोई ऐसा कोर्स ऑफर किया जाए, जो उनके language के स्किल को पहले से ज्यादा बेहतर करेगा तो क्या वो उसे करना चाहेंगे? जिन छात्रों ने हां में जवाब दिया उनका growth Mindset था।

उनका ये मानना था की आप कुछ सीखकर या खुद को बदल कर पहले से बहुत ज्यादा Smart बन सकते हैं। दूसरी ओर जिन छात्रों का fixed Mindset था, उनका उस कोर्स में बिलकुल भी इंटरेस्ट और दिलचस्पी नहीं थी और उनका जवाब ना था।

और उन स्टूडेंट्स का मानना था की हर इंसान के बुद्धिमानी का एक लेवल होता है और इसे बदलने के लिए कुछ भी नही किया जा सकता है। दोस्तो जब ब्रेन वेव्स की बात आती है, तब भी growth Mindset और fixed Mindset वाले लोगो में अलग अलग पैटर्न देखा गया है।

इस किताब की लेखिका ने कोलंबिया के laboretori में कुछ लोगो के brain वेव्स को स्टडी किया और यह समझने की कोशिश कियी की ब्रेन वेव्स किस टाइम पर बढ़ते हैं या उनमें कुछ बदलाव आते हैं। उनमें कुछ पार्टीसिपेंट्स से कुछ सवाल पूछे और उनके ब्रेन वेव्स को तब मेजर किया, जब उनको ये बताया जाता था की उनका जवाब सही था या गलत।

दोस्तो जिन लोगों का fixed Mindset था, उनके ब्रेन वेव्स में तभी कोई हलचल दिखाई दी, जब उनको कोई जवाब बताया जाता था। दूसरे शब्दों में वे Laboretori में मौजूद लोगो को साबित करना चाहते थे की वे कितने स्मार्ट और बुद्धिमान थे।

लेकिन जब उन्हें कोई इनफॉर्मेशन दी जाती थीं जिससे वे कोई सिख सकते थे, तब उनके वेव्स ने कोई इंट्रेस्ट नही दिखाई। यानी जब उन्होंने गलत जवाब दिया तब उन्होंने सही जवाब से कुछ भी नहीं सीखने की कोशिश की।

दोस्तो जब Growth Mindset वाले लोगो को स्टडी किया गया तब टीम ने देखा कि जब उन्हें कोई Information दी जाती थीं तब उनमें उन्हे जानने की उत्सुकता जाग उठती थी। क्योंकि वे स्टूडेंट्स जानते थे की सीखने से उन्हें आगे बढ़ने में और ग्रो करने में मदद मिलेगी।

क्योंकि Fixed Mindset वाले लोग चुनौतियों का सामना करने से कतराते है और हमेशा अपने कंफर्ट जोन में रहना चाहते हैं। और अपना confidense उन चीजों के जरिए बढ़ाते हैं जिन्हे वे आसानी से और अच्छे से कर सकते है। वे खुद को सबसे ऊपर और बेस्ट समझते हैं।

क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है की उनके पास जो नॉलेज और टैलेंट है, उसके ऊपर कुछ सीखने की कोई गुंजाइश ही नही है और वे सबकुछ पहले से ही जानते हैं। और ऐसे लोगो को मेहनत करना और रिस्क लेना पसंद नही होता हैं।

इन लोगो का ऐसा मानना होता है की अगर किसी चीज में मेहनत करने की जरूरत पड़ रही है, तो इसका मतलब यह है की आप उस चीज में अच्छे नही है, तो उसे बेकार में try करने का क्या मतलब।

उनकी सुई इसी बात पर अटकी हुई रहती है की या तो उनके पास पूरी स्किल है या फिर बिलकुल भी नहीं है। लेकिन अगर आपने सीखने से इंकार कर दिया तो आप improve कैसे करेंगे। Growth Mindset वाले लोग अकसर खुद से यही सवाल पूछते हैं, इसीलिए वो हर चैलेंज को एक्सेप्ट करने के लिए तैयार रहते हैं।

क्योंकि वे जानते हैं की अगर वो फेल भी हुए तो भी वो उससे कुछ न कुछ जरूर सिख लेंगे। और ऐसा नही है की growth Mindset वाले लोगो को असफलता से तकलीफ नहीं होती है। लेकिन वो इस फेलियर से खुद को तोड़ने नही देते हैं।

उनका जज्बा ऐसा होता है की में फेल हुआ तो क्या हुआ में अपनी गलतियों से सीखकर दुबारा से उसका सामना करके उसे पार कर लूंगा। दोस्तो अब इस willpower को लेकर आगे बढ़ते हैं और समझते हैं अगले चैप्टर के बारे में।

Mindset of Champion

दोस्तो अगर आप खेल में दिलचस्पी रखते हैं, तो आपने कई बार इस लाइन को सुना होंगा की वो तो एकदम natural गिफ्टेड प्लेयर है। पहले तो आपकी भी ऐसी ही सोच रही होंगी, की ऐसा कहने में कुछ भी गलत नही है। क्योंकि वाकई में कुछ लोग एक्स्ट्रा ऑर्डेनरी टैलेंट के साथ पैदा हुए हों।

जैसे मानो वो एक महान sportsman बनने के लिए ही पैदा हुए हो, लेकिन अब आपने इस किताब की समरी पढ़ लिया हुआ है तो अब आप इसे एक अलग नजरिए से देखने लग जायेंगे। हाला की फिजिकल क्वालिटीज जैसे की हाइट और लंबे पैर वगैरा आपको कुछ एडवांटेज जरूर दे सकते हैं।

लेकिन ये mindset ही है जो आपको दूर तक ले जा सकता है। बिल्ली बीन कहते हैं की वे एक naturally गिफ्टेड इंसान है और जब वे स्कूल में थे, तब वे खेल में बहुत ज्यादा एक्टिव थे। बास्केट बॉल में वे MVP थे और फुटबाल में क्वार्टर बैक थे।

उसके साथ ही बेसबाल में वे सबसे बेहतरीन हिटर थे। उनके पास एक Champion Mindset के अलावा सबकुछ था। बिल जी का माइंडसेट ऐसा था की उन्हे लगता था की उनका पैदायिशी टैलेंट उन्हे सबसे यूनिक बनाने वाला है। जैसे जैसे वे बड़े होने लगे तो वे खुद पर से कंट्रोल खोने लगे।

जब भी उनसे कोई गलती होती थी, तब उन्हे बहुत गुस्सा आने लगता था और वे उस स्ट्रेस को सहन नही कर पाते थे। और फिर वे अपना गुस्सा दूसरे लोगो के ऊपर उतारते थे। वे अपने फिक्स्ड माइंडसेट में इतना उलझ गए थे की वे अपने प्रोब्लम को slove ही नही कर पाए।

वो भी ऐसा सोचने लगे कि अगर उनसे गलती होती है तो वे नेचुरली गिफ्टेड इंसान नही है। उनका मानना था की एफर्ट्स और प्रैक्टिस सिर्फ उन लोगों के लिए है जो कभी बेस्ट हो ही नही सकते। दुर्भाग्य से यही माइंडसेट उनके असफलता का कारण बन गया।

दोस्तो उसके बाद बीन जी एक बेसबॉल प्लेयर तो नही बन पाए, लेकिन उसके बजाय मेजर लीग में एक exicutive बन गए। इसी काम के द्वरान उन्हे यह अहसास हो गया की उन में कितना बड़ा दोष था और वो था उनका fixed Mindset

लेनी जी जो उनके पहले टीम मेट थे, उन्होंने बिल जी को अपनी गलती का अहसास करवाया। लेनी जी किसी भी नेचुरल गिफ्ट के साथ पैदा नहीं हुए थे, बल्की उनकी तुलना बिल जी के साथ की जाए तो बिन जी आसानी से उन्हें हरा सकते थे। लेकिन,

बील जी ने यह देखा कि लेनी का mindset एक चैम्पियन जैसा था। और उन्होंने फेलियर को कभी एक हार के रूप में नही देखा बल्कि एक मौके की तरह देखा। जिससे वे कितना कुछ सीख सकते थे। लेनी जी अपने फेलियर को एक सिग्नल की तरह देखते थे, जिसका मतलब यह था की उन्हे अब और कड़ी मेहनत करने की जरूरत है।

तब जाकर बिन जी को यह अहसास हो हो गया की चाहे आपने कितना ही natural टैलेंट क्यों न हो, लेकिन अगर आपका mindset गलत है, तो आप कभी भी एक चैम्पियन नही बन सकते हैं। तो दोस्तो अब आप क्या सोच रहे है?

Growth Mindset को अपनाने में अब भी देर नहीं हुई है। हर सुबह बदलाव के लिए एक नया मौका लेकर के आती है। अब आप भले ही यह बुक समरी सुबह को पढ़ रहे हों या श्याम को पढ़ रहे हों, लेकिन बदलने की शुरुआत अभी और इसी वक्त से हो सकती है।

वो कहते हैं ना की अभी नही तो कभी नहीं, और कल करने का मन करे तो में आपको बताना चाहूंगा कि कल कभी आता ही नहीं है। इसीलिए आपको जो कुछ भी करना है, वो आपको अभी और इसी वक्त से शुरू करना होगा।

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Conclusion of Mindset Book Summary in Hindi:

दोस्तो आज के इस Mindset Book Summary in Hindi आर्टिकल के जरिए आपने इंसानों के 2 माइंडसेट के बारे में सीखा जो है Growth Mindset और Fixed Mindset। जब आपका माइंडसेट fixed होता है, तब आप ये सोचते हैं की आपके स्किल्स को या टैलेंट को बदला नही जा सकता है।

या उसे बेहतर नही किया जा सकता है। दोस्तो यही कारण है की आप दो तरह के results के बारे में सोचते हैं। या तो आपके पास नेचुरल टैलेंट है या फिर बिलकुल भी टैलेंट नही है। और फिर आपकी सोच सिर्फ हार या जीत तक ही सीमित रह जाती है और आप growth के बारे में सोच ही नहीं पाते हैं।

फिक्स्ड माइंडसेट वाले लोग यह मानते हैं की हम सब लिमिटेड कैपेसिटी के साथ ही पैदा होते हैं और सीखना या मेहनत करना फिजूल है। असल में फिक्स्ड माइंडसेट वाले लोग हारने से डरते हैं की अगर वो फेल हो गए तो उनकी इमेज खराब हो जाएंगी और सब लोग उन्हें एक फेलियर समझेंगे।

दोस्तो इसीलिए वो किसी भी चैलेज को एक्सेप्ट नही करना चाहते। जब कि ग्रोथ माइंडसेट हमे यह सिखाता है की सीखने का कोई अंत नहीं होता है। और इसमें आप अपनी गलतियों से सीखकर लगातार खुद को पहले से ज्यादा बेहतर करते हैं।

असफल होने के बाद भी आप रिस्क लेना बंद नही करते और आप लगातार मेहनत करना जारी रखते हैं। फिर यही मेहनत बाद में आपको सफल बनाती है। उसके साथ ही आपने यह भी जाना की माइंडसेट का आपके लाइफ पर कितना गहरा असर होता है।

जब आप किसी प्रोब्लम का सामना करते हैं, तब Fixed Mindset आपको धीट बना देता है, जो आपको दूसरे रास्ते को देखने ही नही देता है। जब की Growth Mindset आपको एक नया रास्ता दिखाकर उस समस्या को Solve करने में मदद करता है।

खुद के बारे में आपकी जो राय है उसको बदलना थोड़ा मुश्किल तो है, लेकिन असंभव नहीं है। अपने खुद के विचारों को आपको पीछे पकड़कर रखने ना दें। पर कभी भी सीखना और कोशिश करना बंद ना कर दें।

क्योंकि जिस दिन आपने यह मान लिया की आपको सबकुछ आता है और आपको कुछ सिखने की जरूरत नही है, असल में आपकी हार उसी दिन हो जायेगी। अगर कभी आपका fixed Mindset रहा भी है तो उसे धीरे धीरे करके growth Mindset की ओर लेकर के जाइए।

दोस्तो इसी के साथ आज का यह Mindset Book Summary in Hindi आर्टिकल यही पर समाप्त हो जाता है। आपको यह आर्टिकल कैसा लगा? यह हमे नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताएं। उसके साथ ही इस आर्टिकल को अपने दोस्तो के साथ शेयर करना न भूलें।

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दोस्तो आज के इस आर्टिकल में सिर्फ इतना ही, दोस्तो हम आपसे फिर मिलेंगे ऐसे ही एक और इंट्रेस्टिंग आर्टिकल के साथ तब तक के लिए आप जहा भी रहिए खुश रहिए और खुशियां बांटते रहिए।

आपका बहुमूल्य समय देने के लिए दिल से धन्यवाद 🙏🙏🙏

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